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Blog: कविता

Blogger: अनामिका
ज़िन्दगी जी लिया हमने गमों को पी लिया हमने होश में हम जब आयेदिल को सी लिया हमने मैखाना भी ख़ाली था पैमाना भी ख़ाली था भरी थी जिन आंखों में इश्क़ वो निगाहें बड़ा सवाली था कहा दिल का भी मान लोअपने जज़्बातों को थाम लो न करो सरेआम जख़्मों को ज़रा समझदारी से काम लो ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   1:03pm 24 Oct 2019 #मैखाना
Blogger: अनामिका
मैंने इस सादगी ए ज़िन्दगी से पल्ला झाड़ लियाज़िन्दगी की सच्चाई ने मुझमें कटुता भर दियाजिस किरदार को हमने बड़े मासूमियत से संजोयाउसकी बचपने में लोगों ने जहर है घोल दियाबड़ी इत्मिनान की नींद कभी सोया करते थे हमनींद की गलियारे में कभी सरपट दौड़ा करते थे हममन के किसी कोने में ग... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   2:10pm 9 Apr 2018 #किरदार
Blogger: अनामिका
कभी समंदर तो कभी दरिया बन केकभी आग तो कभी शोला बन केज़रूरतमंदों ने खूब गले लगाया था मुझेकाम आया हूँ मैं जाने कैसे कैसे उनकेपर अब मैं जो थोड़ा स्वार्थी बन गया हूँउन्हें नश्तर की तरह अब मैं चुभ रहा हूँसुनना  छोड़ दिया जब से उनका दर्दे फ़सानातेवर उनके हो गए तल्ख़ अब गय... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   3:17pm 16 Mar 2018 #फ़साना
Blogger: अनामिका
शून्य का मैं खोज हूँ शून्य का मैं ओज हूँ शून्य  के रथ पर सवार शून्य का मैं आज हूँ शून्य का कपाट हूँ शून्य सा विराट हूँ शून्य सा ही क्षुद्र मैं शून्य का ललाट हूँ अवसाद में है शून्यता विषाद में है शून्यता प्रसन्नता में शून्यता विपन्नता में शून्यता&n... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   11:08am 12 Nov 2017 #कविता
Blogger: अनामिका
अश्कों को आँखों का ठौर पसन्द नहींउसे पूरी दुनिया से है वास्ता, हद हैकर भी लूँ नींदों से वाबस्ताख़्वाब बन जाता है हरजाई हद है  रिंदो साक़ी ने झूम के पिलाया जोघूँट पानी का न उतरा हद हैकर ली खूब मेहमाननवाज़ी भी हमनेहुए फिर भी बदनाम हद हैदो दिन ज़िन्दगी के चांदनी के चार दिनबाक... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   2:37pm 9 Nov 2017 #नज़्म
Blogger: अनामिका
सारे किस्से बयाँ न हो पाता कभीदिल के कब्र में हजार किस्से दफ़्न हैंइतने करीब भी न थे कि बुला पाऊँ तुम्हेंइतने दूर भी न थे कि भुला पाऊँ तुम्हेंपुराने जख्मों से मिल गयी वाहवाही इतनीकि अब उसे नये जख्मों की तलाश हैमेरी चाहत है मैं रातों को  रोया न करूंया रब मेरी इस चाहत को ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   4:10am 18 Sep 2017 #जख्म
Blogger: अनामिका
ख़्वाब तेरी किरचियाँ बन आँखों को अब चुभने लगीगम की आँधियाँ इस तरह ख्वाबों के धूल उड़ा गएमंज़िल पास थी रास्ता साफ था दो कदम डग भरने थेगलतफहमी की ऐसी हवा चली सारे रास्ते धुंधला गएबड़े शिद्दत से फूलों में बहार-ए-जोबन आयी थीवक्त के साथ मिरे गजरे के सारे फूल मुरझा गएमुहब्बत ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:00am 13 Sep 2017 #मुहब्बत
Blogger: अनामिका
मेरी  धड़कनों से वो ज़िंदा ...  जो हुईज़िंदा हुई क्या मुझ पे ही वो बरस पड़ी!!देख लिया इस शहर को  जो करीब सेबोल दिया असलियत तो भीड़ उबल पड़ी !!सम्भाला ही था आईने को सौ जतन सेकाफ़िये में तंग हुई उलझन में हूँ पड़ी !!ख़ुदाया तूने मुझको जो काबिल न बनायाकर आसाँ फ़िलवक्त इम्तिह... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   2:20pm 10 Sep 2017 #गुनाह
Blogger: अनामिका
ज़िन्दगी से कुछ इतने क़रीब हुएकि आईने से भी  हम अजनबी हुएरोशनी जो आँखों की नजर थीदिखाया नहीं कुछ जो बत्ती गुल हुएआ पँहुचे है ऐसी जहाँ में हमना ख़ुशी से ख़ुश औ' ना ग़म से ग़मसभी रास्तें  मिल जाते है जहाँउस जगह से रास्तों सा अलग हुएअच्छे-बुरे,सही-गलत पहचान न सके मिले सबसे इस कद... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   2:32pm 4 Sep 2017 #मशहूर
Blogger: अनामिका
हर दर के दरवाज़ों की भी अपनी कहानी होती हैकहीं बूढ़े सिसकते मिलते है और कहीँ जवानी रोती हैआंगन-खिड़की है फिर भी दरवाज़ों का अपना खम हैकोई हाथ पसारे बाहर है कोई बाँह फैलाये अंदर हैहर दरवाजे के अंदर जाने कितनी जानें बसतीं हैंबच्चे बूढ़े और जवानों की खूब रवानी रहती  हैसूरत... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   2:57pm 22 Jul 2017 #kavita
Blogger: अनामिका
गद्दारों सम्भल जाओ तुम न अब चल पाओगे जुल्म तुम्हारा खत्म हुआ अब पब्लिक से पिट जाओगे चाहे जितने पत्थर फेंको चला लो गोली सीने पे मर मिटेंगे अपने मुल्क परया शत्रुओं को छलनी कर देंगे भ्र्ष्ट राजनेताओं को जड़ से हम उखाड़ेंगे दहशतगर्दों को सरेआम पेड़ों ... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   4:20pm 12 Jul 2017 #कफ़न
Blogger: अनामिका
प्रिये अब तुम दूर न जाना        आँखें पथ है निहार रही        वो दिन न रहा वो रात न रही        उलझी कब से है लटें सारी        सुलझाओ आकर ओ सजनासच सारे तो तुम साथ लिएचल दिये ,मैं मिथ्या एक भरमतुम हो यथार्थ- मैं  स्वप्न लिएतथ्यों से परे हूँ खड़ी चिर-दिन       ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   3:03pm 5 Jul 2017 #
Blogger: अनामिका
हाथों में मेहंदी जो लगा लीअब पल्लू को सँभालूँ कैसेभारी-भरकम पाजेब पहनेचुपके से मिलने आऊँ कैसेअजीब है इश्क़ की फितरतकरने को है हजार बातेंसामने तुम और ये लब ख़ामोशज़ुबाँ पे ताला पड़ा हो जैसेरात बेरात आँखे जगती हैसमां बांधती है तुम्हारा ख़यालगुफ्तगू एक तुम्हीं से है तुम्... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   3:52pm 16 Jun 2017 #
Blogger: अनामिका
ऐ ज़िन्दगी मुझे जीना सिखा देअपनों से बिछड़ कर भी खुश होना सिखा दे आइने में बसा है जो यादों का डेरा उस आईने से अपनों का चेहरा मिटा  देहर शख्स खुदगर्ज़  है हर चेहरा नकलीउन चेहरों को ढूंढ़ रही हूँ जो बनते थे असलीबन जाऊँ  मैं  उन जैसा ये चाहत तो नहीं इनके साथ जीने... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:50pm 6 May 2017 #कविता
Blogger: अनामिका
याद आता है ख़ूब वो गांव का मकानवो खुली सी ज़मीन वो खुला आसमानवो बड़ा सा आंगन और ऊंचा रोशनदानवो ईंटों का छत और पतंगों की उड़ानवो बचपन की शरारत नानी बाबा का दुलारउस आंगन में मनता था छोटे बड़े त्योहारबच्चों की किलकारियां और खुशियां हजारकई रिश्तों का घर था वो था रिश्तों में प्य... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   5:22pm 2 May 2017 #जीवन
Blogger: अनामिका
अवध के शाम का गवाह बन के जियो    नवाबों के शहर में नवाब बन के जियो                        भूलभुलैया में  तुम ढूँढ लो ये ज़िन्दगी                      या तो 'पहले आप' के रिवाज़ में ही जियो                      दोआब का शहर गोमती के गोद मे    &n... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   12:53pm 20 Apr 2017 #
Blogger: अनामिका
माँ मुझको तुम अंक में ले लोस्नेह फुहार से मुझे भिंगो दोजब भी मुझको भूख लगे माँसीने से मुझको लगा लो सीने को निचोड़ के तुमनेजो मुझको अमृत है पिलायाउस अमृत का स्वाद आज भीकिसी भोजन में मैंने नहीं पायामेरे अंक में मेरा बच्चातेरी याद दिलाता है माँमुझको फिर से अंक में भर लोते... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   3:19am 18 Feb 2017 #
clicks 178 View   Vote 0 Like   4:19pm 12 Feb 2017 #
Blogger: अनामिका
पिघलते क़तरों में जो लम्हा है जीयाउन लम्हों की क़सम मैंने ज़हर है पीया -कोई वादा नहीं था इक़रार-ए-बयाँ  काकानों से उतर के वो दिल में बसा था ॥अश्क़ों से लबालब ये वीरान सी आँखेंग़म की ख़ुमारी और बोझल सी रातें -दीदार-ए-यार कभी सुकूँ-ए-दिल थादेके दर्दे इश्क़ तेरे साथ ही चला था ॥नालिश ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   3:03am 23 Aug 2016 #नज़्म
Blogger: अनामिका
माथे की लकीरों में बसा है तज़ुर्बा - ए -ज़िन्दग़ी यूं ही नहीं बने हैं ज़ुल्फ़-ए-सादगी ॥ ख़्वाहिशों से भरा घर मुक़म्मल हो नहीं सकता बहुत सी ठोकरें खाकर सम्भला है ज़िन्दगी ॥ अरमान अपने भुलाकर ही पाया है अपनों का प्यार हसरतें अपनी छुपाकर ही मिली है खुशियां हज़ार ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   3:54am 2 Jul 2016 #कविता
Blogger: अनामिका
याद है वो दिन बारिश के ?जब भी निकले- छाते को बंद कर  -लटकाए से घूमा करते थे -भींगना था पर पानी में ही नही ,तुम्हारे साथ बीते हुए पलों के बौछारों में -सनसनाती हवाएं , सोंधी सी मिटटी की खुशबू , बताये देती थी ,मौसम भींगा है -बहुत देर तक - चुपचाप-जाते हुए लम्हों को देखा करते थे... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   4:14pm 6 Apr 2016 #VARSHA
Blogger: अनामिका
छुईमुई सी लम्हें खुश्बू से भरी वो यादें तेरे आने की आहट वो झूठ मूठ के वादे छुप-छुपके पीछे आना हाथों से आँखें ढकना पकडे जाने के डर  से दीवारों में छुप जाना वो आँखें ढूंढती सी जो मुझपे ही फ़िदा थी पर तुम न जान पायी मुझे जान  से वो प्यारी थी धीरे स... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   6:00pm 30 Mar 2016 #
Blogger: अनामिका
नन्हें पाँव रात आई आँखों में उतरी वो ऐसे मानो  कोई सपना है वो नींदे भर लायी हो जैसे पल-पल सपना हर पल अपना क्या है हकीक़त क्या है अपना सब कुछ जैसे छुई -मुई रात ढल न जाए ऐसे जब भी मैंने आँखें मूंदे चाँद की आह्ट सी आई मंथर गति समय ये गुजरे दिन के जैसे रात भी ... Read more
clicks 287 View   Vote 0 Like   11:05am 31 Jan 2016 #raat
Blogger: अनामिका
भींगी हुई आँखों से जाती हुई रातों ने ,जाने क्या-क्या कह गयी उसने बातों बातों में ॥ बातें जो कह गयी चुपके से रातों ने , अश्कों ने लिख दिए लम्हों की ज़ुबानी ये ॥ अश्कों के बूंदों में डूबी हुई ज़िन्दगी , जाने कब सुबह हो और ये आँखें खुलें ॥ न रहे हम होश में ख़ामोश है ज़िन्दग... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   3:48pm 6 Aug 2015 #
Blogger: अनामिका
हंसती हुई आँखों में जो प्यार का पहरा रहता है-असल में उन आँखों के ज़ख्म गहरे होते है ||जलती हुई लौ भी जो उजारा करे मजारों को-सुना है उन मजारों को बड़ी तकलीफ होती है ||दिल जो किसी के प्यार का जूनून लिए चलता है-उन्हीं दिलों में धोखों के अफ़साने छुपे रहते है ||रात जो लेकर आती ... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   3:31pm 25 Jul 2015 #
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