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काँव -काँव

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काँव -काँव...
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  May 17, 2012, 8:40 am
एक ऐसे इतिहासकार को भुला दिया जाना वास्तव में दुखद है ,जिसने मेरठ के भूले बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों को यथोचित गौरव दिलवाने का महत्वपूर्ण कार्य  किया .क्या मेरा शहर इतना कृतघ्न कभी-कभी वाकई अफसोस होता है। दुख भी होता है। यह जानकर कि महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद भी ...
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  May 9, 2012, 10:45 pm
 आजकल पांडेजी बहुत परेशान हैं |वह सरकारी मुलाजिम हैं फिर भी परेशान हैं |आमतौर से सरकारी महकमों में काम करने वाले कम ही परेशान हुआ करते हैं |उनका तो मुख्य काम होता है हर उस शख्स को हैरान परेशान करना जो उनके पास अपनी कोई काम या  दरख्वास्त लेकर आये |वह जनता की हर चाहत को लालफी...
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  April 30, 2012, 8:31 am
चर्चा के चरखे पर चिंता चर्चा की कपास ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,                  मेरे शहर में आजकल चर्चाओं के चरखे पर अपनी –अपनी दुश्चिंताओं  की कपास खूब काती जा रही है |वैसे तो यह समय गर्मी के मौसम के आगमन की पहली सूचना के साथ मच्छरों  मक्खियों और विद्युत विभाग  को गरियाने का है |नौचंदी के मेल...
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  April 1, 2012, 8:49 pm
                         एक समय वो भी था जब पत्र बड़ा कमाल करते थे |इनके जरिये एक दिल से दूसरे दिल तक प्यार की पींग पहुँच जाती थी |तब न एसएमएस था न एमएमएस ,न मोबाईल फोन ,न  इंटरनेट   और न हीं  फेसबुक |फेस टू फेस प्यार का  इज़हार संभव ही नहीं था  |लड़कियों के अभिभावक हाथ में मज़बूत डंड...
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  March 29, 2012, 1:01 pm
                                                                  हाल ही में संपन्न हुए प्रदेश विधानसभा चुनावों में अनेक लोगों की नाक दांव पर लगी थी |हर ओर एक ही खतरा था कि कहीं नाक न कट जाये और परिणाम आये तो आंकड़े बताते हैं कि कटी नाक वालों को निर्विविवाद रूप से बहुमत मिला |जीतने वाले क...
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  March 15, 2012, 8:20 pm
खौफनाक आशंकाओं के बीच जैसे-तैसे रात बीती और  मुझे मेरे  मोबाइल के आलार्म  ने अत्यंत कर्कश ध्वनि में  सूचना दी कि सुबह के चार बज गए हैं |कायदे से तो यह ब्रह्म मुहूर्त है पर मेरे लिए मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के गुरुतर दायित्व से भरी  एक ऐसी छद्म सुबह का  आगा...
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  March 3, 2012, 10:02 pm
                                  मेरे शहर के युवा आजकल गुस्से में हैं |दिलचस्प बात यह है कि इनके इस गुस्से के पीछे कोई परोक्ष या प्रत्यक्ष वजह नहीं है, फिर भी वो गुस्से में हैं |बहुत दिनों के बाद इन युवाओं को इतना गुस्सा आया है तो कहा ये जा रहा है कि लोकतंत्र के बगीचे में कोई दुर्ल...
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  February 18, 2012, 12:07 pm
एक समय की बात है एक महानगर में रहती थी एक लड़की जो हँसती हरदम खिलखिला कर ऐसे जैसे बहे कोई उच्श्रंखल नदी अपने तटबंधों से बेपरवाह समय सीमाओं को चिढ़ाती. मुस्कान थिरकती उसके होठों पर पूरे दिन तब जब वह काम में रहती तल्लीन या फिर तलाश रही होती एक बार फिर बेरोजगार होकर अप...
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  February 8, 2012, 10:12 am
एक समय की बात ............. एक समय की बात है एक महानगर में रहती थी एक लड़की जो हँसती हरदम खिलखिला कर ऐसे जैसे बहे कोई उच्श्रंखल नदी अपने तटबंधों से बेपरवाह समय सीमाओं को चिढ़ाती. मुस्कान थिरकती उसके होठों पर पूरे दिन तब जब वह काम में रहती तल्...
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  February 8, 2012, 8:50 am
देशज मुहावरे में कहा जाये तो मेरे शहर में भी पूरे प्रदेश के साथ चुनावी रणसिंघा बज गया है |सारे राजनीतिक दल अपने जंग खाए भोथरे हथियारों को अपनी मध्ययुगीन सोच के सान पर रगड़ -रगड़ कर चमकाने और धारदार बनाने में लगे हैं |इस बार भी किसी दल के पास जनता के लिए न कोई नए वादे हैं ,न कि...
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Tag :निर्मल गुप्त current affair
  January 14, 2012, 9:14 pm
कुहासे में लिपटी सुबह से मैं और मेरा शहर आजकल जब यह पूछते हैं कि कहो कैसी हो तो उसका जवाब होता है ,ठीक तुम्हारी तरह हूँ ,एक टुकड़ा धूप के लिए बेचैन |उसका यह उत्तर सुनकर शहर मायूस हो जाता है और कुछ देर यहाँ -वहाँ जल रहे अलावों पर हाथ सेंकने के बाद अपने रोज़मर्रा के काम पर बढ़ ...
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Tag :निर्मल गुप्त व्यंग्य
  January 11, 2012, 9:44 am
मेरे शहर में किस्से बहुत हैं |यहाँ के चप्पे -चप्पे पर अनेक कहानियों की इबारत दर्ज हैं पर इन कहनियों को सलीके से दर्ज कर सकने वाले कहानीकारों का नितांत अभाव है |यह भी ताज्जुब की बात है कि मौखिक परम्परा की किस्सागोई की कला यहाँ खूब फल -फूल रही है |आपको यहाँ की हर गली मोहल्ले ...
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Tag :निर्मल गुप्त
  December 19, 2011, 8:53 pm
एक समय वह भी था ,जो मेरी उम्र के साथ -साथ गुजर गया,जब मेरे शहर की हर सुबह पुरसुकून ,ठंडी शांत और खूबसूरत हुआ करती थीं |तब मेरा जिस्म थकना नहीं जानता था और बाग -बगीचों में उड़ती पीली तितलियों इतनी जिद्दी थीं कि उनकी परवाज़ के आगे मेरे शैतान बचपन की वे नटखट उँगलियाँ शायद ही कभ...
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Tag :निर्मल गुप्त
  December 14, 2011, 9:44 am
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