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Blog: नमिता राकेश

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कवितायेँ: डा. लालित्य ललित | शब्दांकन #Shabdankan... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   7:42am 16 May 2013 #
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mehfil mehfil har dil ka armaan hain hamjaise keemti heeron ki ik khaan hain hamham ne paigamber awtaaron ko janma haidharti manch par swarg ki ik pehchaan hain hamhamne smey se loha manvaya apnajhansi ki raani razia ki shaan hain hamham se duniya takraee to tootegiapne manobal me jaise chattan hain hambehti hawa me tairten hain khushboo ki tarhakhilte phoolon ki dilkash muskaan hain hamrakkhi hai kayam apne buzurgon ki asmatsachche achchhe aadarshon ki shaan hain hambachchon ko sikhlate hain jeene ka hunargyaan hamari poonji hai dhanwan hain hammahila diwas par vishesh roop se,sabhi ko mahila diwas ki bdhaee k sath :)(namita rakesh)... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   5:56pm 8 Mar 2011 #
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नशा ######स्टेशन पर भीड़ थी ! लोग बहुत बेसब्री से ट्रेन के आने का इंतज़ार कर रहे थे ! ट्रेन के लेट होने से खोमचे वालों की खूब बिक्री हो रही थी ! अचानक एक धम्म की आवाज़ हुई ! सबने चौंक कर आवाज़ की तरफ देखा ! एक नाटे कद का अधेड़ उम्र का व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर गिरा पड़ा था ! देखते ही ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   4:46pm 12 Sep 2010 #
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""""" वी आर इंडियंस """""बहुत ज़ोर शोर से विदेश जाने की तैयारी हो रही थी ! नए नए "सूट" सिलवाये जा रहे थे ! "हेयर कट" भी बदल गया था ! आखिर होता भी क्यूँ न यह सब ! विदेश जाने के लिए बड़े अफसरों की कितनी खुशामद करनी पड़ी थी , कितने कितने दिन और कई कई घंटे उनके कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े थ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   6:59pm 6 Sep 2010 #
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हिंदी के बहाने से ++++++++++सितम्बर का महीना शुरू हो चुका था और हिंदी पखवाड़े का भी ! अक्सर हिंदी पखवाड़े और श्राद्ध की तिथियाँ आस पास ही पड़ती है और हम अपने पितरो को पूजने के साथ साथ हिंदी को भी पूज लेते है ! यूँ भी कह सकते है कि दोनों का श्राद्ध एक साथ कर लेते है!हाँ , तो बात हिं... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   6:16pm 5 Sep 2010 #
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ग़ज़लजीने के लिए बस यही वरदान चाहिएदिल में खुलूस होंठों पे मुस्कान चाहिएइस मुल्क को ना हाकिम ओ सुलतान चाहिएगाँधी सुभाष जैसा निगेहबान चाहिएगोरो के कहर मुगलों के जुल्मो सितम के बादअपनों की साजिशों का समाधान चाहिएछोटी ही सही या खुदा गुज़रे हँसी ख़ुशीउम्र ऐ दराज का ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:00pm 4 Aug 2010 #
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नमस्कार इस अवसर पर मेरी भी एक रचना प्रस्तुत है पुनरावृत्ति जब भी खोलती हूँ जिंदगी की किताब के शुरूआती पन्नों को मेरी आँखें नाम हो जाती हैं मन के कैनवास पर कुछ तस्वीरें चलचित्र की भांति सजीव हो उठती हैं वो मेरा मुंह मै अंगूठा दबा कर मां,तुम्हारी गोद में सोनातुम्हारी ऊँ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   12:27pm 9 May 2010 #
clicks 91 View   Vote 0 Like   11:50am 6 Sep 2009 #
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मेमना और भेड़िया**********बहुत मुश्किल है बच पानामेमने काभेड़ियों के देश मेंउनके लम्बे पंजों सेखूनी निगाहों सेउन्हीं के के बीच रह केखुद को बचा के चलनाकाबिल ऐ तारीफ़ हैलेकिनमेमनाकब तकमेमना रह पायेगारात दिन चुभते नश्तरों के बीचज़िन्दगी की जद्दो जेहद कोझेलते झेलतेबहुत मुम... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   11:21am 6 Sep 2009 #
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ग़ज़ल अपनी क्या तकदीर जनाब हवा में जैसे तीर जनाब कुछ ग़ज़लें कुछ गीत फकतहै अपनी जागीर जनाब लफ्जों के वो बानी थे क्या ग़ालिब क्या मीर जनाब जंग मुहब्बत से जीतो छोडो भी शमशीर जनाब प्यार की धारा बह निकले कीजे वो तदबीर जनाब खाब जो कल मैंने देखातुम उसकी ताबीर जनाबशेर नमित... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   5:50pm 16 Jul 2009 #
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भरी भीड़ में ***********भरी भीड़ में कोई मिल जाये जो तुमसा तो बहुत है एक उम्र जीने के लिए वर्ना तो लोग उम्र गुज़र देते हैं तुम जैसे नगीने के लिए *********** ... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   6:32pm 15 Jul 2009 #
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वो हम जैसा दिखता हैपर हम जैसा है नहीहम चलते है जमीन परबात करते है आसमान कीवो चलता है रस्सी परबात करता हैसिर्फ़ पेट कीदिखाता है करतबअजब अनोखे अनूठेऔर एक पहिये की साइकिल रस्सी पर चलाता हुआ अपने आस पास जुटी भीड़ से पूछता है एक ही सवालमुकाबला करोगे मेरे बैलेंस का अपने बैं... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   2:46pm 4 Jul 2009 #
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शहर की इसी ख़ास जगह परलगता है रोज़ मजदूर बाज़ारमेहनती लोगों की दुकानसजती है रोज़बेंचे जाते हैं लोगमजदूरी के लियेदाम लगते हैंमोल भाव होता हैआदमी का ख़ून पसीनाऔर मेहनतसब कुछ नीलाम होता हैसीमेंट के शहरी जंगल कोऔर भी चिकना करने के लियेआदमी को आदमी ख़रीदता हैबेजान इमारत के लि... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   4:02am 10 Jul 2007 #
clicks 99 View   Vote 0 Like   12:00am 1 Jan 1970 #
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