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स्वप्न मेरे ...

मुसलसल रहे आज तो कितना अच्छा ... प्रश्नों में खोए रहना ... जानने का प्रयास करना ... शायद व्यर्थ हैं सब बातें ... जबरन डालनी होती है जीने की आदत आने वाले एकाकी पलों के लिए ... भविष्य की मीठी यादों के लिए  वर्तमान में कुछ खरोंचें डालना ज़रूरी है, नहीं तो समय तो अपना काम कर जाता है ... जि...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  March 20, 2017, 9:27 am
अपना अपना अनुभव है जीवन ... कभी कठोर कभी कोमल, कभी ख़ुशी तो कभी दर्द ... हालांकि हर पहलू अपना निशान छोड़ता है जीवन में ... पर कई लम्हे गहरा घाव दे जाते हैं ... बातें करना आसान होता है बस ...लोग झूठ कहते हैं दर्द ताकत देता हैआंसू निकल आएं तो मन हल्का होता है पत्थर सा जमा कुछ टूट कर पिघल ज...
स्वप्न मेरे ......
Tag :दर्द
  March 14, 2017, 8:44 pm
तलाश ... शब्द तो छोटा हैं पर इसका सफ़र, इसकी तलब, ख़त्म नहीं होती जब तक ये पूरी न हो ... कई बार तो पूरी उम्र बीत जाती है और ज़िन्दगी लौट के उसी लम्हे पे आ आती है जहाँ खड़ा होता है जुदाई का बेशर्म लम्हा ... ढीठता के साथ ...  उम्र के अनगिनत हादसों की भीड़ में दो जोड़ी आँखों की तलाश वक़्त के ठी...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  March 6, 2017, 8:50 am
कहाँ खिलते हैं फूल रेगिस्तान में ... हालांकि पेड़ हैं जो जीते हैं बरसों बरसों नमी की इंतज़ार में ... धूल है की साथ छोड़ती नहीं ... नमी है की पास आती नहीं ... कहने को रेतीला सागर साथ है ... मैंने चाहा तेरा हर दर्द अपनी रेत के गहरे समुन्दर में लीलना तपती धूप के रेगिस्तान में मैंने कोशिश ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चाहत
  February 27, 2017, 9:39 am
उम्र के किसी एक पड़ाव पर कितना तंग करने लगती है कोई सोच ... ज़िन्दगी का चलचित्र घूमने लगता है साकार हो के ... पर क्यों ... समय रहते क्यों नहीं जाग पाते हैं हम ... आधुनिकता की दौड़ ... सब कुछ पा लेने की होड़ ... या कुछ और ...हाथ बढ़ाया तोड़ लिया इतने करीब तो नहीं होते तारे  उजवल भविष्य की राह चौ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :उज्वल भविष्य
  February 22, 2017, 8:29 am
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स्वप्न मेरे ......
Tag :
  February 7, 2017, 10:52 pm
रिश्तों में कब, क्यों कुछ ऐसे मोड़ आ जाते हैं की अनजाने ही हम अजनबी दीवार खुद ही खड़ी कर देते हैं ... फिर उसके आवरण में अपने अहम्, अपनी खोखली मर्दानगी का प्रदर्शन करते हैं ... आदमी इतना तो अंजान नहीं होता की सत्य जान न सके ...      क्योंकि लिपटा था तेरे प्यार का कवच मेरी जिं...
स्वप्न मेरे ......
Tag :अहम्
  January 30, 2017, 7:14 am
शोध कहाँ तक पहुँच गया है शायद सब को पता न हो ... हाँ मुझे तो बिलकुल ही नहीं पता ... इसलिए अनेकों  बेतुके सवाल कौंध जाते हैं ज़हन में ... ये भी तो एक सवाल ही है ... सिलसिला कितना लंबा खत्म होने का नाम नहीं अमीरों के जूठे पत्तल पे झपटते इंसान फिर कुत्ता-बिल्ली पंछी कीट-पतंगे दीमक बेक...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  January 23, 2017, 7:49 am
अजीब है ये सिलसिला ... चाहता हूँ पढ़ो पर कहता हूँ मत पढ़ो ... चाहता हूँ की वो सब करो जो नहीं कर सका ... कायर हूँ ... डरपोक हूँ या शायद ... (कवी का तमगा लगाते हुए तो शर्म आती है) ...    मत पढ़ो मेरी नज़्ममत पढ़ो की मेरी नज़्म आग उगलते शब्दों से चुनी बदनाम गलियों के सस्ते कमरे में बुनी ज़ुल्म क...
स्वप्न मेरे ......
Tag :आवरण
  January 16, 2017, 7:38 am
गज़लों के लम्बे दौर से बाहर आने की छटपटाहट हो रही थी ... सोचा नए साल के बहाने फिर से कविताओं के दौर में लौट चलूँ ... उम्मीद है आप सबका स्नेह यूँ ही बना रहेगा ...तुम्हें सामने खड़ा करके बुलवाता हूँ कुछ प्रश्न तुमसे ... फिर देता हूँ जवाब खुद को खुद के ही प्रश्नों का ... हालांकि बेचैनी ह...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  January 7, 2017, 4:58 pm
दोस्तों नव वर्ष की पूर्व-संध्या पे आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं ... नव वर्ष सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि ले के आए ... सब को बहुत बहुत मंगल-कामनाएं ...   नए सालमें नए गुलखिलें, नईहोमहकनयारंगहोयूंहीखिलरहीहोयेचांदनीयूंहीहर फिज़ां मेंउमंगहोतेरीसादगीमेरीज़ि...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 31, 2016, 1:39 pm
इक उम्र लग गई है मगर मान तो गया मुझ को वो आज नाम से पहचान तो गया अब जो भी फैंसला हो वो मंज़ूर है मुझेजिसको भी जानना था वो सच जान तो गया  दीपक हूँ मैं जो बुझ न सकूंगा हवाओं से  कोशिश तमाम कर के ये तूफ़ान तो गया बिल्डर की पड़ गई है नज़र रब भली करे बच्चों के खेलने का ये मैदान तो गया...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 21, 2016, 8:53 pm
रात के अँधेरे में, धूप हो खिली जैसेयूँ लगे है कान्हा ने, रास हो रची जैसेज़ुल्फ़ की घटा ओढ़े, चाँद जैसे मुखड़े परबादलों के पहरे में, चांदनी सोई जैसे सिलसिला है यादों का, या धमक क़दमों की होले-होले बजती हो, बांसुरी कोई जैसेचूड़ियों की खन-खन में, पायलों की रुन-झुन में घर के छोटे आँगन ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 12, 2016, 9:15 pm
ये अँधेरा भी छंटेगा धूप को आने तो दो मुट्ठियों में आज खुशियाँ भर के घर लाने तो दोखुद को हल्का कर सकोगे ज़िन्दगी के बोझ से दर्द अपना आँसुओं के संग बह जाने तो दो झूम के आता पवन देता निमंत्रण प्रेम का छू सके जो मन-मयूरी गीत फिर गाने तो दो बारिशों का रोक के कब तक रखोगे आगमन खोल द...
स्वप्न मेरे ......
Tag :आगमन
  December 6, 2016, 11:56 am
हम झूठ भी कहेंगे तो सच मानते हैं वो कहते हैं मुद्दतों से हमें जानते हैं वो हर बात पे कहेंगे हमें कुछ नहीं पतापर खाक हर गली की सदा छानते हैं वो कुछ लोग टूट कर भी नहीं खींचते कदमकर के हटेंगे बात अगर ठानते हैं वो बारिश कभी जो दर्द की लाता है आसमांचादर किसी याद की फिर तानते हैं...
स्वप्न मेरे ......
Tag :
  November 29, 2016, 9:01 pm
नाम पर पूजा के ये हुड़दंग है इस शहर की शांति तो भंग हैलूटता है आस्था के नाम पर अब कमाने का निराला ढंग है हर कोई आठों पहर है भागता  जिंदगी जैसे के कोई जंग है घर का दरवाज़ा तो चौड़ा है बहुत दिल का दरवाज़ा अगरचे तंग है आइना काहे उसे दिखलाए हैंउड़ गया चेहरे का देखो रंग हैयुद्ध अप...
स्वप्न मेरे ......
Tag :आइना
  November 22, 2016, 8:21 am
अपने ख़त का जवाब ले लोइन हाथों से गुलाब ले लोचाहो मिलना कभी जो मुझ सेदिल की मेरे किताब ले लोअनजाने ही दिए थे जो फिरउन ज़ख्मों का हिसाब ले लोमिलने वाला बने न दुश्मनचेहरे पर ये नकाब ले लोअमृत सा वो असर करेगीउनके हाथों शराब ले लोकाटेंगे ये सफ़र अकेलाइन आँखों से ये ख्वाब ले लो...
स्वप्न मेरे ......
Tag :किताब
  November 14, 2016, 4:41 pm
पुरखों का घर छूट गयाअम्मा का दिल टूट गयादरवाज़े पे दस्तक दीअन्दर आया लूट गयामिट्टी कच्ची होते हीमटका धम से फूट गयामजलूमों की किस्मत हैजो भी आया कूट गयासीमा पर गोली खानेअक्सर ही रंगरूट गयापोलिथिन आया जब सेबाज़ारों से जूट गया ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गोली
  November 8, 2016, 2:35 pm
मौत ने कैसा रंग जमाया गड्ढे मेंमिट्टी को मिट्टी से मिलाया गड्ढे मेंनेकी कर गड्ढे में डालो अच्छा हैवर्ना जितना साथ निभाया गड्ढे मेंपहले तो गज भर खोदो मिल जाता थापानी के अब खूब रुलाया गड्ढे मेंमेहनत से बिगड़ी बातें बन जाती हैंमकड़ी ने है पाठ पढ़ाया गड्ढे मेंग्रहण लगा था ब...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गड्ढा
  November 2, 2016, 12:21 pm
कुछ यूँ फिसल के वो मेरी बाहों में आ गए ना चाहते हुए भी निगाहों में आ गएसच की तलाश थी में अकेला निकल पड़ाजुड़ते रहे थे लोग जो राहों में आ गए हम भीगने को प्रेम की बरसात में सनमकुछ देर बादलों की पनाहों में आ गएथा प्रेम उनसे उनके लगे झूठ सच सभीना चाह कर भी उनके गुनाहों में आ ग...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गुनाहों
  October 26, 2016, 1:53 pm
अपने असूलों को कभी छोड़ा नहीं करतेसाँसों की ख़ातिर लोग हर सौदा नहीं करतेमहफूज़ जिनके दम पे है धरती हवा पानीहैं तो ख़ुदा होने का पर दावा नहीं करतेहर मोड़ पर मुड़ने से पहले सोचना इतनाकुछ रास्ते जाते हैं बस लौटा नहीं करतेइतिहास की परछाइयों में डूब जाते हैंगुज़रे हुए पन्नों से ज...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  October 20, 2016, 12:35 pm
दबी है आत्मा उसका पुनः चेतन करो तुम नियम जो व्यर्थ हैं उनका भी मूल्यांकन करो तुम परेशानी में हैं जो जन सभी को साथ ले कर    व्यवस्था में सभी आमूल परिवर्तन करो तुमतुम्हें जो प्रेम हैं करते उन्हें ठुकरा न देना समय फिर आए ना ऐसा कीआवेदन करो तुम  अभी भी मान लो सच को बहुत ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :आवेदन
  October 13, 2016, 6:43 pm
डरता हूँ कहीं तेज़ धुरंधर न देख लेहर बात में अपने से वो बेहतर न देख ले शक्की है गुनहगार ही समझेगा उम्र भर कोशिश ये करो हाथ में खंजर न देख लेऐसे न खरीदेगा वो सामान जब तलक दो चार जगह घूम के अंतर न देख ले मुश्किल से गया है वो सभी मोह छोड़ कर  कुछ देर रहो मौन पलटकर न देख ले नक्शा ज...
स्वप्न मेरे ......
Tag :खंजर
  September 20, 2016, 8:17 pm
दिख रहे ज़ुल्म के निशाँ इतनेलोग फिर भी हैं बे-जुबां इतनेएक प्याऊ है बूढ़े बाबा कालोग झुकते हैं क्यों वहाँ इतनेसुख का साया न दुःख के बादल हैंपार कर आए हैं जहाँ इतनेघूम के लौटती हैं ये सडकेंजा रहे फिर भी कारवाँ इतनेमाँ मेरे साथ साथ रहती हैकिसको मिलते हैं आसमाँ इतनेदिल किस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  September 12, 2016, 2:38 pm
उग रहे बारूद खन्जर इन दिनोंहो गए हैं खेत बन्जर इन दिनोंचौकसी करती हैं मेरी कश्तियाँहद में रहता है समुन्दर इन दिनोंआस्तीनों में छुपे रहते हैं सबलोग हैं कितने धुरन्धर इन दिनोंआदतें इन्सान की बदली हुईंशहर में रहते हैं बन्दर इन दिनोंआ गए पत्थर सभी के हाथ मेंहो गए हैं सब ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :खन्जर
  September 5, 2016, 1:15 pm
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