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यह भी खूब रही

इस बार हमने सोचाहम भी वैलैंटाईन डे मनायेंगेअपनी मैडम को पिक्चर दिखायेंगेहमारा भी तो दोस्तों में रुतबा बढेगाघरेलू लडका है फिर कोई नहीं कहेगाबस कर लिये दो टिकट ऐडवांस में बुकश्रीमति जी के चेहरे का देखने लायक था लुकमुस्कुराते हुए बोलीं कार्नर की ली हैं नाहमने कहा हाँ ...
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Tag :Uncategorized
  February 2, 2013, 6:23 pm
पूर्वी दिल्ली में एक डी.डी.ए. की कालोनी है मयूर विहार, फेज-1. यूं तो मयूर विहार, फेज-2 और  3 भी हैं. लेकिन फेज-1 इनमें सबसे पुरानी कालोनी है. इस मयूर विहार में एक छोटा सा नर्सिंग होम है कुकरेजा नर्सिंग होम. यहाँ 24 घंटे बीमार लोगों की आवाजाही लगी रहती है.यह नर्सिंग होम थाना पांडव न...
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Tag :Uncategorized
  December 21, 2012, 8:24 pm
एक संत थे। उनके कई शिष्य उनके आश्रम में रहकर अध्ययन करते थे। एक दिन एक महिला उनके पास रोती हुए आई और बोली, ‘बाबा, मैं लाख प्रयासों के बाद भी अपना मकान नहीं बना पा रही हूं। मेरे रहने का कोई निश्चित ठिकाना नहीं है। मैं बहुत अशांत और दु:खी हूं। कृपया मेरे मन को शांत करें।’उसक...
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Tag :Uncategorized
  December 11, 2012, 6:48 pm
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Tag :Uncategorized
  November 19, 2012, 9:15 pm
एक बार एक कारखाने के मालिक की मशीन ने काम करना बंद कर दिया. कई दिनों की मेहनत के बाद भी मशीन ठीक नहीं हो पायी. मालिक को रोज लाखों का नुकसान हो रहा था.तभी वहाँ एक कारीगर पहुँचा और उसने दावा किया की वो मशीन को ठीक कर सकता है. मालिक  फौरन ही उसे कार्यशाला में ले गया. मशीन ठीक करन...
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Tag :Uncategorized
  April 3, 2012, 9:50 am
यह घटना उन दिनों की हैजब फ्रांस में विद्रोही काफी उत्पात मचा रहे थे। सरकार अपने तरीकों से विद्रोहियों से निपटने में जुटी हुई थी। काफी हद तक सेना ने विद्रोह को कुचल दिया था , फिर भी कुछ शहरों में स्थिति खराब थी। इन्हीं में से एक शहर था लिथोस। लिथोस में विद्रोह पूर्णतया द...
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Tag :Uncategorized
  February 22, 2012, 8:20 am
The WordPress.com stats helper monkeys prepared a 2011 annual report for this blog.Here’s an excerpt:The Louvre Museum has 8.5 million visitors per year. This blog was viewed about 190,000 times in 2011. If it were an exhibit at the Louvre Museum, it would take about 8 days for that many people to see it.Click here to see the complete report....
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Tag :Uncategorized
  January 1, 2012, 8:23 am
प्राचीन समय मेंवाराणसी के राज पुरोहित हुआ करते थे- देव मित्र। राजा को राज पुरोहित की विद्वता और योग्यता पर बहुत भरोसा था। राजा इसलिए उनकी हर बात मानते थे। प्रजा के बीच भी राज पुरोहित का काफी आदर था। एक दिन राज पुरोहित के मन में सवाल उठा कि राजा और दूसरे लोग जो मेरा सम्मा...
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Tag :हितोपदेश
  December 30, 2011, 2:01 pm
शिमला रेल मोटर कारशिमलाशिमला रिजशिमला चर्चशिमला गार्डशिमला बाजारशिमला बाजारशिमला फौगशिमला का मस्त मौसमशिमला का मस्त मौसमशिमला हैलीपैड पर जबर्दस्त ठंडशिमला सैंट एडवर्ड स्कूलशिमला पार्किंगक्लार्कस होटल शिमलाशिमला साईनबोर्डशिमला बाजारशिमला रिजहोटल शिंगार श...
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Tag :घुमक्कडी
  December 8, 2011, 9:28 am
2 अक्तुबर (2009), शुक्रवार को छुट्टी थी. तीन दिनों का ल‌बा सप्ताहांत. हम तीन दोस्त मै, रमेश और महेन्द्रने झटपट घूमने का प्रोग्राम बनाया. कहां जाया जाये – यह सोचना हमेशा की तरह मेरे हिस्से मे‌ ही आया. हरिद्वार, ऋषिकेष, मंसूरी, शिमला घूम-घूम कर हम बोर हो चुके थे. भरतपुर जाने का हम...
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Tag :घुमक्कडी
  December 3, 2011, 1:45 pm
शनिवार 19 नवम्बर को मैं अपने मित्र रमेश के साथ बहुप्रतिक्षित भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की सैर करने गया.दिल्ली मैट्रो यहाँ आने का सबसे सुगम साधन माना जाता है. लेकिन स्टेशन से बाहर निकलते ही हजारों की संख्या में लाईन में लगे लोगों को देखकर सारा उत्साह गायब हो गय...
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Tag :Uncategorized
  November 30, 2011, 3:36 pm
अहं नामक व्यक्ति कोबहुत गुस्सा आता था। वह जरा – जरा सी बात पर क्रोधित हो जाता था। वह उच्च शिक्षित और उच्च पद पर आसीन था। उसके क्रोध को देखकर एक सज्जन ने उसे सुदर्शन नामक ऋषि के आश्रम में जाने को कहा। अहं ने उस सज्जन की यह बात सुनते ही उसे गुस्से से घूरा और बोला , ‘मैं क्या प...
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Tag :हितोपदेश
  October 30, 2011, 9:40 am
मयूर यूथ क्लब (पंजि) द्वारा मयूर विहार, फेज-1 में होने वाली रामलीला के ताजा समाचारबुधवार, दिनांक 28 सितम्बर 2011कल की रामलीला दुर्गा वंदना से शुरू की गई और इसके बाद दशरथ दरबार का द्र्श्य दिखाया गया. दशरथ का पात्र निभाने वाले श्री अरूण कुमार जी का अभिनय दर्शनीय था. दशरथ जी संत...
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Tag :Uncategorized
  September 29, 2011, 9:26 am
मयूर यूथ क्लबद्वारा प्रति वर्ष आयोजित की जाने वाली रामलीला का शुभारम्भ कल मंगलवार, दिनांक 27.09.2011 से शुरू हो चुका है. लीला का उदघाटन श्री सुनील वैद्य् जी (विधायक त्रिलोक पुरी, दिल्ली) के कर कमलों द्वार हुआ.कल गणेश वन्दना करने के बाद दशरथ द्वार अनजाने में श्रवण कुमार की हत्...
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Tag :Uncategorized
  September 28, 2011, 9:30 am
एक युवकबड़े उग्र स्वभाव का था। वह बात-बात पर आग-बबूला हो जाता और संन्यासी बनने की धमकी देता था। एक दिन उसके परिवार वालों ने उसके व्यवहार से तंग आकर उसे संन्यास लेने की छूट दे दी। वह घर से निकल कर एक संत के आश्रम की ओर चल दिया और संत को संन्यास लेने की अपनी इच्छा बताई। संत उ...
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Tag :Uncategorized
  September 11, 2011, 6:48 am
कल “मैं अन्ना हजारे” का नारा कुछ ही घंटों मे टीवी और अखबारों से होता हुआ आनलाईन कम्युनिटी द्वारा विदेशों तक पहुँचा उसके कुछ आंकडे.आवाज:आवाज, एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन समुदाय है, जिसके करीब 7.5 लाख से अधिक सदस्य हैं. आवाज ने अन्ना हजारे के समर्थन में आवाज उठाई और एक अभियान “...
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Tag :Uncategorized
  August 17, 2011, 12:11 pm
एक दिन एक किसान बुद्ध के पास आया और बोला, ‘महाराज, मैं एक साधारण किसान हूं। बीज बोकर, हल चला कर अनाज उत्पन्न करता हूं और तब उसे ग्रहण करता हूं । किंतु इससे मेरे मन को तसल्ली नहीं मिलती। मैं कुछ ऐसा करना चाहता हूं जिससे मेरे खेत में अमरत्व के फल उत्पन्न हों। आप मुझे मार्गदर...
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Tag :हितोपदेश
  August 4, 2011, 8:07 am
छत्रपति शिवाजीने अपने पराक्रम से अनेक लड़ाइयां जीतीं। इससे उनके मन में थोड़ा अभिमान आ गया। उन्हें लगता था कि उनके जैसा वीर धरती पर और कोई नहीं है। कई बार उनका यह अभिमान औरों के सामने भी झलक पड़ता। एक दिन शिवाजी के महल में उनके गुरु समर्थ रामदास पधारे। शिवाजी वैसे तो रा...
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Tag :हितोपदेश
  July 20, 2011, 11:11 am
यह काफी पुरानी घटना है।मद्रास प्रांत के एक स्टेशन के निकट एक पॉइंटमैन अपना पॉइंट (वह उपकरण जिससे गाड़ियों का ट्रैक बदला जाता है) पकड़े खड़ा था। दोनों ओर से दो गाड़ियां अपनी पूरी गति से दौड़ी चली आ रही थीं। उस दिन मौसम खराब था और वह आंधी-तूफान का संकेत दे रहा था। ऐसे भयावह...
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Tag :हितोपदेश
  June 19, 2011, 9:15 am
एक दिन चाँद ने अपनी माता से कहा कि उसे ठंड लगती है इसलिये उसके लिये एक झिंगोला सिलवा दें. लेकिन उसकी माता के सामने समस्या यह है कि चाँद का आकार घटता-बढता रहता है तो वो नाप कैसे ले…पढिये रामधारी सिंह दिनकर जी की यह बाल-कवित आपको बिल्कुल आपके बचपन की याद दिलायेगीहठ कर बैठा ...
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Tag :Uncategorized
  August 7, 2007, 2:07 pm
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