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Blog: नमस्ते namaste

Blogger: noopuram
एक पेड़ का धराशायी होना,टूट कर गिरना,हतप्रभ कर देता है ।एक सदमे की तरहआघात करता है ।कुछ तोड़ देता हैअपने भीतर ।एक पेड़ कोठूंठ बनते देखातो लगा,क्या फ़र्क है,पेड़ के सूखनेऔर भावनाओं केजड़ हो जाने में ?इसीलिए जबठूंठ भी ना रहा,हृदय की तरलअनुभूति भीजाती रही ।जड़ों के बिना कोईजी प... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   10:22am 1 Jun 2020 #
Blogger: noopuram
जा रहे होतुम अपने रास्तेकिसी काम से ।तभी देखारास्ते के किनारेकोई बेचाराचोट खाया पड़ा हुआ था ।कोई ना मदद कोआगे आ रहा था ।दिल बोलाहाथ बढ़ा ।कर सहायताअस्पताल पहुँचा ।दिमाग़ बोला,क्या फ़ायदा ।ये ना बचेगा ।उल्टा तू फँसेगा ।दिल फिर बोला,बहाने न बना !कोशिश तो कर जाजान बचा !दिम... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   3:34am 18 May 2020 #
Blogger: noopuram
ध्वस्त मनःस्थितिकोई राह सूझती न थीसन्नाटा पसरा थाबाहर और भीतरशब्द-शून्य क्षण थापत्ता भी हिलता न था अव्यक्त असह्य पीड़ा काबादल घुमड़ रहा था ।इतने में सहसा दूर कहीं टिमटिमायाजुगनू साआरती का दियाऔर सुनाई दीघंटी की धीमी ध्वनि ।भीतर कुछ पिघल गयाएक आंसू ढुलक गया ।कोई ... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   7:28am 8 May 2020 #
Blogger: noopuram
सारी रस्साकशी !सारी खींचतान !सारी लड़ाई ..मुल्कों के बीच ..संप्रदायों के बीच..समुदायों के बीच ..परिवारों के बीच ..लोगों के बीच ..रिश्तों के बीच..अधिकार की नहीं..न्याय की नहीं ..सामंजस्य की नहीं..विरोधाभास की नहीं ..टकराव की नहीं..पैसे की नहीं ..सत्ता की भी नहीं ..आदमी की बसाईइस बेहत... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   8:01am 5 May 2020 #
Blogger: noopuram
सारी रस्साकशी !सारी खींचतान !सारी लड़ाई ..मुल्कों के बीच ..संप्रदायों के बीच..समुदायों के बीच ..परिवारों के बीच ..लोगों के बीच ..रिश्तों के बीच..अधिकार की नहीं..न्याय की नहीं ..सामंजस्य की नहीं..विरोधाभास की नहीं ..टकराव की नहीं..पैसे की नहीं ..सत्ता की भी नहीं ..आदमी की बसाईइस बेहत... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   8:01am 5 May 2020 #
Blogger: noopuram
वाह भई वाह !क्या खूब !क्या कहने !छा गए !बहुत कामयाब रहा !कवि सम्मेलन तुम्हारा !लोगों ने बहुत सराहा !खूब तालियां बजी !चहुं दिक चर्चा हुई !पर एक बात बताओ भई !कब से माथे को मथ रही !तुमने बात बड़ी अच्छी कही !पर आचरण में दिखी नहीं !कविता अगर जी नहींतो क्या खाक लिखी !... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   10:33am 2 May 2020 #
Blogger: noopuram
वाह भई वाह !क्या खूब !क्या कहने !छा गए !बहुत कामयाब रहा !कवि सम्मेलन तुम्हारा !लोगों ने बहुत सराहा !खूब तालियां बजी !चहुं दिक चर्चा हुई !पर एक बात बताओ भई !कब से माथे को मथ रही !तुमने बात बड़ी अच्छी कही !पर आचरण में दिखी नहीं !कविता अगर जी नहींतो क्या खाक लिखी !... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   10:33am 2 May 2020 #
Blogger: noopuram
अब समय आ गया हैपुराने बहीखाते बंद करनई जिल्द बंधवाने का ..पुरानी सिलाई उधेड़ करनए धागों से भविष्य बुनने का ।द्वार पर खड़ा है नव संवत्सरअभिवादन करें इस बार हमसविनय देहली पूजन कर ।सब कुछ ठहर गया है ।समय चकित खड़ा है ।अब समय आ गया है,सारे नियम बदलने का ।विस्मृत पाठ दोहराने का ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   4:53pm 25 Mar 2020 #
Blogger: noopuram
गौरैया तुम सलामत रहो,दाना चुगने नित आती रहो, बड़े शहरों के छोटे घरों मेंफुदकने चहकने के लिए ।क्योंकि तुम हो शुभ शगुनजीवन का सहृदय स्पंदन ।तुम जब-जब घर आती हो,हर बार दिलासा देती हो,कि अब भी कहीं बचे हैंहरे-भरे पेड़, बाग-बगीचे,जिनमें अब भी खेलते हैं बच्चे और बुजुर्ग टहलते... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   7:16pm 23 Mar 2020 #
Blogger: noopuram
दीवार से सट कर खिला हुआ एक पौधाकैमरा फ़्रेम के बीचोंबीचअचानक आ खड़ा हुआ,महा-जिज्ञासु बच्चे साटुकुर-टुकुर ताकता हुआ ।तब हमारा भी ध्यान गया ।क्यों दीवार से सट कर खिला हुआ है ये पौधा ?सामने तो खुला मैदान था ..क्या अबीर-गुलाल जब उड़ाहुड़दंग से बचता हुआजिसकी मुट्ठी में रंग थ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   6:06am 20 Mar 2020 #
Blogger: noopuram
मेरे प्यारे बापूतुम्हें पता तो होगादुनिया में कितनी अफ़रा-तफ़रीमची हुई है इन दिनों ।जंगलों मेंआग लग रही है ।वृक्ष पशु पक्षीख़त्म हो रहे हैं ।बाढ़ आ रही है कहीं ।सूखा पड़ रहा है कहीं ।ग्लेशियर पिघल रहे हैं ।समंदर गरमा रहे हैं ।मौसम बेमौसम बदल रहे हैं ।फसलों पर ओले पड़ रह... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   9:40am 6 Feb 2020 #
Blogger: noopuram
जब तुमने ठान ही लिया है,अपना रास्ता चुन ही लिया है,तो पहले पूरी तैयारी करनाउसके बाद ही घर से निकलना ।रास्ता है भई यानी सबका है ।देखो कुछ भी हो सकता है ।हरदम आंख-कान खुले रखना ।और ठोकर खाने से मत डरना ।रास्ता है तो ठोकर भी लगेगी ।बहुत दिनों तक दुखती रहेगी ।पर डर से चलना मत छ... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   4:02pm 27 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
Pondering over a roseA bird meditated onThe compelling beautyOf a blooming life,That actually survivedThe thorns in its stride.The rose stands poised and prettySmiling with innocent pride.Its fragrance is a blessingThat awakens the soul.Reminds me how a little birdUnderstands the overcomingOf the everyday survival test.Dodging the dangers surroundingIts little family in the little nest.Looking at them I got this feelingLife's beauty lies in its struggles.... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   8:48am 22 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
Pondering over a roseA bird meditated onThe compelling beautyOf a blooming life,That actually survivedThe thorns in its stride.The rose stands poised and prettySmiling with innocent pride.Its fragrance is a blessingThat awakens the soul.Reminds me how a little birdUnderstands the overcomingOf the everyday survival test.Dodging the dangers surroundingIts little family in the little nest.Looking at them I got this feelingLife's beauty lies in its struggles.... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   8:48am 22 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
बारिश के पानी में छम-छम नाचते पानी के बुलबुले तैरते देख कर, जब कोई बच्चा दौड़ कर आता है, बड़े चाव सेकाग़ज़ की नाव बना कर पानी में बहाता है,और सांस रोके देखता है नाव डूबी तो नहीं !देखते-देखते जब हिचकोले खाती, फिर संभलती, नाव बहने लगती है,और बच्चा उछलता शोर... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   2:48pm 19 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
बारिश के पानी में छम-छम नाचते पानी के बुलबुले तैरते देख कर, जब कोई बच्चा दौड़ कर आता है, बड़े चाव सेकाग़ज़ की नाव बना कर पानी में बहाता है,और सांस रोके देखता है नाव डूबी तो नहीं !देखते-देखते जब हिचकोले खाती, फिर संभलती, नाव बहने लगती है,और बच्चा उछलता शोर... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   2:48pm 19 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
खेल का मैदान बन गया आसमान !धूप का दुशाला लपेट  सूरज उचक कर रुई के बादल पर जा बैठा खुश हो कर देखने बच्चों का खेल !पतंगों भरा आसमान  .. लो मच गया घमासान !हवा ने बजाई विसल !   दौड़ने लगे बच्चे सब !धूप में चमकते उनके स्वेटर नीला, पीला, हरा, लाल  .. गुलाबी स्वेटर प... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   11:02am 15 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
खेल का मैदान बन गया आसमान !धूप का दुशाला लपेट  सूरज उचक कर रुई के बादल पर जा बैठा खुश हो कर देखने बच्चों का खेल !पतंगों भरा आसमान  .. लो मच गया घमासान !हवा ने बजाई विसल !   दौड़ने लगे बच्चे सब !धूप में चमकते उनके स्वेटर नीला, पीला, हरा, लाल  .. गुलाबी स्वेटर प... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   11:02am 15 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
झुमके ले लो !बिटिया झुमके ले लो !गुलाबी ठंड मेंगुलाबी दुपट्टे संगखूब फबेंगे तुम पर ।गुलाब सी खिल उठोगीबीबी इन्हें पहन कर !गुलाबी रंग के क्या कहने !और उस पर गुलाबी झुमके !चेहरे की रंगत बदल देंगे !गाल ग़ुलाबी कर देंगे !जब हौले-हौले हिलेंगेजी की बतियाँ कह देंगे ।पहन के तो देख... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   8:34am 6 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
झुमके ले लो !बिटिया झुमके ले लो !गुलाबी ठंड मेंगुलाबी दुपट्टे संगखूब फबेंगे तुम पर ।गुलाब सी खिल उठोगीबीबी इन्हें पहन कर !गुलाबी रंग के क्या कहने !और उस पर गुलाबी झुमके !चेहरे की रंगत बदल देंगे !गाल ग़ुलाबी कर देंगे !जब हौले-हौले हिलेंगेजी की बतियाँ कह देंगे ।पहन के तो देख... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   8:34am 6 Jan 2020 #
clicks 146 View   Vote 0 Like   11:03am 5 Jan 2020 #
clicks 34 View   Vote 0 Like   11:03am 5 Jan 2020 #
Blogger: noopuram
बड़ी मुद्दत के बादसमझ में आया,जो बहुत पहलेसमझाया गया था ।पर समझ आया नहीं था ।माँ के मन का अवसादउफ़नती नदी समानआंखों से छलक जाता है ।जी हल्का हो जाता है,जैसे रुई का फाहा ।पोंछ देता हैऔलाद की आँखों का  फैला हुआ काजल ।और हर चोट पर लगा देता है मरहम ।बाप के सीने मेंउठते हैं... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   4:58pm 29 Dec 2019 #
Blogger: noopuram
भान नहीं कुछ,ज्ञात नहीं पथ,मुंह चिढ़ा रहादोराहा ।खेल खेलनाआया ना ।कोई दांव ना आया रास ।जो भी खेलापाई मात ।समझ ना आयाग़लत हुआ क्या ?ध्येय समक्ष थाराह क्यों भूला ?लक्ष्य जो चूका,भ्रमित मन हुआ ।धुंध छंटे ना ।मार्ग सूझे ना ।इस मोड़ पे ठिठका,मैं बाट जोहता,तुमसे विनती करता ..पा... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   4:14pm 24 Nov 2019 #
Blogger: noopuram
खयालों में रंग हों तोउन्हें दरारों में भर कररुपहली कलाकृति बनाया जा सकता है ।बेरंग चटकी ज़मीन कोकृष्ण भाव के गाढ़ेरंगों का महीन दुशालाओढ़ाया जा सकता है ।जो उपेक्षित कोने कोअपनी कलात्मकता कीसांझी सेवा से सजा देवही कृष्ण का सुदामा है ।कलाकृति : श्री कर्ण सिंह पति ... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   11:35am 15 Nov 2019 #
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