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Blog: मरीचिका

Blogger: विजय प्रकाश सिंह
आज समीर लाल जी समीर का ब्लॉग पढ़ा, उन्होंने आज १ जुलाई को ब्लोगर दिवस के र्रोप में मनाने का आह्ववान किया है| बहुत अच्छा लगा| इस बात से प्रेरित होकर कई वर्षों बाद मई भी वापस आया और अपनी कई पुराणी पोस्टों को पढ़ा| कई य्यादें ताजा हुई| आशा है की यह संपर्क अब रेगुलर रहेगा | इसके लि... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   11:59am 1 Jul 2017 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
मेरे कार्यस्थल पर स्वतंत्रता दिवस समारोह की झलकियां... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   5:59am 15 Aug 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
प्रश्न इसलिए कि जब श्री मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री बने तो यह व्यवस्था बतायी गयी कि सोनिया जी यूपीए की अध्यक्ष के रूप मे पोलिटिकल मैनेजमेंट करेंगी और प्रधान मंत्री प्रशासनिक मैनेजमेंट करेंगे । उस समय कुछ सवाल जरूर उठे थे लेकिन तब के भावुकता भरे माहौल मे इस पर गंभीरत... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   6:12pm 11 Aug 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
मैत्री दिवस पर अपने सब मित्रों के नाम , जिनके बिना यह जीवन निरर्थक होता, मै दो महाकवियों गोस्वामी तुलसी दास और राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की रचना उद्‍धृत कर रहा हूं :१. राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर रचित रश्मि रथी से जहां श्री कृष्ण से संवाद के दौरान कर्ण के मुख से क... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   10:29am 1 Aug 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
दिन पहले की बात है , मुझ कई मित्रों ने SMS किया और कई ने इमेल पर लिखा कि मेरा ब्लॉग मौजूद नही है , जब मैने चेक किया तो पाया कि गूगल ने मेरा ब्लॉग हटा दिया है । कुछ जानकारी उनको देने के बाद यह आश्वासन दिया गया कि जांच के बाद पुन: इसे चालू किया जायेगा ।इस बीच मैने ज़ाकिर अली जी के ब... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   10:03am 1 Aug 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
आज जब अनेक अशांत कर देने वाले समाचारों से दिन अटा पड़ा है , इस सब के बीच एक समाचार मन को सुकून देने वाला मिला , सचिन का दोहरा शतक जो उन्होने श्रीलंका के विरुद्ध दूसरे टेस्ट मे लगाया , जो उनका अड़तालिसवां शतक भी है । मैं स्कूल और कालेज के दिनो मे क्रिकेट पर बहुत ज्यादा केंद्... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   7:01pm 29 Jul 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
मेरा मानना है कि श्री दिग्विजय सिंह जी कुछ ऐसे राज नेताओं मे से थे जो आम जनता की लड़ाई लड़ते थे । अपने वचन के पक्के थे । अपने सम्बन्ध लाभ हानि के हिसाब से नहीं तय करते थे । सही बात के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे । उन्होने जार्ज साहेब के लिए पार्टी से लड़ाई की , जार्ज साहेब के ... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   9:52am 25 Jun 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
एक कहावत सुनी थी चौबे चले छब्बे बनने दूबे बन कर लौटे । यह कहावत भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) पर पूरी तरह लागू होती है । कहां तो भाजपा केंद्र मे कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को हिलाने की कोशिश मे बजट पर कटौती प्रस्ताव लायी और कहां झारखंड की अपनी साझा सरकार गवां बैठ... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   5:33pm 24 May 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
आज रात मे देर से सोया, असल मे कहीं गया हुआ था और घर आने मे देर हो गयी । वैसे तो दिल्ली में यह कोई अजीब बात नही है , देर तो अक्सर हो ही जाया करती है । आज यह बात याद कर रहा हूं तो खास बात यह है कि जब मै गाड़ी पार्क करके सीढ़ियां चढ़ रहा था तो सीटी की आवाज के साथ सड़क पर डंडे पटकने की ... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   7:07pm 18 May 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
लोग गाली क्यों देते हैं ? गाली देने वाला गाली दे देता है परन्तु उसे पाने वाले की क्या मनो दशा होती है ? न्यूज एंकरों की भाषा मे कहें तो उसे कैसा लग रहा होता है ? मेरे विचार मे गालियां देने का मुख्य कारण दूसरे को नीचा दिखाना या अपमानित करना होता है । यह भी कहा जा सकता है दोस्त... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   6:38pm 7 May 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
आजकल हिंदी ब्लॉग जगत मे एक ही मुद्दा सबको उद्वेलित करता है वह है धर्म की बुराई , इसके लिए बहुत से लोग दूसरे के धर्म मे क्या क्या बुराइयां है उसके विशेषज्ञ बन जायेंगे । लेकिन जो मुख्य बात है , एक जिम्मेदार समाज, जिम्मेदार सरकार और जिम्मेदार मीडिया बनाया जाय उस पर बहस हो क्... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   7:33am 25 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
एक छोटी सी ट्वीट आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन गयी या जान बूझ कर बनायी जा रही है । जो बात सबसे अचंभित कर रही है कि न मंहगाई , न नक्सल समस्या , न बिजली की कमी और न शिक्षा , स्वास्थ्य जैसी समस्यायें , कोई भी बात आज महत्वपूर्ण नही रह गयी है । आज केवल आईपीएल चर्चा मे है वह भी अनुचित ... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   4:34pm 23 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
आज सबसे ज्यादा चर्चा खबरिया चैनेलों पर आईपीएल की हो रही है , दांतेवाड़ा पर कम और सुनन्दा पुश्कर पर ज्यादा समय लगा रहा है मीडिया । इस बीच थरूर साहेब सफाई दे रहे हैं कभी चैनेलों पर , कभी संसद को , कभी वित्त मंत्री को , कभी कांग्रेस अध्यक्ष को और अब प्रधान मंत्री को । बेचारे सम... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   7:24pm 17 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
हर तरफ़ उगे हैं,आइने ही आइने,जिनमे दिखायी पड़ते हैं,अनगिनत प्रतिबिंब।चाहता हूं इनमे दिखें,केवल मोहक मनभावन,पर दिखायी देते हैं,कुंठित और बीभत्स।बीभत्सता जो है सृजित,हमारे कलुषित विचारों से, जो है पोषित पुष्पित पल्लवित,द्वेष लालच व साज़िश से।जब बंद करता हूं आखें,तो सारे ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   3:56pm 7 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
सानिया की शादी पर इतना बवाल क्यों हो रहा है , इससे बढ़कर यह सवाल है कि यह बवाल उचित है या नहीं ? भारतीय उपमहाद्वीप मे शादी ब्याह तो खुशी का ऐसा मौका होता है जिसमे दो व्यक्ति तो जीवन भर के लिए एक दूसरे से जुड़ते ही हैं दो परिवार भी साथ साथ जुड़ते हैं । इसके अतिरिक्त यह व्यक्तिगत ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   10:58am 4 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
मन तो है बावरा,शांति की खोज मे ,हो रहा है उतावला ।... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   4:03pm 3 Apr 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
तुम्हारी चितवन के तीरमेरा मन हुआ अधीररह गयी अमिट पीर... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   2:19pm 31 Mar 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
जब मैने इस लेख की पहली कड़ी में यह मुद्दा उठाया था कि डेविड एक डबल एजेंट था और अमेरिकी सुरक्षा एजेन्सीज उसे भारतीय एजेन्सीज को नही सौपेंगी , तो वह प्रारंभिक समाचारों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक अनुमान था, अब यह बात सही साबित हो रही है । अमेरिकी प्रतिनिधियों ने इस तरह का ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   1:09pm 28 Mar 2010 #
Blogger: विजय प्रकाश सिंह
प्रभु श्री राम पर कितना कुछ सब को पता है और कितना लिखा - पढ़ा जाता है इसे शब्दों मे बांधना एक साधारण मनुष्य के लिए अकल्पनीय है । दिन भर जाने अनजाने हम राम का स्मरण करते हैं । ऐसे मे मेरे जैसे एक साधारण व्यक्ति के लिए उनके जीवन चरित या महिमा की विवेचना , वह भी सीमित शब्दों मे ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   5:32am 24 Mar 2010 #
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