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नदीश

【1】जब भी किया नींद नेतेरे ख़्वाबों का आलिंगनऔर आँखों ने चूमा हैतेरी ख़ुश्बू के लबों कोतब मुस्कुरा उट्ठा हैमेरे ज़िस्म का रोंया रोंयाचित्र साभार- गूगल【2】न जानेकितनी ही रातें गुजारी है मैंनेतेरे ख़्यालों मेंउस ख़्वाब के आगोश मेंजिसकी ताबीर*हो नहीं सकतीअक्सर आ बैठते हैं क...
नदीश...
Tag :blogger
  July 3, 2018, 9:58 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); तुम्हारीउलझी जुल्फों कोसुलझाते हुए अक्सर,मन उलझ जाता हैसुलझी हुई जुल्फों में...चित्र साभार- गूगलतन्हाई में आकर अचानकतुम्हारी यादजगा देती है उम्मीदतुम्हारे आ जाने कीउसी तरह,जिस तरहहवा के साथ आने वालीसोंधी ख़...
नदीश...
Tag :blogger
  June 23, 2018, 7:33 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); आईने में देखता हूँ खुद कोऔर मुझे तुम नज़र आते होसोच में पड़ जाता हूँक्योंकि आईना पारदर्शी नहीं होताफिर ये कैसे संभव हैसोचता हूँ फिरतुम्हारे प्रेम मेंकहीं मैं ही तोपारदर्शी नहीं हो गयाजब भी देखता हूँ आईनातुम...
नदीश...
Tag :nazm
  May 5, 2018, 5:49 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); तन्हाई के जंगल में भटकते हुए याद का पलजब भीग जाता है अश्क़ों की बारिश में तब एक उम्मीद चुपके से आकर पोछ देती है अश्क़ों की नमीऔर पहना देती है इंतज़ार के नये कपड़ेचित्र साभार- गूगल...
नदीश...
Tag :Nadeesh
  April 25, 2018, 9:00 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); अक्सर ही ऐसा होता हैउम्मीदों की उंगली थामेदिल चल पड़ता हैतमन्ना की पथरीली राहों मेंऔर चुभता है फिरकिसी की बेरुख़ी का कांटाफिर लहूलुहान दिललौट पड़ता हैदर्द के दरख्त की तरफअक्सर ही ऐसा होता हैमन अकुला जाता है जब ...
नदीश...
Tag :shayari
  April 14, 2018, 9:47 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); न तारे, चाँद, गुलशन औ'अम्बर बनाने मेंजरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने मेंअचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरनाकसर छोड़ी न थी उसने मुझे पत्थर बनाने मेंमैं सारी उम्र जिनके वास्ते चुन-चुन के लाया गुलवो ...
नदीश...
Tag :shayari
  February 19, 2018, 9:18 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैंसिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैंतेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरेरात दिन दोपहर हम तो महकते रहते हैंइसलिये ही बनी रहती है नमी आँखों मेंख़्वाब कुछ छुपके पलक में सुबकते रहते ह...
नदीश...
Tag :शेर
  February 4, 2018, 9:07 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); आस्थावानों के लिए ईश्वर एक सार्वभौमिक शक्ति है, जिसे विभिन्न रूपों में पूजा जाता है। जिसे हम भक्ति कहते हैं, वो भी प्रेम का ही एक अंग है। प्रेम जब अपने चरम पर पहुंचता है, तो भक्ति में परिवर्तित हो जाता है, जिसे ज्ञानी प...
नदीश...
Tag :god
  December 21, 2017, 7:08 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); गतांक से आगे...------------------- (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दो घंटे बादरिपोर्टर- कैसे हुई दुर्घटनाचश्मदीद- भैया हम कई सालों से यहां चाय की दुकान चला रहे हैं, जब से सरकार ने चौड़ी और चिकनी सपाट सड़क बनाई है, आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।आ...
नदीश...
Tag :editor
  November 22, 2017, 10:32 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); खाली बैठे-बैठे ईश्वर ने सोचा कि चलो धरती का भ्रमण कर अपने बनाये मनुष्य का हालचाल लिया जाए। मनुष्य के आपसी प्रेम और बंधुत्व की भावना को परखा जाए। मनुष्यता और मानवीयता के विषय पर मनुष्य का विकास दे...
नदीश...
Tag :Nadeesh
  November 5, 2017, 11:03 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आँखों में फिर चमकने लगे हैं यादों के कुछ लम्हेंगूंजने लगी हैं कान में वो तमाम बातें जो कभी हमने की ही नहीं नज़र आई कुछ तस्वीरें जो वक़्त ने खींच ली होगी और तुम्हारा ही नाम पढ़ रहा था हर कहीं जब पलट रहा था मैं ज़िन्दगी की किताब के पन...
नदीश...
Tag :book
  September 18, 2017, 11:07 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); दिल के शज़र कीइक शाख़ पेइक रोज़रख दिया था बेचैनी नेतेरी याद काइक टुकड़ाऔर आज़ (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दिल के शजर कीकोई शाख़ नहीं दिखतीतेरी याद ने ढ़ाँक लिया हैअमरबेल की तरहअब वहाँदिल नहीं हैसिर्फ तेरी याद है...
नदीश...
Tag :hearts
  September 12, 2017, 10:33 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); दिल के कमरे में अबपसर चुकी है वीरानीख़्वाबों की अलमारीकब से पड़ी है खालीउम्मीदों की तस्वीरों नेखो दिए हैं रंग अपनेआस की खिड़की भीअब कभी नहीं खुलतीअश्क़ों की नमी से ऊग आईएक कोने में यादों की काईहाँठसाठस भरी है दर्द सेएह...
नदीश...
Tag :lokesh
  September 11, 2017, 8:18 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); हर शाम ग़मगीं सीहर सुबह उनींदी सीहर ख़्याल खोया साइक तेरे जाने के बादहर वक़्त बिखरा साहर अश्क़ दहका साएहसास भिगोया साइक तेरे जाने के बाद (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हर दर्द महका साहर वक़्त तन्हा साहर ख़्वाब रोया साइक तेरे जाने क...
नदीश...
Tag :lokesh
  September 6, 2017, 4:09 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); अक्सर शब्द बिखर जाते हैंकोशिश बहुत करता हूँ, किशब्दों को समेट करकोई कविता लिखूंपर ये हो नहीं पाताकोशिश बहुत करता हूँ किएहसास समेट कर रखूंपर ये हो नहीं पातातकिये पर बिखरे अश्क़ों की तरहअक्सर शब्द बिखर जाते हैं...
नदीश...
Tag :lokesh
  September 5, 2017, 7:32 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); शायद तुम नहीं जानतीमैंने रोक रक्खा है पलकों के भीतरआंसुओं के समंदर में उठने वाले ज्वार कोबनाकर यादों का तटबंधकुछ लहरें फिर भीतोड़ देती हैं तटबंधऔर तन्हाई के साहिल पेछोड़ जाती हैं नमक के किरचेजो चुभ जाते हैंसुकून क...
नदीश...
Tag :lokesh
  September 4, 2017, 10:05 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); हलचल सी मची हैउम्मीदों की बस्ती मेंगिरने लगे हैंतमन्ना के झुलसे हुये शजर कुछ ही देर में ढाँक लेगाअहसास के आसमां कोपिघले हुये ख़्वाबों कालावा और गुबारक्योंकि आँखों में फूट पड़ा हैवादी-ए-ख़्वाब मेंसोया हुआ ज्वा...
नदीश...
Tag :eyes
  August 24, 2017, 12:11 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 15 अगस्त को भारत वर्ष में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। हर्ष इस बात का कि इस दिन हमें आजादी मिली और धूम इस बात की कि अब हम पूरी स्वतत्रंता से अपनी मनमानी कर सकते हैं। गाहे-बगाहे हम स्वतंत्रता की बात करते हुए अपने अधिका...
नदीश...
Tag :15th August
  August 13, 2017, 10:24 am
चला शहर को तो वो गांव बेच आया हैअजब मुसाफ़िर है जो पांव बेच आया हैमकां बना लिया माँ-बाप से अलग उसनेशजर ख़रीद लिया छांव बेच आया है-तेरे ही साथ को सांसों का साथ कहता हूँतुझी को मैं, तुझी को कायनात कहता हूँतेरी पनाह में गुज़रे जो चंद पल मेरेबस उन्ही लम्हों को सारी हयात कहता हूँ ...
नदीश...
Tag :love
  July 23, 2017, 1:01 pm
इन दिनों देश में एक विचित्र सा वातावरण निर्मित हो गया है। लोगों और समुदायों का आपसी विरोध, देश विरोध तक जा पहुंचा है। इससे न देश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सात समंदर पार भी देश की छवि धूमिल हो रही है।इन दिनों स्थिति ये है कि एक पक्ष कहे कि स्वेदशी अपनाओं तो दूसर...
नदीश...
Tag :book
  July 19, 2017, 3:00 pm
नहीं अब तुम्हें नौकरी नहीं मिल सकती...ऐसा न कहो सेठ जी नौकरी न रही तो मैं और मेरा परिवार भूखा मर जायेगा...मुन्ना ने गिड़गिगते हुए चमन सेठ से कहा।चमन सेठ-तो बिना बताए आठ महीने कहाँ चला गया था, इतने दिन पेट कैसे भरा तेरा, अब तुझे नौकरी नहीं मिलेगी मुन्ना, मैंने दूसरा आदमी रख लिय...
नदीश...
Tag :book
  July 2, 2017, 2:34 pm
तुम कभी आओ तोमैं घुमाऊँ तुमकोखण्डहर सी ज़िन्दगी केउस कोने में जहाँअब भी पड़ीं हैंअरमानों की अधपकी ईंटेंख़्वाबों के अधजले टुकड़ेअहसास का बिखरा मलबाउम्मीद का भुरभुरा गारातुम कभी आओ तोमैं दिखाऊँ तुमकोखुशियों की बेरंग तस्वीरेंअश्कों का लबालब पोखरधोखों के घने जालेर...
नदीश...
Tag :book
  June 19, 2017, 8:11 am
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