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Blog: THE INNER JOURNEY ::: अंतर्यात्रा

Blogger: vijay kumar sappatti
और अंत में जब प्रार्थना करते हुए आँखों में आंसू आये , प्रभु के लिए ... तब ही सच्ची पूजा और प्रार्थना .... बस उस क्षण तक पहुँचना ही जीवन का ध्येय है ... यही सच्चा समर्पण है . जीवन के प्रति , प्रभु के प्रति , स्वंय के प्रति. अस्तु प्रणाम आपका अपना विजय ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   4:28am 7 Mar 2017 #प्रार्थना
Blogger: vijay kumar sappatti
कृष्ण न होते तो न मैं धर्म से जुड़ पाता और न ही अध्यात्म से !!कृष्ण, बुद्ध और जीसस इन तीनो का मेरे जीवन में परम स्थान है..प्रणाम भगवनविजय... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:10am 25 Aug 2016 #कृष्ण
Blogger: vijay kumar sappatti
......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... !फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ...फिर शब्द बुने !फिर भाव भरे !.... मैं अब कविता गुनता हूँ  , कहानी गड़ता हूँ ..जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ........मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...!.....औ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   4:15am 17 Aug 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
शुभ संध्या दोस्तों . बहुत दिन हुए . आपसे कोई बात नहीं कर पाया . जीवन बहुत कठिन है . जैसा हम सोचते है , वैसा कुछ हो नहीं पाता है और हर पल एक नए चैलेंज के साथ हमारे सामने खड़ा हो जाता है . और जीवन की इसी आपाधापी में हमसे कुछ गलतियां भी हो जाती है . और अक्सर क्रोध हमारी जिव्हा और हमा... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:41am 25 Jul 2015 #क्षमापना
Blogger: vijay kumar sappatti
ओशो की वाणी में से कुछ बहुमूल्य चुनना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल भी। उनकी वाणी के अथाह सागर में से कुछ भी कहीं से भी ले लें, हर वाक्य ग्रंथ की तरह है। शशिकांत ‘सदैव’ बता रहे हैं, उनके 11 स्वर्णिम सूत्र, जिनको अपनाकर आप भी अपने व्यावहारिक जीवन को सफल बना सकते हैं:अभी और यह... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   3:55am 17 Jun 2015 #
Blogger: vijay kumar sappatti
RAMAYANA AND its VARIANT VERSIONS||| My paper |||RAMAYANA AND its VARIANT VERSIONSAuthorVIJAY KUMAR SAPPATTIAbstract of the paper :Title of the paper : RAMAYANA AND its VARIANT VERSIONSObjective :I have selected this topic of Ramayana variants to understand the different versions of the great epic available in various regions and across the borders . I have taken both international and regional versions into account .Methodology:I have used various books available in print medium and at the same time I have used the Internet facility also to research the subject which is spread in various platformsThe findings :There are definitely more than one or several hundred versions as we go through t... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   5:26am 25 Jan 2015 #तुलसीदास
Blogger: vijay kumar sappatti
कृष्ण भक्त हैं, और भगवान भी हैं। और जो भी भक्ति में प्रवेश करेगा, वह भक्त से शुरू होगा और भगवान पर पूरा हो जाएगाइस संबंध में थोड़ी सी बात पीछे हुई है, लेकिन हमें समझ में नहीं आती है, इसलिए फिर दूसरी तरह से लौट आती है। मैंने प्रार्थना के संबंध में जो कहा, वह थोड़ा खयाल में लेंगे... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   10:06am 4 Oct 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
भक्ति बीज पलटै नहीं, जो जुग जाय अनन्त |ऊँच नीच घर अवतरै, होय सन्त का सन्त ||की हुई भक्ति के बीज निष्फल नहीं होते चाहे अनंतो युग बीत जाये | भक्तिमान जीव सन्त का सन्त ही रहता है चाहे वह ऊँच - नीच माने गये किसी भी वर्ण - जाती में जन्म ले |भक्ति पदारथ तब मिलै, तब गुरु होय सहाय |प्रेम प... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   10:05am 4 Oct 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
पिछले ३० सालो से एक बन्दे को समझने की कोशिश कर रहा हूँ .पर लगता है कि इस जन्म में उसे समझ नहीं पाऊंगा ! वो है कृष्ण !!!कभी वो गोकुल का नटखट बालक है तो कभी वो महाभारत का निर्मम war moderator !कभी वो राधा का निश्चल प्रेमी है तो कभी वो एक चालबाज राजनीतिक !कभी वो मित्रो का मित्र है तो कभी वो ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:21am 18 Sep 2014 #कृष्णं वन्दे जगतगुरु
Blogger: vijay kumar sappatti
दोस्तों , आधी दुनिया की चिंता ये है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास बहुत पैसा है और उनके पास खाने की choices  भी बहुत है . और ठीक उसी समय या फिर at any point of given time , बाकी की बची हुई आधी दुनिया की भी यही चिंता है कि क्या खाए - क्योंकि उनके पास खाने के लिए कम से कम खाना भी नहीं है , पैसे नहीं है ,इ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   8:56am 17 Sep 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो नमस्कार आज शिक्षक दिवस है . हम सभी किसी न किसी गुरु को अपनाते है . उनकी शरण में जाते है. पर ये हमें कभी भी न भूलना चाहिए कि माता - पिता के बाद शिक्षक ही प्रथम गुरु है . आईये आज इस पावन दिन पर उन्हें ये बताये कि हमारी ज़िन्दगी में उनका कितना बड़ा योगदान है .आ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   3:59am 5 Sep 2014 #जीवन
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे प्रिय आत्मन ; नमस्कार हम सब  जीवन के संघर्ष के गुजरते है और अक्सर ज़िन्दगी हमें टूट जाने की हद तक परेशान करती है .-इसकी आदत है कि हमें इतना परेशान करना कि हम हार मान जाए , पर जीतने का मौका भी हमें ज़िन्दगी ही देती है . रूमी का एक महत्वपूर्ण उपदेश है : "जब आप एक कठिन द... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   2:50pm 29 Jul 2014 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मित्रो , आप सभी को मेरे प्रणाम . जीवन में गुरु का महत्व माता -पिता के सामान ही है . और एक ही जीवन में हम एक अथवा अनेक गुरुजनों से मिलते है और ज्ञान ग्रहण करते है . जीवन को एक सही दिशा देने में गुरु का ही सर्वोत्तम स्थान है . इस लिए तो कहा गया है कि : ||| गुरु ब्रम्हा गुरु विष्ण... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   1:49am 12 Jul 2014 #गुरु पूर्णिमा
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो , नमस्कार कभी इस पर भी सोचा है कि तुम्हारा खुद का क्या है जो इतना अभिमान है . जीवन से लेकर मरण तक सब कुछ तो दुसरे का ही है . तब क्यों जीवन को इस तरह जीना कि वो खुद के लिए भी कष्टदायक हो जाए और दुसरो के लिए भी तकलीफदेह ! आईये , ईश्वर को याद करके उन सभी का ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   4:13am 26 Jun 2014 #जीवन
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे प्रिय आत्मीय मित्रो , नमस्कार आपका जीवन शुभ हो इसी मंगलकामना के साथ मैं एक बात कहना चाहता हूँ . हमारे शरीर की एक मात्र सम्पूर्ण अभिव्यक्ति सिर्फ हमारी जीभ ही है . और प्रभु ने इसे लचीला बनाया है ताकि हम सुगमता से इसका उपयोग कर सके . लेकिन अक्सर ये होता है कि क्र... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   2:08am 20 Jun 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो , आईये हम कोशिश करे कि इस धोखेबाजी से बचे . धोखा देना , वो चाहे खुद को हो या दुसरो को . हमेशा ही दुःख देना वाला ही होता  है .आपका जीवन आपका है , इसे सँवारे , बेहतर बनाए , खुश रहे और अपने आपको जीवंत बनाए रखे . यही मेरी मंगलकामना है . प्रणाम आपका विजय ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   10:53am 17 May 2014 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो , हम हमेशा से जीवन को कैसे जिया जाए इस बारे में पढ़ते -सुनते रहते है . कई बार हम अमल करते है और कई बार बस अनसुना कर देते है . मेरा मानना है कि जीवन को अगर अर्थपूर्ण ढंग से अगर जिया जाए तो जीवन को जीने का आनंद अधिक हो जाता है . आईये जीवन को बेहतर बनाए . प्र... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   10:44am 17 May 2014 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो ,नमस्कार आपके लिए मैं सीक्रेट का हिंदी वर्शन यहाँ लगा रहा हूँ . जरुर देखे . जीवन को देखने का नज़रिया बदलेंगा आपका विजय ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   9:31am 17 Apr 2014 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मीय मित्रो , नमस्कार जीवन की संभावनाए अनंत है . असीमित है . बस हमें जागना भर होता है और जानना भर ही होता है . सहज से ही जीवन बनता है . मेरी तो आप सभी से यही प्रार्थना है कि जीवन में खुश रहना सीखे . हम सभी के जीवन में दुःख होते है ,पर साथ ही परमात्मा हमें उन दुखो क... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   2:35am 15 Apr 2014 #
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे आत्मन, नमस्कार . हम सभी अपने जीवन को जीते हुए अक्सर एक छोटी सी बात को भूल जाते है और वो बात होती है जीवन का रिश्ता - जीवन में बने हुए रिश्तो से !विवेकाननद के इस सूक्ति में गहरा रहस्य छुपा हुआ है ! आप सभी को एक बेहतर जीवन की ढेर सारी शुभकामनाये ! आपका अपना विजय... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   11:11am 5 Jan 2014 #ईश्वर
Blogger: vijay kumar sappatti
मेरे प्रिय आत्मन . नमस्कार ;मित्रता ज़िन्दगी की सबसे अच्छी नेमत होती है . अच्छी मित्रता कीजिये और जीवन भर इस मित्रता का साथ निभाये . कहीं मैंने पढ़ा था " BE SLOW IN CHOOSING A FRIENDS AND SLOWER IN CHANGING "सो जीवन में सबसे गहरा रिश्ता मित्रता का ही है . और आप सभी मेरे मित्र है .आपकी मित्रता को सलाम ! आपका अपन... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   4:09am 27 Nov 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
कृष्ण असीम है. उन्हें जानना इस जन्म में सिद्ध नहीं होंगा , हाँ अगर कृष्ण की चेतना से कुछ बूँद हमें अगर प्राप्त हो जाए तो फिर बात ही क्या ! जीवन ही धन्य हो जायेंगा .... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   4:30am 28 Aug 2013 #
Blogger: vijay kumar sappatti
प्रत्‍येक मनुष्‍य जिससे मैं मिलता हूं किसी न किसी रीत में / व्यवहार में / गुण में / ज़िन्दगी जीने के ढंग में / कला में / मुझसे श्रेष्‍ठ होता है इसलिए मैं उससे कुछ शिक्षा लेता हूं !... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   4:15am 24 Aug 2013 #मन की शांति .
Blogger: vijay kumar sappatti
प्रिय मित्रो ; माँ से बढकर कोई नहीं मित्रो . माँ ही ईश्वर का सच्चा स्वरुप है .माँ है तो हम है . माँ है तो जीवन है . माँ है तो धरा है . माँ है तो ईश्वर है. प्रणाम माँ विजय... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   6:20am 21 Aug 2013 #
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