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Blog: जीवन यात्रा , एक दृष्टिकोण

Blogger: शारदा अरोरा
 बादलों के झुण्ड .... जैसे रुई के अम्बार लगे हों , जिन्हें चीरता हुआ प्लेन सुबह-सुबह जर्मनी फ्रैंकफर्ट के आसमान से जब नीचे उतर रहा था ; गहरे हरे रँग के जँगल , हलके धानी और पीले रँग के खेत , खिलौनों जैसे घर साफ़ दिखाई देने लगे थे।इमिग्रेशन और सिक्योरिटी की औपच... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   6:41am 26 Nov 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
 समाज की पर्तें उधड़ रही हैं , नेपोटिज्म ,पॉलिटिकल कनेक्शन ,ड्रग कनेक्शन और रिश्तों की टूटन । रिश्तों की टूटन अन्ततः डिप्रेशन की तरफ ले जाती है। ये साफ़ होता जा रहा है कि आज की आर्टिफिशयल चमक-दमक भरी दुनिया किस तरह नशे की गिरफ़्त में आ चुकी है। ड्रग्स पार्टीज ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   8:36am 4 Oct 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
इक सन्नाटा सा पसरा है सारे शहर में पत्ते भी हैं सरसराते , हवा भी चल रही है पक्षी भी हैं चहचहाते इक इन्सान ही ठहरा है अपनी आरामगाह में १. ये सोशल डिस्टेंसिंग बीमारी से अपने बचाव के लिये हमें स्वेच्छा से खुद ही चुन लेनी चाहिये।निदान उपचार से बेहतर है। यही सर्वोत्... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   1:31pm 16 Apr 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
Picture credit -Kusha Arora ....my daughterहम जीते मरते रहते हैं जिन संवेदनाओं की खातिर सर पे लटकी हो तलवार तो सब हो जाती हैं बेमायने माँगते हैं सिर्फ चलने की डगर एक बार की बात है जब कोरोना की वजह से महामारी ने सारी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। once upon a time there was an outbreak of pandemic Corvid-19, a contagious disease etc.etc... ; हो सक... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   12:17pm 10 Apr 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
सिडनी , ऑस्ट्रेलिया से लौटा ३५ साल का युवक भारत पहुँचता है , स्क्रीनिंग में हल्का बुखार पाये जाने पर टेस्ट के लिए अस्पताल लाया जाता है। अभी तो टेस्ट की रिपोर्ट भी नहीं आती और वो घबरा कर अस्पताल की सातवीं मँजिल से नीचे छलाँग लगा देता है। कोरोना की दहशत ने उसे पहले ही मौत ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   6:15pm 20 Mar 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
रिश्ते तभी कटु होने लगते हैं , जब हम सिर्फ अपना हित देखते हैं। एकमात्र पति-पत्नी का रिश्ता ऐसा है जो कितना भी कटु हो जाये , अगर एक भी साथी प्यार से प्रयत्न करता है तो उसे वापिस सामान्य होने में देर नहीं लगती।कटुता माँ-बाप बच्चे , भाई बहन , पति पत्नी , बहु सास-ससुर या दामाद स... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   2:51am 16 Dec 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
बुराड़ी काण्ड , एक साथ ११ लोगों की दिल दहला देने वाली आत्महत्या ; पहली ही नजर में ये तो साफ समझ में आता है कि उनमे से कोई भी ये समझ नहीं पाया था कि इस हादसे में उनकी जान चली जायेगी।  अगले दिन के लिये छोले भिगो कर रखना , दही जमा कर रखना और फिर ललित का उसी दिन फोन रिचार्ज कराना ; क... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:20am 20 Oct 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
 आज मामूली सी कहासुनी भी वाद-विवाद में बदल जाती है। राह चलते जरा सी झड़प भी कब हिंसा में तब्दील हो जाती है कि अन्जाम काबू से बाहर हो जाता है , कह नहीं सकते। इस भागती-दौड़ती दुनिया में हर कोई व्यस्त भी है और कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है। लगातार बढ़ते हुए ट्रैफिक और पार्किं... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   8:46am 10 Oct 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
वो बिज़ आने तलक ग्लास पर ग्लास चढ़ाता जा रहा था। आज की युवा पीढ़ी या किशोरावस्था के बच्चे एल्कोहल , ड्रग्स या नशे के लिए प्रयोग की जाने वाली दूसरी वस्तुओं को बड़ी आसानी से से ग्रहण कर लेती है। उसे सब्जबाग दिखाये जाते हैं कि पार्टी करना , मौज-मस्ती करना ही जीवन का ध्येय है।  औ... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   7:45am 15 Aug 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
सभी लोग छुट्टियों का भरपूर लुत्फ़ उठाते हैं। पहाड़ों की हसीन वादियों का सफर हो या गोवा , महाराष्ट्रा , दक्षिण भारत या देश-विदेश के समुद्री तटों की सैर हो ; हर बार किसी नई जगह को नापने की इच्छा मन में जागती है। तरह-तरह के लज़ीज व्यँजन और रैस्टोरेन्ट्स का स्वाद मन को लुभाता है। ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   4:58pm 26 Jun 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
हम सभी लोग ज्यादातर अपनी अपनी परिस्थितियों के गुलाम हैं। ऐसा क्यों होता है कि कई बार किसी से बात करते हैं तो वो अचनाक ऐसी प्रतिक्रिया देता है जो हमारी आशा के विपरीत होती है। हमें हैरान कर देने वाले नतीजों का सामना करना पड़ता है। किसी के दिल में क्या चल रहा है , कोई नहीं जा... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   8:51am 21 Jun 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
न साथ चलने के सौ बहाने साथ चलने का बहाना एक नहीं  जब रिश्ते में दरारें पड़ने लगतीं हैं तो ऐसा ही होता है। प्यार का पौधा भी पानी माँगता है। वही रिश्ता जो सबसे हसीन था वही कब चुभने लगता है कि नश्तर बन जाता है , पता ही नहीं चलता। वही साथी जिसके बिना रहा नहीं जाता था आज सा... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   6:07am 26 May 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
सफर में साथी , समां और सामाँ सब तय है , सब वही रहेगा ; अब ये समन्दर की मर्जी है के वो भँवर में तुझे गर्क कर दे या ज़िन्दगी के किनारों पर ला पटके।  इस सारी छटपटाहट को अर्थपूर्ण बना। किस ओर तेरी मन्जिल और किधर जा रहा है तू। ऐ नादान मुसाफिर , अनमोल तेरा जीवन , कौड़ियों के भाव जा रहा ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   9:30am 16 Feb 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
समाज में अपराधों का बढ़ता ग्राफ लगातार ये कह रहा है कि आदमी मन के तल पर बीमार है। उपचार भी मन के तल पर ही करना होगा। प्राण-शक्ति की कमी या तो उसे भरमा कर , भटका कर अपराध की दुनिया में सुकून या कहो मजा तलाशने धकेल देती है या अवसाद की तरफ धकेल देती है। लगातार बदलती हुई इस दुनि... Read more
clicks 288 View   Vote 0 Like   1:44am 26 Mar 2015 #
Blogger: शारदा अरोरा
दिल दिमाग बुद्धि के लिये अंग्रेजी के शब्द-कोष में शब्द हैं , मगर मन के लिये कोई शब्द नहीं है।  इसी तरह सँस्कार व सँस्कार-शीलता के लिये के लिये  भी अंग्रेजी में कोई सटीक शब्द नहीं है।  हर भाषा की अपनी विशेषता होती है , बात कहने का अपना अन्दाज़ होता है ;दूसरी भाषा में अनुव... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   7:54am 10 Jan 2015 #
Blogger: शारदा अरोरा
क़ैद में है बुलबुल , सैय्याद मुस्कुराये फँसी है जान पिंजरे में , हाय कोई तो बचाये कोई तो हाथ-पैर छोड़ कर दुबक कर बैठ जाता है और कोई सारी रात टुक-टुक कर पिंजरे की तारों को या हाथ आई हुई लकड़ी की सतह या कपड़े को सारी रात कुतर-कुतर कर काटता रहता है ;जिस रोटी के टुकड़े के लिये व... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   9:11am 13 Dec 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
बड़ी कोशिशों से पासपोर्ट रिन्यू करवाने के लिए अपोइन्टमेंट मिला था। सारी औपचारिकताएँ पूरी हुईं तो एक एफ़िडेबिट बनवाने की क्वैरी निकल ही आई।  टीना काउन्टर से एफ़िडेबिट कहाँ से और कैसे बनेगा पूछ कर जैसे ही मुड़ी , ऑफिसर पास ही खड़ी दूसरी लड़की के लिए कह रहा था कि इन मैडम को भ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   9:00am 29 Oct 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
नारी अबला नहीं है।  वहशी दिमागों का जोर किसी पर भी उतना ही कारगर है , चाहे वो नर हो या नारी हो ; क्योंकि वो तो उनका सुनियोजित मकड़जाल होता है , बिना तैय्यारी जिसमें कोई भी फंस सकता है।  नारी उपभोग की वस्तु नहीं है।  पुरुष अपने अहम पर चोट बर्दाश्त नहीं करता , इसे ताकत नहीं ... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   4:59am 8 Sep 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
किसी शायर ने सटीक कहा है।  'हम अपने -अपने खेतों में 'गेहूँ की जगह , चावल की जगह ,ये बन्दूकें क्यूँ बोते हैं 'नफ़रत की चिन्गारी को हवा देते ही शोले भड़क उठते हैं।  चन्द लोगों के सीने की नफ़रत व्यवसाय का रूप क्यों ले लेती है ? कम उम्र का युवा मन जिसे कच्ची मिट्टी की तरह जिधर च... Read more
clicks 287 View   Vote 0 Like   11:12am 9 Jul 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
सड़क पर गुजरते हुए कुछ अठारह-बीस साल के लड़कों को बातें करते सुना।  वो अपनी भाषा में गालियों का प्रयोग बड़ी हेकड़ी के साथ कर रहे थे ; जैसे ये उनकी शान बढ़ा रही हों।  कम पढ़े-लिखे लोगों के साथ-साथ सभ्य बुद्धि-जीवी कहे जाने वाले लोग भी कम उद्दण्ड नहीं हैं।  हमारे फिल्म-जगत ने... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   9:50am 24 Apr 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
 अपने एक ब्लॉग का अवलोकन कर रही थी कि ट्रैफिक स्त्रोत देखा , कि किस किस जरिये से कोई उस ब्लॉग तक पहुँचा था ; गूगल सर्च पर की-वर्ड 'आत्महत्या कैसे करूँ 'लिख कर कोई मेरे उस ब्लॉग तक पहुँचा था , हालाँकि  मेरे ब्लॉग पर उसे मन को उठाने वाली सामाग्री ही मिली होगी।  बहुत दुख ... Read more
clicks 306 View   Vote 0 Like   10:22am 3 Apr 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
वो दोनों प्रिन्टर्स बुक-फेयर में एक ही स्टॉल शेयर कर रहे थे , मगर एक-दूसरे को कितना सहयोग दे रहे थे , इस बात से जाहिर है कि जब एक को दूसरे की किताब के विमोचन के अवसर पर किसी एक मेहमान के आने पर हॉल न. बताने के लिये कहा गया तो उसने साफ़ इन्कार कर दिया कि उसे याद नहीं रहेगा।  और... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   9:11am 27 Mar 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
मौसम में छाया कोहरा और अस्पतालों में डिप्रेशन के मरीजों की बढ़ती सँख्या , चिन्ता का विषय है।  आज आदमी बाहर के मौसमों को अपने अन्दर उतार बैठा है।  बाहर खराब मौसम तो उदास , बाहर खिली धूप तो चेहरे पर भी मुस्कान , अहम् को पुष्ट करने वाला सामान तो आदमी खुश , नीचा दिखाने वाली ... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   5:00am 26 Feb 2014 #
Blogger: शारदा अरोरा
हम जब अपनों से झगड़ा करते हैं तो सिर्फ उसके अवगुण देखते हैं ,गुणों को भूल जाते हैं।  लिस्ट बनाने बैठेंगे तो उसके गुणों की या फेवर्स की लिस्ट लम्बी होगी , मगर हमें तो वही दुर्गुण दिखता है।  A few drops of yogurt curdles the milk or a single drop of poison is sufficient to deteriorate the substance. जब भी कोई गुस्सा करता है ,  तब उसके दिल ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   11:24am 30 Dec 2013 #
Blogger: शारदा अरोरा
गुरु सँभाल के कीजिये। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि गुरु के बिना गति नहीं होती है। ऐसा इसलिये कहा गया है कि गुरु हमारा हमारे अपने ही असली स्वरूप यानि एक अदृश्य सत्ता से जुड़े होने का परिचय करवाता है।  राम-रहीम तो माध्यम भर हैं ; क्योंकि साकार में मन टिकता है ,इसलि... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   11:21am 22 Sep 2013 #
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