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Blog: मेरी जुबानी : मेरी आत्माभिव्यक्ति

Blogger: Sudha Singh
 तुम कहाँ हो भद्र??? उस दिन मन निकालकरकोरे काग़ज़ परबड़ी सुघड़ता से रख दिया था मैंने।सोचा था किसी दृष्टि पड़ेगी तोअवश्य ही मेरे मन की ओरआकर्षित हो व‍ह भद्रउसे यथोपचार देकरअपने स्नेह धर्म कानिर्वहन करेगा।पल बीते, क्षण बीते,बीती घड़ियाँ और साल।मन बाट जोहता रहा किन्... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   3:17pm 6 Dec 2020 #
Blogger: Sudha Singh
 शंकर भज लो जी, हाँ जी शंकर भज लो जी पूजन कर लो जी हाँ जी, शंकर भज लो जी शिवजी ही आराध्य हमारेहम जीते हैं उनके सहारे पिनाक धारी, डमरूवाले शशांक शेखर, हैं रखवाले  सुमिरन कर लो जी (टेक :शंकर भज लो जी) भोले न चाहे चांदी सोनाउर में रखना भक्ति का कोनादिल से जो एक ... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   4:16pm 13 Sep 2020 #प्रार्थना
Blogger: Sudha Singh
1:यही मनोरथ देव है, रखिए हम पर हाथ। सुखकर्ता सुख दीजिए , तुम्हें नवाऊँ माथ।।  2:प्रथम पूज्य गणराज जी, पूर्ण कीजिए काज।सकल मनोरथ सुफल हों, विघ्न न आए आज।। 3:वक्रतुण्ड हे गजवदन , एकदंत भगवान आश्रय में निज लीजिए, बालक मैं अनजान। 4:रिद्धि-सिद्धि दायी तुम्हीं, दो शुभता ... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   7:24pm 9 Sep 2020 #
Blogger: Sudha Singh
कैसे भी हों हालात मगर ,सफर अपना जारी रखो।डगर में मुश्किलें आएंगी कई उनसे लड़ने की तैयारी रखो।1।बढ़ते कदमों को रोकने वाले,राह में मिल जायेंगे बहुत, जो आ सको काम किसी के, वो नीयत ,वो दिलदारी रखो।2।पेट की आग इंसान को इंसान रहने देती नहीं,बाँट लो अपनी रोटी का एक टुकड़ा उसस... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   10:43am 19 Jul 2020 #ग़ज़ल
Blogger: Sudha Singh
1:दादुर: दादुर टर- टर बोलते,बारिश की है आस। बदरा आओ झूमके, करना नहीं निराश।। 2 :हरीतिमा: वृक्ष धरा पर खूब हो,  भरे अन्न भंडार ।हरीतिमा पसरे यहाँ, हो ऐश्वर्य अपार।। 3:वारिद::वारिद काले झूमके, करते जब बरसात। मोर पपीहा नाचते, हों आह्लादित पात।। 4:चातक:ताके चातक स्वा... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   6:14am 11 Jul 2020 #
Blogger: Sudha Singh
मुक्तकजियो तुम इस तरह जीवन, तुम्हारी धाक हो जाए।करो कुछ कर्म ऐसे कि, सभी आवाक हो जाएं।वो जीवन भी है क्या जीवन ,हताशा में बिता दे जो,लगा लो आग सीने में ,कि हर गम खाक हो जाए।।... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   6:17pm 21 Jun 2020 #मुक्तक
Blogger: Sudha Singh
कैसे कह दूँ कि तू राजपूत थाराजपूतों का इतिहास अजर है अमर हैकिसी राजपूत ने रणक्षेत्र मेंआज तक पीठ नहीं दिखाईतू कैसे हार गया जिन्दगी की बाज़ी. तूने कैसे उससे मुँह की खाई!!! तू जिन्दगी को रणक्षेत्र ही समझ लेता. जिन्दगी की दुश्वारियों से थोड़ा और लड़ लेता. यूँ  हार ज... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   8:13am 15 Jun 2020 #
Blogger: Sudha Singh
रेखाएँ, रेखाएँ बहुत कुछ कहती हैं... उदासीनता, निस्संगता का सुदृढ़ रूप रेखाएँ, निर्मित होती हैं भिन्नताओं के बीच दो बहिष्कृतों के बीच दो सभ्यताओं के बीच एक मोटी दीवार सी दो सोच के बीच अमीर और गरीब के बीच ऊँच और नीच के बीच जो कहती हैं... इसमें और उसमें स... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   7:35pm 11 Jun 2020 #
Blogger: Sudha Singh
विधा :मनहरण  घनाक्षरी प्रेम का प्रसार हो जी, सुखी संसार हो जी। स्नेह बीज रोपने हैं, हाथ तो बढ़ाइये। 1।दुख दर्द सोख ले जो, वैमनस्य रोक ले जो। छाँव दे जो तप्तों को, बीज वो लगाइए। 2।प्रेम का हो खाद पानी, प्रेम भरी मीठी बानी ।श्रेष्ठ बीज धरती से, आप उपजाइये ।3।जो भी हम बोएँ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   5:17pm 7 Jun 2020 #मनहरण घनाक्षरी
Blogger: Sudha Singh
ओ चित्रकार, क्या तूने अपने चित्र पर विश्लेषणात्मक नजर डाली?? कितनी खूबसूरती से तेरी कूची ने सजाई थी इस सृष्टि को अपने कोरे केनवास पर, कहीं गुंजायमान था पखेरुओं का कलरव मधुर गान कहीं परिलक्षित थी पर्वतों की ऊँची मुस्कान नदियों निर्झरों समंदरोंका कल - ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   7:35pm 4 Jun 2020 #ओ चित्रकार
Blogger: Sudha Singh
🌷  गीतिका 🌷        🌺    देवी छंद   🌺   **********************               मापनी- 112  2हम सेवी। तुम स्वामी ।।मुख तेरा ।अभिरामी।।पद लागूँ।दिक- स्वामी।हम दंभी।खल कामी।।अपना लो।भर हामी।।चित मेरा।क्षणरामी।।हँसते हैं।प्रति गामी।।कर नाना।बदनामी।।बन जाऊँ।पथ ग... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   2:21pm 1 Jun 2020 #
Blogger: Sudha Singh
भजन (16,14)शिव शंकर ,हे औघड़दानीबेड़ा पार करो मेरा।भव अम्बुधि से, पार है जाना, अब उद्धार करो मेरा।। काम, क्रोध, व लोभ में जकड़ा, मैं   मूरख  , अज्ञानी हूँ ।।स्वारथ का पुतला हूँ भगवनमैं पामर अभिमानी हूं।।भान नहीं है, सही गलत का,करता  मैं, तेरा मेरा।शिव शंकर ,हे औघड़दानी... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   1:25pm 29 May 2020 #Song lyrics Hindi
Blogger: Sudha Singh
वो निकला है अपने ,मिशन पर किसी।मारे जाते हैं मासूम,संत और ऋषि।।क्रोध की अग्नि में ,भस्म सबको करेगा।गेहूँ के साथ चाकी में,घुन भी पिसेगा।।कैद करके घरों में,बिठाया हमें।अपना अस्तित्व,फिर से दिखाया हमें।।दृष्टि उसकी मनुज पे,हुई आज  वक्र।निकाला है उसने ,पुनःअपना चक्र।।... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   8:20pm 26 May 2020 #कोरोना
Blogger: Sudha Singh
नवगीत: अंतर के पट खोल (16 ,11)        ☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️अंतर के पट खोल तभी तो                   मन होवे उजियार।मानव योनि मिली है हमको                 इसे न कर बेकार  ।।अंतस में हो अँधियारा जब,              दिखता सबकुछ स्याह ।मन अधीर हो अक... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   6:30pm 18 May 2020 #गीत
Blogger: Sudha Singh
बोल चिड़िया,अब बेधड़क बोल।अब तेरी बारी आई है।दिल के सारे जख्म खोल।बोल चिड़िया,अब बेधड़क बोल।तुझे पिंजरे में बंद करनेवाला अब बचा कौन है!!!!तेरी स्वर लहरियों को रोकने वाला तो अब स्वयं ही मौन है!!अब जी भरकर चहक।सकल विश्व पर ,अब तेरा ही प्रभुत्व है...जहाँ चाहे, वहाँ फुदक।।मेरी ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   8:37pm 13 May 2020 #
Blogger: Sudha Singh
गीत/नवगीत ::संबंधों  के  बंध न छूटेंमुखड़ा:16,16अंतरा:16,14🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸संबंधों  के  बंध न छूटें ,    आओ कुछ पल संवाद करें ।प्रेम से माँ वसुधा को भर दें ,      हर हृदय को आबाद करें ।।                     1 इर्ष्या की आँधी ने देखो              सब पर घेरे ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   8:52pm 7 May 2020 #नवगीत
Blogger: Sudha Singh
31:ईश्वर:शुक्ति मध्ये मोती ज्यों, मन माही त्यों राम।अपने हिय को शोध ले, वही ईश का धाम।।♦️♦️♦️♦️32:प्रकृति:वन उपवन उजाड़ भए,नहीं पथिक को छाँह ।बिगड़ी सूरत प्रकृति की ,  हमें कहाँ परवाह।।♦️♦️♦️♦️33:नैतिकता:छल बल से कम्पित धरा,भरे मनुजता आह।निज हित में अंधा मनुज,भूला नैतिक रा... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   10:25am 28 Apr 2020 #
Blogger: Sudha Singh
.# दाग कोरोना काल काकिसी ने कहा था किदाग अच्छे हैं!!!हाँ दाग अच्छे  हैं...पर तब तककि जब तकजड़ न हो जाएँ..हमेशा के लिएकिसी रंग को,बदरंग न कर जाएँ...किसी के जीवन मेंझंझा न भर जाएँकिन्तु जीव की जीवटताके आगे किसी काअस्तित्व कहाँ टीक सका है!!यह तो अनवरतप्राकृतिक प्रक्रिया हैइसे च... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   4:17pm 15 Apr 2020 #कोरोना
Blogger: Sudha Singh
सुधा की कुंडलियाँ21:कुनबाछोटा कुनबा है सही, खुश रहते सब लोग।हृदय में कटुता न रहे,बढ़े प्रेम का योग।।बढ़े प्रेम का योग, नहीं छल बल से नाता।इक दूजे के *साथ ,साथ* हर एक निभाता।।कहे सुधा ललकार,*कथन यह लगे न खोटा।*रखो याद यह बात,रहे नित कुनबा छोटा।। 22:पीहरबेटी तेरी बावरी,  डूबी प... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   3:57pm 8 Jan 2020 #कुनबा
Blogger: Sudha Singh
हायकू-१घना कुहरा~लाठी टेके चलताबूढ़ा आदमी!२अँधेरी रात~दूर से आतीझींगुरों की आवाज।३भोर की लाली~चूल्हे पर खौलतीगुलाबी चाय।४जोर की आँधी~कपड़े उतारती डोरी से गोरी।५तेज बारिश~पेड़ के नीचे कुत्ताकंपकपाता ... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   1:42pm 5 Jan 2020 #हाइकू
Blogger: Sudha Singh
17:समय:समय को कम न आँकिए,समय बड़ा बलवान।भूपति भी निर्धन हुए, गया मान सम्मान।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹18:उपासना:कर उपासना ईश की,बिगड़े बनेंगे काज!खुशियों की कुंजी यही, यही दिलाए ताज!🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹19:कल्याण:राम नाम रटते रहो ,फिर होगा कल्याण ।तर जाएगा जीव तू ,खुश होंगे भगवान।।🌹🌹🌹🌹... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   6:39am 3 Jan 2020 #
Blogger: Sudha Singh
Abki kewal khushiyan lanaअबकी केवल खुशियाँ लाना.....नया वर्ष तेरे आगत में,खड़े हैं हम तेरे स्वागत में,शोक, निराशा, दुख की बदरी,असफलता ,रोगों की गठरी,खोद के माटी तले दबाना।अबकी केवल खुशियाँ लाना।।नया हर्ष ,उत्कर्ष नया हो।नए भोर का स्पर्श नया हो।मुरझाईं कलियाँ न हों।अंधियारी गलियाँ न हों।... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   1:34pm 31 Dec 2019 #नव वर्ष
Blogger: Sudha Singh
सुधा की कुंडलियाँ21:बिंदी::जगमग भाल चमक रहा, टीका बिंदी संग।मीरा जोगन हो गई, चढ़ा कृष्ण का रंग।।चढ़ा कृष्ण का रंग , कृष्ण है सबसे प्यारा।छान रही वनखंड,लिए घूमे इकतारा ।।छोड़ा है रनिवास,बसा कर कान्हा रग रग।तुम्बी सोहे हस्त ,भाल टीके से जगमग।।                  22:डोली::डो... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   1:49pm 27 Dec 2019 #
Blogger: Sudha Singh
माटी मेरे गाँव की विधा :मुक्त गीतमाटी मेरे गाँव की, मुझको रही पुकार।क्यों मुझको तुम भूल गए, आ जाओ एक बार।।बूढ़ा पीपल बाँह पसारे ।अपलक तेरी राह निहारे।।अमराई कोयलिया बोले।कानों में मिसरी सी घोले।।ऐसी गाँव की माटी मेरीजिसको तरसे संसार।।क्यों मुझको तुम भूल गए, आ जाओ ... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   4:47pm 25 Dec 2019 #गीत
Blogger: Sudha Singh
विषय::विरह गीतविधा:मुक्त छन्दमैं लिखता रहा, और मिटाता रहा।जीवन के हर गीत ,गाता रहा।यादें तुम्हारी ,जब जब भी आईतुम्हारा ही अक्स ,मुझको देता दिखाईसनम क्यों मुझे , छोड़ तुम चल दियेलौट आओ सदायें, मैं देता रहा।मैं लिखता रहा, और मिटाता रहा।जीवन के हर गीत गाता रहा।फिजाएं लिपट ,म... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   7:46pm 24 Dec 2019 #
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