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Blog: deehwara--डीहवारा

Blogger: rajani kant
तुम्हीं बताओ आज तुम्हें मैं कैसा गीत सुनाऊंअपने मन की बात कहूँ या जग की रीत सुनाऊंकुछ ऐसा जो हँसी बिखेरे या आंसू बरसाएकुछ यौवन की रंगरलियाँ या फिर बचपन के साएबीते दिन जो लाया करतीं किरणों वाली परियांया आगत का अनजाना पल जिसने स्वप्न दिखाएसब कुछ हार गया मैं जिसमें ऐसी ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   5:05pm 22 Jun 2013 #
Blogger: rajani kant
धुएं  की लकीर हवा में ठहरती कब तकज़िन्दगी दौर से ऐसे गुजरती कब तकसुबह छुपा क्यों न लेती कोहरे में मुंहबर्फ-सी धूप में आखिर सिहरती कब तकअँधेरा घिर गया ! घिरना था , क्या हुआपकी-सी धूप मुंडेरी पे ठहरती कब तकएक तू ही नहीं राह में और भी थे कईमंजिल तेरा इंतज़ार और करती कब तकसो ग... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   4:43pm 14 Jun 2013 #
Blogger: rajani kant
सखि ! तुमसे यह कैसा नाता !बादल बरसे धरती हरसेपत्ता-पत्ता जीवन सरसेतन मेरा भी भीगे लेकिनमन पपिहे-सा टेर लगातासखि ! तुमसे यह कैसा नाता !चंचल पलकें ढलकी अलकेंजिन अधरों से अमृत छलकेछू साँसों से अर्घ्य समर्पितउनको देवि ! नहीं कर पातासखि ! तुमसे यह कैसा नाता !पास बिठाऊँ गीत सुन... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   12:54am 11 Jun 2013 #
Blogger: rajani kant
हम नदी के द्वीप संग-संगफिर भी कितनी दूर हैं     बीच में जलधार निर्मल     पद तले अविचल धरातल     जोड़ता आकाश हमको    शब्द टलमल चिर विकलदूर हैं बस हाथ भरजल-कमल के पात भरसाथ हैं मिलना नहींकुछ इस तरह मजबूर हैं     तुम हँसे मैं चुप रहा     दुःख मेरा तुम मौन हो     दृष्टि में मोजूद लेक... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   2:18pm 24 Mar 2013 #
Blogger: rajani kant
लतखोर टाइप  का यह समयसभ्य भाषा में नहीं लिखा जा सकतामूत को मूत लिख देनासौन्दर्यबोध का स्खलन हो सकता हैमगर मैं जानता हूँ उसकी बदबूकिसी भी दूसरे शब्द में देर तक नहीं रुक सकतीउपमेय उपमान उपमाएं सब शिथिल हैंमर्दानगी के तमाम उपक्रमों के बावजूदओखली में धान की तरह कुटे शब्... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   2:19pm 9 Mar 2013 #
Blogger: rajani kant
गहगहाकर फूला है गुलमोहरभभक्क लालबंद पड़ी फैक्ट्री के भीतरटूटकर लटकती एस्बेस्टस शीट्स की आड़ मेंखुशी पगार से इतर भी होती हैअगर चिमनियों से उठ रहा हो धुँआकरने भर को हो कामऔर हिक भर हो उम्मीद कल कीचिमनियों से धुँआ रुकने के साथरुक जाती है आँख में सपनों की उड़ानरुक जाती ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   4:56pm 27 Jul 2012 #
Blogger: rajani kant
मैं छानता हूँ कविताएंजैसे छानती है माँ स्वेटर सलाई परअपने अजन्मे बच्चे के लिएमैं कागज़ पर लिखता हूँ पहली पंक्तिबिल्कुल पहली हराई की तरहबीज बोने से पहले गीले खेत मेंमैं अँगुलियों में घुमाता हूँ शब्दअनामिका में पहनी पैती की तरहपूजा के संकल्प से पहलेमैं रचता हूँ वह अ... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   12:30pm 14 Jul 2012 #
Blogger: rajani kant
बरसो असाढ़ बरसोतुम धार-धार बरसोतुम बार-बार बरसोबरसो असाढ़ बरसोबरसो कि प्यास बाकीबरसो उजास बाकीइस जिंदगी की जंग मेंबरसो कि आस बाकी     बरसो असाढ़ बरसोबरसो कि प्यास भीजेबिरहिन की आस भीजेयह खडखडी दुपहरीबीते और सांस भीजे     बरसो असाढ़ बरसोबरसो कि खेत भीजेबरसो कि रेत भी... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   3:21pm 2 Jul 2012 #
Blogger: rajani kant
तवे से उतरती रोटियांचली नहीं जाती हैं अपने-आपवहां जहां कि होती है भूखबहुत मायने रखता हैउन हाथों का हुनरजो तय करते हैंभूख से रोटी का रिश्ताऔर अनुपात भीरोटी केवल भूख के लिए नहीं होतीनहीं होती जैसे कि ज़मीनकेवल रहने के लिएया कि नहीं होता पानीकेवल पानी भर बनकरसबके लिएज़... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   4:54pm 25 Jun 2012 #
Blogger: rajani kant
बादल पुरवा नीम की डाली और बरसात का पानीमन का जोगी तन सारंगी फिर सब वही कहानी     भीग-भीगकर भीगा जिसमें     डूब-डूबकर डूबा     उम्र का बंधन सांस की डोरी     मुक्त हुआ और ऊबाखुल-खुलकर बंधने की इच्छा अनचीन्ही अनजानी     क्या-क्या छोडूँ क्या-क्या पकडूं     क्या भूलूं - बिसराऊँ     ज... Read more
clicks 227 View   Vote 0 Like   5:57pm 14 Jun 2012 #
Blogger: rajani kant
चलो तुम भूल गए सर्वस्वमगर इतना तो होगा यादबढ़ाकर मैंने अपना हाथसजाया था माथे पर चाँदझपकना पलकों का तुम भूलदेखती रही थीं मेरी ओरहुई आँखों-आँखों में बातऔर कस गयी स्नेह की डोरतुम्हारे नयनों से संवादमिली मन को मन की सौगातफिसलती जाए पकड़ी डोरसंभाले नहीं संभलता गातचले थ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:32pm 1 Jun 2012 #
Blogger: rajani kant
ये उदासियाँ भी मेरे ही हिस्से आनी थींकि जैसे आती हैरात भर जागी हुई आँखों में नींदऔर गंधाते पानी में मछलियों को सांसबस जी लेने भरउदास होना जीवित होना हैरोज़मर्रा की लंगडी दौड मेंकि खराब होना अब भी खराब हैऔर गलत बिलकुल उतना ही गलतन ज्यादा न कम सांस भरउदासी आइना हैऔर सबू... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:37am 27 May 2012 #
Blogger: rajani kant
रात भर चांदनी बस तुम्हारे लिएजुगनुओं की सजाती रही अल्पनाबिन बुलाए नयन नीर लेकर मेरेद्वार आता रहा दर्द का पाहुना     चूड़ियों से भरे हाथ सूने हुए      रात आई ढली दर्द दूने हुए      सारे पुरवा के झोंके उदासी भरे      वेदना के रुपहले नमूने हुएदीप-सा रात भर कोई जलता रहाऔर सिसकत... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   5:13pm 5 Apr 2012 #
Blogger: rajani kant
पड़ गए हैं उतान मुद्रा मेंवाद की खटिया बिछाकरकुछ विकट संभावनाशील प्रबुद्ध विचारकअटक गयी है वायुविकारवशसिद्धांतों की सतत जुगाली से ।क्या करें किस रीति निकलेफँस गयी है फाँस-सी जो गले मेंहूक भरते , खेचरी मुद्रा बनातेतानते हैं पाँव धनु की तान-सीफिर डोलते हैंदोलकों की ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   12:12pm 3 Mar 2012 #
Blogger: rajani kant
कहीं छोड़ आया हूँअपनी एक प्यारी-सी चीज शाम के धुंधलके में कोहरा ओढ़े दूर जंगल मेंलांघकर शहर, गाँव, पहाड़ , नदियाँ .मन उदास है, गहरा उदासमन चुप है, निहायत चुपचापदुःख हो , ऐसा नहीं लगतादर्द है , कुछ-कुछ प्रिय-सा.सर्पीली सड़कों से गुजरते हुएसुनाता रहा पहाड़ी लड़की का गीतबालों... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:41pm 23 Nov 2011 #
Blogger: rajani kant
न उस शहर मे अब तुम रहती हो न उस शहर मे अब मै रहता हूँपर हम दोनो ही के पास है अपने-अपने हिस्से का वह शहर जो कहीँ भी बस जाता है आपस मे बात करते ही.यह और बात है कि प्रेम करने से होने तक की खबर क़त्ल की कहानियो के साथ छपती थी हमारे शहर के अखबार मेरास्ते किनारे पेड पर अटकी लाल रिबन-सी ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   4:13pm 27 Oct 2011 #
Blogger: rajani kant
बांटता ग़म सभी साथ तेरे मगर तुझपे जाने मुझे क्यों भरोसा न थायह नहीं कि तुझे मैंने पूजा नहीं या कभी टूटकर तूने चाहा  न था      मेरी आँखें प्रिये तेरी आँखों में थीं     तेरी साँसों की मधुगंध थी सांस में     मेरे होंठों से पिघली हँसी में तू ही      दर्द-सा ले फिरा तुझको एहसास म... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:41pm 19 Sep 2011 #पूजा
Blogger: rajani kant
तुम्हारी पाती मिली अबोध तुम्हारी पाती मिली अजान नयन के कोरों पर चुपचाप उभर आई पिछली पहचान      किताबों में डूबा मैं आज      ढूंढता  था जीवन के राज़      तभी धीरे से आकर पास      तुम्हारे ख़त ने दी आवाज़ मुझे खोलो मैं थककर चूर संभालो लाया हूँ मुस्कान      नयन से देखा जैसे गीत... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:35am 7 Sep 2011 #मनमीत
Blogger: rajani kant
पल्टुआ बतियाता ही रह गया खड़ा नीम की आड़ मेंगवने से लौटीदुक्खी काका की बेटी फुलमतिया सेऔर भैंस चर गयी लोबिया चन्नर पांड़े के तलहवा खेत में.हमारे समय के सबसे बड़े ब्रह्माण्डवेत्ता -- स्टीफन हाकिंग     कह रहे हैं स्वर्ग-नरक कुछ भी नहीं कुछ नहीं बचता मृत्यु के बाद मर जात... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   5:25pm 31 Aug 2011 #स्टीफन हाकिंग
Blogger: rajani kant
रात आई बहुत देर तक याद तू रात बादल गरजते रहे देर तकरात आँखों में चुभती रही रौशनी रात जुगनू चमकते रहे देर तकरात आंधी चली रात बिजली गिरी जाने किसके भला आशियाने जले ख़त मिला था तेरा कल ढली सांझ को और तेरे ही ख़त सब पुराने जलेरात बजती रही धुन कोई अनसुनी  रात वादे कसकते रहे द... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   6:35pm 20 Aug 2011 #सपने
Blogger: rajani kant
बरसो सावन बरसो गोबर की परधानी भीगेकाली कुतिया कानी भीगेइटली की महारानी भीगेआँख का उनकी पानी भीगेबरसो सावन बरसोमनमोहन और अन्ना भीगें खाकी लाल घुटन्ना भीगेंलोकपाल कंधे पर धरकेनाचें तन्ना-तन्ना भीगेंबरसो सावन बरसोखाएं प्रिंस पकोड़ा भीगेंहसन अली के घोडा भीगेंराजा ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   6:08pm 23 Jul 2011 #
Blogger: rajani kant
जाने किसकी आँखें उमड़ीं नभ में छाए काले मेघकिस विरही के भेजे आएक्या संदेश संभाले मेघ     तन की पाती मन के नाम     भूला-बिसरा कोई काम     याद दिलाने को आयी है     फिर सावन की भीगी शामबरस रहे हैं धो डालेंगेविस्मृतियों के जाले मेघ ।... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:21pm 20 Jul 2011 #सावन
Blogger: rajani kant
गाड़े हुए रुपए जीवधारी हो जाते हैंएक लंबे समय के बादएक लंबे समय पहले सुनी थी यह बातदादी से किसी कहानी के दरम्यान लंबे समय पहले की बातेंसच ही हो जाती हैंलंबे समय के बादअब नहीं गाड़ता है कोई भीरुपए दीवार या ज़मीन मेंयह तमाम जीवधारी रुपएडोलते फिरते हैं जोराजपथ-जनपथ-संसद के ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   6:33pm 14 Jul 2011 #जनपथ
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