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Blog: Nayekavi

Blogger: Basudeo Agarwal
बहर 1222 1222 1222 1222नया आया है संवत्सर, करें स्वागत सभी मिल के;नये सपने नये अवसर, नया ये वर्ष लाया है।करें सम्मान इसका हम, नई आशा बसा मन में;नई उम्मीद ले कर के, नया ये साल आया है।लगी संवत् सत्ततर की, चलाया उसको नृप विक्रम;सुहाना शुक्ल पखवाड़ा, महीना चैत्र तिथि एकम;मिलाएँ हाथ सब से ही, ... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   3:34am 25 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
दोस्तो दिल का सदर घर का सदर होने को है,बा-बहर जो थी ग़ज़ल वह बे-बहर होने को है,हम मुहब्बत के असर में खूब पागल थे रहे,जिंदगी की असलियत का अब असर होने को है।(2122×3  212)*********उल्टे सीधे शब्द जोड़ कर, कुछ का कुछ लिख लेता हूँ,अंधों में काना राजा हूँ, मन मर्जी का नेता हूँ,व्हाट्सेप के ग्रूपो... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   6:35am 12 Mar 2020 #हास्य व्यंग्य मुक्तक
Blogger: Basudeo Agarwal
शक्ति कलम की मत कम आँको, तख्त पलट ये देती है,क्रांति-ज्वाल इसकी समाज को, अपने में भर लेती है,मात्र खिलौना कलम न समझें, स्याही को छिटकाने का,लिखी इबारत इसकी मन में, नाव भाव की खेती है।(ताटंक छंद)*********कलम सुनाओ लिख कर ऐसा, और और सब लोग कहें,बार बार पढ़ कर के जिसको, भाव गंग में सभी ब... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   6:30am 12 Mar 2020 #साहित्य भाषा मुक्तक
Blogger: Basudeo Agarwal
(करवाचौथ)त्योहार करवाचौथ का नारी का है प्यारा बड़ा,इक चाँद दूजे चाँद को है देखने छत पे खड़ा,लम्बी उमर इक चाँद माँगे वास्ते उस चाँद के,जो चाँद उसकी जिंदगी के आसमाँ में है जड़ा।(2212*4)*********(होली)हर तरु में छाया बसन्त ज्यों, जीवन में नित रहे बहार,होली के रंगों की जैसे,  वैभव की बरसे ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   6:25am 12 Mar 2020 #समसामयिक मुक्तक
Blogger: Basudeo Agarwal
आओ करें प्रण और अब आतंक को सहना नहीं,अब मौन ज्यादा और हम सब को कभी रहना नहीं,आतंक में डर डर के जीना भी भला क्या ज़िंदगी,अब कर दिखाना कुछ हमें बस सिर्फ कुछ कहना नहीं।(2212×4)*********किस अभागी शाख का लो एक पत्ता झर गया फिर,आसमां से एक तारा टूट कर के है गिरा फिर,सरहदों के सैनिकों के खून क... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   6:16am 12 Mar 2020 #शब्द विशेष मुक्तक
Blogger: Basudeo Agarwal
नणँदल नखराँली, नणदोई म्हारो बोळो छेड़ै है,बस में राखो री।।टेर।।सोलह सिंगाराँ रो रसियो, यो मारूड़ो थारो है,बणी ठणी रह घणी धणी नै, रोज रिझाओ री,नणँदल नखराँली।।काजू दाखाँ अखरोटां रो, नणदोई शौकीन घणो,भर भर मुट्ठा मुंडा में दे, खूब खिलाओ री,नणँदल नखराँली।।नारैलाँ री चटणी रो, ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   10:57am 10 Mar 2020 #राजस्थानी गीत
Blogger: Basudeo Agarwal
फागुन का मास।रसिकों की आस।।बासंती वास।लगती है खास।।होली का रंग।बाजै मृदु चंग।।घुटती है भंग।यारों का संग।।त्यज मन का मैल।टोली के गैल।।होली लो खेल।ये सुख की बेल।।पावन त्योहार।रंगों की धार।।सुख की बौछार।दे खुशी अपार।।=============निधि छंद विधान:-यह नौ मात्रिक चार चरणों का ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   12:04pm 9 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
होली के सब पे चढ़े, मधुर सुहाने रंग।पिचकारी चलती कहीं, बाजे कहीं मृदंग।।दहके झूम पलाश सब, रतनारे हो आज।मानो खेलन रंग को, आया है ऋतुराज।।होली के रस की बही, सरस धरा पे धार।ऊँच नीच सब भूल कर, करें परस्पर प्यार।।फागुन की सब पे चढ़ी, मस्ती अपरम्पार।बाल वृद्ध सब झूम के, रस की छोड़े ... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   11:59am 9 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
सभी हम दीन।निहायत हीन।।हुए असहाय।नहीं कुछ भाय।।गरीब अमीर।नदी द्वय तीर।।न आपस प्रीत।यही जग रीत।।नहीं सरकार।रही भरतार।।अतीव हताश।दिखे न प्रकाश।।झुकाय निगाह।भरें बस आह।।सहें सब मौन।सुने वह कौन।।सभी दिलदार।हरें कुछ भार।।कृपा कर आज।दिला कछु काज।।मिला कर हाथ।चले... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   1:30pm 7 Mar 2020 #शुभमाल छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
चले चलो पथिक।बिना थके रथिक।।थमे नहीं चरण।भले हुवे मरण।।सुहावना सफर।लुभावनी डगर।।बढ़ा मिलाप चल।सदैव हो अटल।।रहो सदा सजग।उठा विचार पग।।तुझे लगे न डर।रहो न मौन धर।।प्रसस्त है गगन।उड़ो महान बन।।समृद्ध हो वतन।रखो यही लगन।।=============लक्षण छंद:-"जभाग"वर्ण धर।सु'शारदी'मुखर।।"... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   1:27pm 7 Mar 2020 #शारदी छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
2*15जीभ दिखा कर यारों को ललचाना वो भी क्या दिन थे,उनसे फिर मन की बातें मनवाना वो भी क्या दिन थे।साथ खेलना बात बात में झगड़ा भी होता रहता,पल भर कुट्टी फिर यारी हो जाना वो भी क्या दिन थे।डींग हाँकने और खेलने में जो माहिर वो मुखिया,ऊँच नीच का भेद न आड़े आना वो भी क्या दिन थे।नहीं क... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   10:59am 4 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
बह्र:- 2122   2122   2122   212लग रहा है यार मेरा हमसफ़र होने को है,सद्र जो दिल का था अब तक सद्र-ए-घर होने को है।उनके आने से सँवर जाएगा उजड़ा आशियाँ,घर बदर जो हो रहा था घर बसर होने को है।जो मुहब्बत थी खफ़ा उसने करम दिल पे किया,ऐसा लगता है कि किस्सा मुख़्तसर होने को है।रोज गाएँगे तरा... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   6:25am 4 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
221   2121   1221   212पाएँ वफ़ा के बदले जफाएँ तो क्या करें,हर बार उनसे चोट ही खाएँ तो क्या करें।हम ख्वाब भी न दिल में सजाएँ तो क्या करें,उम्मीद जीने की न जगाएँ तो क्या करें।बन जाते उनके जख्म की मरहम, कोई दवा,हर जख़्म-ओ-दर्द जब वे छिपाएँ तो क्या करें।महफ़िल में अज़नबी से वे जब आय... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   6:13am 4 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
बह्र: 1212 1212, 1212 1212ये नीति धार के रहो, बुरा न मानो होली है,कठोर घूँट पी हँसो, बुरा न मानो होली है।मिटा के भेदभाव सब, सभी से ताल को मिला,थिरक थिरक के नाच लो, बुरा न मानो होली है।मुसीबतों की आँधियाँ, झझोड़ के तुम्हें रखे,पहाड़ से अडिग बनो, बुरा न मानो होली है।विचार जातपांत का, रिवाज और ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   5:57am 4 Mar 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
2*9 (मात्रिक बहर)(पदांत 'गया', समांत 'ओ'स्वर)जिम्मेदारी में बढ़ी उम्र की,बचपन वो सुहाना गुम हो गया।चुगते चुगते अनुभव के दाने,अल्हड़पन मेरा कहीं खो गया।।तब कुछ चिंता थी न कमाने की,और फिक्र ही थी न गमाने की।अब कम साधन औ'अधिक खर्च का,हौवा ये मन का चैन धो गया।।अब तो कुछ भी करने से पह... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   4:07am 24 Feb 2020 #मात्रिक बहर आधारित
Blogger: Basudeo Agarwal
बहर:-  2122   2122   2122   212(पदांत का लोप, समांत 'अर')जिंदगी जीने की राहें मुश्किलों से हैं भरी,चिलचिलाती धूप जैसा जिंदगी का है सफर।।हैं घने पेड़ों के जैसे इस सफर में रिश्ते सब,छाँव इनकी जो मिले तो हो सहज जाती डगर।।पेड़ की छाया में जैसे ठण्ड राही को मिले,छाँव में रिश्तों के ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   3:59am 24 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
7 भगण (211) की आवृत्ति के बाद 2 गुरुबालक जन्म लियो जब से तब से जननी उर से चिपक्यो है।होय जवान गयो जब वो तिय के रस में दिन रैन रम्यो है।वृद्ध भयो परिवार बँद्यो अरु पुत्र प्रपुत्रन नेह पग्यो है।'बासु'कहे सब आयु गयी पर मूढ़ कभी नहिं राम भज्यो है। बासुदेव अग्रवाल नमनतिनसुकिया20-11-... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   2:49am 16 Feb 2020 #मत्तगयंद सवैया
Blogger: Basudeo Agarwal
हरि मुख से जो झरी, गीता जैसी वाणी खरी,गीता का जो रस पीता, होता बेड़ा पार है।ज्ञान-योग कर्म-योग, भक्ति-योग से संयोग,गीता के अध्याय सारे, अमिय की धार है।कर्म का संदेश देवे, शोक सारा हर लेवे,एक एक श्लोक या का, भाव का आगार है।शास्त्र की निचोड़ गीता, सहज सरल हिता,पंक्ति पंक्ति रस भर... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   2:40am 16 Feb 2020 #मनहरण घनाक्षरी
Blogger: Basudeo Agarwal
चक्की के दो पाट सा, प्रजातन्त्र का तंत्र।जनता उनमें पिस जपे, अच्छे दिन का मंत्र।अच्छे दिन का मंत्र, छलावा आज बड़ा है।कैसा सत्ता हाथ, हाय ये शस्त्र पड़ा है।नेताओं को फ़िक्र, मौज उनकी हो पक्की।रहें पीसते लोग, भले जीवन भर चक्की।।बासुदेव अग्रवाल 'नमन'तिनसुकिया23-04-18... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   2:36am 16 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
गिल्ली डंडा खेलते, बच्चे धुन में मस्त।जग की चिंता है नहीं, होते कभी न पस्त।।भेद नहीं है जात का, भेद न करता रंग।ऊँच नीच मन में नहीं, बच्चे खेले संग।।आस पास को भूल के, क्रीड़ा में तल्लीन।बड़ा नहीं कोई यहाँ, ना ही कोई हीन।।छोड़ मशीनी जिंदगी, बच्चे सबके साथ।हँसते गाते खेलते, डाल ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   2:29am 16 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
Blogger: Basudeo Agarwal
भेदभाव से दूर, बाल-मन जल सा निर्मल।रहे सदा अलमस्त, द्वन्द्व से होकर निश्चल।।बालक बालक मध्य, नेह शाश्वत है प्रतिपल।देख बाल को बाल, हृदय का खिलता उत्पल।।दो बालक अनजान, प्रीत से झट बँध जाते।नर, पशु, पक्षी भेद, नहीं कुछ आड़े आते।।है यह कथा प्रसिद्ध, भरत नृप बालक जब था।सिंह शाव... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   3:25am 12 Feb 2020 #रोला छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
रख नापाक इरादे उसने, सरहद करदी मधुशाला।रोज करे वो टुच्ची हरकत, नफरत की पी कर हाला।उठो देश के मतवालों तुम, काली बन खप्पर लेके।भर भर पीओ रौद्र रूप में, अरि के शोणित का प्याला।।सीमा पर अतिक्रमण करे नित, पहन शराफत की माला।उजले तन वालों से मिलकर, करता वहाँ कर्म काला।सुप्त सि... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   3:21am 12 Feb 2020 #लावणी छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
सुखों को चाहे सब ही जीव।बिना सुख के जैसे निर्जीव।।दुखों से भागे सब ही दूर।सुखों में रहना चाहें चूर।।जगत के जो भी होते काज।एक ही है उन सब का राज।।लगी है सुख पाने की आग।उसी की सारी भागमभाग।।सुखों के जग में भेद अनेक।दोष गुण रखे अलग प्रत्येक।।किसी की पर पीड़न में प्रीत।तो ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   3:14am 12 Feb 2020 #श्रृंगार छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
मन का मारो रावण सब ही।लगते सारे पावन तब ही।।सब बाधाओं की मन जड़ है।बस में ये तो वैभव-झड़ है।।त्यज दो तृष्णा मत्सर मन से।जग की सेवा लो कर तन से।।सब का सोचो नित्य तुम भला।यह जीने की उच्चतम कला।।जग-ज्वाला से प्राण सिहरते।पर-पीड़ा से लोचन भरते।।लखता जो संसार बिलखता।दुखियों क... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   6:46am 10 Feb 2020 #विमला छंद
Blogger: Basudeo Agarwal
जग पेट भरण में।रत पाप करण में।।जग में यदि अटका।फिर तो नर भटका।।मन ये विचलित है।प्रभु-भक्ति रहित है।।अति दीन दुखित है।।हरि-नाम विहित है।।तन पावन कर के।मन शोधन कर के।।लग राम चरण में।गति ईश शरण में।।कर निर्मल मति को।भज ले रघुपति को।।नित राम सुमरना।भवसागर तरना।।=============ल... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   6:38am 10 Feb 2020 #विमल जला छंद
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