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Blog: Apne Vichar

Blogger: Udit bhargava
अनियमित क्रिया के कारण जिस तरह मानव-देह में रोग उत्पन्न होते हैं, उसी तरह औषध के बिना ही भीतरी क्रियाओं के द्वारा नीरोग होने के उपाय भगवान् के बनाए हुए हैं। हम लोग उस भागवत्प्रदत्त सहज कौशल को नहीं जानते इसी कारण दीर्घ काल तक रोगजनित दुःख भोगते हैं। यहाँ रोगों के निदा... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   11:09am 20 Jul 2012 #नव भारत चेतना
Blogger: Udit bhargava
 पन्नों पर फ़ैली पीड़ारात थी की बीतने का नाम ही नहीं ले रही थी। सफलता और असफलता की आशानिराशा के बीच सब के मन में एक तूफ़ान रहा चल था। आँपरेशन थिएटर का टिमटिम करता बल्ब कभी आशंकाओं को बढ़ा देता तो कभी दिलासा देता प्रतीत होता। नर्सों के पैरों की आहट दिल की धड़कनें तेज लगती। नव... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   2:28am 14 May 2012 #कहानियां
Blogger: Udit bhargava
चंदन एक फायदे अनेककीलमुंहासों के ठीक होने के बाद चेहरे पर किसी प्रकार के दागधब्बों को भी चंदन के लेप से साफ़ किया जा सकता है।   चंदन का लेप केवल कीलमुंहासों को, ठीक नहीं करता बल्कि त्वचा को साफ़ कर नमी भी प्रदान करता है। 1 चम्मच चंदन पाउडर में आधा चम्मच पाउडर ... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   2:01pm 4 May 2012 #
Blogger: Udit bhargava
रूठे चेहरे अब हँसते नजर आते हैं, बंजर वीरानियाँ भी खिलते गुलज़ार नजर आते हैं।कोई कसर न छोडी जिन्होंने दुश्मनी निभाने में,शुक्र है, अब उन्हीं से दोस्ती के आसार नजर आते हैं।ताउम्र हम जिन की याद में तड़पते रहे, शाम ए सहर क्या बात है, वे भी आज बेकरार नजर आते हैं।गमे ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   1:07pm 4 May 2012 #कविता / शायरी
Blogger: Udit bhargava
वर्तमान समय में सुविधा जुटाना आसान है। परंतु शांति इतनी सहजता से नहीं प्राप्त होती। हमारे घर में सभी सुख-सुविधा का सामान है, परंतु शांति पाने के लिए हम तरस जाते हैं। वास्तु शास्त्र द्वारा घर में कुछ मामूली बदलाव कर आप घर एवं बाहर शांति का अनुभव कर सकते हैं। - घर में कोई ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   3:54am 3 May 2012 #
Blogger: Udit bhargava
मैं धड़कते दिल से डाकिये का इंतज़ार कर रही थी। मैं ही क्यों? माँ और पिताजी भले ही ऊपर से शांत दिखाई पद रहे थे, लेकिन मैं जानती हूँ कि वे अन्दर से कितने बेचैन थे।  बात यह थी कि पिछले हफ्ते सुशांत मुझे देखने आए थे और आज उन का जवाब आने की उम्मीद थी। वैसे अपनी शादी के बारे में मैं क... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   4:00am 29 Apr 2012 #कहानियां
Blogger: Udit bhargava
कच्ची बूंदों कीफुहारों में सिहर कर जब किसी फूल का अंतरझील सा काँप करगुनगुनाने लगता है,अथवा किसी पक्षी कीरोमिल बरौनियों की छाँव मेंकोई एकांत प्रतीक्षा तीव्रतर होसुगबुगाने लगती है,तब लगता है कि आकाश नेजरूर किसी मेघखंड कीकाव्य ऋचा लिखी है।वक्त का थोड़ा सा बदलावकितन... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   3:54am 29 Apr 2012 #कविता / शायरी
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ऋतु ने एक बार सारे घर में घूम कर देखा। कहीं कोई गंवारपन नहीं दिखाई दिया। दीवार पर टंगी घड़ी तथा कलाकृतियाँ, खिड़की पर रखा नन्हा कैक्टस का गमला, बाहर रखे बोनसाई पौधे। सभी कुछ तो आधुनिक था। अब कोई घर देख कर यह नहीं कह सकता था की घर में कोई पिछडापन है।  उस ने घड़ी देखी, "ओह, मार... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   2:40pm 20 Mar 2012 #कहानियां
Blogger: Udit bhargava
जब मैं ने डा.अनिता श्रीवास्तव का "पति को खुश करने के अचूक नुस्खे" लेख पढ़ा तो मन खुशी से झूम उठा। मेरे दिल के मुरझाए फूल खिल उठे। मेरे पतझड़ जैसे जीवन में लगने लगा की वसंत ऋतु का आगमन शुरू होने लगा है। विश्वास कीजिये, तब से रक्त संचार की गति सामान्य गति से तीव्र हो गई।    मैं ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   3:02am 20 Mar 2012 #
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हार्पिक, जो एक टांयलेट क्लीनर है, को प्राइमरी पैकेजिंग के हिसाब से श्रेष्ट माना जाता है। इसके बनावट कुछ इस तरह की है की व्यक्ति इसकी बाँटल सीधी पकड़कर क्लीनीनिंग लिक्विड को ऊपर की और उड़ेल सकता है, लेकिन दुनिया में हार्पिक जैसी कुछ ही डिजाइन हैं। कारपोरेट जगत में अमूमन य... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   3:08am 18 Mar 2012 #मैनेजमेंट मंत्र
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आखिर हमें किराए पर क्या-क्या मिल सकता है? पुराने दिनों में हमें माकन, साइकिल या अन्य वाहन किरय पर मिल सकते थे। इसके बाद कपडे, शादी के परिधान, हवाई जहाज (क्रू सेवाओं समेत या बगैर क्रू) और यहाँ तक की भूर्ण को गर्भ में रखने के लिए कोख भी करिये पर उपलब्ध होने लगी। अब एक देश द्वा... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   2:45am 17 Mar 2012 #मैनेजमेंट मंत्र
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आपको फिल्म 'सारांश' में अनुपम खेर का मर्मस्पर्शी अभिनय याद ही होगा, जिसमें उन्होंने युवा बेटे के असामयिक निधन से टूट चुके पिता की भूमिका निभाई थी। फिल्म में अनुपम का किरदार मुख्यमंत्री के सामने दुखी होते हुए कहता है की वह कोइ वीडियो या रेफ्रिजरेटर नहीं मांग रहा है, बल्... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   12:21pm 15 Mar 2012 #मैनेजमेंट मंत्र
Blogger: Udit bhargava
हमारा सामाजिक जीवन जो आरम्भ होता है, जन्म लेते हैं हम, समाज में रहते हैं। कुछ सिखाया जाता है समाज में कैसे रहना, पारदर्शिता बहुत जरूरी है। आपका व्यक्तित्व ऐसा हो, जैसे लाइब्रेरी की टेबल पर पडा हुआ अखबार। कोइ भी पढ़ ले कोई शक की गुंजाइश न रहे। महाभार में जितने भी पात्र आए, उ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   1:24pm 13 Mar 2012 #वैचारिक मंथन
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कौन नशीले नैनों कोमधुशाला कहता होगा,कौन छलकते होठों कोहालाप्याला कहता होगा?कौन गुलाबी गालों कोगुंचा गुलाब कहता होगा,कौन तुम्हारे मुखड़े कोजन्नत का ख्वाब कहता होगा?किस को स्याह घटाओं में एक आफताब दीखता होगा,ए माहताब! हो कर बेताबफिर लाजवाब कहता होगा।                             ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   2:03pm 12 Mar 2012 #कविता / शायरी
Blogger: Udit bhargava
निष्काम कर्मयोग क्या है? कौन से काम करने लायक हैं और कौन से करने लायक नहीं हैं? जिन लोगों ने उचित काम किए, उनको क्या परिणाम मिला और जो अनुचित मार्ग से गए उनको क्या परिणाम मिला।  तीसरी बात इसमें जीवन का व्यव्हार है जो बहुत आवश्यक है। आज जिन प्रसंगों में हम प्रवेश कर रहे हैं... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   1:11am 12 Mar 2012 #वैचारिक मंथन
Blogger: Udit bhargava
मित्र के बीच का अपनापन कहाँ चला गया, काका-भतीजे के एक साथ नहीं बैठे, मित्र-मित्र एक-दूसरे पर संदेह करते हैं और सबसे बड़ी बात तो यह है की पति-पत्नी के बीच का प्रेम अनुराग समाप्त हो गया। ये परिवार ठीक नहीं हैं। ये सब करने के लिए प्रयास करना पद रहा है। जो स्वयं होना चाहिए आदमी क... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   12:58am 11 Mar 2012 #वैचारिक मंथन
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चिड़िया की जाँ लेने में इक दाना लगता हैपालन कर के देखो एक जमाना लगता है ॥1॥अंधों की सरकार बनी तो उनका राजा भीआँखों वाला होकर सबको काना लगता है ॥2॥जय-जय के नारों ने अब तक कर्म किये ऐसेहर जयकारा अब ईश्वर पर ताना लगता है ॥3॥ कुछ भी पूछो, इक सा बतलाते सब नाम-पतातेरा कूचा मुझको प... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:45am 10 Mar 2012 #नव भारत चेतना
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आज भी मुझे वह दिन अच्छी तरह से याद है जब हम पहली बार सेक्टर 31 के बस स्टाप पर मिले थे। "क्या आप बताएंगी की कौन सी बस सैक्टर 17 जाएगी?" "10 नंबर."चूंकि मुझे भी उसी बस में जाना था, इसलिए मैं भी उसी बस में चढ़ कर आगे निकल गई। न चाहते हुए भी मैं ने पीछे मुड कर देखा तो वह पीछे आ रहा था। सैक्... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   4:37am 8 Mar 2012 #कहानियां
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आएगें आज पिया।यौवन को सजने देपैजनियाँ बजने देमेरे मन आँखों मेंअंजन को लगने देनाचेगा रात हिया।घायल है सारा तनघायल है सारा मनख्यालों के जंगल मेंखोयाखोया जीवनसुधियों ने छेड दिया।आग लगे बस्ती मेंआग लगे हस्ती मेंकरना क्या चिंता हैडूबे हैं मस्ती मेंमौसम ने लूट लिया।    ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   3:35pm 6 Mar 2012 #कविता / शायरी
Blogger: Udit bhargava
सतरंगी मौसम मेंकिसी की प्रीति लिए,नयनों में नीर भरेदिल की आवाज लिए,चेहरे पर भाव भरेहोंठों पर मुसकान लिए,        प्रीति सागर हिलोरें ले रहा है        आज मन कुछ गा रहा है।भंवरी का मन विकल क्यों हैभंवरे से मिलने के लिए,गगन क्यों झुक रहा हैधरा के चुंबन के लिए?तार मन के बजते हैं... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   3:25pm 6 Mar 2012 #कविता / शायरी
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उज्जैन।देश के बारह ज्योतिर्लिगोंमें प्रमुख प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर स्थित नागचंद्रेश्वरमंदिर में देवाधिदेव भगवान शिव की एक ऐसी विलक्षण प्रतिमा है, जिसमें वह अपने पूरे परिवार के साथ सर्प सिंहासन पर आसीन है।हिंदू मान्यताओं के अनुसार सर्प भगवान शिव क... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   3:50pm 21 Feb 2012 #धार्मिक स्थल
Blogger: Udit bhargava
काशी बाबा विश्वनाथ की नगरी है। काशी के अधिपति भगवान विश्वनाथ कहते हैं-इदं मम प्रियंक्षेत्रं पञ्चक्रोशीपरीमितम्। पांच कोस तक विस्तृत यह क्षेत्र (काशी) मुझे अत्यंत प्रिय है। पतितपावनीकाशी में स्थित विश्वेश्वर (विश्वनाथ) ज्योतिर्लिगसनातनकाल से हिंदुओं के लिए परम आर... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   3:39pm 21 Feb 2012 #धार्मिक स्थल
Blogger: Udit bhargava
गाजियाबाद [आशुतोष यादव ]। डासना स्थित प्राचीन देवी मंदिर में आज तक जो भी श्रद्धा के साथ माई के दरबार में गया वह खाली हाथ वापस नहीं आया। क्षेत्रीय लोगों व मंदिर के महंत का दावा है कि मंदिर के पास स्थित तालाब में नहाने से चर्मरोग दूर हो जाता है।शारदीय नवरात्रके अवसर पर मं... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   3:10pm 21 Feb 2012 #धार्मिक स्थल
Blogger: Udit bhargava
हमारे यहां चार तीर्थस्थलचार धाम के रूप में प्रतिष्ठित हैं। ये हैं- बद्रीनाथ, द्वारिका, रामेश्वरम्और जगन्नाथपुरी।जगन्नाथपुरीमें भगवान जगन्नाथ की पूजा होती है। भगवान जगन्नाथ को दारुब्रह्मव काष्ठब्रह्मभी कहा जाता है। भगवान का यह विग्रह दारु अथवा काष्ठ से बनाया जात... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   2:57pm 21 Feb 2012 #धार्मिक स्थल
Blogger: Udit bhargava
श्रीभैरवनाथसाक्षात् रुद्र हैं। शास्त्रों के सूक्ष्म अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि वेदों में जिस परमपुरुष का नाम रुद्र है, तंत्रशास्त्रमें उसी का भैरव के नाम से वर्णन हुआ है। तन्त्रालोक की विवेकटीका में भैरव शब्द की यह व्युत्पत्ति दी गई है- बिभíत धारयतिपुष्णातिरचय... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   2:50pm 21 Feb 2012 #धार्मिक स्थल
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