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चिट्ठा चर्चा

चाय में चीनी जरा कम है, ये आज का पहला गम है। IPL में चौके हैं, छक्के हैंचीयरबालायें बेदम हैं। चीन का तंबू तिब्बत में,उनके यहां जगह कम है। -कट्टा कानपुरीये कट्टा कानपुरी का स्टेटस सुबह फ़ेसबुक पर लगाया तो डा.अरविंद मिश्र ने मोबाइल शिकायत ठेल दी: ब्लॉग बालाओं को क्या भूल गये,ज...
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  April 25, 2013, 8:41 am
दो दिन पहले हिन्दी ब्लॉगिंग के दस साल पूरे हुये। कुछ अखबारों में देखा लोगों ने बयान जारी किया है। हिन्दी ब्लॉगिंग के बारे में बताया है। अगले दिनों में कुछ और बयान आयेंगे। लेख भी और वार्तायें भी। चलिये हम भी आपको कुछ झलकियां दिखाते हैं। हिन्दी ब्लॉगिंग की पहली पोस्ट आल...
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  April 23, 2013, 11:07 am
सोमवार आ गया,फ़िर खून चूसने लगा। इतवार किधर गया,कुछ पता तो बता। हाल सब बेहाल हैं,कुछ हौसला बढ़ा। चल छोड़ सब यार,कर जरा चिट्ठाचर्चा ये सोमवार को खून चूसने वाली बात खुशदीप के ब्लॉग से। उनकी पोस्ट का शीर्षक है-ब्लडी मंडे क्यूं आया ख़ून चूसने...उन्होंने लिखा है: आज मंडे है...मंडे ...
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  April 22, 2013, 9:32 am
आज इतवार की सुबह है। नौकरीपेशा वालों की छुट्टी होगी। लेकिन सूरज वैसे ही निकलेगा। मीनाक्षी जी ने अठारह महीने बादफ़िर से लिखना शुरु किया है। वे सूरज और पौधों को देखते हुये लिखतीहैं:सूरज आसमान से नीचे उतराधरती के आग़ोश में दुबका ध्यान-मग्न पौधों का ध्यान-भंग करता हवा के स...
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  April 21, 2013, 9:15 am
लड़का प्रेम में थाउस महुए के फूल जैसी लडकी के.वो उसे पी जाना चाहता था शराब की तरहलडकी को इनकार था  खुद के सड़ जाने से....लड़का उसे चुन करहथेली में समेट लेना चाहता थाहुंह.....वो छुअन !लड़की सहेजना चाहती थी अपने चम्पई रंग को.लड़का मुस्कुराता उसकी हर बात पर,लड़की खोजती रहीएक वजह-उसके य...
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  April 20, 2013, 8:28 am
कल की चर्चापर संजय झा जी की टिप्पणी थी: "हा...हा...हा... भारतीय राजनीति का ’ब्लॉगिंग संस्करण" कहां तो बहुभाषीय ब्लॉगिंग प्रतियोगिता में ’हिन्दी ब्लॉगिंग’ को आगे करने की मुहिम चलना था.....कहां ये आपस में हल्दीघाटी का मैदान बना हुआ है.... मजे लिये जा रहे हैं....मगर ’दुख/संताप/क्षोभ/...
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  April 18, 2013, 2:58 am
सात बज गये सुबह के, आय गयी है चाय,जगा रहे स्टेटस को, बेटा अब तो उठि जाव। बैठ बिस्तरे पर मजे से, खटर-पटर हुई जाय,लिखें-पढ़ेगे बाद में, तनि शेर-वेर सटि जाय। -कट्टा कानपुरी सुबह फ़ेसबुक पर ये स्टेटस लिखकर श्रीगणेशायनम: किया तो कानपुर से कविराय आशीष राय की टिप्पणी आई-सुब्बे सुब्ब...
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  April 16, 2013, 9:10 am
पिछले महीने एक सुबह, बहुत सुबह मेरे फ़ोन पर एक एस.एम.एस. आया- अनूप जी क्या आप मुगलसराय में किसी को जानते हैं? जरूरी काम है।एस.एम.एस. अनुसिंह चौधरीका था। उनसे कभी-कभी गांव कनेक्शनके लिये लेख या सामग्री के सिलसिले में बात होती रहती है। लेकिन इत्ती सुबह का यह सवाल अलग सा था। मै...
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  April 12, 2013, 8:55 am
पिछली चर्चामें बात शुरु हुयी जर्मनिया इनाम बांटने की। कुछ लोग पढ़े होंगे बाकी मटिया दिये होंगे। काहे का टाइम वेस्ट करना जी। वकील साहब दिनेश राय द्विवेदी जी ने कहा: "ये इनाम शिनाम सब जोड़ तोड़ जुगाड के खेल हैं जी। फिर भी जीतने वाले को संतोष सुख तो मिलता ही है। कुछ हल्ला गु...
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  April 11, 2013, 12:36 am
हिन्दी चिट्ठाजगत के दस साल पूरे होने वाले हैं। इस दौरान कई तरह के इनाम बंटे ब्लॉग जगत में। शुरुआत हुई थी इंडीब्लॉगीससे। 2003 में जब हिन्दी के ब्लॉग गिने-चुने थे (शायद एक ही) हिन्दी के बेस्ट ब्लॉगर का इनामहिन्दी के आदि ब्लॉगर आलोक कुमारको मिला।अगले साल 2004 में अतुल अरोरा के ...
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  April 8, 2013, 11:16 am
आज की चर्चा करने के लिये पोस्टें पढ़ते हुये सोचते रहे कि किसके बारे में लिखें। कुछ समझ नहीं आया तो जो बांचा उनके ही अंश आप तक पहुंचा रहे हैं। देखिये। पढिये। बहुधा हम सब स्वतः हो जाने वाले कार्यों में कार्य करते हुये दिखते हैं और जब कार्य हो जाता है तब उसका श्रेय लेने बैठ...
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  April 6, 2013, 8:26 am
आज सबेरे अपना लोटपोट लेकर बाहर बरामदे में आये। बैटरी खतम है सो लम्बा तार लिये बिजली से जोड़े हैं इसे। ऐसे लगता है जैसे किसी गहरे कुय़ें से पानी निकालने की बाल्टी हो लैपटाप और ये बिजली का तार बाल्टी से बंधी लंबी रस्सी। सामने मेस के बगीचे के झूले में बाहर से आये कुछ बच्चे झू...
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  April 5, 2013, 8:15 am
वो पास भी हैं,करीब भीमैं देखूं कि उनसे बात करूं।-फ़िराक गोरखपुरीचिट्ठाचर्चा करते समय यह शेर लागू होता है अपन पर। जब चर्चा के लिये ब्लॉग पोस्ट चुनते हैं तो लगता है कि इसकी चर्चा करें या पहले इसे पढ़कर इसका आनन्द उठायें। इसकी चर्चा करें या और ब्लॉग देखें। मौका और दस्तूर भी ...
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  April 4, 2013, 8:17 am
चर्चा करने को हुये आज   हम पुन: तैयार,पोस्ट,टिप्पणी कहां हो आओ सामने यार।किसने क्या  लिखा है मेरे सामने  लाओ ,बढिया,घटिया मत छांटो ऐसे ही ले आओ।फ़टाफ़ट कुछ छांट-छूंट के जमा करेंगे पर्चा,अब देरी न करनी है जी फ़ौरन चिट्ठाचर्चा।-कट्टा कानपुरीइत्ता लिख लेने के बाद हम आश्वस्त ह...
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  April 3, 2013, 8:27 am
आज पहली अप्रैल है।  बेवकूफ़ी की बातें करने का रिवाज है। साल भर से लोग इस दिन का इंतजार करते हैं ताकि दूसरे को बेवकूफ़ साबित कर सकें। फ़ेसबुक और ब्लॉग पर लोगों ने बेवकूफ़ी के तमाम पेंच लड़ाये हैं। हमारा तो मानना है कि : एक अप्रैल मूर्ख दिवस के रूप में जाना जाता है। एक कारण शायद ...
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  April 1, 2013, 9:35 pm
दिन बढिया इतवार का, सबसे अच्छा यार,सोओ देर तक तानकर, कोई न पूछनहार।कोई न पूछनहार ,नाश्ता भी मिलता आराम से,दफ़्तर तो जाना नहीं, व्यस्त रहो बेकाम से।व्यस्त रहो बेकाम से, और हांको बातें लंबी चौड़ी,पड़े रहो घर में अजगर से, छोड़ के भागा-दौड़ी।-कट्टा कानपुरीआज की शुरुआत कट्टा कानपुर...
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  March 31, 2013, 1:01 pm
आजकल अभिनेता संजय दत्त की सजा और उसकी माफ़ी के बड़े चर्चे हैं। उनका तो अपराध साबित हो गया। बहुत पहले। अपराध साबित होने के बाद कुछ दिन की सजा भुगतने के बाद वे जमानत पर छूटे और विदेश तक घूम कर आये थे। सुप्रीम कोर्ट से सजा फ़ाइनल होने के बाद उनको माफ़ करने की मांग की आंधी चली। मी...
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  March 30, 2013, 8:15 am
नौकरी पेशा लोगों के लिये मार्च का महीना बड़ा जालिम टाइप होता है। जित्ता काम साल  भर में नहीं होता उत्ता इकल्ले मार्च में हो जाता है। सरकार के सारे फ़ण्ड खर्चने का महाभारत मार्च में होता है। मार्च इत्ती तेजी से मार्च करता है कि जड़त्व के नियम की आड़ में आधे से ज्यादा अप्रैल त...
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  March 29, 2013, 10:18 pm
कल होली तो होली। आज सब लोग खुमारी में होंगे। जिनके दफ़्तर होंगे वे बेमन से तैयार होकर देश की जीडीपी दर से घिसटते हुये से जायेंगे। दफ़्तर तो हमको भी जाना है। लेकिन जाने से पहले चर्चियाना है। सो चलते हैं फ़टाफ़ट कुछ पोस्टों पर टहल लेते हैं जैसे होली मिलने लोग मोहल्ले में जाते...
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  March 28, 2013, 8:46 am
होली शुरु हो गयी है। लेख और कार्टून आने लगे होली के मौके पर। फ़िर मैगजीन कैसे ने आयें। सो संजय बेंगानी ने साथी ब्लॉगरों को हड़काकर, धमकाकर और फ़ुसलाकर लेख,कवितायें, कार्टून मंगवाये और होली पत्रिका होलीजीन निकाल  दी। आप भी पढिये। चकाचक है। उतार लीजिये यहांसे और पढिये चाहे ...
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  March 26, 2013, 10:18 am
मेरी दीदी बहुत बहादुर थीं, हमेशा कहतीं थीं कि एक दिन डॉक्टर बनूंगी। झूठ और जुल्म से उन्हें सख्त नफ़रत थी।दिल्ली गैंगरेप की शिकार हुई लड़की के बारे में उसकी चचेरी बहनों ने  यहबताते हुये गुस्से में कहा- सभी आरोपितों की सजा है कि उनको सीधे आग में जला देना चाहिये।उ.प्र. के बलि...
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  December 30, 2012, 3:40 pm
"मेरा डॉ बनने का जूनून उड़ान भरने लगा ,पर होनी कुछ और थी , मुझे दसवीं के बाद उस जगह से दूर विज्ञान  के कॉलेज में दाखिला के लिए पापा ने मना कर दिया | ये कह कर की  दूर नहीं जाना है पढने| जो है यहाँ उसी को पढो , और पापा ने मेरी पढ़ाई कला से करने को अपना फैसला सुना दिया | मैं  कुछ दिल तक...
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Tag :रचना
  October 23, 2012, 9:27 am
काटती हैं ज़िंदगी अनुबंध जैसी लड़कियाँ।कैसी होती होगी उन औरतों की जिंदगी काश, तुम्हारे जैसी ही बेटी, दुनिया के हर बाप के नसीब में होती... तुम्हें सलाम !तीन कविताबस इतनी हैं आज की चर्चाना पढ़ी हो तो पढ़ लेचर्चा नहीं लिंक पर मूल कविता ...
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  October 21, 2012, 3:51 pm
सुबह जुड़े नेट संसार से तो सबसे पहले संजीत की पोस्टदिखी। फ़ेसबुक पर  सटाये थे। वे अपने पिताजी कीपुण्य तिथि के मौके पर अनाथालय जाते हैं और वहां के बच्चों को नास्ता-भोजन करवाते हैं। पांच साल पहले की पोस्ट आज फ़िर पढ़ी। पोस्ट में अनाथालय के शुरु होने के पीछे के उद्धेश्य और आज ...
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  October 20, 2012, 8:39 am
सबेरे-सबेरे चाय पीते हुये लैपटाप खोल के बैठे तो याद आया कि कल बेचैन पांडे जी की एक ठो कविता बांचने से रह गयी थी। सोचा आज ही निपटा दें। देखा तो हिदायत थी टी वी मत खोलना। पांडेजी कहिन थे कि टीवी खोलते ही भ्रष्टाचार, बलात्कार, हाहाकार दिखेगा। हम फ़ौरन खोले टीवी। एन.डी.टी.वी. खो...
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  October 19, 2012, 8:48 am
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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