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कविताओं के मन से....!!!!

मिलना मुझे तुम उस क्षितिझ परजहाँ सूरज डूब रहा हो लाल रंग मेंजहाँ नीली नदी बह रही हो चुपचापऔर मैं आऊँ निशिगंधा के सफ़ेद खुशबु के साथऔर तुम पहने रहना एक सफेद साड़ी जो रात को सुबह बना दे इस ज़िन्दगी भर के लिएमैं आऊंगा जरूर ।तुम बस बता दो वो क्षितिझ है कहाँ प्रिय ।वि ज य...
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Tag :कविता : ज़िन्दगी
  March 10, 2017, 3:26 pm
"माँ का बेटा"वो जो अपनी माँ का एक बेटा थावो आज बहुत उदास है !बहुत बरस बीते ,उसकी माँ कहीं खो गयी थी .....उसकी माँ उसे नहलाती ,खाना खिलाती , स्कूल भेजतीऔर फिर स्कूल से आने के बाद ,उसे अपनी गोद में बिठा कर खाना खिलातीअपनी मीठी सी आवाज़ में लोरियां सुनाती ..और उसे सुलाती , दुनिया की न...
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Tag :अम्मा.
  January 13, 2017, 9:14 am
रूह की मृगतृष्णा में सन्यासी सा महकता है मन देह की आतुरता में बिना वजह भटकता है मन प्रेम के दो सोपानों में युग के सांस लेता है मन जीवन के इन असाध्य ध्वनियों पर सुर साधता है मन रे मन बावला हुआ जीवन रे मृत्यु की छाँव में बस जा रेप्रभु की आत्मा पुकारे तुझे रे आजा मन रे मन  !व...
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Tag :कविता
  January 7, 2017, 8:40 pm
सोचताहूँकिकविता मेंशब्दोंकीजगहतुम्हेंभरदूँ;अपनेमनकीभावोंकेसंगफिरमैंहोजाऊँगापूर्णविजय ...
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Tag :कविता : ज़िन्दगी
  January 2, 2017, 12:54 pm
किसी एक लम्हे में तुमसे नज़रे मिलीऔरउम्र भर का परदा हो गया...किसी एक लम्हे में तुमसे मोहब्बत हुईऔरज़िन्दगी भर की जुदाई मिली......लम्हों का सफ़रलम्हों में ही सिमटा रहा !!!© विजय...
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Tag :कविता : ज़िन्दगी
  May 30, 2016, 3:08 pm
नज़्म :मुझ से तुझ तक एक पुलिया हैशब्दों का,नज्मो का,किस्सों का,औरआंसुओ का .............और हां; बीच में बहता एक जलता दरिया है इस दुनिया का !!!!© विजय...
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Tag :इंसान
  February 13, 2016, 8:21 pm
मित्रो , नव वर्ष पर आप सभी को मेरी ओर से मंगलकामनाये . अपनी कविता के साथ आप सभी को ढेरो शुभकामनाये देता हूँ. जीवन आपका शुभ हो .::: भोर भई मनुज अब तो तू उठ जा :::भोर भई मनुज अब तो तू उठ जा,रवि ने किया दूर ,जग का दुःख भरा अन्धकार ;किरणों ने बिछाया जाल ,स्वर्णिम और मधुरअश्व खींच रहें है...
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Tag :
  January 1, 2016, 10:54 am
दोस्तों , मेरी ये नज़्म , उन सारे शहीदों को मेरी श्रद्दांजलि है , जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर , मुंबई को 26 / 11  को आतंक से मुक्त कराया. मैं उन सब को शत- शत बार नमन करता हूँ. उनकी कुर्बानी हमारे लिए है ............!!!शहीद हूँ मैं .....मेरे देशवाशियोंजब कभी आप खुलकर हंसोंगे ,तो मेरे परिवार को ...
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Tag :कविता
  November 26, 2015, 8:30 am
एक ज़िन्दगीऔर कितने सारे ख्वाबबस एक रात की सुबह का भी पता नहीं ....कितनी किताबे पढना है बाकीकितने सिनेमा देखना है बाकीकितने जगहों पर जाना है बाकीहक़ीकत में एक पूरी ज़िन्दगी जीना है बाकी !एक ज़िन्दगीऔर कितने सारे ख्वाबबस एक रात की सुबह का भी पता नहीं ....© विजय...
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Tag :खुदा
  October 17, 2015, 8:23 am
उस दिन जब मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ातुमने उस हाथ को दफना दियाअपनी जिस्म की जमीन में !और कुछ आंसू जो मेरे नाम के थे ,उन्हें भी दफना दिया अपनी आत्मा के साथ !अब तुम होऔर मैं हूँऔर हम बहुत दूर है !हां; इश्क खुदा के आगोश में चुपचाप बैठा है!खुदा ने एक कब्र बनायीं है ,तुम्हारी और मेरी ,...
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Tag :कविता : ज़िन्दगी
  October 15, 2015, 9:18 am
/// नज़्म : दुनिया, तुम और मैं !!! ///दुनिया भर घूम आते हो !दुनिया को जी भर कर देखते हो !!दुनिया से बाते करते रहते हो ....!!!.......कभी उस मोड़ पर भी चले आओ.....जहाँ हम खड़े है ,……….कभी हमें भी जी भर कर देख लो …….आँखे तुम्हारा इन्तजार करती रहती है ;………कभी कोई एक लफ्ज़ हमारे नाम कर दो .......मन तुम्हे सुनन...
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Tag :तुम और मैं
  September 24, 2015, 7:08 am
...............और अंत में कुछ भी न रह जायेंगा !!न ही ये सम्मान , न ही ये मान ,न ही ये धन और न ही ये यश !बस ...चंद यादें कुछ अपनों के मन में और वो शब्द भी जो मैंने कभी लिखे थे !!!एक अनंत की जिज्ञासा भी साथ में थी ,साथ में ही रही औरअंत में साथ ही चली गयी !प्रभु तुम ही तो हो एक मेरेबाकी तो सब जग झूठ...
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Tag :इंसान
  September 11, 2015, 11:40 am
यूँ ही कभी अगर दुनिया पूछे तुमसेकी मैं कौन हूँ ..तो तुम कह देना ..कोई नहीं है जी ..कोई नहीं ,बस यूँ ही था कोईजो जाने अनजाने मेंबस गया था दिल में ..पर वो कोई नहीं है जी  ...एक दोस्त था जो अब भी है ,जो कभी कभी फ़ोन करकेशहर के मौसम के बारे में पूछता है,मेरे मन के आसमान परउ...
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Tag :
  September 4, 2015, 4:42 pm
यूँ ही ...ज़िन्दगी भर कुछ साए साथ साथ ही चलते है और उन्ही सायो की याद में ये ख़ाक ज़िन्दगी;.......कभी कभी गुलज़ार भी होती है !!!सोचता हूँ अक्सर यूँ ही रातो को उठकर ...अगर अम्मा न होती , अगर पिताजी न होते . अगर तुम न होती ..अगर वो दोस्त न होता ......चंद तकलीफ देने वाले रिश्तेदार न होते ......चंद प्य...
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Tag :ईश्वर
  August 22, 2015, 6:00 am
......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... !फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ...फिर शब्द बुने !फिर भाव भरे !.... मैं अब कविता गुनता हूँ  , कहानी गड़ता हूँ ..जिन्हें दुनिया पढ़ती है ..खो जाती है .. रोती है ... मुस्कराती है ...हंसती है ..चिल्लाती है ........मुझे इनाम ,सम्मान , पुरस्कार से अनुग्रहित करती है ...!.....औ...
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Tag :
  August 17, 2015, 9:46 am
भीगा सा दिन,भीगी सी आँखें,भीगा सा मन ,और भीगी सी रात है !कुछ पुराने ख़त ,एक तेरा चेहरा,और कुछ तेरी बात है !ऐसे ही कई टुकड़ा टुकड़ा दिनऔर कई टुकड़ा टुकड़ा रातेहमने ज़िन्दगी की साँसों तले काटी थी !न दिन रहे और न राते,न ज़िन्दगी रही और न तेरी बाते !कोई खुदा से जाकर कह तो दे,मुझे उसकी कायन...
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Tag :कविता : ज़िन्दगी
  June 7, 2015, 11:34 am
माँ को मुझे कभी तलाशना नहीं पड़ा;वो हमेशा ही मेरे पास थी और है अब भी .. !लेकिन अपने गाँव/छोटे शहर की गलियों में ,मैं अक्सर छुप जाया करता था ;और माँ ही हमेशा मुझे ढूंढती थी ..!और मैं छुपता भी इसलिए था कि वो मुझे ढूंढें !!....और फिर मैं माँ से चिपक जाता था ..!!!अहिस्ता अहिस्ता इस तलाश की ...
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Tag :माँ
  June 6, 2015, 8:04 am
कुछ दिन पहले मेरा कुछ सामानमैंने तुम्हारे पास रख छोडा था !वो पहली नज़र ..जिससे तुम्हे मैंने देखा था ;मैं अब तक तुम्हे देख रहा हूँ..वो पहली बार तुम्हे छूना..तुम्हारे नर्म लबो के अहसास आज भीअक्सर मुझे रातों को जगा देते है ..वो सारी रात चाँद तारो को देखना ..वो सारी सारी रात बाते क...
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Tag :इश्क
  June 2, 2015, 4:10 pm
आज "आतंकवाद विरोध दिवस "पर मैं अपनी एक नज़्म आपको नज़र करता हूँ .दोस्तों , मेरी ये नज़्म , उन सारे शहीदों को मेरी श्रद्दांजलि है , जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर , देश को आतंक से मुक्त कराया. मैं उन सब को शत- शत बार नमन करता हूँ. उनकी कुर्बानी हमारे लिए है ............शहीद हूँ मैं .....मेरे देशव...
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Tag :
  May 21, 2015, 11:23 am
उन्मादित एकांत के विराट क्षण ; जब बिना रुके दस्तक देते है .. आत्मा के निर्मोही द्वार पर ... तो भीतर बैठा हुआ वह परमपूज्य परमेश्वर अपने खोलता है नेत्र !!! तब धरा के विषाद और वैराग्य से ही जन्मता है समाधि का पतितपावन सूत्र ....!!! प्रभु का पुण्य आशीर्वाद हो तब ही स्वंय को ये ज्ञान ह...
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Tag :
  April 12, 2015, 11:09 am
दोस्तों, आज पिताजी को गुजरे एक माह हो गए. इस एक माह में मुझे कभी भी नहीं लगा कि वो नहीं है. हर दिन बस ऐसे ही लगा कि वो गाँव में है और अभी मैं मिलकर आया हूँ और फिर से मिलने जाना है. कहीं भी उनकी कमी नहीं लगी. यहाँ तक कि संक्रांति की पूजा में भी ऐसा लगा कि वो है. बस कल अचानक लगा कि फ़ो...
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Tag :ईश्वर
  January 22, 2015, 7:10 am
संसार में सबसे अच्छा ,सबसे सच्चा और सबसे प्यारा शब्द सिर्फ और सिर्फ "मां "ही है ! आज अम्मा को गए २६ बरस बीत गए. अम्मा से मेरा रिश्ता ईश्वर से जुड़ने का ही है वो कहते है न, since God can not be everywhere so he created mothers !आज वो शरीर रूप में भले ही न हो , पर मैंने उन्हें हमेशा अपने पास ही पाया . मैं जो कुछ भी हू...
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Tag :माँ
  January 13, 2015, 8:13 am
एक दिन ऐसे ही प्रभु की भेजी हुई नाव में बैठकर एक न लौटने वाली यात्रा पर चले जाऊँगा ! अनंत में खो जाने के लिएधरती में मिल जाने के लिएअंतिम आलिंगन मेरा स्वीकार करो प्रभुमैं भी तेरा , मेरा जीवन भी तेरा प्रभु मैं मृत्यु का उत्सव मनाता हूँ प्रभुबस मेरे शब्द और मेरी तस्वी...
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Tag :
  December 2, 2014, 6:37 am
बड़ी देर हो गई है ,कागज़ हाथ में लिए हुए !सोच रहा हूँ ,कि कोई नज़्म लिखूं !पर शब्द कहीं खो गए है ,जज्बात कहीं उलझ गए है ,हाथों की उंगलियाँ हार सी गई है ;क्या लिखु .... कैसे लिखु ...सोचता हूँ ,या तो ;सिर्फ “खुदा” लिख दूं !या फिर ;सिर्फ “मोहब्बत” लिख दूं !या फिर ;तुम्हारा नाम ही लिख दूं !इन ...
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Tag :
  June 8, 2014, 4:10 pm
हमें सांझा करना था धरती, आकाश, नदी और बांटना था प्यार मन और देह के साथ आत्मा भी हो जिसमे ! और करना था प्रेम एक दूजे से !और हमने ठीक वही किया !धरती के साथ तन बांटा नदी के साथ मन बांटा और आकाश के साथ आत्मा को सांझा किया !और एक बात की हमने जो दोहराई जा रही थी सदियों से !...
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Tag :
  April 2, 2014, 3:05 pm
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