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Blog: धर्म-संसार

Blogger: vedprakash srivastav
जातकर्म संस्कार का परिचय एंव महत्व शिशु के जन्म होने से पूर्व तीन संस्कार होते है-गर्भाधान,पुंसवन तथा सीमन्तोन्यन। सीमन्तोन्यन प्रायः आठवे मास तक हो जाता है। उसके बाद लगभग एक से डेढ मास के अनन्तर प्रसव होता है। जन्म होने के बाद जो पहला संस्कार होता है। उसी का नाम है ज... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   6:19am 6 Feb 2019
Blogger: vedprakash srivastav
 सीमन्तोन्नयन का तात्पर्य- सीमन्तो शब्द दो पदो के योग से बना है। सीमन्त और उन्नयन। सीमन्त का अर्थ है,स्त्री की मांग  अर्थात सिर के बालो की विभाजक रेखा। विवाह-संस्कार में इसी सीमन्त में वर के द्वारा सिन्दूर-दान होता है और तभी से वह विवाहिता सौभाग्य शालिनी वधु सीमन्तिन... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   5:43am 3 Feb 2019
Blogger: vedprakash srivastav
पुंसवन-संस्कार का तात्पर्य गर्भाधान-संस्कार के अनन्तर जो पहला संस्कार होता है। उसका नाम है-पुंसवन। यह संस्कार जन्म के पूर्वका संस्कार है। गर्भाधान के अनन्तर स्त्री को नियमो का पालन करते हुए बडी सावधानी के साथ रहना चाहिए,क्योकि तीसरे-चौथे मास में तथा आठवे मास में गर... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   5:27am 3 Feb 2019
Blogger: vedprakash srivastav
क्या है सनातन धर्म शास्त्र के अनुसार गर्भाधान संस्कार  गर्भधान शब्द दो शब्दो के योग से बना है- गर्भ + आधान - आधान का अर्थ होता है स्थापित करना या रखना। इस तरह गर्भधान का शाब्दिक अर्थ है पुरूषो द्वारा स्त्री के गर्भशाय में बीज रूप शुक्र को  स्थापित करना। धर्म-शास्त्र में... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   10:50am 2 Feb 2019
Blogger: vedprakash srivastav
सनातन धर्म के धर्म संस्कार को जानने से पहले हम जानते है  प्राचीन वर्ण व्यव्स्था क्या जानते है।  आइये अब हम आत्मा-परमात्मा और भगवान को विस्तारित रूप में समझने का प्रयास करते है। इस प्रयास में हम सबसे पहले ‘‘ आत्मा ‘‘ को ही समझने का प्रयास करते है।  आत्मा- 1-परमात्मा को... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   8:42am 26 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
आर्यों के सोलह अनिवार्य संस्कार आदि काल से ही ऋषियों ने श्रेष्ठ प्रजा की उत्पत्ति के लिए वेद अनुसार १६ संस्कारो को अनिवार्य किया गया हैं | वैसे तो सम्पूर्ण जीवन काल हम स्वयम को संस्कारित ही करते रहते है परन्तु ये १६ संस्कार परम अनिवार्य हैं जिनमें से अधिक को हम पालन तो ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   4:10am 26 Jan 2019
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मृत्यु के बारे में कहा जाता है कि यह जीवन का अटल सत्य है, जो भी जन्म लेता है वह एक न एक दिन अपने शरीर का त्याग जरुर करता है। इसके साथ में हम सभी को यह जानने की उत्सुक्ता रहती है की मौत के बाद क्या होता है। शरीर को तो जला दिया जाता है लेकिन आत्मा कहा जाती है क्या करती है। मौत के... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   9:00pm 25 Jan 2019
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                                          ऐसा माना जाता है कि जमीन के नीचे पाताल लोक है और इसके स्वामी शेषनाग हैं। पौराणिक ग्रंथों में शेषनाग के फण पर पृथ्वी टिकी होने का उल्लेख मिलता है। शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्। यो धारयति भूतानि धरां चेमां सपर्वताम्।। इन परमदेव ने व... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   3:59pm 25 Jan 2019
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                                        श्रावण के महीने में  शिवलिंग के ऊपर तो दूध चढाने का विधान हम जानते हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए कि इस पूरे महीने ही शिव भगवान पर दूध चढाना होता है। इस बात को कुछ लोग गलत अर्थों में ले जाते हैं और बोलते हैं कि जितना दूध शिवलिंग पर भक्त बर्बाद करते ... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   3:57pm 25 Jan 2019
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क्यो नही अविवाहित कन्याओ को छूना चाहिए शिवलिंग ? भगवान शिव को महादेव के नाम से भी जाना जाता है जिसका मतलव है “देवों के देव”। महादेव की पूजा पूरी दुनिया करती है। भगवान शिव के “शिवलिंग” की पूजा का भी विशेष महत्व है हालाँकि शिव लिंग को योनि से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन शास्... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   4:40am 25 Jan 2019
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सोमवार व्रत कथा सोमवार के व्रत तीन प्रकार के होते हैं। सामान्य सोमवार व्रत, सोम्य प्रदोष व्रत एवं सोलह सोमवार। इन व्रतों में नियम अलग नहीं है। इन तीनों व्रतों के नियम एक जैसे ही हैं। केवल व्रत कथा तथा व्रत कब करें इसके समय का फर्क है। एक ही प्रकार से परमपिता शिव एवं माँ ... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   4:31am 25 Jan 2019
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शनिवार व्रत का महत्त्व अग्नि पुराण के अनुसार शनि ग्रह से मुक्ति के लिए "मूल"नक्षत्र युक्त शनिवार से आरंभ करके शनिदेव की पूजा करनी चाहिए और व्रत करना चाहिए। लौकिक जीवन में शनि ग्रह के अनिष्टों, अरिष्टों की शांति के लिए, सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए शनि देवता का व्रत ए... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   4:05am 25 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
शुक्रवार (संतोषी माता)  के व्रत की विधि  इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठें, ओर घर कि सफाई करने के बाद पूरे घर में गंगा जल छिडक कर शुद्ध कर लें। इसके पश्चात स्नान आदि से निवृ्त होकर, घर के ईशान कोण दिशा में एक एकान्त स्थान पर माता  संतोषी माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, पू... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   3:30am 25 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
गुरुवार व्रत कैसे करें? हिन्दू धर्म में प्रत्येक भगवान् को प्रसन्न करने के लिए और उनके पूजन के लिए विशेष दिन को चुना गया है। इन्ही में से एक है बृहस्पतिवार अर्थात गुरुवार जिसे सामान्य भाषा में वीरवार के नाम से भी जाना जाता है। जैसे शुक्रवार माँ संतोषी के व्रत के लिए नि... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   2:45am 25 Jan 2019
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बुद्धि, जुबान एवं व्यापार मनुष्य के जीवन के तीन मुख्य आधार स्तंभ हैं, जो कि बुध देव कि कृपा पर निर्भर हैं। बुधवार का व्रत करने से व्यक्ति की बुद्धि में वृ्द्धि होती है। इसके साथ ही व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिये भी इस व्रत को विशेष रुप से किया जाता है। व्यापारिक ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   5:57am 24 Jan 2019
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मंगलवार व्रत करने वाले व्यक्ति को मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का विशेष रूप से पालन करना चाहिए। हर मंगलवार को सुबह सूर्य उगले से पहले यानी ब्रम्हा मुहूर्त उठ जाना चाहिए। स्नान करने के बाद व्यक्ति को लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए। सबसे पहले अपने आप को शुद्ध करने के लिये प... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   4:44am 24 Jan 2019
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भगवान शिव को महादेव के नाम से भी जाना जाता है जिसका मतलव है “देवों के देव”। महादेव की पूजा पूरी दुनिया करती है। भगवान शिव के “शिवलिंग” की पूजा का भी विशेष महत्व है हालाँकि शिव लिंग को योनि से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन शास्त्रों के मुताबिक यह एक ज्योति का चिन्ह है। शिवलि... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   11:30pm 23 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
आमतौर पर मंदिरों में जिन देवी देवताओं की उपासना की जाती है, उनकी पूजा अर्चना घर पर भी करने के लिए घर के मंदिर में उनकी मूर्तियां या तस्वीरें रखी जातीं हैं। हर देवी-देवता की उपासना से सम्बन्धित कुछ नियम भी होते हैं। जिनका यथोचित पालन करने पर ही सकारात्मक परिणाम मिलता है... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   11:00pm 23 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
शिवलिंग का हिंदू धर्म में विशेष महत्‍व व स्‍थान है। इसे एकता और पूर्णता के लौकिक प्रतीक के रूप में माना जाता है। मान्‍यता है कि महादेव शिव का कोई रूप या आकार है और हर आत्‍मा में उनका वास है। शिवलिंग महादेव के निराकार रूप को दर्शाता है। जिस प्रकार धॅुए को देखकर आग के होन... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   10:30pm 23 Jan 2019
Blogger: vedprakash srivastav
मान्यताओं के अनुसार, दान करना हमेशा से पुण्य का काम माना गया है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनका सूर्यास्त के समय दान बास्तु के अनुसार  देना आप पर ही भारी पड़ सकता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति भी कमजोरी होती है। यदि आपको अपने घर की बरकत को कायम रखना है तो आपको इन चीजों के ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   10:00pm 23 Jan 2019
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