POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: आधारशिला

Blogger: Roshan Vikshipt
शाम ऑफिस से निकला तो घर के लिए ओल्ड बस स्टेंड से बस ली। सीट की आपाधापी में किसी तरह से सीट मिल ही गई।सीट पर एक भाई साहब बैठे थे मुझे चुपचाप देख उसने बातों का सिलसिला शुरू कर दिया।- बर्फ कुछ कम ही पड़ी है- जी- पहले वर्षा होनी चाहिए थी बगीचे के लिए अच्छी रहती है।- जी- राजा साहब इस... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   12:04am 20 Dec 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
इस शहर में घर ढूंढता है कोई,क्या यहां अपना रहता है कोई।उफ ये दौड़ , ये भागमभाग,चुपचाप सा बहता है कोई।बदहवास ज़िंदगी का सबब है क्या,अपना ही पता यहां पूछता है कोई। एक दूसरे की साँसों से बंधे है हम,फिर भी जुदा जुदा सा रहता है कोई। चेहरे तो हैं सभी जाने पहचाने, फिर भी अपना ल... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   4:01pm 6 Nov 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
अभी अभीउतरे हैं कुछ शब्दअंधेरी पथरीली सीढ़ियों से, शब्दकुछ परिचित कुछ जाने पहचाने, एकाएक खो गएकहीं अंधकार में,कैसे ढूंढूगाओझल शब्दजो लगते थेमेरे अपने...... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   4:53pm 21 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
भुला दिए सब गिले शिकवे तूनेदिल में एक दो मलाल रहने दे... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   3:31am 18 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
भीतर घुटा बाहर निकलता क्यों नहीं,जमा हुआ  सीसा पिघलता क्यों नहीं ।... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   3:31am 18 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
घर से बहुत दूर है मदिरालय चलो यूँ कर ले,किसी स्कूल के शिक्षक को धमकाया जाए।... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   3:29am 18 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
अच्छा है कहीं दिल लगा कर रखेंअकेले यूँ ज़िन्दगी बसर नहीं होती।दीजिये लीजिए जो भी, श्रद्धा से करेंबिन भावना के दुआ असर नहीं होती ।... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   3:28am 18 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
अच्छा है कहीं दिल लगा कर रखेंअकेले यूँ ज़िन्दगी बसर नहीं होती।दीजिये लीजिए जो भी, श्रद्धा से करेंबिन भावना के दुआ असर नहीं होती ।... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   3:28am 18 May 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िला में 4 अप्रेल से 6 अप्रेल 2019 तक शतरंज मैराथन का आयोजन किया गया। ज़िला मंडी शतरंज संघ द्वारा आयोजित शतरंज मैराथन अपने में अनूठी स्पर्धा थी। इस स्पर्धा के माध्यम से जहां शतरंज के माध्यम से मतदाताओं को मत... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   8:32am 15 Apr 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
सभी धर्मग्रंथों, वेदों, पुराणों, उपनिषदों आदि में गुरु का महत्व प्रदर्शित किया गया है। किसी भी प्रकार के अज्ञान को दूर कर ज्ञान और आत्मकल्याण का आभास कराने वाले को गुरु कहा जाता है।पद्मपुराण में कहा गया है, साक्षातकृतधर्मा ऋषयो वभूवुः यानी, जिन्होंने तत्वों का साक्ष... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   12:31am 4 Feb 2019 #
Blogger: Roshan Vikshipt
मांअक्सर बातें करती थीदीवारों से अकेले ही,कभीसमझा नहींमां का बतियानादीवारों से,आज समझा हूँ होता क्या हैअकेलापनऔरएकटकदीवारों को देखना,दीवारों सेबतियाना,एक उम्र के बादलगता है अच्छाएकाकीदीवारों को एकटक देखनाऔरउनसेअकेले बतियाना।... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   12:30am 4 Feb 2019 #साहित्‍य
Blogger: Roshan Vikshipt
09 नवंबर 1936 को ज़िला बनारस के गाँव खेवली में पैदा हुए धूमिल हिन्दी में साठोत्तरी पीढ़ी के प्रतिनिधि कवि हैं | वे आज अगर हमारे बीच जीवित होते तो बयासी की उम्र के होते | वे मात्र कोई  38 साल की अल्पायु में ही सन्  1975 की 10 फरवरी को लखनऊ में ब्रेन ट्यूमर के चलते असमय ही चल बसे | धूम... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   7:54am 13 Nov 2018 #विविध
Blogger: Roshan Vikshipt
खो गए हैंकुछ शब्द मेरेजो है मेरे समीपरहते थे आसपास मेरे ही,मां के शब्दभाई के शब्ददोस्तों के शब्दआत्मीय, प्रेमऔर स्नेह के शब्द,कहाँ होंगेक्यों खो गए वे शब्द,कहना चाहता हूँढेरों कहानियां कविताएंकुछ आपबीतीऔर कुछ जगबीतीपरंतु वो शब्द खो गए हैं,ढूंढता रहता हूं उन्हेंकही... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:34pm 3 Nov 2018 #साहित्‍य
Blogger: Roshan Vikshipt
शहर से तेरे गुजरुं  तो पहचान लेनासदा अजनबी रहा, आज मान लेना।यूं कभी रुसबाई नहीं होती किसी की ,कसूर तो तुम्हारा भी होगा जान लेना । जारी... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   3:37pm 25 Oct 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
मैं फिर से बच्चा होना चाहता हूँ,मैं फिर से सच्चा होना चाहता हूँ।वाह, मौका परस्त लोग, लोगों की फितरत,मैं फिर से झंझटों से दूर होना चाहता हूँ।पसन्द नहीं तुम्हे मेरी आज़ाद ख्याली,मैं फिर से संजीदा होना चाहता हूँ।शिकायत जायज कि बिगड़ा गया हूं,मैं फिर से अच्छा होना चाहता हूं।... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   3:04am 20 Oct 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
आऊंगा जरूर मैंतुम व्यथित मत होना,सभागार कीअंतिम पंक्ति में खामोशी से तुम्हे सुनतामैं ही होऊंगा,उस सभागार सेप्रस्थान सर्वप्रथममैं ही करूँगा,तुम व्यथित मत होनाआऊंगा जरूर मैं... ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   12:04am 29 Sep 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
कहाँ तो तुमदेख रही हो नवेदना, असहाय प्रयासधीरे धीरे समाप्त होता जीवन,खत्म होती जिजीविषा, एकाकी होते रिश्ते, धूमिल होते नाते,तुम देख रही हो न माँ....... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   3:26pm 13 Sep 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
- आजकल मक्की लगी होगी खेत में - जी सर - दो एक ले आना- सर कल खेत में सांप दिखा था शाम को डर लगता है - अपनी मम्मी के साथ जाइयो - नहीं सर जी दादी को भेजूंगा ......... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   2:47pm 12 Sep 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
सतलुज निष्प्राण हो गई ममता पाषाण हो गई।सीना हो रहा निरंतर छलनीवीरानगी अब प्राण हो गई।संस्कृति हो रही रोज विलुप्तवीभत्सता अब विज्ञान हो गई। जीवन की आशा है कम कम अंधेरा, सिसकियाँ जान हो गई। पहाड़ सिसकता है अन्तस है सूखापानी की एक बूंद अरमान हो गई। दौड़ते घूमते देखते है ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   2:41pm 12 Sep 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
काम ठीक न चलता देख आपातकालीन बैठक का निर्णय हुआ। आनन फानन में बैठक आयोजित की गई।  कमियों पर लंबे लम्बे भाषण दिए गए और  दोषियों की सूची तैयार की गई। निर्देशों की सूची पारित कर बैठक ख़ास पार्टी में तब्दील हो गई और मेज पर अब प्लेटों में सजे मुर्गों की बारी थी।... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   2:33pm 8 Jun 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
समुद्रबिलखता हैतड़पता हैछटपटाता है लेकिनलौट आता है वापिसटकरा करकिनारों से उदास और गुमसुम।... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   4:20pm 2 Jun 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
वेबजह घर से यूँ जाया नहीं करतेमां को अपनी रुलाया नहीं करते।उदास है, चिंतित है सब यहां रिश्तों को यूं पराया नहीं करते ।बहने देखे रंगों और राखी को एकटकबिन अपनो के उत्सव भाया नहीं करते। भर जाती है रौनके तुम्हारी  मुस्कराहटों से लुकाछिपी से अपनों को सताया नहीं करते ।बदर... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:52pm 28 Feb 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
वेबजह घर से यूँ जाया नहीं करतेमां को अपनी रुलाया नहीं करते।उदास है, चिंतित है सब यहां रिश्तों को यूं पराया नहीं करते ।बहने देखे रंगों और राखी को एकटकबिन अपनो के उत्सव भाया नहीं करते। भर जाती है रौनके तुम्हारी  मुस्कराहटों से लुकाछिपी से अपनों को सताया नहीं करते ।... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   4:36pm 28 Feb 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
जात अब जात नहीं रही गाली हो गई गरीब की जोरू सबकी साली हो गई है।जिसे भी देखिए उगल देता है बहुत कुछ रिश्‍ते नाते जिन्‍दगी सवाली हो गई है।आप क्‍या सोचते हो भला कर रहे होसेवाभाव मदद की बातें मवाली हो गई है।रूतबा पद सम्‍मान सब बेकार की हैं बातें पल पल अब सांसो की रखवाली हो गई ... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   3:56pm 22 Feb 2018 #
Blogger: Roshan Vikshipt
महिला दुकान से सामान ले कर धीरे धीरे घर की तरफ चल ही रही थी कि सामने से बिल्ली आ गई। दोनो ही रुक गए। बिल्ली ने रुकी हुई महिला को देखा और अपने रास्ते निकल गई। महिला अब भी रुकी हुई थी प्रतीक्षा कर रही थी कोई उससे पहले निकले तो तब वह भी जाये। और बिल्ली  को मैं काफी दूर मस्त चाल... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   2:59am 24 Jan 2018 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4020) कुल पोस्ट (193859)