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Blog: "मुख़्तलिफ़"

Blogger: योगेश शर्मा
                                       उसे यकीं है दुनिया मुर्दों कीयहाँ मुर्दें ही सांस लेते हैंरूहें पिघला के ढालते नश्तर जानें लेते हैं ख़ून पीते हैंइंसां रहते हैं सिर्फ कब्रों में अपने ख़्वाबों की ज़मीन तलेझांकते झिर्रियों से दुनिया मेंजहा... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   7:29am 23 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
                                       उसे यकीं है दुनिया मुर्दों कीयहाँ मुर्दें ही सांस लेते हैंरूहें पिघला के ढालते नश्तरजानें लेते हैं ख़ून पीते हैंइंसां बसते हैं सिर्फ कब्रों मेंअपने ख़्वाबों की ज़मीन तलेझांकते झिर्रियों से दुनिया मेंजिसमे मुर... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   7:29am 23 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
                                       उसे यकीं है इस दुनिया मेंमुर्दे ही बस पनपते हैंरूह पिघला के बनाते नश्तरजानें लेते हैं ख़ून पीते हैंइंसां बसते हैं सिर्फ कब्रों मेंअपने ख़्वाबों की ज़मीन तलेझांकते झिर्रियों से दुनिया मेंजहां मुर्दों का ... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:29am 23 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
 (पुनः सम्पादित एवं प्रकाशित )खिज़ा ने चाहा वो हो गया हैफूल ख़ुश्बू से जुदा हो गया है चमन ग़ुलज़ार किया था उसनेफ़सल काँटों की भी बो गया हैइंसान होने की हसरत मेंआज कोई ख़ुदा हो गया हैतमाम उम्र पलकें ख़ुश्क़ रहींलम्हा छूकर उन्हें भिगो गया हैबहुत देर चीख़ा चिल्लायाज़म... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   9:12am 21 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
मैं तुमसे क्या कहूँमैं तुम पे क्या लिखूँक्या ये लिखूं कि लगा थातुम्हें देख के पहली बारकि जीवन अब तक जिया ही नहींरौशनी पायी, देखे मौसम, महसूस की थी हवाआगे बढ़ कर उन्हें कभी छुआ ही नहींजो छुआ तुमको तो लगा उस पलजी उठे हों मेरे संग सभीऔर छुआ तुमने तो लगा ऐसेमैं था अनछु... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   4:34pm 14 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
 सबने चाहा था जो, हो गया है रंग ख़ुश्बू से जुदा हो गया हैचमन गुलज़ार किया था जिसनेकांटे छुप कर वोही बो गया हैउबाल उसमें आते नहीं अब लहू कब का बर्फ हो गया है इंसान बनने की हसरत मेंआज कोई ख़ुदा हो गया हैतमाम उम्र पलकें ख़ुश्क़ रहीं लम्हा छू कर उन्हें भिगो गया हैभटक... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   7:24am 4 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
ख़िज़ाँ ने चाहा जो हो गया हैफूल ख़ुश्बू से जुदा हो गया हैचमन गुलज़ार किया था जिसनेकांटे छुपकर वोही बो गया हैउबाल उसमें आते ही नहींलहू कबका बर्फ हो गया हैइंसान बनने की हसरत मेंआज कोई ख़ुदा हो गया हैतमाम उम्र पलकें ख़ुश्क़ रहींलम्हा छूकर उन्हें भिगो गया हैभटक रहा था ब... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   7:24am 4 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
ख़िज़ाँ ने चाहा जो हो गया हैफूल ख़ुश्बू से जुदा हो गया हैचमन गुलज़ार किया था जिसने छुप के कांटे भी बो गया हैउबाल उसमें आएंगे कहाँलहू कबका बर्फ हो गया हैइंसान होने की हसरत मेंआज कोई ख़ुदा हो गया हैतमाम उम्र पलकें ख़ुश्क़ रहींलम्हा छूकर उन्हें भिगो गया हैभटक रहा था&nbs... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   7:24am 4 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
 तुमने चाहा था वो हो गया है रंग ख़ुश्बू से जुदा हो गया हैचमन गुलज़ार किया था जिसनेकांटे छुप कर वोही बो गया हैवलवले उसमें आते ही नहींलहू कब का बर्फ हो गया है भटक रहा था बेमतलब सा ज़मीर थक के ज़रा सो गया हैइंसान होने की हसरत मेंआज कोई ख़ुदा सा हो गया हैतमाम उम्... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   3:09pm 3 Dec 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
ज़िन्दगी इतने सवालों की बरसात न करहंसी आती है अब और कोई बात न करतूने वैसे ही दिखाए हैं दिन में तारेअर्ज़ इतनी है कोई और करामात न करउजाले दिन के हमें बंद कमरों से दिखेचाँद भी छुप के मिले ऐसी कोई रात न करवक्त  रेत  की तरह पल में फिसल भी जाएमगर काटे न कटे ऐसे भी लम्हात न कर... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   8:10am 30 Nov 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
वो जानते हैं कौन क़त्ल को आया था मेरेमेरे होंठो पे निशां पाए गए लबों के तेरेमेरे दिल के आर पार एक तीर थातेरी नज़र से चला पर मेरी तक़दीर थादिखेंगे यूं तो नहीं पर ज़ख्म हैं बड़े गहरेमेरे होंठो पे निशां पाए गए लबों के तेरेमिटाने में सबूत थोड़ी कसर छोड़ गए होजो छुप सके ना&nbs... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   4:44pm 28 Nov 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
 उस बहती नदी से जाके मैं ये कह नहीं सकताकिनारों से बंधा हूँ साथ उसके बह नहीं सकतानहीं ये बात कि तैरना आता नहीं मुझको और ऐसा  नहीं कि  तैरना भाता नहीं मुझको बड़ा है मन उतर कर उस में थोड़ा खो सा जाने का  मौजों  से लिपटने का मन तक भीग जाने का मगर साहिल का सीप... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   2:24pm 27 Nov 2021 #
Blogger: योगेश शर्मा
है इंसान क़ैद पर ज़मीं का हाल अच्छा हैधुएं से घुटते आस्मां का साल अच्छा हैशोर कितना था अब आलम- ऐ -ख़ामोशी हैसुकूँ मिल जाए तो थोड़ा सा बवाल अच्छा हैढके चेहरे,साँस सहमी और हाथ बंधेमगर ज़िंदा हैं सो वक्त फ़िलहाल अच्छा हैक्यों किया,किसने किया और हुआ कैसे आख़िर?जवा... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   9:12am 28 Jun 2020 #
Blogger: योगेश शर्मा
तेरे फ़लक से दोस्त मेरा आस्मां जुदा है तेरा अलग है मालिक मेरा अलग ख़ुदा है मेरे फ़लक में तारों के रंग दूसरे हैं सूरज के चमकने के ढंग दूसरे हैं ज़मीन एक ही है लेकिन हवा जुदा है तेरा अलग है मालिक मेरा अलग ख़ुदा है ग़लती से अपना चेहरा है बहुत मिलता जुलता दोनों की रग़ों में है लाल रंग पलता पँख एक से हैं परवाज़ अलग अपनी... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   11:12am 12 Jan 2020 #Social
Blogger: योगेश शर्मा
कानों में चीख़ती है करती है सांय सांय बग़ावत सी कर रही है ग़ुलाम  ये हवाएं घुटनों  पे कल तलक  ये झुक झुक के रेंगती थीसर तो उठा लिया है आज़ाद हो न जाएं झोपड़े तो गिर कर सौ बार फिर उठे हैं ये महल रेत  का हैं कहीं वो बिखर न जाएआंच में लहू की कब से पिघल रहा है खामोशियो... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   6:07pm 2 May 2019 #
Blogger: योगेश शर्मा
नींदें तो ली हैं काफ़ी सोया नहीं कभीआँखें रही हैं नम नम  रोया नहीं कभीढूंढा बहुत है ख़ुद को लोगों में हर तरफ़पाया न हो भले पर खोया नहीं कभीआबादियों के सेहरा में रिश्ते हैं खुश्क जैसे जज़्बात की घटा ने भिगोया नहीं कभीउम्मीद की सुई से जीवन सियोगे कैसेभरम का धागा ह... Read more
clicks 332 View   Vote 0 Like   4:40pm 30 Jul 2018 #
Blogger: योगेश शर्मा
                                                     ज़रूरतों की भीड़ में हसरत नहीं मिलतीफ़ुर्सत  ढूंढ़ने की भी फ़ुर्सत नहीं मिलतीदोस्त जैसे लोग कितने राह में टकराते हैंहाथ मिल जाते हैं पर फ़ितरत नहीं मिलतीसोचता हूँ चेहरे को अब ढांक कर भी देख लूँग़... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   3:43pm 4 Jun 2018 #
Blogger: योगेश शर्मा
हूँ गुनाहगार तो क्यों न संगसार करो ,उठाओ पत्थर और कस के मुझपे वार करोकहा तुमने हैं दलीलें मेरी सब बेबुनियादमैं कर रहा हूँ कबसे तुम्हारा वक्त बर्बादइनकी बेबाकी से लेकिन डर चुके हो तुमकहना बाकी है मग़र फैसला कर चुके हो तुमलहू निकालो,चलो कपड़े तार तार क... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   11:48am 8 Oct 2017 #
Blogger: योगेश शर्मा
पते बस मज़ारों के पुराने नहीं होतेआवारा हवाओं के ठिकाने नहीं होतेथम जायेगी जब थक के तो अपना बयाँ देगीचलती हुयी धड़कन के फ़साने नहीं होतेउसके मशवरे पर जो ख़ार उगा लेताक़िस्मत में मेरी तब ये वीराने नहीं होतेअपनी ज़मीं से थोड़ा हम और जुड़े होतेरिश्ते जो आसमां... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   12:07pm 6 Feb 2016 #
Blogger: योगेश शर्मा
आवारा हवाओं के ठिकाने नहीं होतेपते बस मज़ारों के पुराने नहीं होतेवो आज भी लोगों से गले लग के मिलता हैकुछ लोग उम्र भर तक सयाने नहीं होतेकहने पे जो उसके कुछ  ख़ार उगा लेताकिस्मत में फ़िर मेरी वीराने नहीं होतेअपनों से कहीं थोड़ा और जुड़ा होतेगैरों से अगर र... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   5:59am 21 Jan 2016 #
Blogger: योगेश शर्मा
मन के घोड़े कभी न थकते,न बोझिल होते, न हाँफते,नहीं झुलसते किसी धूप में,किसी ठंड से नहीं कांपते, यादों की इन पर कसे लगाम,अपनी आँखों को बंद किये,कितने जाने अनजाने सपनेउड़ता हूँ मैं संग लिए,न वक्त की कोई हद रहती,न, उम्र का ही होता एहसास,जितना ही ऊपर जात... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   7:08am 22 Dec 2015 #
Blogger: योगेश शर्मा
कई बार ये भी होता हैआये नज़र न हमसफ़रपर साथ कोई होता हैकई बार ये भी होता हैसोते हुए भी यूं लगेशब् कट रही है जगे जगेतन्हाई हो पर पहलू मेंएहसास एक सोता हैकई बार ये भी होता हैहो अजनबी कितना सफ़रअपनी लगे हर रहगुज़र*कभी छाँव साथ कभी धूप काकंधे पे हाथ ह... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   3:34pm 17 Oct 2015 #
Blogger: योगेश शर्मा
कुछ तंज सुने होंगे कुछ रंज बहे होंगेकुछ तीर चले होंगे कुछ संग* सहे होंगेकुछ लफ्ज़ डरे होंगे पर्दों से निकलने में नज़रों से रुक रुक कर ज़ाहिर तो हुए होंगेसीने के तूफाँ  को मुट्ठी में कसा होगासैलाब ने माथे पर कुछ हर्फ़ जड़े होंगेसमझाया तो होगा ही हालात ने ज़ेहन को ... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   10:11am 9 Aug 2015 #
Blogger: योगेश शर्मा
बर्फ हुए शोलों में तपिश ढूंढ ही लेंगेहैं चलती हुयी धड़कन हम दिल ढूँढ ही लेंगेमिट्टी की महक अपनी  साँसों में बसाई हैपरदेस में भी अपना वतन ढूँढ ही लेंगेहसरत के सफीने को तूफां में उतारा हैनाकाम दुआओं में असर ढूँढ ही लेंगेतन्हाई की बस्ती है खामोश हैं बाश... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   3:50pm 2 Aug 2015 #
Blogger: योगेश शर्मा
मैं झाँकूँ कैसे तेरी रूह की गहराईओं मेंउलझ जाती है नज़रें जिस्म की परछाईओं मेंडगर दिल तक पहुँचने की नज़र आती नहीं है बदन के पार आँखें देख कुछ पाती नहीं है करी कोशिश है लाखों बार मोहब्बत ही दिखाने की नज़र छलकाती है लेकिन तमन्ना तुझको पाने की हवस को ... Read more
clicks 266 View   Vote 0 Like   3:31pm 2 Apr 2015 #
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