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स्वास्थ्य -सेतु

चाय   नशा न  बने चाय   श्री मोरारजी देसाई ने कहा था कि यदि मुझे संसार की विषैली वस्तुओं की सूची बनाने को कहा जाए तो मैं चाय को प्रथम स्थान पर रखूंगा। श्री देसाई ने प्राकृतिक जीवन शैली का अनुसरण किया तथा वे शतायु को प्राप्त हुए। “स्वास्थ्य और जीवन” नामक स्वास्थ्य पत्रि...
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  August 15, 2017, 10:00 am
  शरीर ने जैसे ही चालीस पार किए बीमार होना शुरू किया तो समझ में आया की जीवन शैली ठीक नहीं चल रही है.इलाज हेतु दवाई लेनी शुरू की तो पार्श्व प्रभाव नजर आने लगे. एलोपैथि के अलावा  कभी आयुर्वेद,योग,एक्यूप्रेशर,होमियोपैथी अपनाई तो  कुछ  क्षेत्र में अधिक सार्थक लगी.इस हेतु यो...
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  August 8, 2017, 4:03 am
पुनर्जन्म आज एक धार्मिक सिद्धान्त मात्र नहीं है। इस पर विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों एवं परामनोवैज्ञानिक शोध संस्थानों में ठोस कार्य हुआ है। वर्तमान में यह अंधविश्वास नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्य के रुप में स्वीकारा जा चुका है। पुनरागमन को प्रमाणित करने वाले अनेक प...
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  July 28, 2017, 12:47 pm
जीवन भर हम दूसरों के साथ कैसे रहें ,यह सीखतें हैं,लेकिन स्वयं को भूल जाते है। जबकि अपने प्रथम मित्र तो हम स्वयं हैं। यदि हम अपने साथ सुख एवं खुशी से नहीं रह सकते हैं तो जीवन का क्या अर्थ हैं। हमारी उपलब्धियां एवं जीतने का क्या अर्थ हैं। स्वयं को खोकर कुछ भी पा ले तो बेकार ह...
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  July 25, 2017, 7:31 am
शक्कर एक तरह का जहर है जो कि मूख्यतः मोटापे, हृदयरोग,सभी तरह के दर्द व कैंसर का कारण है । भारतीय मनीषा ने भी इसे सफेद जहर बताया है । डाॅ0 मेराकोला ने इसके विरूद्ध बहुत कुछ लिखा है । डाॅ0 बिल मिसनर ने इसे प्राणघातक शक्कर-चम्मच से आत्महत्या बताया है । डाॅ0 लस्टींग ने अपनी वेब ...
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Tag :Articles
  July 15, 2017, 10:21 pm
हमारे रक्त में अम्ल एवं क्षार दोनो होते हैं । स्वस्थ रहने के लिए इनमे संतुलन आवश्यक है । हमारा भोजन भी दोनों तरह का होता है । हमारे शरीर में अम्लता घातक है, अतः क्षारीय आहार संतुलन लाता है । अम्लता की स्थिति में हाइड्रोजन आयन शरीर को थोड़ा अम्लीय बनाते हैं । क्षारीय भोज...
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  July 13, 2017, 11:06 pm
दुनिया में प्रसन्नता नामक औषधि का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि इसके अनुपात मंे ही शेष दवाइयां काम करती है। हँसी मन की गाँठे खोलती है। प्रसन्नता से मतलब केवल शारीरिक हास्य से नहीं है। भीतरी पवित्रता से उबरने वाला प्रसन्न भाव चाहिए। ऐसे मन की अवस्था मंे न भय होता है न शिक...
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Tag :Life-Management
  June 20, 2017, 11:43 am
अपने विशिष्ट लक्ष्य के अनुसार अपने को निरन्तर व्यवस्थित रखने के लिए आप स्वयं की कैसेट तैयार कीजिये। अपनी कैसेट रिकार्ड करने के पूर्व आप अपने लक्ष्य ठीक से निर्धारित कर लीजिये। “वर्तमानकाल” में अपने लक्ष्यों को लिखिये। वाक्यों को तीन से पांच बार अलग-अलग तरीकों से दो...
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Tag :Life-Management
  June 3, 2017, 10:51 am
विटामिन डी प्रतिरोध शक्ति बढ़ाता हैl अथार्त बीमारीयों से निपटने व स्वस्थ रहने के लिए यह आवश्यक हैl विटामिन-डी शरीर के विकास, हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। धूप के संपर्क में आने पर त्वचा इसका निर्माण करने लगती है। हालांकि यह विटामिन खाने की कुछ चीज़...
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Tag :Life-Management
  April 13, 2017, 9:52 am
चैत्र माह में गर्मी प्रारम्भ हो जाती हैl मौसम परिवर्तन के कारण अनेक रोग हो जाते हैl इनसे बचाव  के लिए आयुर्वेद में  प्रातः भूखे  पेट नौ दिन नीम रस पिने का  विधान हैl नीम के बारे में हमारे ग्रंथों में कहा गया है- निम्ब शीतों लघुग्राही कटुकोडग्रि वातनुत। अध्यः श्रमतुट्कास ...
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Tag :Articles
  March 30, 2017, 5:26 pm
मुहं में तेल का कुल्ला करने से शरीर के टोक्सिंस बाहर निकल जाते हैंl यह एक आयुर्वेदिक विधि है जिसे विज्ञान भी स्वीकारता हैंl डॉ .कराच जिन्होंने आयल-पुलिंग पर एक विस्तृत शोध किया है उन्होंने पाया है कि आयल-पुलिंग के बाद निकले एक बूंद थूक में जीवाणुओं के लगभग 500 प्रजातियाँ ...
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Tag :Bloging
  March 17, 2017, 10:16 pm
हमारा स्वास्थ्य पच्चीस प्रतिशत इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या करते हैं किन्तु हम क्या सोचते हैंे इस पर पचहत्तर प्रतिशत निर्भर करता है। मन यदि रुग्ण है तो व्यवहार और विचार भी रुग्ण ही होगें। सामान्यतः रोग पहले हमारी भावनाओं में आते हंै, उसके बाद विचारो में आते है, फ...
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Tag :Meditation
  February 17, 2017, 2:01 pm
विधिपूर्वक शौच करने से दातों के रोग नहीं होते हैl  उषःपान(प्रातः जल सेवन) के बाद कुछ देर घुमने से मलत्याग सरलता से होता हैl विधि: भारतीयशैली के टॉयलेट का उपयोग करें l  शौच  हेतु  उकड़ू आसन में बैठेl  पश्चिमी शैली की टॉयलेट के प्रयोग में मलद्वार पूरा नहीं खुलता है नहीं पेट पर ...
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Tag :Articles
  December 1, 2016, 8:42 am
मांसपेशियों व जोड़ों के दर्द का कारण : मैग्नीशियम की कमी अच्छे स्वास्थ्य के लिए मैग्नीशियम बहुत आवश्यक खनिज तत्व है। सम्पूरक के रुप  में मैग्नीशियम लिया जाना जरूरी है l यह चौथा सबसे प्रचुर मात्रा में खनिज शरीर में पाया जाता  है मैग्नीशियम ह्यूमन सेल का महत्वपूर्ण हिस्...
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Tag :Articles
  November 12, 2016, 10:24 am
ताली दुनिया का सर्वोत्तम एवं सरल सहज योग है l यदि प्रतिदिन यदि नियमित रूप से ताली बजाई जाये तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। ताली बजाने से पहले हमें सरसों या नारियल का तेल अपने हाथों पर लगा लेना चाहिए। डॉ. डोगरा के मुताबिक, इस थेरेपी के लिए सुबह का स...
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Tag :Articles
  November 8, 2016, 10:36 am
प्रतिदिन भोजन के बाद एक चम्मच निम्न  चूर्ण लेने से  पाचन ठीक होता है एवं शरीर में व्याप्त सारे टोक्सिंस  बाहर निकल जाते है l    निम्न घटकों  मात्रा  अनुसार कूट पिस कर चूर्ण तैयार कर ले l २० gm पुदीना २० gm सौंफ २० gm मिश्री 10 gm धनिया 10 gm सौंठ 10 gm जीरा 10 gm छोटी हरड (  आभार  आर एस  बोहरा  -...
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Tag :Bloging
  November 5, 2016, 10:52 am
डीमिनरलाइज्ड/कम टीडीएस वाले पेयजल के कुप्रभाव हमारी ५० प्रतिशत शरीर पानी से बना है.पानी का कार्य कोशिकाओं तक भोजन पहचाना है व विजातीय तत्वों को बाहर निकालना है. पानी पिने की विधि पानी हाथ की अंजुली से पीना चाहिये. बैठ कर पानी पीना चाहिए. गिलास को होठों से लगा कर  पानी  प...
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Tag :Articles
  October 18, 2016, 10:29 pm
स्वास्थ्य–सेतु एक स्वास्थ्य विमर्श केंद्र  है.  यह एफ-४०,सेक्टर १४, उदयपुर ३१३००२ पर चलता है.यहाँ प्रतिदिन सुबह ६ बजे योग होता है.साथ ही प्रति  शुक्रवार को सायं ५.३० बजे स्वास्थ्य वार्ता होती है या फिर स्वास्थ्य सम्बन्धि डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाती है. मेरा स्वास्थ्य ...
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Tag :Life-Management
  September 24, 2016, 10:54 am
  मान्यवर, हमारे अपने कुछ कृत्य बताते है कि मैंने आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। आपकी उपेक्षा, अनसुनी, मनमाफिक अर्थ निकालने, उपयोग-दुरुपयोग कुछ न कुछ वह किया है जो करने योग्य नहीं था। करके माफी चाहना भी अच्छी बात तो नहीं है, लेकिन दूसरा कोई विकल्प इससे बेहतर नहीं सु...
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Tag :Life-Management
  September 15, 2016, 10:09 pm
चारों ओर, यहाँ तक कि हमारे शरीर को देखने पर भी, हमें जो नजर आता है, वह आइसबर्ग का सि़र्फ ऊपरी हिस्सा है। -डाॅ. जाॅन हेजलिन शरीर का कोई रोग उसके उभार एवं लक्षण तक सीमित नहीं होता है। वह सम्पूर्ण शरीर तन्त्र से सापेक्षित रूप से जुडा होता है। अच्छा चिकित्सा विज्ञान रोग का नही...
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Tag :Self-Healing
  September 6, 2016, 8:50 pm
  नाम                                               जहाँ जीवन का अर्थ मिला कृष्ण-                                                निष्कामता में महावीर-                                             स्वयं की खोज में बुद्ध-                                                  दुःख का कारण वेद व्यास –                                           समाज सेवा में ओशो-                      ...
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  September 5, 2016, 9:24 am
मुख्यतः हमारे रोगो का कारण हमारा भोजन है। पोषक भोजन नहीं करने के कारण हम बीमार होेते है। आवश्यक तत्व, खनिज एवं विटामिन जरूरी है। इनसे शरीर की प्रतिरोध शक्ति मजबूत रहती है ताकि रोग न पनप सके। रोग का सामना भी हम आहार द्वारा कर सकते है। आहार को व्यवस्थित कर हम शरीर को ऊर्ज...
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Tag :Life-Management
  June 18, 2016, 5:23 pm
आज हमारी जीवन शैली बाजारवाद, उपभोक्तावाद एवम् जल्दबाजी से विक्रत हो गई है । हमारा भोजन स्वाद के अधीन हो गया, पोषकता को भूल गये । श्वास की लय टूट गयी है ,उतावल ने उसे असहज बना दिया । हमको व्यस्तता ने स्वंय के प्रति अंधा बना दिया है। हम आदतों के पुतले हो गये । अतः जीवन शैली र...
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Tag :Meditation
  March 23, 2016, 12:15 am
अनाहद नाद को सुनने में सहायक ओम साधना का उद्वेश्य अनाहद नाद को सुनना है । यह वह ध्वनि है जो हमारे कान के सुनने की क्षमता के बाहर की ध्वनि है। यह आकाशीय एवम् ब्रह्माण्डिय ध्वनि है जो निरन्तर हमारे चारांे ओर विद्वमान है। ओम शब्द में सगुण, निगुर्ण एवम् निर्विशेष आदि सभी भा...
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Tag :Articles
  January 12, 2016, 12:12 am
संतुलन स्थापित करने में सहायक ओम जपना मात्र शरीरिक क्रिया नहीं हैं। इससे उत्पन्न ध्वनि शरीर को व्यवस्थित करती है। शरीर अपने निज स्वभाव को प्राप्त होता है। असंतुलन,विकृति व अराजकता का नाश होता है। हमारे शरीर के प्रत्येक अणु को शान्ति मिलती है। उन्हें ठीक होने में मदद...
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Tag :Life-Management
  January 9, 2016, 6:04 am
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