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स्वप्न मेरे ...

तेरी हर शै मुझे भाए, तो क्या वो इश्क़ होगा  मुझे तू देख शरमाए, तो क्या वो इश्क़ होगा   हवा में गूंजती है जो हमेशा इश्क़ बन कर   वो सरगम सुन नहीं पाए तो क्या वो इश्क़ होगा  पिए ना जो कभी झूठा, मगर मिलने पे अकसर  गटक जाए मेरी चाए, तो क्या वो इश्क़ होगा  सभी से हँस के बोले, पी...
स्वप्न मेरे ......
Tag :प्रेम
  March 18, 2019, 12:56 pm
सहारा बे-सहारा ढूंढ लेंगे मुकद्दर का सितारा ढूंढ लेंगेजो माँ की उँगलियों में था यकीनन वो जादू का पिटारा ढूंढ लेंगे गए जिस जिस जगह जा कर वहीं हमहरा बुन्दा तुम्हारा ढूंढ लेंगे मेरे कश्मीर की वादी है जन्नत वहीं कोई शिकारा ढूंढ लेंगेअभी इस जीन से कर लो गुज़ारा अमीरी में शर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :तिबारा
  March 11, 2019, 9:16 am
बसइतनाकहनाहैदेश के बन्दों से सबकोबचकररहनाहै जय चन्दों से राजनीतिजोकरतेहैंबलिदानोंपरढूंढकेउनकोघरकेबाहरकरदेनागद्दारोंकासाथसदाजोदेतेहैं  कानखोलकरमेरीबातेंसुनलेना  औरनहींकुछऔरनहींअबसहनाहैसबको बच कर रहना है ...   सीमाओंपे देश कीसैनिकडटेहुएकफ़नबाँधकर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गीत
  February 20, 2019, 1:06 pm
इस नज़र से उस नज़र की बात लम्बी हो गईमेज़ पे रक्खी हुई ये चाय ठंडी हो गईआसमानी शाल ने जब उड़ के सूरज को ढकागर्मियों की दो-पहर भी कुछ उनींदी हो गईकुछ अधूरे लफ्ज़ टूटे और भटके राह में     अधलिखे ख़त की कहानी और गहरी हो गईरात के तूफ़ान से हम डर गए थे इस कदरदिन सलीके से उगा दिल को ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कुट्टी
  February 11, 2019, 9:45 am
यही ज़मीन, यही आसमां, यही सच है  यहीं है स्वर्ग, यहीं नर्क, ज़िन्दगी सच है हसीन शाम के बादल का सुरमई मंज़र  हथेलियों पे सजी रात की कली सच है उदास रात की स्याही से मत लिखो नगमें   प्रभात की जो मधुर रागिनी वही सच है   ये तू है, मैं हूँ, नदी, पत्तियों का यूँ हिलना ये कायनात, प...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  February 4, 2019, 9:43 am
मखमली से फूल नाज़ुक पत्तियों को रख दियाशाम होते ही दरीचे पर दियों को रख दियालौट के आया तो टूटी चूड़ियों को रख दियावक़्त ने कुछ अनकही मजबूरियों को रख दियाआंसुओं से तर-बतर तकिये रहे चुप देर तक  सलवटों ने चीखती खामोशियों को रख दियाछोड़ना था गाँव जब रोज़ी कमाने के लिएमाँ ने बच...
स्वप्न मेरे ......
Tag :प्रेम_ग़ज़ल
  January 28, 2019, 7:04 am
कौनहूँमैंआँखोंमेंपट्टीलपेटेदूरतकगहरादेखनेकीक्षमतासेविकसितश्वेतधवलपाषाणकायामें सत्यकीतराजूथामेझूठकेग्रुत्वाकर्षणसेमुक्तस्थित्प्रग्य, संवेदनासेपरे  गरिमामयवैभवशालीव्यक्तित्व लिए यादआयाकौनहूँ ... ?सुनाहैकभीदुधारी तलवार हुवाकरतीथीचलतीथीइतना...
स्वप्न मेरे ......
Tag :न्याय-व्यवस्था
  January 21, 2019, 9:35 am
दुःख नहीं होगा तो क्या जी सकेंगे ...खिलती हुई धूप के दुबारा आने की उमंग स्याह रात को दिन के लील लेने के बाद जागती है सर्दी के इंतज़ार में देवदार के ठूंठ न सूखें तो बर्फ की सफ़ेद चादर तले प्रेम के अंकुर नहीं फूटते काले बादल के ढेर कड़कते हुए न गरजें तो बेमानी सावन बरसते हुए भी भ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :रचना
  January 15, 2019, 9:19 am
एक दो तीन ... कितनी बार  फूंक मार कर मुट्ठी से बाल उड़ाने की नाकाम कोशिशआस पास हँसते मासूम चेहरे सकपका जाता हूँ चोरी पकड़ी गयी हो जैसे  जान गए तुम्हारा नाम सब अनजाने हीकितना मुश्किल हैं न खुद से नज़रें चुराना इश्क से नज़रें चुराना इंसान जब इश्क हो जाता है उतरना चाहता है किस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :इश्क
  January 7, 2019, 12:44 pm
ब्लॉग जगत के सभी साथियों को नव वर्ष की मंगल कामनाएं ... सन २०१९ नई उम्मीद, और सार्थक सोच ले के आए, भारत देश में सुख शान्ति का प्रवाह निरंतर बना रहे ... आज के दिन एक प्रश्न स्वयं से ...क्या नया नव वर्ष में हमको मिला हूबहू कल सा ही दिन था जो खिलाभोर बोझिल बदहवास सी मिली धूप जैसी क...
स्वप्न मेरे ......
Tag :नव गीत
  January 1, 2019, 10:35 am
प्रेम के सब गीत अब लगते हैं बासे दूर जब से हो गया हूँ प्रियतमा से मुड़ के देखा तो है मुमकिन रोक ना लें  नम सी आँखें और कुछ चेहरे उदासेनाम क्या दोगे हमारी प्यास का तुम पी लिया सागर रहे प्यासे के प्यासे आ रहे हैं खोल के रखना हथेली टूटते तारे भी दे देते हैं झांसे उम्र भर थामे ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 24, 2018, 7:45 am
खेत, पीपल,घर, कुआँ,पोखर मिलेगा क्यों है ये उम्मीद वो मंज़र मिलेगातुम गले लगना तो बख्तर-बंद पहनेदोस्तों के पास भी खंज़र मिलेंगाकूदना तैयार हो जो सौ प्रतीशतभूल जाना की नया अवसर मिलेगा इस शहर में ढूंढना मुमकिन नहीं है चैन से सोने को इक बिस्तर मिलेगा देर तक चाहे शिखर के बीच र...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गाँव
  December 17, 2018, 7:45 am
कहाँ से आई कहाँ चूम के गई झट से  शरारती सी थी तितली निकल गई ख़ट से हसीन शोख़ निगाहों में कुछ इशारा था  न जाने कौन से पल आँख दब गई पट सेज़मीं पे आग के झरने दिखाई देते हैं  गिरी है बूँद सुलगती हुयी तेरी लट से डरा हुआ सा शहर है, डरे हुए पंछी  डरा हुआ सा में खुद भी हूँ अपनी आहट से...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चट
  December 10, 2018, 10:13 am
क्यों जुड़े थे तार अपने दरम्याँथा नहीं जब प्यार अपने दरम्याँरात बोझिल, सलवटें, खामोश दिन बोझ सा इतवार अपने दरम्याँप्रेम, नफरत, लम्स, कुछ तो नाम दो क्या है ये हरबार अपने दरम्याँमैं खिलाड़ी, तुम भी शातिर कम नहींजीत किसकी हार अपने दरम्याँछत है साझा फांसला मीलों का क्योंक्य...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 3, 2018, 3:52 pm
सजाई महफिलें जो प्रेम की खामोश पायल ने मधुर वंशी बजा दी नेह की फिर श्याम श्यामल ने शिकायत क्या करूँ इस खेल में मैं भी तो शामिल हूँ मेरी नींदों को छीना है किसी मासूम काजल नेवो मिलते ही हकीकत हर किसी की जान लेता है मचा रक्खी है कैसी खलबली उस एक पागल नेमुकम्मल जानने को क्यों...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चावल
  November 27, 2018, 10:52 am
धूप न आए जेब में तब तक बंद करोशाम को रोको दिन का फाटक बंद करो बरसेंगे काले बादल जो ठहर गए हवा से कह दो अपने नाटक बंद करो प्रेम नहीं जो है मुझसे इस जीवन में दिल के दरवाज़े पे दस्तक बंद करो  जाना सच में अच्छी लगती हो सब से दर्पण भी कहता है, अब शक बंद करो गठ-बंधन के अभी इशारे आते ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :धक-धक्
  November 19, 2018, 6:55 am
खेत होंगे कुदाल भी होगी लहलहाती सी डाल भी होगी धूप के इस तरह मुकरने में कुछ तो बादल की चाल भी होगीगौर से इसकी थाप को सुननाबूँद के साथ ताल भी होगी जोर से बोल दें अगर पापा पूछने की मजाल भी होगी सब्जी, रोटी के साथ है मीठा  आज डब्बे में दाल भी होगीउनकी यादों के अध-जले टुकड़े आस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कुदाल
  November 12, 2018, 6:20 am
वक़्त के इक वार से पर्वत दहल गयावक़्त के आँचल तले सपना कुचल गया फर्श से वो अर्श पे पल भर में आ गए वक़्त के हाथों में जो लम्हा मचल गया गर्त में हम वक़्त के डूबे जरूर थे वक़्त पर अपना भी वक़्त पे संभल गया हम सवालों के जवाबो में उलझ गए वक़्त हमको छोड़ के आगे निकल गया वक़्त ने सब सोच के करन...
स्वप्न मेरे ......
Tag :जेब
  November 5, 2018, 6:47 am
नाप के नक़्शे बनाए ...क्या हुआ क्या खज़ाना ढूंढ पाए ...क्या हुआ नाव कागज़ की उतारी थी अभी रुख हवा का मोड़ आए ...क्या हुआकुछ उजाला बांटते,पर सो गए धूप जेबों में छुपाए ...क्या हुआआसमानी शाल तो ओढ़ी नहीं कुछ सितारे तोड़ लाए ...क्या हुआ क्या हुआ,कुछ तो हुआ अब बोल दो  मन ही मन क्यों मु...
स्वप्न मेरे ......
Tag :क्या हुआ
  October 29, 2018, 7:00 am
अध-लिखे कागज़ किताबों में दबे ही रह गए कुछ अधूरे ख़त कहानी बोलते ही रह गए शाम की आगोश से जागा नहीं दिन रात भर प्लेट में रक्खे परांठे ऊंघते ही रह गएरेलगाड़ी सा ये जीवन दौड़ता पल पल रहा खेत, खम्बे, घर जो छूटे, छूटते ही रह गए सिलवटों ने रात के किस्से कहे तकिये से जब  बल्ब पीली रौशन...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  October 22, 2018, 10:20 am
बेहोशी ने अभी लपेटा नहीं बाहों में रुक जाती है रफ़्तार पत्थर से टकरा कर  जाग उठता है कायनात का कारोबार नींद गिर जाती है उस पल नींद की आगोश से   दो पल अभी गुज़रे नहींख़त्म पहाड़ी का आखरी सिरा  हवा में तैरता शरीर चूक गयी हो जैसे ज़मीन की चुम्बक  नींद का क्या गिर जाती है फि...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चुम्बक
  October 15, 2018, 7:04 am
यूं ही हवा में नहीं बनते प्रेम-किस्से शहर की रंग-बिरंगी इमारतों से ये नहीं निकलते न ही शराबी मद-मस्त आँखों से छलकते हैं ज़ीने पे चड़ते थके क़दमों की आहट से ये नहीं जागते  बनावटी चेहरों की तेज रफ़्तार के पीछे छिपी फाइलों के बीच दम तोड़ देते हैं ये किस्से कि यूं ही हवा में नहीं ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  October 8, 2018, 7:32 am
सुबह हुई और भूल गए यादें सपना नहीं यादें कपड़ों पे लगी धूल भी नहीं झाड़ो,झड़ गईउम्र से बे-हिसाब जिंदगी के दिन खर्च करना समुंदर की गीली रेत से सिप्पिएं चुनना    सब से नज़रें बचा कर अधूरी इमारतों के साए में मिलना धुंए के छल्लों में उम्मीद भरे लम्हे ढूंढना हाथों में हाथ डाल...
स्वप्न मेरे ......
Tag :बेहिसाब
  October 1, 2018, 6:48 am
कभी तो गूंजो कान मेंगुज़र जाओ छू के कंधागुज़र जाती है क़रीब से जैसे आवारा हवाउतर आओ हथेली की रेखाओं मेंजैसे सर्दी की कुनमुनाती धूपखिल उठो जैसे खिलता है जंगली गुलाबपथरीली जमीन परझांको छुप छुप के झाड़ी के पीछे सेझाँकता है जैसे चाँद बादल की ओटक सेमिल जाओ अचानक नज़रें च...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कभी तो
  September 17, 2018, 9:38 pm
अपने अपने काल खण्ड की पगडंडियों  परसांस लेना जिन्हें मंज़ूर नहींऐसे ही कुछ लैला मजनूँ , हीर रांझा के प्रेम के दस्तावेज़बदल चुके हैं आज अमर प्रेम ग्रंथों मेंकुछ सच जो गुनाह थे कल के काले लम्हों मेंरोशन हैं आज शाश्वत सच की तरहतो क्यों न मिल कर बदल दें “आज”भविष्य में सम...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गीता
  September 11, 2018, 11:59 am
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