POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: chikoti चिकौटी

Blogger: virendra jain
व्यंग्य                 बलात्कार प्रधान देश                                                                                     वीरेन्द्र जैन        आखिर ये मुँह ही तो थक चुका था यह कहते कहते कि भारत एक कृषि प्रधान देश है ,भारत एक कृषि प्रधान देश है। इस वाक्य को मंत्र की तरह बार बार, बार बार दुहराना होता था।लेख... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   9:55am 13 Jul 2012 #राजनीति
Blogger: virendra jain
व्यंग्यराष्ट्रपति पद प्रत्याशी की तलाश वीरेन्द्र जैन        पुराने जमाने की कई कहानियों में आता है कि जब किसी राज्य के राजा का निधन हो जाता और उसका कोई उत्तराधिकारी नहीं होता था तो मंत्रिपरिषद यह तय करती थी कि प्रातः जो भी व्यक्ति सबसे पहले नगर के मुख्य द्वार से प्रवेश ... Read more
Blogger: virendra jain
एक डायबिटिक द्वन्दवीरेन्द्र जैनकार्लमार्क्स का यह विश्लेषण पुराना पड़ गया है कि दुनिया दो ध्रुवों में बंटी हुयी है, एक मालिक ओर एक मजदूर, एक शोषक और एक शोषित। मुझे लगता है कि अब दुनिया जिन दो हिस्सों में बंट रही है उसे डायबिटिक और नानडायबिटिक का नाम देना पड़ेगा। एक वे ... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   4:44pm 31 May 2012 #डायबिटीस
Blogger: virendra jain
व्यंग्यडरी हुयी दीदी का जमाना दुश्मन है वीरेन्द्र जैन       पुरानी फिल्मों का एक गाना था जिसे में गीत नहीं कहना चाहता क्योंकि मैं गीत और गाने में फर्क करता हूं। उसके बोल थे- गोरी चलो न हंस की चाल, जमाना दुश्मन हैतेरी उमर है सोला साल, जमाना दुश्मन है      पर जिसके बारे में स... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   6:24am 29 May 2012 #राजनीति
Blogger: virendra jain
व्यंग्यपत्नी सी पत्नी मामा सा मामा वीरेन्द्र जैन       औपचारिक पत्नियों को देखते देखते बहुत दिन हो गये थे, पर पिछले दिनों एक खरी पत्नी जैसी पत्नी देखने को मिली तब समझ में आया कि “तुमने कैसे ये मान लिया, धरती वीरों से खाली है”। ये नकली पत्नियाँ बाहर बाहर तो ताजमहल के सामन... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   2:07pm 14 May 2012 #छापा
Blogger: virendra jain
व्यंग्यआधुनिक श्रवण कुमार और बुजर्गों की दृष्टिवीरेन्द्र जैन       हमारे पुराण इतने सम्पन्न हैं कि आप अच्छा बुरा कुछ भी करें उसमें से प्रतीक तलाश सकते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री जहाँ बच्चियों के मामा बनने की कोशिश करते हैं वहीं उनके विरोधी उनके कंस या शकुनि माम... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   4:21pm 1 May 2012 #मध्य प्रदेश
Blogger: virendra jain
व्यंग्यसांसद, विधायक बनानेकी फैक्ट्री बन्द वीरेन्द्र जैन       जबसे एसएममएस से संवाद की शुरुआत हुयी है तब से वर्तनी की तो ऐसी की तैसी हो गयी है।युवा पीढी का सोचना है कि संवाद प्रेषित होना वर्तनी अर्थात स्पैलिंग की चिंता सेअधिक महत्वपूर्ण है। हिन्दी के लोकप्रिय कवि नी... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   5:06pm 10 Apr 2012 #सांसद
Blogger: virendra jain
व्यंग्यहाफपेंट भी उतार दिया वीरेन्द्र जैन      राम भरोसे का आना तूफान का आना होता है। उसके आते ही लगता है कि कुछ खास बात है, आते ही उसने पुंगी बनाया हुआ अखबार फैला के पटक दिया और बोला लो देख लो। वैसे मैं देखने की जगह उसका मुख देखना और उसके उद्गार सुनने को ज्यादा उत्सुक रहत... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   2:39pm 26 Mar 2012 #आरएसएस
Blogger: virendra jain
व्यंग्यपड़ोसी की टॉगटूटने के सत्रह बरसवीरेन्द्र जैन            अपनी आदत के विपरीतमुंगेरीलाल काफी हाऊस में बहुत संयत और गंभीर होकर बैठा था। उसके पहने हुए कपड़ेधुले जैसे लग रहे थे वे जहॉ जहॉ भी फटे हों, वहॉ वहॉ फटे दिखाई नही दे रहे थे चाहेतो उन्हैं सिल लिया गया था या इस तर... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   10:12am 16 Mar 2012 #व्यवस्था
Blogger: virendra jain
व्यंग्य मेंहदी से नहीं खून से रंगे हाथ और काँच की चूड़ियाँ  वीरेन्द्र जैन क्या आप को पता है कि चूड़ियाँ कहाँ बनती हैं?       मेरामतलब काँच की चूड़ियों से है जो आपको पता ही है कि फिरोजाबाद में बनती हैं।फिरोजाबाद भोपाल इन्दौर से बहुत दूर नहीं है जो वहाँ से चूड़ियां नहीं आ स... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   11:14pm 14 Mar 2012 #चूड़ियाँ
Blogger: virendra jain
व्यंग्य मोदी की दूरदर्शितावीरेन्द्र जैन स्व. ओमप्रकाश आदित्य की एक कविता थी- मरने वालों के घर वालों की बददुआ न लगे इसलिए कफन बेचने वालों ने बनवा कर एक शमसान नगरपालिका को कर दिया है दान अब प्रतीक्षा है कि कोई नेता मरे तो उसे जला कर उसका उद्घाटन करें        उद्घाटन की अति क... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   7:24am 10 Mar 2012 #जेल
Blogger: virendra jain
व्यंग्यजन्म तिथि का चुनाववीरेन्द्र जैन             जिन्दा रहने के लिए पेट भरनाजरूरी होता है। पेट भरने के लिए नौकरी जरूरी होती है। नौकरी के लिए शिक्षा जरूरीहोती है, एक अदद डिग्री या प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होती हैऔर उस प्रमाण - पत्र  के लिए जन्म तिथिअर्थात डेट ऑफ बर्थ  की ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:00am 23 Feb 2012 #जन्मदिन
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3993) कुल पोस्ट (195196)