जो मेरा मन कहे

कुछ सोच कर हीऊपर वाले नेबनाया होगाबचपन ....कुछ सोच कर हीऊपर वाले नेदिया होगामासूम सा मन ....कुछ सोच कर हीदी होंगी शरारतेंमुस्कुराहटेंऔर बे परवाह सीजिंदगी ....पर ये न सोचा होगाकि एक दिनउसके ही बनाएकुछ कायर पुतलेउसके ही नाम परबिखरा देंगेखूनी छींटे औरयूं छलनी कर देंगेतार ता...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 17, 2014, 11:10 am
बीते पलों कीकुछ बातें कुछ यादेंबन करदबी रह जाती हैंकहींकिसी कोने मेंवक़्त-बेवक्त  आ जातीं हैंअपनी कब्र से बाहर देने लगती हैं सबूतखुद कीचलती साँसों का.....उधेड़ देती हैंपरत दर परतअनचाहे हीसामने ला देती हैंआदिम रूपजिसेखुद से हीछिपाने सेन नफ़ान नुक्सान ही होता है .....लेकि...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 16, 2014, 7:00 pm
घर बार सेकहीं दूरकिसी रेगिस्तान कीरेतीली ज़मीन परयाबर्फ भरीपर्वतों कीऊंची चोटियों पर ठौर जमाए  पीठ परभारी बोझ  हाथ में हथियारऔर निगाहों मेंपैनापन लिए वहजूझता है  मौसम की मारऔरदुश्मन के वार सेलेकिनहिलता नहींशहादत केअटलदृढ़ संकल्प से  .....उसका समर्पण उसका तनउ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 13, 2014, 12:36 pm
मैं या हमकभी अकेलेकभी साथनिकल चलते हैंबाहर की ओरदेखनेघटना चक्र  सृष्टि चक्र जो घूम रहा हैअपनी पूर्वनिश्चितधुरी पर  तय परिपथ परजिससे पीछे हटनाबाहर निकलनाअब तकसंभव नहींलेकिन संभव हैंअपार परिवर्तनइसी सीमा केभीतररिक्त स्थानों में जहांनिर्वात के होते हुए भीमैं ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 10, 2014, 11:34 am
बीते दिन कीबीत चुकीयादों कीतस्वीर कोसाथ लिएफिर आयीएक नयी सुबह  हवा मेंहल्की ठंडकऔर ताजगी के साथउम्मीद भरीसूरज कीकिरणों सेमन कीकुछकहते हुए...हो जाता है शुरूइस सुबह काइंतज़ार हर दिन केढलने के साथ  हर रात केगहराने के साथमिटने लगते हैंहताशानिराशा केबोझिल पल  आस लि...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 8, 2014, 11:22 am
मैं देखना चाहता हूँ समुद्र को और उन उठती गिरती लहरों को जिनके बारे में पढ़ा है किताबों में अखबारों में जिन्हें देखा है सिर्फ तस्वीरों में कल्पना में और कुछ सपनों में..... मैं छूना चाहता हूँ उस नीले आसमान को जो नीचे उतर आता है साफ पानी के शीशे में खुद को संवारते हुए निहारते ह...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 6, 2014, 12:49 pm
जीवन की इन राहों परभीड़ भरे चौराहों पर  अक्सरभटकते दिखते हैंकुछ लोगकुछ खोजते हुएकिसी कोतलाशते हुए ....कभी उठा लेते हैंज़मीन पर गिराकोई कागज़ का पुर्जापढ़ने कोदिल में बसाकिसी खास का नाम  ....कभी रोक करराह चलते इंसानों कोकरते हैंकोशिशयादों के जाल मेंउलझ चुकेकिसी अपने केअ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :पंक्तियाँ
  December 3, 2014, 5:28 pm
उड़तेवक़्त केबंद दरवाजों पर देकरएक दस्तकअक्सर करता  हूँनाकाम सीएककोशिश किया तोवह थम जाय कुछ पलकरने कोकुछ बातेंयाले चलेमुझे भीअपने ही साथअपनी ही गति सेअपनी हीअंतहीनअनंत यात्रा पर....लेकिनयहहो नहीं सकता  क्योंकिमैंनहीं हो सकतामुक्तवक़्त के ही बुने हुएचक्रव्यूह से...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 2, 2014, 9:08 am
कभी कदमों कोयूं ही थाम करकभी भविष्य कोथोड़ा भाँप करमुड़ कर पीछेराह नाप कर चलना हैयूं ही चलना है....मन की अपनीसब से कह कर  सब की कुछअनकही को सुन कर जीवन चक्र कीधुरी पर चल कर बढ़ना हैयूं ही बढ़ना है ......वक़्त कमइन चौराहों परखुले आसमां कीनिगाहों परखुद के अक्स कोगले लगा करमिलना है...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  December 1, 2014, 4:00 am
फिर शुरू हुआचलती साँसों का एक नया सफरउसी राह सेजिसकी लंबाईहर पड़ाव परऔर बढ़ जाती है मील केइस पत्थर सेअगले पत्थर केआने तक बदलते रहते हैंघड़ी की सूईयों के दौरअर्श से फर्श तकऔर फर्श से अर्श तकअनगिनत ठौरबदलते रहते हैंदीवारों के रंगइंसानी चेहरों के ढंगमंज़िल की तलाश मेंइन ब...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 22, 2014, 4:00 am
आज के दौर में कौन ऐसा होगा जो पुरस्कार पाने को लालायित न होगा। चाहे वह कोई छोटा मोटा पुरस्कार हो या बड़े से बड़ा....पुरस्कार को ठुकराने की हिम्मत आज किसी में नहीं है। लेकिन कल के "हिंदुस्तान"में जब इस लेख को पढ़ा तो पता चला कि एक लेखक ऐसा भी था जिसने 50 साल पहले "नोबल"जैसे पुरस्...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 17, 2014, 6:02 pm
जीवन केस्वाभाविकअस्वाभाविकपरिवर्तनों के साथहम चलते रहते हैंअपनी राहकरते रहते हैंअपने कर्मनिभाते रहते हैंअपना धर्मफिर भीअनजान बने रहते हैंकभी कभीडगमगाने लगते हैंजब उतरने लगती हैंमुखौटों कीएक एक परतेंऔर सामनेआने लगता हैएक अनचाहा काला सचजो दबा हुआ थासफेदी की ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 12, 2014, 4:25 pm
कल शाम को फेसबुक पर मृगतृष्णा जी की यह कविता पढ़ कर इसे अपने ब्लॉग पर साझा करने से खुद को न रोक सका। आप भी पढ़िये-(1)पगडंडियां मौके नहीं देतीं संभलने केपीछे से कुचले जाने का ख़ौफ़ भी नहीं  (2)पगडंडियां दूर तक नहीं जातींबस इनके क़िस्से शेष रह जाते हैं (3)बड़े रास्...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 8, 2014, 8:59 am
कभी कभीबीते दौर की कुछ बातेंयादों के बादल बन कर छा जाती हैंमन के ऊपरबना लेती हैंएक कवचरच देती हैंएक चक्रव्यूहजिसे भेदनानहीं होता आसाननये दौर कीनयी बातों के लिये ।मन !उलझा रहता हैसिमटा औरबेचैन रहता हैभीगने कोअनंत शब्दों कीतीखी बारिश मेंजो अवशेष होते हैंउड़ते जातेउन ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 6, 2014, 9:34 am
कुछ लोगहोते हैंकोरे पन्ने की तरहसफ़ेदजिनका मनज़ुबान और दिलढका होता हैपारदर्शकटिकाऊ  आवरण से....आवरण !जो रहता हैबे असरचुगलखोरी कीदूषित हवाऔर काली स्याही केअनगिनत छींटों सेआवरण !जिसे तोड़नेचूर चूर करने कीकई कोशिशें भीरह जाती हैंबे असर पाया जाता हैउन कुछ हीलोगों के पास...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 4, 2014, 10:01 am
पीठ पर लादे भारी भरकम सा बस्ताजिसके भीतर उसका हर ज्ञान सिमटता  कभी करती हुई बातें संगी साथियों सेवो निकलती है रोज़ मेरे घर के सामने से कभी हाथ थामे अपने किसी बड़े का गुनगुनाती हुई कोई प्यारी सी कविता खुश होता है मन उसकी शरारतों से  वो निकलती है रोज़ मेरे घर के सामन...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  November 1, 2014, 12:30 pm
इन जलते हुएहजारों दीयों मेंढूंढ रहा हूँएक अपना दीयाजिसकी रोशनीसैकड़ों अँधेरों केउस पारपहुँच करदिखा दे एक लौउन उम्मीदों कीजो अब तकसिर्फ कल्पना बन करउतरती रही हैंकागज़ के झीनेपन्नों पर .... किरचे किरचे बन करअब तकजो उड़ती रही हैंहवा मेंऔर चूमती रही हैंधरती के पाँवउन उम्म...
जो मेरा मन कहे...
Tag :पंक्तियाँ
  October 23, 2014, 9:42 am
आटे दाल का भाव न पूछोभरे बाज़ार पहेली बूझोगुम हो गया चिराग का जिन्नअच्छे दिन अच्छे दिन। आलू गोभी अकड़ दिखातामंडी जाना रास न आतामहंगाई के यह ऐसे दिन   अच्छे दिन अच्छे दिन। देवियाँ अब भी लुटतीं पिटतीं अपमान के हर पल को सहतीं कहाँ कृष्ण ....यह कैसे दिन अच्छे दिन अच्...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 16, 2014, 2:56 pm
बहुत अजीब होते हैंपल पलबदलते  मौसम के रंगकभी  पलट देते हैंमोड़ देते हैं  तैरती नावों के रुख   और कभीअपनी ताकत से चूर कर देते हैंधरती का घमंड ....इन रंगों मेंकोई रंग  कभी देता है ठंडकडाह मे जलतेझुलसते मन कोऔर कभीकोई रंगदहका देता हैभीतर की आग कोजो लावा की तरहनिकलती ह...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 15, 2014, 11:24 am
बज रहा हैकभी धीमाकभी तेज़ संगीतवक़्त केइसी कत्लखाने मेंजहाँ बंद आँखों सेज़िंदगीरोज़ देखती हैअगले सफर केसुनहरे सपने और खुश हो लेती हैदेह कीअंतिम विदा मेंउड़ते फूलों कीलाल पीली  पंखुड़ियों को महसूस कर के खुद परबिखरा हुआ ....आजनहीं तो कलजिस्म की कैद सेबाहर निकलउसे भटकना ही ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 10, 2014, 1:59 pm
मन !भटकता है कभीकभी अटकता हैआस पास कीदीवारों परलटकती तस्वीरों केमोहपाश मेंफँसकरकुछ समझता हैकभीकुछ कहता हैबातें करता हैतन को छू करनिकलने वालीठंडी हवाओं सेपेड़ों की हिलतीशाखाओं सेझरती सूखी पत्तियोंनयी कलियों सेतुलना करता हैकभीखुद केबीते कल कीआज कीबनाता है रूपरेख...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 5, 2014, 7:31 pm
आप सभी पाठकों को दशहरा बहुत बहुत मुबारक !इस ब्लॉग पर पिछले वर्ष प्रकाशित पोस्ट को ही इस बार भी पुनर्प्रकाशित कर रहा हूँ।दशहरा मुबारक- दशहरा मुबारक भीड़ को चीरता हर चेहरा मुबारकहर बार की तरह राम रावण भिड़ेंगे तीरों से कट कर दसों सिर गिरेंगे दिशाओं को घमंड की दशा ये...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 3, 2014, 7:53 am
नोटों पर छपीतुम्हारीमुस्कुराती तस्वीरहर रोज़ गुजरती हैन जाने कितने हीकाले हाथों से ........दीवारों पर लगीतुम्हारीमुस्कुराती तस्वीरहर रोज़ गवाह बनती हैन जाने कितने हीअसत्य बोलों की .......तुमबदलना चाहते थेदेश समाजऔर विश्वपर तुम्हाराअसीम संघर्षअंतिम साँस के साथ ही दफन हो ...
जो मेरा मन कहे...
Tag :
  October 2, 2014, 8:12 am
दुनिया की सूरतदेखने से पहले हीमुझे गर्भ में मारने वालों !मेरे सपने सच होने से पहले हीदहेज की आग मेंजलाने वालों !सरे बाज़ारमेरी देह कीनीलामी करने वालों !बुरी नज़रों सेदेखने वालों !गली कूँचोंपार्कों मेंमेरे दरबारसजाने भर सेजागरण की रातों मेंफिल्मी तर्ज़ पर बनेभजनऔर भें...
जो मेरा मन कहे...
Tag :मैं 'देवी' हूँ
  October 1, 2014, 4:00 am
ओ इन्सानों !हर दिनन जानेकितनी ही जगहन जानेकितनी ही बारकरते होकितने ही वारकभी मेरे जिस्म परकभी मेरे मन परसमझते होसिर्फ अपनी कठपुतलीतो फिर आजक्यों याद आयीं तुम्हेंवैदिक सूक्तियाँश्लोक और मंत्रक्या इसलिएकि यह आडंबरअपने चोले के भीतरढके रखता हैतुम्हारे कुकर्मों काक...
जो मेरा मन कहे...
Tag :मैं 'देवी' हूँ
  September 29, 2014, 4:00 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]
Share:
  गूगल के द्वारा अपनी रीडर सेवा बंद करने के कारण हमारीवाणी की सभी कोडिंग दुबारा की गई है। हमारीवाणी "क्...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3256) कुल पोस्ट (123117)