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Blog: नदीश

Blogger: लोकेश नशीने
तुम सोचते हो किघर से निकाले गएमाँ-बाप बेघर हो जाते हैं,नहीं, नासमझी है ये तुम्हारी,बल्किमाँ-बाप के चले जाने सेतुम्हारा घर हीबेघर हो जाता हैचित्र साभार- गूगल... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   7:46am 14 Dec 2019 #nazm
Blogger: लोकेश नशीने
ये कैसी तन्हाई है कि सुनाई पड़ता हैख़्यालों का कोलाहलऔर सांसों का शोरभाग जाना चाहता हूँऐसे बियावां मेंजहाँ तन्हाई होऔर सिर्फ तन्हाईलेकिननाकाम हो जाती हैंतमाम कोशिशेंक्योंकिमैं जब भी निचोड़ता हूँअपनी तन्हाई कोतो टपक पड़ती हैकुछ बूंदेंतेरी यादों कीचित्र साभार- गूग... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   10:47am 13 Dec 2019 #nazm
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); ये कैसी तन्हाई है कि सुनाई पड़ता हैख़्यालों का कोलाहलऔर सांसों का शोरभाग जाना चाहता हूँऐसे बियावां मेंजहाँ तन्हाई होऔर सिर्फ तन्हाईलेकिननाकाम हो जाती हैंतमाम कोशिशेंक्योंकिमैं जब भी निचोड़ता हूँअपनी तन्ह... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   3:27am 7 Jan 2019 #नज़्म
Blogger: लोकेश नशीने
【1】जब भी किया नींद नेतेरे ख़्वाबों का आलिंगनऔर आँखों ने चूमा हैतेरी ख़ुश्बू के लबों कोतब मुस्कुरा उट्ठा हैमेरे ज़िस्म का रोंया रोंयाचित्र साभार- गूगल【2】न जानेकितनी ही रातें गुजारी है मैंनेतेरे ख़्यालों मेंउस ख़्वाब के आगोश मेंजिसकी ताबीर*हो नहीं सकतीअक्सर आ बैठते हैं क... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   4:28am 3 Jul 2018 #blogger
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); तुम्हारीउलझी जुल्फों कोसुलझाते हुए अक्सर,मन उलझ जाता हैसुलझी हुई जुल्फों में...चित्र साभार- गूगलतन्हाई में आकर अचानकतुम्हारी यादजगा देती है उम्मीदतुम्हारे आ जाने कीउसी तरह,जिस तरहहवा के साथ आने वालीसोंधी ख़... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   2:03pm 23 Jun 2018 #blogger
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); आईने में देखता हूँ खुद कोऔर मुझे तुम नज़र आते होसोच में पड़ जाता हूँक्योंकि आईना पारदर्शी नहीं होताफिर ये कैसे संभव हैसोचता हूँ फिरतुम्हारे प्रेम मेंकहीं मैं ही तोपारदर्शी नहीं हो गयाजब भी देखता हूँ आईनातुम... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   12:19pm 5 May 2018 #nazm
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); तन्हाई के जंगल में भटकते हुए याद का पलजब भीग जाता है अश्क़ों की बारिश में तब एक उम्मीद चुपके से आकर पोछ देती है अश्क़ों की नमीऔर पहना देती है इंतज़ार के नये कपड़ेचित्र साभार- गूगल... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   3:30am 25 Apr 2018 #Nadeesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); अक्सर ही ऐसा होता हैउम्मीदों की उंगली थामेदिल चल पड़ता हैतमन्ना की पथरीली राहों मेंऔर चुभता है फिरकिसी की बेरुख़ी का कांटाफिर लहूलुहान दिललौट पड़ता हैदर्द के दरख्त की तरफअक्सर ही ऐसा होता हैमन अकुला जाता है जब ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   4:17am 14 Apr 2018 #shayari
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); न तारे, चाँद, गुलशन औ'अम्बर बनाने मेंजरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने मेंअचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरनाकसर छोड़ी न थी उसने मुझे पत्थर बनाने मेंमैं सारी उम्र जिनके वास्ते चुन-चुन के लाया गुलवो ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   3:48am 19 Feb 2018 #shayari
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैंसिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैंतेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरेरात दिन दोपहर हम तो महकते रहते हैंइसलिये ही बनी रहती है नमी आँखों मेंख़्वाब कुछ छुपके पलक में सुबकते रहते ह... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   3:37am 4 Feb 2018 #शेर
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); आस्थावानों के लिए ईश्वर एक सार्वभौमिक शक्ति है, जिसे विभिन्न रूपों में पूजा जाता है। जिसे हम भक्ति कहते हैं, वो भी प्रेम का ही एक अंग है। प्रेम जब अपने चरम पर पहुंचता है, तो भक्ति में परिवर्तित हो जाता है, जिसे ज्ञानी प... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   1:38pm 21 Dec 2017 #god
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); गतांक से आगे...------------------- (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दो घंटे बादरिपोर्टर- कैसे हुई दुर्घटनाचश्मदीद- भैया हम कई सालों से यहां चाय की दुकान चला रहे हैं, जब से सरकार ने चौड़ी और चिकनी सपाट सड़क बनाई है, आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।आ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   5:02am 22 Nov 2017 #editor
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); खाली बैठे-बैठे ईश्वर ने सोचा कि चलो धरती का भ्रमण कर अपने बनाये मनुष्य का हालचाल लिया जाए। मनुष्य के आपसी प्रेम और बंधुत्व की भावना को परखा जाए। मनुष्यता और मानवीयता के विषय पर मनुष्य का विकास दे... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   5:33am 5 Nov 2017 #Nadeesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आँखों में फिर चमकने लगे हैं यादों के कुछ लम्हेंगूंजने लगी हैं कान में वो तमाम बातें जो कभी हमने की ही नहीं नज़र आई कुछ तस्वीरें जो वक़्त ने खींच ली होगी और तुम्हारा ही नाम पढ़ रहा था हर कहीं जब पलट रहा था मैं ज़िन्दगी की किताब के पन... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   5:37pm 18 Sep 2017 #book
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); दिल के शज़र कीइक शाख़ पेइक रोज़रख दिया था बेचैनी नेतेरी याद काइक टुकड़ाऔर आज़ (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दिल के शजर कीकोई शाख़ नहीं दिखतीतेरी याद ने ढ़ाँक लिया हैअमरबेल की तरहअब वहाँदिल नहीं हैसिर्फ तेरी याद है... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   5:03am 12 Sep 2017 #hearts
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); दिल के कमरे में अबपसर चुकी है वीरानीख़्वाबों की अलमारीकब से पड़ी है खालीउम्मीदों की तस्वीरों नेखो दिए हैं रंग अपनेआस की खिड़की भीअब कभी नहीं खुलतीअश्क़ों की नमी से ऊग आईएक कोने में यादों की काईहाँठसाठस भरी है दर्द सेएह... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   2:48am 11 Sep 2017 #lokesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); हर शाम ग़मगीं सीहर सुबह उनींदी सीहर ख़्याल खोया साइक तेरे जाने के बादहर वक़्त बिखरा साहर अश्क़ दहका साएहसास भिगोया साइक तेरे जाने के बाद (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हर दर्द महका साहर वक़्त तन्हा साहर ख़्वाब रोया साइक तेरे जाने क... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   10:39am 6 Sep 2017 #lokesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); अक्सर शब्द बिखर जाते हैंकोशिश बहुत करता हूँ, किशब्दों को समेट करकोई कविता लिखूंपर ये हो नहीं पाताकोशिश बहुत करता हूँ किएहसास समेट कर रखूंपर ये हो नहीं पातातकिये पर बिखरे अश्क़ों की तरहअक्सर शब्द बिखर जाते हैं... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   2:02pm 5 Sep 2017 #lokesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); शायद तुम नहीं जानतीमैंने रोक रक्खा है पलकों के भीतरआंसुओं के समंदर में उठने वाले ज्वार कोबनाकर यादों का तटबंधकुछ लहरें फिर भीतोड़ देती हैं तटबंधऔर तन्हाई के साहिल पेछोड़ जाती हैं नमक के किरचेजो चुभ जाते हैंसुकून क... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   4:35am 4 Sep 2017 #lokesh
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); हलचल सी मची हैउम्मीदों की बस्ती मेंगिरने लगे हैंतमन्ना के झुलसे हुये शजर कुछ ही देर में ढाँक लेगाअहसास के आसमां कोपिघले हुये ख़्वाबों कालावा और गुबारक्योंकि आँखों में फूट पड़ा हैवादी-ए-ख़्वाब मेंसोया हुआ ज्वा... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   6:41am 24 Aug 2017 #eyes
Blogger: लोकेश नशीने
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 15 अगस्त को भारत वर्ष में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। हर्ष इस बात का कि इस दिन हमें आजादी मिली और धूम इस बात की कि अब हम पूरी स्वतत्रंता से अपनी मनमानी कर सकते हैं। गाहे-बगाहे हम स्वतंत्रता की बात करते हुए अपने अधिका... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   4:54am 13 Aug 2017 #15th August
Blogger: लोकेश नशीने
चला शहर को तो वो गांव बेच आया हैअजब मुसाफ़िर है जो पांव बेच आया हैमकां बना लिया माँ-बाप से अलग उसनेशजर ख़रीद लिया छांव बेच आया है-तेरे ही साथ को सांसों का साथ कहता हूँतुझी को मैं, तुझी को कायनात कहता हूँतेरी पनाह में गुज़रे जो चंद पल मेरेबस उन्ही लम्हों को सारी हयात कहता हूँ ... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   7:31am 23 Jul 2017 #love
Blogger: लोकेश नशीने
इन दिनों देश में एक विचित्र सा वातावरण निर्मित हो गया है। लोगों और समुदायों का आपसी विरोध, देश विरोध तक जा पहुंचा है। इससे न देश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सात समंदर पार भी देश की छवि धूमिल हो रही है।इन दिनों स्थिति ये है कि एक पक्ष कहे कि स्वेदशी अपनाओं तो दूसर... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   9:30am 19 Jul 2017 #book
Blogger: लोकेश नशीने
नहीं अब तुम्हें नौकरी नहीं मिल सकती...ऐसा न कहो सेठ जी नौकरी न रही तो मैं और मेरा परिवार भूखा मर जायेगा...मुन्ना ने गिड़गिगते हुए चमन सेठ से कहा।चमन सेठ-तो बिना बताए आठ महीने कहाँ चला गया था, इतने दिन पेट कैसे भरा तेरा, अब तुझे नौकरी नहीं मिलेगी मुन्ना, मैंने दूसरा आदमी रख लिय... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   9:04am 2 Jul 2017 #book
Blogger: लोकेश नशीने
तुम कभी आओ तोमैं घुमाऊँ तुमकोखण्डहर सी ज़िन्दगी केउस कोने में जहाँअब भी पड़ीं हैंअरमानों की अधपकी ईंटेंख़्वाबों के अधजले टुकड़ेअहसास का बिखरा मलबाउम्मीद का भुरभुरा गारातुम कभी आओ तोमैं दिखाऊँ तुमकोखुशियों की बेरंग तस्वीरेंअश्कों का लबालब पोखरधोखों के घने जालेर... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   2:41am 19 Jun 2017 #book
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