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स्वास्थ्य -सेतु

प्राण मुद्रा को प्राणशक्ति का केंद्र माना जाता है और इसको करने से प्राणशक्ति बढ़ती है । इस मुद्रा में छोटी अँगुली (कनिष्ठा) और अनामिका (सूर्य अँगुली) दोनों को अँगूठे से स्पर्श कराना होता है । और बाकी छूट गई अँगुलियों को सीधा रखने से अंग्रेजी का ‘वी’बन जाता हैl प्राण मुद...
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Tag :Life-Management
  October 8, 2017, 7:46 pm
  सभी दवाओं के साईड इफेक्ट होते हैlउच्च रक्तचाप की गोली निरंतर लेते रहने से घातक  दुष्प्रभाव होते हैl प्रत्येक रोगी में साईंड इफेक्ट अलग अलग होते हैl एक ही दवा के प्रभाव भिन्न भिन्न रोगी में  अलग अलग  हो सकते हैl उच्च रक्तचाप की गोली के लेते रहने से जी घबराना ,उलटी होना , ...
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Tag :Articles
  October 6, 2017, 10:30 am
हार्ट अटैक आ जाने पर डॉक्टर की मदद मिलने तक अपान वायु मुद्रा लगा कर रखेंl यह ह्रदय को स्वस्थ रखता हैl विधि: अंगूठे के पास वाली पहली उंगली अर्थात तर्जनी को अंगूठे के मूल में लगाकर मध्यमा और अनामिका को मिलाकर उनके शीर्ष भाग को अंगूठे के शीर्ष भाग से स्पर्श कराएं। सबसे छोटी...
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Tag :Life-Management
  October 5, 2017, 8:49 am
एलोपैथि में थाइरोइड ग्रंथी ठीक  नहीं की जाती है बल्कि इस रोग को  मैनेज किया जाता हैl रोग के साथ जीना सिखाया  जाता हैl स्वयं थायराइड ग्रंथी नियमित तैयार हार्मोन मिलते रहने से निष्क्रिय हो जाती हैl थायराइड ग्रंथी एक महत्पूर्ण यदि उचित मात्रा में गोली न ले तो थकान,सरदर्द ,च...
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Tag :Bloging
  October 4, 2017, 9:23 am
जो लोग मोटापा और मधुमेह जैसी समस्याओ से ग्रसित है उनके लिए यह योग मुद्रा बेहद ही फायदेमंद है| विधि:- सूर्य मुद्रा करने के लिए सबसे पहले तो सिद्धासन,पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ । अब दोनों हाँथ घुटनों पर रख लें और हथेलियाँ उपर की तरफ रहें| अब सबसे पहले अनामिका उंगली को मो...
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Tag :Articles
  October 3, 2017, 9:46 am
संस्कृत में उज्जायी का अर्थ है विजयी-‘उज्जी’ अर्थात जीतना। विधि: इसके लिए कमर को सीधा रखते हुए आराम से बैठ जाएंए अब अपने ध्यान को सांसों पर ले आएं और सांस की गति पर ध्यान लाते हुएए अधिक से अधिक सांस बाहर निकाल दें। अब गले की मांशपेशियों को टाइट कर लें और धीरे.धीरे नाक से ...
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Tag :Articles
  October 2, 2017, 11:13 pm
योग विज्ञान सम्पूर्ण जीवन कला सीखाता है । इसलिए दुःखों से सदा सदा के लिए मुक्त करने में सक्षम है । यह मात्र सिद्धान्त नहीं है । इसीलिए योग बड़ा महत्वपूर्ण है। योग शरीर के जोड़ों की जड़ता को तोड़ते है। इनमें जमे विषाक्त द्रव्यों को निकालते है। जोड़ो को घुमाने से स्फूर्ति पै...
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Tag :Life-Management
  October 1, 2017, 11:59 am
हम सब के भीतर चिकित्सा करने की शक्ति मोजूद  हैंl रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर का वह भीतरी डॉक्टर है जो कई बीमारियों से चुपचाप लड़कर उन्हें हरा देता है। इस शक्ति को जगाने के निम्न तरीके है: 1 पोषक आहार द्वारा संतुलित भोजन के साथ निम्न पोषक आहार भी ले l इम्यूनिटी के लिए ...
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  September 29, 2017, 5:40 pm
हम सपरिवार रोग मुक्त रहें इस हेतु कार्य योजना   हमें अपनी जीवन शैली इस तरह की बनानी हैं क़ि हम बीमार ही न हो रोज योग ऍव प्राणायाम करना हैं।ओंकार ध्यान करना  हैं।  संतुलित भोजन के साथ पोशक आहार लेना हैं। भोजन के समय केवल भोजन के बारे में ही विचार करें व चबा चबा कर खाएँ l रि...
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Tag :Articles
  September 27, 2017, 3:51 pm
  गिलोय को आयुर्वेद में अमृता भी कहा जाता है क्योंकि यह त्रिदोष नाशक हैl नीम पर चढी हुई गिलोय उसी का गुण अवशोषित कर लेती है ,इस कारण आयुर्वेद में वही गिलोय श्रेष्ठ मानी गई है जिसकी बेल नीम पर चढी हुई हो । कैंसर की बीमारी में 6 से 8 इंच की इसकी डंडी लें इसमें wheat grass का जूस और 5-7 प...
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Tag :Articles
  September 26, 2017, 5:17 pm
शाकाहारी मित्रोँ में अमूमन बी12 की कमी पाई जाती हैl बी 12 की गोली व इंजेक्शन के अतिरिक्त दूध ,दही व खमीरी कृत आहार भी हैl इन सब में से चावल का ओलिया अच्छा विकल्प हैl Rice curd cure Vitamin B 12 deficiency ओलिया बनाने की विधि: एक व्यक्ति के लिए निम्न मात्रा ले l सांय एक मुट्ठी चावल पकाए, उसमे से मांड नही...
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Tag :Articles
  September 25, 2017, 9:47 pm
ओपचारिक  रूप से तोते की तरह क्षमा मांगने का कोई अर्थ नहीं हैl जब आप शब्दो से क्षमा मांगते है  वह मात्र 10 प्रतिशत है, आॅखों से क्षमा मांगना 20 प्रतिशत है, दिमाग से मांगना 30 प्रतिशत है एवं 40 प्रतिशत मांगना दिल से होता है।  १००% क्षमा कैसे मांगते है l यह अनुभव का विषय  हैl एक सच्ची ...
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  September 6, 2017, 9:38 am
हमारे  लिए यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है कि बुरा महसूस करते समय दिमाग में अच्छे विचार रखना असंभव होता है।तब स्वत: ही हम तनाव ग्रस्त हो जाते है  क्योंकि आपके विचार ही आपकी भावनाओं को उत्पन्न करते हैं। अगर आप बुरा महसूस कर रहे हैं, तो ऐसा इसलिए है, क्योंकि आप ऐसे विचार सोच रह...
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Tag :Articles
  September 4, 2017, 3:14 pm
यदि जीवन में हमें द्रोणाचार्य जैसा गुरु मिले तो हम अर्जुन बनना चाहंेगे या एकलव्य। निश्चित रूप से अधिकांश लोग अर्जुन होना चाहेंगे। वैसे यह निर्णय उचित भी प्रतीत होता है। अतः इस पक्ष का विश्लेषण कर लें। माना कि अर्जुन धनुर्विद्या सीख रहा है और उसका तीर निशाने से करीब द...
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Tag :Articles
  September 3, 2017, 1:29 pm
नोबल पुरुस्कार (१९३१)विजेता डॉ ऑटो वारबर्ग ने बताया है की कैंसर का मुख्य कारण ऑक्सीजन द्वारा सामान्य कोशिकीय श्वसन-क्रिया का बाधित होकर शर्करा के ख़मीरीकरण  में परिवर्तित हो जाना है। अथार्त ऑक्सीजन की शरीर में कमी होना है से  शरीर की सभी कोशिकाएं ऑक्सीजन द्वारा श्वसन...
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  September 1, 2017, 7:26 pm
भस्त्रिका प्राणायाम के फायदे यह प्राणायाम  दमा, टीबी और कैंसर  जैसे जटिल रोगों में भी लाभदायक हैं। शरीर की चर्बी कम होती है। और मोटापा तेजी से कम होता है। यह आसन शरीर में खून साफ करता है। शरीर में प्राणवायु की मात्रा को बढ़ाता है। किडनी, लीवर और पाचनतंत्र मजबूत बनता है...
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Tag :Articles
  August 29, 2017, 11:24 am
भस्त्रिका का शब्दिक अर्थ है धौंकनी अर्थात एक ऐसा प्राणायाम जिसमें लोहार की धौंकनी की तरह आवाज करते हुए वेगपूर्वक शुद्ध वायु को अन्दर लेते हैं और अशुद्ध वायु को बाहर फेंकते हैं। विधि :- सिद्धासन या सुखासन में बैठकर कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए शरीर और मन ...
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Tag :Articles
  August 25, 2017, 12:36 pm
अपने दबाव व तनाव का सामना गुंजन करके करें।  भीतरी दबावों से मुक्त होने में सहायक हैlभौरों की तरह गंुजन करो। बस गुनगुनाओं। इस प्रकार गुंजन करने से हमारे सारे दबाव समाप्त हो जाते है। दबी हुई इच्छाएँ व वासनाएँ गंुजन करने से निकल जाती है। वैसे आधा घंटे प्रातः काल सीधे बैठ ...
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Tag :Life-Management
  August 22, 2017, 11:55 am
चाय   नशा न  बने चाय   श्री मोरारजी देसाई ने कहा था कि यदि मुझे संसार की विषैली वस्तुओं की सूची बनाने को कहा जाए तो मैं चाय को प्रथम स्थान पर रखूंगा। श्री देसाई ने प्राकृतिक जीवन शैली का अनुसरण किया तथा वे शतायु को प्राप्त हुए। “स्वास्थ्य और जीवन” नामक स्वास्थ्य पत्रि...
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  August 15, 2017, 10:00 am
  शरीर ने जैसे ही चालीस पार किए बीमार होना शुरू किया तो समझ में आया की जीवन शैली ठीक नहीं चल रही है.इलाज हेतु दवाई लेनी शुरू की तो पार्श्व प्रभाव नजर आने लगे. एलोपैथि के अलावा  कभी आयुर्वेद,योग,एक्यूप्रेशर,होमियोपैथी अपनाई तो  कुछ  क्षेत्र में अधिक सार्थक लगी.इस हेतु यो...
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  August 8, 2017, 4:03 am
पुनर्जन्म आज एक धार्मिक सिद्धान्त मात्र नहीं है। इस पर विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों एवं परामनोवैज्ञानिक शोध संस्थानों में ठोस कार्य हुआ है। वर्तमान में यह अंधविश्वास नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्य के रुप में स्वीकारा जा चुका है। पुनरागमन को प्रमाणित करने वाले अनेक प...
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  July 28, 2017, 12:47 pm
जीवन भर हम दूसरों के साथ कैसे रहें ,यह सीखतें हैं,लेकिन स्वयं को भूल जाते है। जबकि अपने प्रथम मित्र तो हम स्वयं हैं। यदि हम अपने साथ सुख एवं खुशी से नहीं रह सकते हैं तो जीवन का क्या अर्थ हैं। हमारी उपलब्धियां एवं जीतने का क्या अर्थ हैं। स्वयं को खोकर कुछ भी पा ले तो बेकार ह...
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  July 25, 2017, 7:31 am
शक्कर एक तरह का जहर है जो कि मूख्यतः मोटापे, हृदयरोग,सभी तरह के दर्द व कैंसर का कारण है । भारतीय मनीषा ने भी इसे सफेद जहर बताया है । डाॅ0 मेराकोला ने इसके विरूद्ध बहुत कुछ लिखा है । डाॅ0 बिल मिसनर ने इसे प्राणघातक शक्कर-चम्मच से आत्महत्या बताया है । डाॅ0 लस्टींग ने अपनी वेब ...
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Tag :Articles
  July 15, 2017, 10:21 pm
हमारे रक्त में अम्ल एवं क्षार दोनो होते हैं । स्वस्थ रहने के लिए इनमे संतुलन आवश्यक है । हमारा भोजन भी दोनों तरह का होता है । हमारे शरीर में अम्लता घातक है, अतः क्षारीय आहार संतुलन लाता है । अम्लता की स्थिति में हाइड्रोजन आयन शरीर को थोड़ा अम्लीय बनाते हैं । क्षारीय भोज...
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  July 13, 2017, 11:06 pm
दुनिया में प्रसन्नता नामक औषधि का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि इसके अनुपात मंे ही शेष दवाइयां काम करती है। हँसी मन की गाँठे खोलती है। प्रसन्नता से मतलब केवल शारीरिक हास्य से नहीं है। भीतरी पवित्रता से उबरने वाला प्रसन्न भाव चाहिए। ऐसे मन की अवस्था मंे न भय होता है न शिक...
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Tag :Life-Management
  June 20, 2017, 11:43 am
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