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Blog: उड़न तश्तरी ....

Blogger: समीर लाल
 समाचार पढ़ा:"मेसाचुसेट्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्रयोग कर दिखा दिया है कि अब बिजली के तार की जरूरत नहीं पडेगी। उन्होंने बिना तार के बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान पहूँचा कर दिखा दिया. वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह रिजोनेंस नामक सिद्धांत के कारण हुआ है।"यह ... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   12:48am 24 Jan 2021 #
Blogger: समीर लाल
जैसे एक आदमी होते हैं कई आदमी उसी तरह एक युग में होते हैं कई युग. कलयुग के इस सेल्फी युग में जब व्यक्ति फोन खरीदने निकलता है तब उसमें फोन की नहीं, उस फोन में लगे कैमरे की खूबियाँ देखता है.. फोन की साऊन्ड क्वालिटी में भले ही थोड़ी खड़खड़ाहट हो, चाहे जगह जगह सिगनल लूज हो जायें.. मगर कैमरे की रिजल्ट चौचक होना चाहिये. यह... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   12:41am 17 Jan 2021 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
जिन्दगी का सफ़र भी कितना अजीब है. रोज कुछ नया देखने या सुनने को मिल जाता है और रोज कुछ नया सीखने. पता चला कि दफ्तर की महिला सहकर्मी का पति गुजर गया. बहुत अफसोस हुआ. गये उसकी डेस्क तक. खाली उदास डेस्क देखकर मन खराब सा हो गया. आसपास की डेस्कों पर उसकी अन्य करीबी सहकर्मिणियाँ अब भी पूरे जोश खरोश के साथ सजी बजी बैठी थ... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   12:45am 10 Jan 2021 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
जिन्दगी का सफ़र भी कितना अजीब है. रोज कुछ नया देखने या सुनने को मिल जाता है और रोज कुछ नया सीखने. पता चला कि दफ्तर की महिला सहकर्मी का पति गुजर गया. बहुत अफसोस हुआ. गये उसकी डेस्क तक. खाली उदास डेस्क देखकर मन खराब सा हो गया. आसपास की डेस्कों पर उसकी अन्य करीबी सहकर्मिणियाँ अब भी पूरे जोश खरोश के साथ सजी बजी बैठी थ... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   12:45am 10 Jan 2021 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
 नया जमाना आ गया था. एक या दो बच्चे बस. बेटा या बेटी-क्या फरक पड़ता है? दोनों ही एक समान.शिब्बू नये जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चलाने में विश्वास करने वाला था. खुली सोच का मालिक. ऐसा वो भी सोचता था और उसके जानने वाले भी.एक प्राईवेट फर्म में सुपरवाईजर था.एक बेटी की और बस! तय ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   1:30am 3 Jan 2021 #
Blogger: समीर लाल
चार दिन बाद गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से लौटा. बचपन में भी हर साल ही गोरखपुर जाना होता था. ननिहाल और ददिहाल दोनों ही वहाँ हैं. तब तीन दिन की रेल यात्रा करते हुए राजस्थान से थर्ड क्लास में जाया करते थे. कोयले वाले इंजन की रेल. साथ होते लोहे के बक्से, होल्डाल, पूरी, आलू और करेले की तरकारी. सुराही में एकदम ठंडा पानी. रास्... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   12:27am 20 Dec 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
 किसी ने कहा है कि अगर ससम्मान जीवन जीना है तो वक्त के साथ कदमताल कर के चलो अर्थात जो प्रचलन में है, उसे अपनाओ वरना पिछड़ जाओगे. अब पार्ट टाईम कवि हैं, तो उसी क्षेत्र में छिद्रान्वेषण प्रारंभ किया. ज्ञात हुआ कि वर्तमान प्रचलन के अनुसार, बड़ा साहित्यकार बनना है तो दूर दराज ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:59am 14 Dec 2020 #Jugalbandi
Blogger: समीर लाल
 तिवारी जी का कहना है कि आजकल वो फैशनेबल हो गए हैं। अचरज बस इस बात का है कि तिवारी जो पहले भी इसी लिबास में रहते थे और आज भी, चलते भी उसी साइकिल पर हैं पिछले कई दशकों से, फिर फैशनबेल होने से क्या फरक पड़ा?जिज्ञासुओं का पाचन तंत्र हमेशा से कमजोर माना गया है। कोई भी जिज्ञासा प... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   11:24pm 5 Dec 2020 #hindi_blogging
Blogger: समीर लाल
पहनते तो अब भी वो धोती कुरता ही हैं और मुँह में पान भी वैसे ही भरे रहते हैं मगर कहते हैं कि अब हम एडवान्स हो गए हैं। साथ ही वह यह हिदायत भी दे देते कि हम जैसे टुटपुंजिया और बैकवर्ड लोग उनसे कोई फालतू बहस न करें। ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   12:23am 30 Nov 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
दिवाली आ रही है। सभी साफ सफाई और रंग रोगन में लगे हैं। तिवारी जी भी दो दिन से चौराहे पर नजर नहीं आ रहे। पता चला कि साफ सफाई में व्यस्त हैं। कुछ लोगों का व्यक्तित्व ऐसा होता है जिनके लिए कहावत बनी है कि ‘कनुआ देखे मूड पिराए, कनुआ बिना रहा न जाए’ यानि कि वो दिख जाए तो सर दुखने लगे और न दिखे तो मन भी न लगे। अतः तय पाय... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   12:15am 8 Nov 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
हाल ही में तिवारी जी को प्रदेश नशा मुक्ति अभियान का संयोजक नियुक्त किया गया। बड़ा पद है। राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है। जैसा की होता है ऐसे पदों पर आकर लोग किताबें लिखने लग जाते हैं। कोई जन आंदोलन पर लिखता है तो कोई स्वराज पर। अतः तिवारी जी भी ‘नशा एवं समाज पर उसके दुष्प्रभाव’ नाम से किताब लिखने लगे हैं. . . ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   12:43am 1 Nov 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
पान की दुकान पर मुफ्त अखबार के अध्ययन से ज्ञान प्राप्त करने को अगर विश्व विद्यालय किसी संकाय की मान्यता देता तो तिवारी जी को निश्चित ही डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा जाता। डॉक्टरेट बिना मिले भी वह पान की दुकान पर प्रोफेसर की भूमिका का निर्वहन तो कर ही रहे थे। जो कुछ भी अखबार से ज्ञान प्राप्त करते, पान की दुकान ... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   12:00am 18 Oct 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
सबके अपने अपने शौक होते हैं। उसे सम्मान समारोह देखने का शौक था। मौका लगा तो व्यक्तिगत तौर पर हाजिर हो कर अन्यथा टीवी पर। यहाँ तक कि अखबार में भी सम्मान समारोहों की रिपोर्ट देख कर वो गदगद हो जाता। फिर वो चाहे उसके मोहल्ले का कोई आशु कवि सम्मानित किया जा रहा हो या किसी को भारत रत्न से नवाजा जा रहा हो।... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   11:48pm 10 Oct 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
 आज तिवारी जी सुबह सुबह चौक से दाढ़ी मूंछ सेट करवा कर और बाल रंगवा कर जल्दबाजी में  घर लौटते दिखे। साथ ही धोबी से प्रेस करवा कर अपना कुर्ता भी लिए हुए थे। मैंने उन्हें प्रणाम करके जब चाय पीने की पेशकश की तो वो कहने लगे कि ये चाय वाय के ठेले पर बैठ कर गप्प सटाका करना तुम नि... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   11:13pm 3 Oct 2020 #hindi_blogging
Blogger: समीर लाल
 वे उन दिनों कम ही निकल रहे थे घर से। जब कभी दिखते भी तो हाथ में एक डायरी और कलम जरूर लिए रहते। मैंने दो तीन बार उनसे जानना चाहा कि आजकल कहाँ रहते हैं और यह डायरी और कलम साथ में लेकर चलने का क्या राज है? हर बार वह अजीब सामुँह बनाकर कहते कि ‘बस ऐसे ही, तुम नहीं समझोगे।‘ मैं इस ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   11:33pm 26 Sep 2020 #vyangya
Blogger: समीर लाल
 कहते हैं आज के इस कोविड काल में सकारात्मकता ही सफलता की कुंजी है। सकारात्मक सोच एवं सुरक्षात्मक उपाय अपनाते रहें तो शायद इस काल का पार कर जाएं। शुरुवात में तो दिन दिन भर बैठ कर यही देखते थे टीवी पर की कितने और मरे? हर बढ़ते आंकड़े के साथ दिल की धड़कनबढ़ती जाती। जितनी बार वो... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   1:19am 20 Sep 2020 #hindi_blogging
Blogger: समीर लाल
 तिवारी जी को कबूतर उड़ाने के शौक था। एक शाम कबूतर उड़ाते हुए उनके मन ने भी उड़ान भर ली और तिवारी जी राजनीति में उतर आए। इंसान में सीखने की ललक हो तो कहीं से भी ज्ञान ग्रहण कर लेता है। तिवारी जी ने भी कबूतरों से पैतरेबाजी के गुर सीख लिये थे। उन्हीं को अंजाम देते हुए वे शीघ्र ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   12:00am 13 Sep 2020 #vyangya
Blogger: समीर लाल
यहाँ कनाडा में हम साल में दो बार समय के साथ छेड़छाड़ करते हैं जिसे डे लाईट सेविंग के नाम से जाना जाता है. एक तो मार्च के दूसरे रविवार को समय घड़ी में एक घंटा आगे बढ़ा देते हैं और नवम्बर के पहले रविवार को उसे एक घंटे पीछे कर देते हैं. ऐसा सूरज की रोशनी के अधिकतम उपयोग हेतु किया जाता है.... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   10:49pm 6 Sep 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
मुन्नू याने पिछले ढाई दशक से भी ज्यादा समय से मेरे जी का जंजाल.मेरे मित्र शर्मा जी का बेटा है. पारिवारिक मित्र हैं तो सामन्यतः न पसंदगी को भी पसंदगी बता कर झेलना पड़ता है. शायद शर्मा जी का भी यही हाल हो मगर उससे हमें क्या?मुन्नू क्या पैदा हुए, शर्मा शर्माइन सारी शरम छोड़ कर उ... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   11:38pm 29 Aug 2020 #Jugalbandi
Blogger: समीर लाल
तिवारी जी को किसी ने बताया था कि अगर जीवन में सफल होना है, तो अपना एक मेंटर (उपदेशक) बनाओ। साफ शब्दों मे कहा जाए तो उस्ताद बनाओ। उन्हीं उस्ताद से उन्होंने सीखा था कि जनसेवक को जनता के लिए किए जा रहे कार्यों और योजनाओं के लिए जनता से सुझाव लेना चाहिये। उन सुझावों को अच्छी न... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   12:30am 23 Aug 2020 #hindi_blogging
Blogger: समीर लाल
नाम है सेवकराम। वह शुरू से पैदावार के पक्षधर रहे। पैदावार में उनकी अटूट आस्था का चरम यह रहा कि जब गाँव मे भीषण सूखा और अकाल पड़ा, तब भी उनके घर में मुन्ना पैदा हुआ। बाकी बरसों में जब जब खेतों में फसल लहलहाती, उनके आँगन में भी नई नई किलकारियाँ गूँजा करतीं।उनका दूसरा स्वभाव ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   12:09am 9 Aug 2020 #hindi_blogging
Blogger: समीर लाल
तिवारी जी शौकीन मिजाज के आदमी हैं। उन्हें गुस्सा होने का शौक है। वो कभी भी कहीं भी अपना यह शौक पूरा कर लेते हैं। उनके गुरु जी ने उन्हें बचपन में सिखाया था की हर इंसान को कोई न कोई एक शौक जरूर रखना चाहिये। जो शौक नहीं पालते, उनकी जिन्दगी शोक में गुजरती है। अतः गुरु की सीख को शिरोधार्य करते हुए कालांतर में उन्ह... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   1:00am 3 Aug 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुन... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   11:47pm 25 Jul 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुन... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   11:47pm 25 Jul 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल
आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुन... Read more
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