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Blog: Khuch baatein unkahi

Blogger: satyendra gupta
तिरोही गज़लइश्क कोई परदा एे साज़ नहीं होतातूफान का कोई मिज़ाज नहीं होताबिना दवा दर्द का इलाज नहीं होतामर जाते प्यार में जिन्दा नहीं रहतेइश्क अगर शाहिद बाज़ नहीं होताकिसी को इसका अंदाज़ नहीं होतामैंने क्या कहा और तुमने क्या सुनाअब हमें कोई ऐतराज़ नहीं होताबेगानों का... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   8:15am 7 Jan 2020 #
Blogger: satyendra gupta
तिरोही गज़लजब से बस गए तुम आकर यहांयह मौहल्ला बड़ा अमीर हो गयाखुबसूरती की ये जागीर हो गयागुलाब की तरह महकने लगे दिलहर नज़ारा तुम्हारी तस्वीर हो गयाहर दिल रांझा और हीर हो गयाहर एक सागर भर गया सरूर सेमुहब्बत की वह तहरीर हो गयाअंदाज़ शाहाना फ़कीर हो गयातहरीर - लिखावटशाह... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   8:07am 7 Jan 2020 #
Blogger: satyendra gupta
उम्र तीस की थी पचास में ढल  गई बच्चों को बड़ा करने में ही निकल गई !वक्त का तो फिर पता ही नहीं चला पाँव में जैसे एक चकरी सी चल गई !जिम्मेदारियों का बोझ  उठाते उठातेमुंह से कभी आह तक भी निकल गई !कभी ख़ुशी कभी गम और कभी फिक्र इन के सहारे से ही जिंदगी बहल गई ! बच्चों के सपनो को पूर... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   4:39am 28 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
मंज़िल तक न पहुँच सकी मेरी कहानी कहानी तो मेरी भी है वही बरसों पुरानी !दिन यही थे चमक यही फ़िज़ा भी यही यही रंग थे दिल में मेरे भी, आसमानी !सियाह शब् में फ़लक़ पे तारों की सजावट ऐसी ही होती थी तब भी तो रातें सुहानी !इतना ज़रूर है मुझको नए गम मिले थे सब को नहीं देती जवानी  ऐसी निशानी !... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   9:19am 27 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
सहर से पहले मुझे जगा मत देना नींद को मेरी  तुम उड़ा मत देना !तस्वीरें जो दिल में सजाई हैं मेरी उन्हें दिलसे अपने हटा मत देना !खेल खेल लेना जितना खेल सको मुझको मगर कभी दगा मत देना !बड़ा शोर होता है दर्द गूंजता है जब दुखती हुई रगों को हिला मत देना !तन्हाईयाँ तोड़ दिया करती हैं बह... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   12:25pm 24 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
पैसे की भेंट चढ़ गई सारी अच्छाइयां हिस्से में रह गई खामियां परेशानियाँ !हैरान है आम आदमी यह देखकर बहुत जश्न मन रही हैं मिलकर सब बुराइयां !भ्रष्टाचार लूट खसोट बलात्कार की ही सुनने को मिलती हैं अब तो कहानियां !नई सहर के खुदाओं का हाल मत पूछो बाँट रहे हैं सब को दर्द की निशानि... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   6:49am 23 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
फूल भी तो कभी पत्थर का काम करते हैं नाखून पैने हों तो खंज़र का काम करते हैं !कौन मानेगा मगर सोलह आने सच है यह सीना चीर कर जिंदगी को तमाम करते हैं !रोज़ मेरी दहलीज़ पर रख जाते हैं, पत्थर मैं सोचता हूँ वो इसी तरह सलाम करते हैं !आज के दौर में लोग इस तरह से मिलते हैं अकीदत रखते हैं दो... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   7:07am 21 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
किसी को  उस ने कबीरा बना दिया किसी को कृष्ण की मीरा बना दिया !उसकी रहमतों का मै जिक्र क्या करूंमैं कांच का टुकड़ा था हीरा बना दिया !किसी को खुशियों की सौगात दे दी किसी को दर्द का जज़ीरा बना दिया !धूप और बारिश की दरकार जब हुई आसमा को इनका ज़खीरा बना दिया !सुलगती रह गई  चरागों में... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   7:38am 18 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
फूल  टूट कर  भी  महका थादर्द  खुशबुओं में  लिपटा  था  !गहरा  नाता  है  सुख दुःख मेंअश्क़ ख़ुशी में भी निकला था !तितली फूल से लिपटी हुई थीभँवरे का ताल्लुक़ भी गहरा था !चांदनी धरती पर फैली हुई थीचाँद आसमान पर अकेला था  !बहुत  चीखता था  जो  तूफ़ानदर दर भी वह ही तो भटका था !समन्दर  स... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   8:28am 11 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
तेरे जाने के बाद ही  शाम हो गई शब् पूरी  अंधेरों के  नाम हो गई  !मैक़दे की तरफ  बढ़ चले  क़दमज़िंदगी ही फिर जैसे ज़ाम हो गई !आँखों से आंसु  बन  बह गया दर्दउम्मीद मेरी मुझ पे इल्ज़ाम हो गई !वक्त का फिर कभी पता नहीं चलारफ़्ता रफ़्ता उम्र ही तमाम हो गई !जिंदगी  में  ख़ुशी  जितनी  भी  थीवक्... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   12:59pm 10 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
"ना " को जिंदगी से  निकाल देंदुनिया को इक  नई मिसाल दें  !जिंदगी  एक  पिच की  तरह  हैगेंद को  अपनी  बड़ा उछाल  दें !बिन पगलाए  कुछ न  मिलेगाहिम्मत जज़्बे में अपने उबाल दें ! हर काम के लिए  ज़िद ज़रूरी हैबेचारगी को दिल से निकाल  दें !हंसेगा  कोई  मज़ाक  बनाएगाउनकी नजरों को नए सव... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   5:35am 10 Jun 2013 #
Blogger: satyendra gupta
हर किसी को अपना वास्ता मत देनानसीब जाग उठे  तो ख़ुदा  मत देना  ! मज़ाक  बहुत  बना डालेगी दुनियादिल का अपने कभी रास्ता मत देना !यहाँ किसी को भी तेरी परवाह नहीं हैहर किसी  को अपना पता मत  देना  !बिगड़ जाएगी तेरे ज़ख्मों  की सूरतबस घाव किसी को दिखा मत देना  !दर्द के  नगर  पर नगर बस ज... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   7:23am 28 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
जब  तक  बड़ों का सरमाया हैहर तरफ़  रहमतों का  साया है  !जब तक दुआएं  उनकी साथ हैंदिल तब तक  नहीं  घबराया है !क़िस्मत से ज़्यादा नहीं मिलतावक़्त ने हमको यह सिखलाया है  !उम्र  गुज़र गई  यही  सोचते हुएकौन  अपना  है, कौन पराया  है  !यक़ीन यह है वह बेवफ़ा  नहीं है दिल में ख्याल क्यूँ फिर ... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   2:13pm 26 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
तुझसे खुशबु लेकर के गुलाब महकता हैतेरे नूर से फ़लक़ पर सूरज  चमकता  है  !तेरी रूह की आंच से तपती है रूह  मेरीतेरे बदन  की ताव से  चाँद पिघलता है !ख़्वाबों सी मिली है खुबसूरती  तुझ कोदिलों की वादी में तेरा ही शोर मचता है  !तेज़ हुआ जाता है तूफ़ान मुहब्बत  कातुझे देख  मौसम भी सरगम ... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   1:10pm 26 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
सपनों में मेरे रंग नए भरती चली गई खुशबु तेरी बदन से लिपटती चली गई !नर्मी फूलों की थी या मस्ती शराब की रूह में ऐसी घुली की घुलती चली गई !महक रही थी ग़ज़ल की तरह से तुम बज़्म तुम्हारे हुस्न से सजती चली गई !हिस्से में मेरे जब से घडी आई थी वह रुत दिल में प्यार की मचलती चली गई !वह अद... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:36pm 24 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
ख़ुशबुओं से घर मेरा भर जाने दो जी भर कर मुझको मुस्कराने दो !धूप मायूस होकर के लौट जाएगी मुझे बालों को छत पर सुखाने दो !महफ़िल सजाई है दोस्तों ने मेरे मुझ को भी थोडा तो इतराने दो !एक साल के बाद आया है सावन झूम कर के इसको बरस जाने दो !सालों के बाद ही आता है बुढ़ापा इसको भी कुछ जश्... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   10:57am 23 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
ख़ुशबुओं से घर मेरा भर जाने दो जी भरकर मुझको मुस्कराने दो !धूप मायूस होकर लौट जाएगी मुझको बाल छत पर सुखाने दो !महफ़िल सजाई है दोस्तों ने मेरे मुझको भी थोडा सा इतराने दो !एक साल के बाद आया है सावन झूमकर के इसको बरस जाने दो !एक दिन में नहीं आता बुढ़ापा लम्बी उम्र का इसे जश्... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   6:04am 23 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
पुराने रिश्तों को मज़बूती दे दो इस माहौल को ज़िंदगी दे दो !भोर हो जाएगी बस्ती में देखना अंधेरो को धूप सुनहरी दे दो ! तस्वीर ख़ुद ब ख़ुद बोल उठेगी कुछ लकीरें और गहरी दे दो !ख़ुशबु से महकता रहेगा ज़िस्म इक शाम अपनी संदली दे दो !ज़रा सी ज़िंदगी है चार दिन की ज़रा सा हौसला अफज़ाई दे दो !ज़... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   7:33am 20 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
बस तुम्हारे इंतज़ार का मौसम नहीं बदला आजा कि अभी प्यार का मौसम नहीं बदला !गली गली तुमने वो लुटाई थी जो खुशबू ज़हन में उस बहार का मौसम नहीं बदला !नमी इन आँखों की कब की ख़ुश्क हो गई इस ख़ुश्क आबशार का मौसम नहीं बदला !शहर में सब कुछ है मगर तेरी ही कमी है दिल की मेरी पुकार का मौसम ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   7:00am 18 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
मौत आये तो बड़े शौक़ से आये मन्नत है मुझे शान से ले जाए !गमे हयात की मंजिल, पता नहीं ख़ुदा मुझे हर मुसीबत से बचाए !मुझे तौफ़ीक़ अता कर मालिक यह ज़र्रा उठके आसमां हो जाए !पाकीज़गी भी दिल में बनी रहे हर नज़र हैरतज़दा हो जाए !यह ज़िंदगी तेरी ही मर्ज़ी से है तेरी ही शान में अदा हो जाए !... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   12:53pm 17 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
मेरे ख्यालों में ख्याल तेरे आने लगेमेरे ख्वाबों को आकर सजाने लगे !आस पास गूँज उठे नगमें मुहब्बत के होंठ मेरे प्यार भरे गीत गाने लगे ! तेरे इंतज़ार की बेक़रारी बढ़ गई समन्दर में दुआ के तूफ़ान आने लगे !तमाम रात हवाएं सर्द चलती रही सुबह उजाले शहर को जगाने लगे !जाने किस हाल में ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   7:05am 16 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
दिल को अपनी हिफ़ाज़त से डर लगता है मुझे किसी की इनायत से डर लगता है !इक मुद्दत से संभाल कर रखी हैं ख्वाहिशें अब तेरी इसी अमानत से डर लगता है ! खुशियों के साथ वह गम भी लाता जरूर है वक्त की इसी सियासत से डर लगता है ! अश्क काग़ज़ पर गिरे , गिर कर सूख गये उनकी लिखी हुई इबारत से डर लगत... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   8:56am 13 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
मदर डे पर सब माताओं को शुभ कामनाएं एवम मेरा प्रणाम !माँ के प्यार का दिन मुकरर्र नहीं होता माँ के प्यार सा गहरा समन्दर नहीं होता !माँ दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता है माँ के बिना कोई भी घर , घर नहीं होता !माँ की करता है जो शख्स दिल से पूजा उसको कभी किसी बात का डर नहीं होता !लो... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   7:27am 13 May 2013 #
Blogger: satyendra gupta
बहुत दौलत थी दिल के ख़ज़ाने में लुट गई सब, दोस्ती निभाने में !खून के रिश्ते तक पैसे में बिक गये चूक हो गई हमसे ही आज़माने में !नशा बला का था हसीन आँखों में हम करते क्या जाकर , मैख़ाने में ! तन्हा रह गया मै चाँद की मानिंद ज़रा देर कर दी थी ,घर बसाने में !क़िस्मत ज़रा सी ही तो बिगड़ी थी सद... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   3:26pm 19 Mar 2013 #
Blogger: satyendra gupta
मेरे ग़मों का क़यामत नाम रख दो आंसुओं का शराफ़त नाम रख दो !सर पे छत नहीं, तन पे पैरहन नहीं मज़बूरियों का हसरत नाम रख दो !पोर पोर में ही जला करती है जो उस आग का बग़ावत नाम रख दो !बहुत सारे ज़ख्म दे कर चला गया दोस्ती का अदावत नाम रख दो !फ़ुरसत ही नहीं है मुझे ख़ुद से अब तन्हाई का मसरूफ़... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   2:35pm 13 Mar 2013 #
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