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Blog: Nayekavi

Blogger: Basudeo Agarwal
2*9 (मात्रिक बहर)(पदांत 'गया', समांत 'ओ'स्वर)जिम्मेदारी में बढ़ी उम्र की,बचपन वो सुहाना गुम हो गया।चुगते चुगते अनुभव के दाने,अल्हड़पन मेरा कहीं खो गया।।तब कुछ चिंता थी न कमाने की,और फिक्र ही थी न गमाने की।अब कम साधन औ'अधिक खर्च का,हौवा ये मन का चैन धो गया।।अब तो कुछ भी करने से पह... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   4:07am 24 Feb 2020 #मात्रिक बहर आधारित
Blogger: Basudeo Agarwal
बहर:-  2122   2122   2122   212(पदांत का लोप, समांत 'अर')जिंदगी जीने की राहें मुश्किलों से हैं भरी,चिलचिलाती धूप जैसा जिंदगी का है सफर।।हैं घने पेड़ों के जैसे इस सफर में रिश्ते सब,छाँव इनकी जो मिले तो हो सहज जाती डगर।।पेड़ की छाया में जैसे ठण्ड राही को मिले,छाँव में रिश्तों के ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   3:59am 24 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
7 भगण (211) की आवृत्ति के बाद 2 गुरुबालक जन्म लियो जब से तब से जननी उर से चिपक्यो है।होय जवान गयो जब वो तिय के रस में दिन रैन रम्यो है।वृद्ध भयो परिवार बँद्यो अरु पुत्र प्रपुत्रन नेह पग्यो है।'बासु'कहे सब आयु गयी पर मूढ़ कभी नहिं राम भज्यो है। बासुदेव अग्रवाल नमनतिनसुकिया20-11-... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   2:49am 16 Feb 2020 #मत्तगयंद सवैया
Blogger: Basudeo Agarwal
हरि मुख से जो झरी, गीता जैसी वाणी खरी,गीता का जो रस पीता, होता बेड़ा पार है।ज्ञान-योग कर्म-योग, भक्ति-योग से संयोग,गीता के अध्याय सारे, अमिय की धार है।कर्म का संदेश देवे, शोक सारा हर लेवे,एक एक श्लोक या का, भाव का आगार है।शास्त्र की निचोड़ गीता, सहज सरल हिता,पंक्ति पंक्ति रस भर... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   2:40am 16 Feb 2020 #मनहरण घनाक्षरी
Blogger: Basudeo Agarwal
चक्की के दो पाट सा, प्रजातन्त्र का तंत्र।जनता उनमें पिस जपे, अच्छे दिन का मंत्र।अच्छे दिन का मंत्र, छलावा आज बड़ा है।कैसा सत्ता हाथ, हाय ये शस्त्र पड़ा है।नेताओं को फ़िक्र, मौज उनकी हो पक्की।रहें पीसते लोग, भले जीवन भर चक्की।।बासुदेव अग्रवाल 'नमन'तिनसुकिया23-04-18... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   2:36am 16 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
गिल्ली डंडा खेलते, बच्चे धुन में मस्त।जग की चिंता है नहीं, होते कभी न पस्त।।भेद नहीं है जात का, भेद न करता रंग।ऊँच नीच मन में नहीं, बच्चे खेले संग।।आस पास को भूल के, क्रीड़ा में तल्लीन।बड़ा नहीं कोई यहाँ, ना ही कोई हीन।।छोड़ मशीनी जिंदगी, बच्चे सबके साथ।हँसते गाते खेलते, डाल ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   2:29am 16 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
भेदभाव से दूर, बाल-मन जल सा निर्मल।रहे सदा अलमस्त, द्वन्द्व से होकर निश्चल।।बालक बालक मध्य, नेह शाश्वत है प्रतिपल।देख बाल को बाल, हृदय का खिलता उत्पल।।दो बालक अनजान, प्रीत से झट बँध जाते।नर, पशु, पक्षी भेद, नहीं कुछ आड़े आते।।है यह कथा प्रसिद्ध, भरत नृप बालक जब था।सिंह शाव... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   3:25am 12 Feb 2020 #रोला छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
रख नापाक इरादे उसने, सरहद करदी मधुशाला।रोज करे वो टुच्ची हरकत, नफरत की पी कर हाला।उठो देश के मतवालों तुम, काली बन खप्पर लेके।भर भर पीओ रौद्र रूप में, अरि के शोणित का प्याला।।सीमा पर अतिक्रमण करे नित, पहन शराफत की माला।उजले तन वालों से मिलकर, करता वहाँ कर्म काला।सुप्त सि... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   3:21am 12 Feb 2020 #लावणी छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
सुखों को चाहे सब ही जीव।बिना सुख के जैसे निर्जीव।।दुखों से भागे सब ही दूर।सुखों में रहना चाहें चूर।।जगत के जो भी होते काज।एक ही है उन सब का राज।।लगी है सुख पाने की आग।उसी की सारी भागमभाग।।सुखों के जग में भेद अनेक।दोष गुण रखे अलग प्रत्येक।।किसी की पर पीड़न में प्रीत।तो ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   3:14am 12 Feb 2020 #श्रृंगार छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
मन का मारो रावण सब ही।लगते सारे पावन तब ही।।सब बाधाओं की मन जड़ है।बस में ये तो वैभव-झड़ है।।त्यज दो तृष्णा मत्सर मन से।जग की सेवा लो कर तन से।।सब का सोचो नित्य तुम भला।यह जीने की उच्चतम कला।।जग-ज्वाला से प्राण सिहरते।पर-पीड़ा से लोचन भरते।।लखता जो संसार बिलखता।दुखियों क... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   6:46am 10 Feb 2020 #विमला छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
जग पेट भरण में।रत पाप करण में।।जग में यदि अटका।फिर तो नर भटका।।मन ये विचलित है।प्रभु-भक्ति रहित है।।अति दीन दुखित है।।हरि-नाम विहित है।।तन पावन कर के।मन शोधन कर के।।लग राम चरण में।गति ईश शरण में।।कर निर्मल मति को।भज ले रघुपति को।।नित राम सुमरना।भवसागर तरना।।=============ल... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   6:38am 10 Feb 2020 #विमल जला छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
बह्र:- 221  1221  1221  122घबराये हुए लोग हैं अनजाने से डर से,हर एक बशर ख़ौफ़ ज़दा दूजे बशर से।दूभर है यहाँ आज तो बाहर ही निकलना,महफ़ूज़ नहीं कोई जमाने की नज़र से।अनजानी डगर लगने लगी अब मुझे आसां,कुछ लोग अभी लौट के आये हैं सफर से।हम अपनी तरफ से तो बिछा बैठे हैं आँखें,अब नज़रे इनायत भी तो ... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   11:54am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
221  2121  1221  212जब तक जहाँ में उल्फ़त-ए-अल्लाह-ओ-दीं रहे,तब तक हमारे बीच में कायम यकीं रहे।शुहरत हमारी गर कभी छूलें भी आसमाँ,पाँवों तले सदा ही खुदा पर जमीं रहे।यादों के जलजले में हुआ खंडहर मकाँ,ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।दुनिया में हम रहें या नहीं भी रहें तो क्या,आबा... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   11:49am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
बह्र:- 2212*4जीवन पथिक संसार में चलते चलो तुम सर्वदा,राहों में आए कष्ट जो सहके चलो तुम सर्वदा।अनजान सी राहें तेरी मंजिल कहीं दिखती नहीं,काँटों भरी इस राह में हँसके चलो तुम सर्वदा।बीते हुए से सीख लो आयेगा उस को थाम लो,मुड़ के कभी देखो नहीं बढ़ते चलो तुम सर्वदा।बहता निरंतर जो र... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   11:39am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
प्रधान मंत्री मोदी जी की कविता की पंक्ति से प्रेरणा पा लिखी ग़ज़ल।अभी तो सूरज उगा है,छिटकी पूर्व से प्रभा है।भानु ये होता प्रखरतर,आकाश में बढ़ चला है।अब तलक जो नींद में थे,उन सब को जगा दिया है।सबका विकास व विश्वास,सबके साथ पर टिका है।तमस की विभावरी गयी,छा गया अब उजाला है।उ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   11:28am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
शैलपुत्री माँहिम गिरि तनयावांछित-लाभा।**ब्रह्मचारिणीकटु तप चारिणीवैराग्य दात्री।**माँ चन्द्रघण्टाशशि सम शीतलाशांति प्रदाता।**चौथी कूष्माण्डामाँ ब्रह्मांड सृजेताउन्नति दाता।**श्री स्कंदमाताकार्तिकेय की मातावृत्ति निरोधा।**माँ कात्यायनीकात्यायन तनयापुरुषार... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   6:57am 22 Jan 2020 #हाइकु
Blogger: Basudeo Agarwal
होलीका त्योहारजीवन में लायारंगों कीबौछार।*********होलीमें जलतेअत्याचार, कपट, छलनिष्पाप भक्तबचते।*********होलीलाई रंगहों सभी लालखेलें पलाशसंग।*********होलीदेती छेदऊँच नीच केमन सेभेद।**********उन्नीसकी होलीचुनाव की तूतीदेश मेंबोली।**********बासुदेवकी चाहनापूरे ग्रूप कोहोली कीशुभकामना... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:53am 22 Jan 2020 #सायली
Blogger: Basudeo Agarwal
(1)वृद्धाश्रम काएक बूढ़ा पलासजो पतझड़ मेंठूँठ बनाथा बड़ा उदास!तभी एकवृद्ध लाठी टेकताआया उसके पासजो वर्षों सेरहा कर वहीं निवास,,,उसे देता दिलासा, कहाक्या मुझ से भी ज्यादातू है निराश??अरे तेरा तो,,आने वाला है मधुमासपर मैं तो जी रहारख उस बसंत की आस....जब इस स्वार्थी जग मेंले लूँग... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   6:50am 22 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
जगमग जगमग करता आये,धूम धड़ाका कर वह जाये,छा जाती उससे खुशयाली,क्या सखि साजन? नहीं दिवाली।चाव चढ़े जब घर में आता,फट पड़ता तो गगन हिलाता,उत्सव इस बिन किसने चाखा,क्या सखि साजन? नहीं पटाखा।ये बुझता होता अँधियारा,खिलता ये छाता उजियारा,इस बिन करता धक-धक जीयाक्या सखि साजन, ना सखि द... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   6:43am 22 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
जहाँ भर को ही जबसे आज़माने हम लगे हैं,हमारी शख्शियत को खुद मिटाने हम लगे हैं,लगें पर्दानशीं का हम उठाने जबसे पर्दा,हमारा खुद का ही चेह्रा दिखाने हम लगे हैं।(1222*3  122)**********छिपी हुई बहु मूल्य संपदा, इस शरीर के पर्दों में।इस क्षमता के बल पर ही तुम, जान फूँक दो गर्दों में।वो ताकत ... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   5:06am 16 Jan 2020 #विविध मुक्तक
Blogger: Basudeo Agarwal
उल्फ़त में चोट खाई उसका उठा धुँआ है,अब दिल कहाँ बचा है सुलगी हुई चिता है,होती है खुद से दहशत जब दिल की देखुँ वहशत,इस मर्ज की सबब जो वो ही फकत दवा है।(221  2122)*2*********हमारा इश्क़ अब तो ख्वाबिदा होने लगा है,वहीं अब उनसे मिलना बारहा होने लगा है,मुझे वे देख, नज़रों को झुका, झट से देते चल,खु... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   5:02am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
शपथ समारोह का आमंत्रण मिला न मुझको आने का।कर उपवास बताऊँगा अब क्या मतलब न बुलाने का।मौका हाथ लगा है यह तो छोले खूब उड़ाने का।अवसर आया गिरगिट जैसा मेरा रंग दिखाने का।।उजले कपड़ों में सजधज आऊँ,चेलों को साथ लाऊँ,मैं फोटुवें खिंचाऊँ,महिमा उपवास की है भारी,बासुदेव कहे सुनो न... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   4:53am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
चरैवेति का मूल मन्त्र ले, आगे बढ़ते जाएंगे,जीव मात्र से प्रेम करेंगे, सबको गले लगाएंगे,ऐतरेय ब्राह्मण ने हमको, ये सन्देश दिया अनुपम,परि-व्राजक बन सदा सत्य का, अन्वेषण कर लाएंगे।(लावणी छंद आधारित)*********संस्कृति अरु संस्कार ये दोनों होते विकशित शिक्षा से,आचार-विचार और रहन-स... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   4:46am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
गाँवों में हैं प्राण हमारे, दें इनको सम्मान।भारत की पहचान सदा से, खेत और खलिहान।।गाँवों की जीवन-शैली के, खेत रहे सोपान।अर्थ व्यवस्था के पोषक हैं, खेत और खलिहान।।अन्न धान्य से पूर्ण रखें ये, हैं अपने अभिमान।फिर भी सुविधाओं से वंचित, खेत और खलिहान।।अंध तरक्की के पीछे हम, ... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   11:35am 11 Jan 2020 #सरसी छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
छन्न पकैया छन्न पकैया, वैरागी ये कैसे।काम क्रोध मद लोभ बसा है, कपट 'पाक'में जैसे।नाम बड़े हैं दर्शन छोटे, झूठा इनका चोंगा।छापा तिलक जनेऊ रखते, पण्डित पूरे पोंगा।।छन्न पकैया छन्न पकैया, झूठी सच्ची करते।कागज की संस्थाओं से वे, झोली अपनी भरते।लोग गाँठ के पूरे ढूंढे, और अकल ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   11:30am 11 Jan 2020 #सार छंद
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