| पाँव जैसे धरती,सूरत अम्बर,नन्ही सी बिटियाआई मेरे घर।चिड़ियों सी चहके,फूलों सी महके,झूले झूलासपनों पर।प्यारी सी बिटियाआई मेरे घर।चीनी की बोरी है ,चंदा चकोरी है ,मत देखोलग जाएगी नज़र।भोली सी बिटियाआई मेरे घर।मक्खन की मटकी ,है रंगों की रंगोली,रूनकी -झुनकी ,रोली -पोली,ल... |
| अजीब जिद है...ना कहने देते हो,ना चुप रहने देते हो.ना ख़ामोशी में आराम,ना शिकवे में है सुकून,आज कह ही दो तुम आखिर मुझसे चाहते क्या हो...तुम जैसा सनम जिसका उसे किस ठौर मिले चैन,ना जीने में भला हो और ना मरने में भला हो...अब इस दीवानेपन का क्या जवाब दे कोई,जो देखे तो हो ... |
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November 10, 2011, 12:34 am |
| आज से ठीक १ साल पहले हमने उन्हें खो दिया...अजीब बात ये है कि जिस वक़्त वो जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, ठीक उसी वक़्त मैं उनसे दूर बैठी अपना ब्लॉग अकाउंट बना रही थी...आने वाली दुर्घटना से अनजान मैं, अनजाने में ही अपने लिए वो मंच तैयार कर रही थी जिसने दुःख, अवसाद, और अकेले... |
| आज पुरानी डायरी में बरसों पुराना ख्वाब मिला. एक शाम घर कि छत पर बैठी सूर्यास्त देख रही थी. मुझे सूर्योदय और सूर्यास्त देखना बेहद पसंद है. आसमान के बदलते रंगों में जैसे जीवन की सारी उर्जा संचित होती है. १८ -१९ साल की उम्र थी तो कल्पनाएँ और सपने भी सूरज की लालिमा की तरह ह... |
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February 20, 2011, 7:49 pm |
| valentine's day special मैं जिन्दगी हूँ तेरी, ये जानती हूँ लेकिनकभी खुद से जो कह देते,तो कुछ और बात होती...खामोशियों की जुबां भी समझती हूँ लेकिनजो अल्फाज होते,तो कुछ और बात होती...जो मोहब्बत लहू सी बसी हो रगों में,वो मोहताज़ इजहार की तो नहीं हैं,कभी डूब कर मेरी आँखों में लेकिनइजहार ... |
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February 12, 2011, 7:38 pm |
| मोहब्बत दिल में थी, जाने क्यों जुबा पे लाई ना गई.हमसे कही ना गई, तुमसे जताई ना गई...जो तुममें -मुझमें थावो हमसे तो पोशीदा रहा.मगर वो बात जमाने से ही छुपाई ना गई...सिलवटें गिनती रही सारी रात बिस्तर की,आग सीने की किसी शय से बुझाई ना गई...तुम्हारे प्यार में इस बाँवरी ने ... |
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February 8, 2011, 12:05 pm |
| तू इजाजत दे अगरछोटी सी शरारत कर लूँ...मैं तेरे दिल तक पहुँचने कीहिमाक़त कर लूँ.ख्वाब आँखों में सजा लूँ आसमान वाले,चाँद पाने की जरा सीमैं भी हिम्मत कर लूँ...दस्ताने-इश्क लिख दूँआफताब के नूर से, हीर-राँझा, लैला मजनूं सी मुहब्बत कर लूँ...रंग होठों से चुरा लूँ,रौशनी रुखसार ... |
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February 3, 2011, 2:37 pm |
| काश ऐसा होता !मेरा ख्वाब हकीकत बन जाता,और वक़्त का पहिया चलते-चलतेइन लम्हों में थम जाता...काश ऐसा होता !तुम्हारे बाँहों के घेरे मेंमेरी तनहाइयाँ खो जाती,तुम्हारी आँखों कि गहराई मेंमेरी पूरी कायनात गुम हो जाती...काश, ऐसा होता !तुम्हारी आँखों के सारे मोतीसिमट आते मेरे आँचल ... |
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January 29, 2011, 4:53 pm |
| जिन्दगी क्या है,एक सफ़र तनहा...दोस्त लाखों हैं,हम मगर तनहा...ख़ुशी की सुबह में तो भीड़ बहुत थी लेकिन,उदास शाम हुई तो रहा वो घर तनहा...जिसकी हर शाख थीआशियाँ परिंदों का, ढली बहार तो रह गयावो शजर तनहा...दर्द बरसता रहा आँखों से सावन बन कर, भींगती रही मैं भीरात भर तनह... |
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January 23, 2011, 6:38 pm |
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January 23, 2011, 5:54 pm |
| क्या बात है जनाब, मुस्कुरा भी रहे हैं,दिल का दर्द आँखों में छुपा भी रहे हैं...ये अदा तो आपकी नई - नई लगी,कहते हैं राज की बात है, बता भी रहे हैं...मेरी आँखों में अश्क आपको अच्छे नहीं लगते,खुद ये कह कर हमें रुला भी रहे हैं...साया हैं हम, तनहा नहीं छोड़ेंगे आपको जानते हैं, दामन को छुड... |
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January 21, 2011, 5:58 pm |
| खामोशियों को ना बेजुबां समझो, बंद होठों से ये हर नज्म गुनगुनायेंगी,तुम लब्ज टटोलते रहना ,ये बात राज की कह जाएँगी.रंग बदलेगा जब उनके गालों का,मोहब्बत भी बयां हो जाएगी,इश्क अल्फाज कहाँ ढूंढेगा,कयामत जब दिलों पे आएगी.उलझे जुल्फों से होंगी फरियादें,कसम नज़रों से उठ... |
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January 19, 2011, 11:21 am |
| माफ़ करें, ये कोई कविता नहीं है...ये वो पीड़ा है जिसे हर औरत रोज कमो-वेश सहती हैं...परन्तु अब बस...हाँ! मैं औरत हूँ,तो इसलिएक्या तुम मेरे अस्तित्वपर प्रश्नचिन्ह उठाओगे?मेरी गरिमा की परिधि नापोगे,मेरे स्वाभिमान की सीमा बताओगे.तुम,जिसे साँसे लेना मेरे गर्भ ने सिखाया,जिसे ... |
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January 17, 2011, 10:03 am |
| आँखें...शरीर का सबसे सुन्दर हिस्सा, मन का आइना, आत्मा की परछाई. आज एक रचना उनकी खुबसूरत आँखों के लिए...शोरो-गुल मच गया है दिल के नगर में,मन के मौसम में फैली अजब सी खुमारी...एक नज़र में सुना डाली पूरी कहानी,बहुत बोलती हैं ये आखें तुम्हारी.कभी है ये चंचल, हो जैसे कोई झरना,विरानो... |
| उसे प्यार हो गया था...एक ऐसे लड़के से जिसने कभी उसकी तरफ देखा ही नहीं. शायद इस लिए कि रंग रूप में बड़ी साधारण थी वो. पर जिस तरह वो उसे चाहती थी वैसी चाहत ना मैंने देखी ना सुनी.उस लड़की के इकतरफे प्यार की बेचैनी, उसकी तड़प को समझने की कोशिश करती एक रचना...तुम्हारा ह्रदयपत्थर की ... |
| आज जो कह रही हूँ वो शब्द तो मेरे हैं पर अहसास किसी और के है. अरे! आप गलत समझ रहे हैं, वो अनपढ़ नहीं है, इंजिनियर है भाई...MNR ,इलाहाबाद, toper { (: with scholarship :) },लेकिन भावनाए व्यक्त करना इंजिनियरस के बस कि बात कहाँ. ये जनाब मेरे 'वो' हैं, सोचा इनसे भी मिला दूँ...बताइयेगा जरुर, मुलाकात कैसी लगी?... |
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December 24, 2010, 8:52 pm |
| जाने दो , क्या हांसिल होगा अपने जख्म दिखाने से,हमको नहीं उम्मीद जरा भी इस बेदर्द ज़माने से.जिसको हमने बचा के रखा दुनिया भर की आफत से,दिल भारी हो जाता है मुझ पर उसी के पत्थर उठाने से.दिल टुटा ,रिश्ते टूटे और टूटे ख्वाब ना जाने कितने,बस हिम्मत की डोर ना टूटी वक़्त के ताने ब... |
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December 21, 2010, 12:30 pm |
| बहका लो अपनी बाँहों मेंकुछ ख्वाब सवार लेने दो,एक जिन्दगी की बात हैगुजार लेने दो.छू जो लिया तुमने तो पूरी हो गई हूँ मैं,इस अहसास को अब रूह तक उतार लेने दो.तुम्हारे अक्स में देखी हैमैंने खुदा की सूरत,जी भर के मुझे चेहरा येनिहार लेने दो.अभी आये , अभी बैठेअभी जाने की बात कर द... |
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December 16, 2010, 3:28 pm |
| कुछ बात थी तुम्हारी बातों में,बिन बात भी मुस्कुरा दिए,तुम आ गए पहलु में जबतो सारे दीये बुझा दिए.तुम सामने बैठे थे जब,आँखे हुई मेरी बेअदब,टुक-टुक निहारती रही तुम्हे,पल भर को भी ना झुकी पलक.और आज बस तुम्हारे जिक्र पर सुर्ख सी हो गई नज़र,यूँ लाज से बेहाल थे,आइना देख कर स... |
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December 8, 2010, 2:10 pm |
| मेरे साँस लेते सपनों से मिलिए...छोटे साहब का नाम है लव. ये मेरे भतीजे हैं और अभी सिर्फ दो साल के हैं.अभी ठीक से बोलना भी नहीं आता इन्हें पर सारा घर सर पे उठा कर रखते हैं. बड़े साहब मेरे सुपुत्र हैं ...इनका नाम क्यूटू {ओमतनय } ,और ये अभी ६ साल के हैं और छोटे साहब के गुरु हैं...:)नन... |
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November 18, 2010, 6:29 pm |
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