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नमस्ते namaste

नमक का दारोगा  ?अजी ऐसे किरदार, जो अपने ईमान पर चट्टान की तरह अडिग रहते हैं,वो असल ज़िंदगी में कहाँ होते हैं ?इतना कह कर हम छुटकारा पा लेते हैं। असल ज़िन्दगी में भी नमक के दारोगा होते ,अगर हम दूसरों से नहीं ख़ुद से उम्मीद रखते। यदि हम सचमुच चाहते,  तो दूसर...
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  July 31, 2019, 3:35 pm
बीज बोने केबहुत दिनों बाद तकसींचते-सींचतेमिट्टी को नरम रखतेआतुर नयनढूँढते हैंजीवन का कोई चिन्ह ।और तबजब एक दिन अचानकनम मिट्टी में एक अंकुर फूटते देख जो पुलक हृदय में हिलोर लेती है ..उल्लास का सरोवरबन जाती है ।उस सरोवर को कभीसूखने मत देना ।उस निर्द्वंद पुलक कोभाव सरो...
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  July 26, 2019, 12:50 pm
नीलाम्बर सा नभ का चंदोबा,पतंगों सी झिलमिलातींपताकाएं बावरी झूमती,पीताम्बर सी फहरातीं ..कीर्तन करती हुईआनंद उत्सव मनातीं  वंदना की वंदनवार। ह्रदय को आभास करातींभक्ति की आभा का ।कोई तान हृदय से उठतीजुगल जोड़ी के चरणों मेंशीश नवाती अश्रु बहातीहो समर्पित लौ लगाती ...
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  July 21, 2019, 11:00 pm
नानाजी ने दी थीनारायण की चवन्नी ।कहा था,संभाल कर रखनाइसे कभी मत खोना ।ये भी कहा था,जब सब खो जाता है,तब काम आती हैनारायण की चवन्नी ।बात सच्ची निकली ।जब किस्मत खोटी निकलीतब चवन्नी ही काम आई ..नारायण की चवन्नी ।क्या नहीं खरीद सकती ?चांदी-सोने की गिन्नी ?पर मन का चैन देतीनार...
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  July 18, 2019, 3:29 pm
जीवन को उत्सव जानो ।कर्मठता में ढालो ।परम उत्साह से सींचो ।हर अनुभव से कुछ सीखो ।विद्या का सार समझो ।अवसर पर न चूको ।परिश्रम करते रहो ।हरि नाम जपते रहो ।समस्याओं का सामना करो ।विडंबनाओं से लोहा लो ।गुरुदेव ने कहा,और उतार दी नौकाभव सागर में ।इससे पहले उन्होंनेसिर पर हा...
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  July 17, 2019, 12:24 am
जीवन को उत्सव जानो ।कर्मठता में ढालो ।परम उत्साह से सींचो ।हर अनुभव से कुछ सीखो ।विद्या का सार समझो ।अवसर पर न चूको ।परिश्रम करते रहो ।हरि नाम जपते रहो ।समस्याओं का सामना करो ।विडंबनाओं से लोहा लो ।गुरुदेव ने कहा,और उतार दी नौकाभव सागर में ।इससे पहले उन्होंनेसिर पर हा...
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  July 17, 2019, 12:24 am
तीन गुलाब खिले एक साथ !छोटे से पौधे पर !पात-पात पर आई बहार !चतुर्दिक छाई रौनक़ !वर्षा हो रही थम-थम  .. बूंदों का जलतरंग कर्णप्रिय सुन कर गदगद मन मयूर फैला कर इंद्रधनुषी पंख बाँध कर बूंदों के नूपुर  नृत्य कर रहा झूम-झूम !मन मगन बना विशाल गगन तब प्रस्तुत हुआ यह ...
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  July 12, 2019, 8:26 pm
तीन गुलाब खिले एक साथ !छोटे से पौधे पर !पात-पात पर आई बहार !चतुर्दिक छाई रौनक़ !वर्षा हो रही थम-थम  .. बूंदों का जलतरंग कर्णप्रिय सुन कर गदगद मन मयूर फैला कर इंद्रधनुषी पंख बाँध कर बूंदों के नूपुर  नृत्य कर रहा झूम-झूम !मन मगन बना विशाल गगन तब प्रस्तुत हुआ यह ...
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  July 12, 2019, 8:26 pm
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  July 10, 2019, 10:51 pm
जो पूछना नहीं भूलतेकैसे हैं आपके पौधे ..उन्हें पता है आपकी जान बसती हैअपने पौधों में,जैसे कहानियों मेंअक्सर राजा कीजान बसती थी हरे तोते में ।उन्हें आभास हैजीवन कीक्षणभंगुरता का ।इसलिए जी उनकाउत्साह से छलकतास्वच्छ ताल गहरा..जिसमें खिलतेअनुभूति के कमल ।जल में सजलजीव...
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  July 7, 2019, 8:01 pm
जो पूछना नहीं भूलतेकैसे हैं आपके पौधे ..उन्हें पता है आपकी जान बसती हैअपने पौधों में,जैसे कहानियों मेंअक्सर राजा कीजान बसती थी हरे तोते में ।उन्हें आभास हैजीवन कीक्षणभंगुरता का ।इसलिए जी उनकाउत्साह से छलकतास्वच्छ ताल गहरा..जिसमें खिलतेअनुभूति के कमल ।जल में सजलजीव...
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  July 7, 2019, 8:01 pm
आज यह फूल खिलाउस पौधे पर,जिस पौधे कीलगभग इतिहो चुकी थी ।पर जब किसी ने कहा,चमत्कारीहोती है आशा..और सेवा,उस भरोसे नेपौधा फेंकनेनहीं दिया ।दिन-रात बसमन में मनायाजी जाए पौधा ।मिट्टी खाद धूप जलऔर देखभाल नेपौधे में रोप दी जिजीविषा ।आशा नेऔषधि काकाम कर दिखाया ।आज सुबह देखा...
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  May 27, 2019, 11:04 pm
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नमस्ते namaste ...
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  May 24, 2019, 12:01 am
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  May 24, 2019, 12:01 am
आज ही खिलेये फूल !सुबह-सुबह इनकी भीनी-भीनीसुगंध ने हिला कर जगाया ।उठते ही स्मरण हो आया..मोती सरीखीजो कली थी,संभव है खिल गई हो !भाग कर खिड़की से झांक के देखा ।सचमुचफूल खिले थे !शरारत सेमुस्कुरा केहिल-हिल केहौले-हौलेअभिवादन कर रहे थे ।दिन-प्रतिदिनकई दिनों तक पौधे को सीं...
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  May 12, 2019, 1:52 pm
आज ही खिलेये फूल !सुबह-सुबह इनकी भीनी-भीनीसुगंध ने हिला कर जगाया ।उठते ही स्मरण हो आया..मोती सरीखीजो कली थी,संभव है खिल गई हो !भाग कर खिड़की से झांक के देखा ।सचमुचफूल खिले थे !शरारत सेमुस्कुरा केहिल-हिल केहौले-हौलेअभिवादन कर रहे थे ।दिन-प्रतिदिनकई दिनों तक पौधे को सीं...
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  May 12, 2019, 1:52 pm
भई ये लोकतंत्र है ..वो भी संसार का सबसे बड़ा !कोई क्या कह सकता है किसी को !पर भाइयों और बहनों कभी तो सोचो !हम इस लोकतंत्र में रहने लायक हैं क्या ?लोकतंत्र में रहने के कर्तव्य हमें क्या होंगे पता !संविधान में दिए अधिकार भी मालूम हैं क्या ?फिर किसको देते हो किसका वास्ता ? कैसा वा...
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  May 2, 2019, 11:20 pm
घास पर लेट कर गुनगुनी धूप में आकाश को देखना..टकटकी लगा कर..और बताना, कितना नीलाऔर गहरा दिखाई देता है..आसमाँ....
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  April 27, 2019, 10:33 am
किताबें ..झकझोरती हैं,नींद से जगाने के लिए ।कचोटती हैं,ग़लतियों के लिए ।झगड़ती हैं,हमारे पूर्वाग्रहों से ।चुनौती देती हैं,अपना मुस्तकबिलखुद गढ़ने के लिए ।कुरेदती हैं, दिल की दीवारों पर जमी काई को ।किताबों से कुछ नहीं छुपा ।किताबों को ही चलता है पता  । चुपके से टपका आ...
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  April 26, 2019, 12:16 pm
किताबें ..झकझोरती हैं,नींद से जगाने के लिए ।कचोटती हैं,ग़लतियों के लिए ।झगड़ती हैं,हमारे पूर्वाग्रहों से ।चुनौती देती हैं,अपना मुस्तकबिलखुद गढ़ने के लिए ।कुरेदती हैं, दिल की दीवारों पर जमी काई को ।किताबों से कुछ नहीं छुपा ।किताबों को ही चलता है पता  । चुपके से टपका आ...
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  April 26, 2019, 12:16 pm
अनायास ही,हाथ से छूट गई !छन्न से टूट गई,मेरी प्रिय चूड़ी !हा कर ताकती रह गई ..कुछ ना कर सकी !क्या फिर से जुड़ सकेगी चूड़ी जो टूट गई ?क्या दिल भी टूटते हैं यूँ ही ?क्या स्वप्न भी   चूर-चूर होते हैं ऐसे ही ?टूट कर जुड़ते भी हैं कभी ?पता नहीं.बाबा रहीम तो कहते हैं यही ..टूटे से फिर ना...
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  April 17, 2019, 12:51 pm
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नमस्ते namaste ...
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  April 14, 2019, 7:37 am
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  April 14, 2019, 7:37 am
"जीवन से लम्बे हैं बंधु , इस जीवन के रस्ते  .. "सुरम्या ने अपना चहेता गीत इतने दिनों बाद सुना तो वॉल्यूम बढ़ा दिया। मन्ना दा का गाया यह गीत जब से सुना था, तब से ही ना जाने क्यों बहुत अपना लगता था। अपना शहद-नीबू पानी का गिलास लेकर सुरम्या खिड़की के पास बैठ गई। खिड़की के पास लगे का...
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  April 9, 2019, 1:10 pm
बारिश रुक गयी थी । पर बादल थे । और ठंडी बयार बह रही थी । चाची ने बेसन की गरम-गरम पकौड़ियाँ बनायीं थीं । सारे के सारे चचेरे भाई-बहन गुट बना कर  बाहर बरामदे में बैठे हुए थे । अनुभा जो इन सब में  बड़ी थी, अभी-अभी अदरक वाली चाय बना कर ले आई थी । चाय ही नहीं, बातों और गप्पों की भी...
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  April 3, 2019, 3:35 pm
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