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SUBODH BHARTIYA

हवा जब तेज़ चलती है तो पत्ते टूट जाते हैंमुसीबत के दिनों में अच्छे-अच्छे टूट जाते हैंबहुत मजबूर हैं हम झूठ तो बोला नहीं जाताअगर सच बोलते हैं हम तो रिश्ते टूट जाते हैंबहुत मुश्किल सही फिर भी मिज़ाज अपना बदल लो तुमलचक जिनमें नहीं होती तने वे टूट जाते हैंभले ही देर से आए म...
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  February 6, 2012, 10:57 pm
1. A daily application of the mixture of sandalwood and rose water-cools your skin as well as brings a fair glow to you.http://www.herbalcureindia.com/lakme/lakme-body-care.html2. You can make a fine paste of grinded almonds and rose water. A regular application of this paste on the face and neck will bring a natural fairness.3. Vegetables have a wonderful power in enhancing fairness. Cut a tomato into two halves and rub it on your face. You can see the change within a few days.You can also soak potatoes in cold water for 10 minutes. Rub theses slices on your face, hands and neck. This regular act will bring a positive result within a short period.4. You can also soak potatoes in cold water ...
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  January 22, 2012, 1:54 pm
ये मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाये मुझेकि संग तुझपे गिरे और ज़ख़्म आये मुझेवो महरबाँ है तोप इक़रार क्यूँ नहीं करतावो बदगुमाँ है तो सौ बार आज़माये मुझेमैं अपने पाँव तले रौंदता हूँ साये कोबदन मेरा ही सही दोपहर न भाये मुझेमैं घर से तेरी तमन्ना पहन के जब निकलूँबरहना शहर में ...
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  January 21, 2012, 8:49 pm
पहले तो अपने दिल की रज़ा जान जाइयेफिर जो निगाह-ए-यार कहे मान जाइयेपहले मिज़ाज-ए-राहगुज़र जान जाइयेफिर गर्द-ए-राह जो भी कहे मान जाइयेकुछ कह रही है आपके सीने की धड़कनेमेरी सुनें तो दिल का कहा मान जाइयेइक धूप सी जमी है निगाहों के आस पासये आप हैं तो आप पे क़ुर्बान जाइयेशायद ...
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  January 21, 2012, 8:44 pm
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं किस को ख़बर थी साँवले बादल बिन बरसे उड़ जाते हैं सावन आया लेकिन अपनी क़िस्मत में बरसात नहीं माना जीवन में औरत एक बार मोहब्बत करती है लेकिन मुझको ये तो बता दे क्या तू औरत ज़ात नहीं ख़त्म हुआ ...
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  January 21, 2012, 8:43 pm
ज़िन्दगी में तो सभी प्यार किया करते हैं मैं तो मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूँगा तू मिला है तो ये एहसास हुआ है मुझको ये मेरी उम्र मोहब्बत के लिये थोड़ी है इक ज़रा सा ग़म-ए-दौराँ का भी हक़ है जिस पर मैनें वो साँस भी तेरे लिये रख छोड़ी है तुझपे हो जाऊँगा क़ुरबान तुझे चाहूँगा अपन...
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  January 21, 2012, 8:41 pm
मैं ढूँढता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलतानई ज़मीं नया आसमाँ नहीं मिलतानई ज़मीं नया आसमाँ भी मिल जायेनये बशर का कहीं कुछ निशाँ नहीं मिलतावो तेग़ मिल गई जिस से हुआ है क़त्ल मेराकिसी के हाथ का उस पर निशाँ नहीं मिलतावो मेरा गाँव है वो मेरे गाँव के चूल्हेकि जिन में शोले तो शोले...
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  December 13, 2011, 11:23 pm
कोई ये कैसे बता ये के वो तन्हा क्यों हैंवो जो अपना था वो ही और किसी का क्यों हैंयही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यों हैंयही होता हैं तो आखिर यही होता क्यों हैंएक ज़रा हाथ बढ़ा, दे तो पकड़ लें दामनउसके सीने में समा जाये हमारी धड़कनइतनी क़ुर्बत हैं तो फिर फ़ासला इतना क्...
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  December 13, 2011, 11:21 pm
किसी को क्या पता जो महफ़िलों की जान होता है कभी होता है जब तन्हा तो कितनी देर रोता है यह दुनिया है यहाँ होती है आसानी भी मुश्किल भी बुरा भी ख़ूब होता है यहाँ अच्छा भी होता है तेरी यादों के बादल से गुज़र होता है जब इसका उदासी का परिंदा मुझसे मिलकर खूब रोता है किसी को रिश्ते ...
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  December 13, 2011, 11:19 pm
अब तो आते हैं सभी दिल को दुखाने वाले जाने किस राह गए नाज़ उठाने वाले क्या गुज़रती है किसी पर यह कहाँ सोचते हैं कितने बेदर्द हैं ये रूठ के जाने वाले दर्द उनका कि जो फुटपाथ पे करते हैं बसर क्या समझ पाएँगे ये राजघराने वाले इश्क़ में पहले तो बीमार बना देते हैं फिर पलटते ही नह...
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  December 13, 2011, 11:18 pm
हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरामैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समंदर मेराकिससे पूछूँ कि कहाँ गुम हूँ बरसों सेहर जगह ढूँढता फिरता है मुझे घर मेराएक से हो गए मौसमों के चेहरे सारेमेरी आँखों से कहीं खो गया मंज़र मेरामुद्दतें बीत गईं ख़्वाब सुहाना देखेजागता रहता है हर ...
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  December 13, 2011, 11:15 pm
होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िन्दगी क्या चीज़ हैउन से नज़रें क्या मिली रोशन फिजाएँ हो गईं आज जाना प्यार की जादूगरी क्या चीज़ हैख़ुलती ज़ुल्फ़ों ने सिखाई मौसमों को शायरी झुकती आँखों ने बताया मयकशी क्या चीज़ हैहम लबों से कह न पाये उ...
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  December 13, 2011, 11:14 pm
जब किसी से कोई गिला रखनासामने अपने आईना रखनायूँ उजालों से वास्ता रखनाशम्मा के पास ही हवा रखनाघर की तामीर[1]चाहे जैसी होइस में रोने की जगह रखनामस्जिदें हैं नमाज़ियों के लियेअपने घर में कहीं ख़ुदा रखनामिलना जुलना जहाँ ज़रूरी होमिलने-जुलने का हौसला रखना...
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  December 13, 2011, 11:13 pm
अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जायेघर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जायेजिन चिराग़ों को हवाओं का कोई ख़ौफ़ नहींउन चिराग़ों को हवाओं से बचाया जायेबाग में जाने के आदाब हुआ करते हैंकिसी तितली को न फूलों से उड़ाया जायेख़ुदकुशी करने की हिम्मत नहीं होती सब मेंऔर कुछ दिन यूँ ह...
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  December 13, 2011, 11:09 pm
आदमी की अजब-सी हालत है।वहशियों में ग़ज़ब की ताक़त है॥चन्द नंगों ने लूट ली महफ़िल,और सकते में आज बहुमत है।अब किसे इस चमन की चिन्ता है,अब किसे सोचने की फुरसत है?जिनके पैरों तले ज़मीन नहीं,उनके सिर पर उसूल की छत है।रेशमी शब्दजाल का पर्याय,हर समय, हर जगह सियासत है।वक़्त के ड...
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  December 13, 2011, 10:59 pm
जब तलक ये ज़िन्दगी बाक़ी रहेगीज़िन्दगी में तिशनगी बाक़ी रहेगीसूख जाएंगे जहाँ के सारे दरियाआँसुओं की ये नदी बाक़ी रहेगीमेह्रबाँ जब तक हवायें हैं तभी तकइस दिए में रोशनी बाक़ी रहेगीकौन दुनिया में मुकम्मल हो सका हैकुछ न कुछ सब में कमी बाक़ी रहेगीआज का दिन चैन से गुज़रा,...
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  December 13, 2011, 10:56 pm
ये जो ज़िन्दगी की किताब है ये किताब भी क्या किताब है|कहीं इक हसीन सा ख़्वाब है कहीं जान-लेवा अज़ाब है|[अज़ाब=दुखदाई वस्तु/वेदना]कहीं छँव है कहीं धूप है कहीं और ही कोई रूप है,कई चेहरे इस में छुपे हुए इक अजीब सी ये नक़ाब है|कहीं खो दिया कहीं पा लिया कहीं रो लिया कहीं गा लिया,कह...
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  December 13, 2011, 10:53 pm
क्‍यों डरें ज़िन्‍दगी में क्‍या होगाकुछ ना होगा तो तज़रूबा होगाहँसती आँखों में झाँक कर देखोकोई आँसू कहीं छुपा होगाइन दिनों ना-उम्‍मीद सा हूँ मैंशायद उसने भी ये सुना होगादेखकर तुमको सोचता हूँ मैंक्‍या किसी ने तुम्‍हें छुआ होगा ...
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  December 11, 2011, 2:47 pm
हर ख़ुशी में कोई कमी-सी हैहँसती आँखों में भी नमी-सी हैदिन भी चुप चाप सर झुकाये थारात की नब्ज़ भी थमी-सी हैकिसको समझायें किसकी बात नहींज़हन और दिल में फिर ठनी-सी हैख़्वाब था या ग़ुबार था कोई गर्द इन पलकों पे जमी-सी हैकह गए हम ये किससे दिल की बातशहर में एक सनसनी-सी हैहसरते...
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  December 11, 2011, 2:46 pm
आज मैंने अपना फिर सौदा कियाऔर फिर मैं दूर से देखा कियाज़िन्‍दगी भर मेरे काम आए असूलएक एक करके मैं उन्‍हें बेचा कियाकुछ कमी अपनी वफ़ाओं में भी थीतुम से क्‍या कहते कि तुमने क्‍या कियाहो गई थी दिल को कुछ उम्‍मीद सीखैर तुमने जो किया अच्‍छा किया ...
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  December 11, 2011, 2:42 pm
आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ हैज़ख़्म हर सर पे हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ हैजब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता हैफिर ज़मीं पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यूँ हैअपना अंजाम तो मालूम है सब को फिर भीअपनी नज़रों में हर इन्सान सिकंदर क्यूँ हैज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ह...
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  December 11, 2011, 2:41 pm
मेरे दुख की कोई दवा न करोमुझ को मुझ से अभी जुदा न करोनाख़ुदा को ख़ुदा कहा है तो फिरडूब जाओ, ख़ुदा ख़ुदा न करोये सिखाया है दोस्ती ने हमेंदोस्त बनकर कभी वफ़ा न करोइश्क़ है इश्क़, ये मज़ाक नहींचंद लम्हों में फ़ैसला न करोआशिक़ी हो या बंदगी 'फ़ाकिर'बे-दिली से तो इबतिदा न करो...
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  December 11, 2011, 2:40 pm
हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिलेहम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले अजनबी जैसे अजनबी से मिलेहर वफ़ा एक जुर्म हो गोया दोस्त कुछ ऐसी बेरुख़ी से मिलेफूल ही फूल हम ने माँगे थे दाग़ ही दाग़ ज़िन्दगी से मिलेजिस तरह आप हम से मिलते हैं आदमी यूँ न आदमी से मिले...
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  December 11, 2011, 2:34 pm
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