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Blog: सफर के सजदे में

Blogger: शारदा अरोरा
वो भी डोलती होगी किसी के अँगने में होगी वो भी किसी की जाँ ,झूलती होगी ममता के पलने में प्यार उमड़ता है मुस्करा उठते हैं अहसास उठते हैं रह-रह के सीने में सींचता है कोई माली हर फूल को आबाद रहे हर फूल की दुनिया गुलशन के कोने-कोने में बड़ा मुबारक है आज का दिन सूर... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   10:44am 8 Jan 2020 #
Blogger: शारदा अरोरा
हाथों से फिसलती हुई दुनिया थीऔर क़दमों में दम था ही नहींअपने ही जिगर के टुकड़ों को ,जब देखते हैं हम मुश्किल मेंतारे टूटें , धरती धँसती , आँखों में समँदर ठहरा साऔर कहर की रात है क्याउठती-गिरती साँसें थींऔर ज़िन्दगी रुठी थीएक न्यामत होती है ज़िन्दगीटँग जाएँ हम उल्टे भीइस ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   4:15am 16 Sep 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
साथ-साथ वक्त बिताना, मिलना-मिलाना अच्छा लगता है दुनिया के रँगों में रँग-रँग जाना अच्छा लगता है धीरे से जानोगे , धीरे से समझोगे बिना मक्सद के कोई किसी से नहीं है मिलता धीरे-धीरे खुलेगी कलई रिश्तों की , दोस्तों की गरज हो तो सिर पे बिठायेगी दुनिया ज़र्रे-ज़र्रे मे... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:38pm 21 Jul 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
होता है दूसरा खुदा तो डॉक्टर भी जो बदल देता है बद से बदतर होते हुए हालात को भी लिखता है खुशियाँ , गम की रात में होता है उजाले की किरण सा पोंछता है आँसू , बाँटता है मुस्कानें लिखता है तकदीर इक बार फिर से आदमी जी रहा है जो साँसों का कर्ज़ है चोट-चपेट है या फिर कोई मर्ज़... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   1:18am 13 Jul 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
दिन-दिन कर के बीत गयेपल-लम्हें सब रीत गयेएक ही सिक्के के दो पहलूमिलन जुदाई रीत भयेजा पहुँची है दुनिया चाँद पेचलती दुनिया के सब साथीदेख ले मनुवा तू है कहाँसीख ले कुछ अन्दाज़ नयेदिल के टुकड़े,सुहानी यादेंपीछे छूटे, हजारों मीलनम आँखें और नम सीने हैंकसक हमेशा प्रीत भयेआ पहु... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   12:24pm 26 Jun 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
हजारों मील का सफर ,और बाहें फैलाए हुए दिलकुछ रिश्ते तो हों ऐसे भी ,के झूल आयें सुकून की बाहेंहमारी राहों में चांद उग आता ,न दिन का पता होता न रात कानींद से बोझिल आँखों में भी ,सितारों सी टिमटिमाहट होतीआओ के मिलन के रंग में रंगे ,और फिर जुदाई की खुराकें पी लेंनहीं नहीं, तरक्... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   3:28am 27 Feb 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
हम घूम आयें चाहे जितना देश-विदेश दुबई,मॉरीशस,यूरोप हो या हो कोई भी देश अन्दर से हम वही होते हैं अपनी जड़ों से जुड़े अपने बचपन की अमानत ओढ़ लें चाहे हम कोई भी भेष नहीं भूलता है माँ की उँगलियों का स्वाद मिट्टी में रची-बसी सी वो खाने की महक लड़कपन के वो दोस्त , गुपचु... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   2:06pm 27 Jan 2019 #
Blogger: शारदा अरोरा
कैसे चलोगे जब न होंगीं राहें हक़ में जब भी कोई गुजर रहा होता है जिस्मानी तकलीफों से वो सिर्फ जिस्मानी दर्दों से ही नहीं गुजरता है ,वो गुजर रहा होता है,रूह तक उतरती हुई दुनिया की बेरुखी , नजर-अन्दाज़ी , हिकारत और नसीहतों के दर्द से भी कुछ बड़े करीबी भी खड़े हो जाते हैं दुनि... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   3:07am 13 Sep 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
दिन उड़ गये पँछियों की तरह , खबर न रही वक़्त की फितरत है , फिसल जाता है हाथों से ,उम्र की ही तरह अब ये आलम है कि कुछ छूट गया सा लगता है लम्हा-दर-लम्हा पकड़ पाना भी मुमकिन न था तुम्हारे घर की बाल्कनी से ,दूर उड़ते हुए प्लेन देख कर ये ख्याल तो आता था कई बार कि किसी दिन ऐसे ही... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   12:56pm 4 Aug 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
सहलाओ मेरे ज़ख्म भोले ताकि मैं सो जाऊँ शिव के प्राँगण में , नींद क्यूँ रूठी है लाशों के ढेर जहाँ कभी गाजर-मूली से बिछ गये हों दफन हुए अपने जहाँ ,साथ-साथ सपनों के आज वहाँ हमने बिस्तर लगाया है मेरे जख्म कुछ भी नहीं , मेरा दर्द छोटा है तेरे लिए सारी दुनिया है बराबर , ब... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   8:28am 29 May 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
चिया चली गई ससुरालआँखों में सितारे भर ,लहँगा पहन ,चुनरी ओढ़ ,डाल कर उसके हाथों में हाथसोचा भी बहुत था ,लिखा भी थाबोला मगर कुछ भी न गयान तो गाये विदाई के गीतन ही सुनाये स्वागत के बोल ,जो मुस्कराये मनमीतरुँधे गले से जो भी सुनातीउतर आता सावन तेरी अँखियों मेंऔर तेरी तकलीफ मुझे... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   5:57am 17 Mar 2018 #
Blogger: शारदा अरोरा
 जैसे है हक़ तुम्हें जीने का वैसे ही हक़ था उस नन्हीं जान को भी दुनिया में रहने का हाँ तुम्हारी आँखों में नहीं है तड़प ये जान लेने की कि किसने काटा गला तुम्हारी बेटी आरुषि का  अब लिख रही हो कविता तुम्हारी कविता भी वो सवाल नहीं उठाती मन फरेबी है , कब मछली सा पलट के स... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   10:16am 16 Oct 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
सूने हो गये घर-अँगना , जो आबाद हुये थे बच्चों के आने से ,मन की ये फितरत है , सजा लेता है दुनिया जिन क़दमों की आहट से भी ,बुन लेता है रँगी सपने उन लम्हों के अफसानों से भी.......अब के बरस कुछ अपने हैं हम से बिछड़े ,कुछ सपने परवान चढ़े जीवन की ये रीत पुरानी जैसे कोई बहता पानी इश्क ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   8:44am 6 Sep 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
दुनिया की सारी माँओं के लिये माँ  ये क्या बात है कि सुख में तुम मुझे याद आओ या न आओ दुख में तुम हमेशा मेरे सिरहाने खड़ी होती हो जब मैं नन्हीं बच्ची थी मैंने पहचाना पहला स्पर्श तुम्हारा ही मेरे आने से पहले ही तुमने ,सजा लिया था मुझसे अपना सँसार फूलों सा तु... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   2:25am 29 May 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
राकेश गुप्ता जी के निधन पर श्रद्धाँजलि   आज रोया है आसमाँ भी हाय खो दिया है हमने एक नम सीना तुमने जिया था ज़िन्दगी को एक शायर की तरह दर्द की इन्तिहाँ को जानता है एक शायर ही तुम चलते हुए कभी थके ही न थे वक़्त ने जकड़ा तो जंजीरों की तरह मौत की आदत है, ये बहाना माँगे ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:21am 10 Apr 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
थोड़े लम्हे चुरा लें थोड़ी बात बना लें जीवन की आपा-धापी से फुर्सत का कोई सामान जुटा लें पेड़ों के झुरमुट से झाँकता हुआ ,तारों भरा आसमाँ मद्धिम सी रौशनी में ,समुद्र  किनारे चंचल सी लहरों की अठखेलियाँ तुम ही तो लाये हो ये मुकाम यूँ ही चलते-चलते  लिखा है दिल ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   8:02am 6 Apr 2017 #
Blogger: शारदा अरोरा
चलो तुम्हारे जाने के अहसास को अभी ही जी लेते हैं थोड़ा गम पी लेते हैं ताकि तुम्हारे जाने के वक़्त आँख में आँसू न हो तुम्हारी बाइसिकिल जो तुम घर आ कर चलाया करतीं थीं पूछ रही है कि अब आगे इन्तिज़ार कितना लम्बा होगा कितनी ही चीजें जो तुम खरीद कर लाईं थीं बोलती हुईं स... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   11:30am 19 Dec 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
इक दिन निजता ले आती है चौराहे पर अच्छा होता बाँट जो देता , पैसा जितना ज्यादा था चेहरों पर मुस्कान देख कर , पा लेता थोड़ी साँसें थोड़े चूल्हे जल लेते , थोड़े अरमाँ पल लेते हेरा-फेरी , काला बाजारी , टैक्स की चोरी , कितने दिन !छुपा न सकेगी लीपा-पोती आज बहाने साथ न देंगे , ज़मी... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   7:09am 19 Nov 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
इक वो थी दिवाली ,दिवाली दियों वालीमुँडेरों पर रौशन कतारें दियों कीहर घर में लटकता दिये का कंडीललक्ष्मी गणेशा के आगमन की तैयारीअन्दर-बाहर बुहारादिये सा महकता हुआ मन-प्राण , उमंगे टपकती हुईंयूँ लगता कि पधारे हैं रिद्धि-सिध्दि के दाता गणेश , छम-छम करतीं हुईं माँ लक्ष्मीय... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   2:45am 29 Oct 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
अपनी प्यारी सी सखी के लिये  ....... तारों में ज्यों चन्दा हो नाम सार्थक करतीं अपना अँगने में ज्यों बृंदा हो पावन मन है ऐसा तुम्हारा पीड़ पराई समझो जैसे अपने गले का फन्दा हो आसाँ नहीं ये राह पकड़ना छोड़ आई हो घर को ऐसे जैसे कोई परिन्दा हो सींच रही हो जड़ों को ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   12:27pm 19 Sep 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
आजकल मैं तुम्हारे आने की तैयारियों में जी लेती हूँ तुम्हें ये पसन्द  है , तुम्हें वो अच्छा लगता है इन्हीं ख्यालों में रह-रह के मुस्कुरा लेती हूँ कहीं ये मेरे जीने का शगल तो नहीं कुछ भी हो , है हसीन ये बहाना भी बहुत तुम आओ तो मुमकिन है इतनी फुरसत न मिले आजकल तुम... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   5:59am 7 Aug 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
जीवन उसका दिया है , सँभालेंगे हमकुछ भी हो , कैसे भी हो , निभा लेंगे हमसफर का सजदा करते हुए , लम्हे का मजा उठा लेंगे हमचेहरा ये मेरा किताब हुआ हैपढ़ ले कोई भी , बेनकाब हुआ हैफिजाँ ही फिजाँ है जो अन्तस में मेरे , खुशबू का बाग़ खिला लेंगे हम जुगनुओं की तरह जगते बुझते रहे हैं&... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   7:02am 18 Jun 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
तेरे बचपन की गिलासी माँ ने पिलाया होगा पानी , और दी होगी ममता की घुट्टी है ये तेरे बचपन की साथी ,मूक गवाही नन्हीं हथेलियों की वाकिफ़ है ये उन हथेलियों की कंपकंपाहट से भी छुटते-छुटते भी सँभालने की कोशिश से भी एक-एक कर छूट गये पलने भी और बचपन भी ममता ने बिछाये हों... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   8:25am 30 Apr 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
सत्ताइस साल पहले दुनिया छोड़ गईं दीदी की नातिन ने जो सैनफ्रांसिस्को में रह रही है , जब ये फैसला लिया कि  वो अपने नाम के  बीच में दीदी का नाम जोड़ लेगी ...... आँखें भी नम हो उट्ठीं  ......एक बार फिर मैं जी उट्ठी हूँ तेरे नाम के अक्षरों में झिलमिला रही हूँ मैं ज़माने ने म... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   6:58am 13 Apr 2016 #
Blogger: शारदा अरोरा
मैं कोई टिश्यू की तरह नहीं हूँ के वक़्त जरुरत तो काम ले लो मुझसे , आँसू पोंछ लो अपने फिर भुला दो मेरे वज़ूद को भी नम हो आती हैं आँखें क्यूँ बहाऊँ मैं मोती , जब नहीं तेरे लिये कोई कीमत इनकी तेरी अमीरी का शगल होगा ये दिल का भी रिज़क है कितना तेरे पास दो वक़्त की र... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   10:29am 1 Mar 2016 #
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