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मेरी जुबानी

ये सिंदूरी, सुरमई शाम का बहकता आँचलफलक से झरती ये अलमस्त चाँदनीरूह तक पहुँचता एहसास ये रूमानीनदिया की बहती ये नीरव रवानीहौले से कुछ कह जाए..ये कशिश, ये खुमारी और ये दयारकानों में चुपके से कुछ कहती फिरसर्रर् ... से बह जाती ये मतवाली बयारतुम्हारी गर्म साँसों की ये मदमस्त ख...
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Tag :तनहाई
  March 30, 2018, 5:44 pm
न मालूम था कि तुम भी निकलोगे उन जैसे ही ..खोल दी थी अपने दिल की किताब मैंने तुम्हारे सामनेउसके हर सफहे पर लिखी हर बात को गौर से पढ़ा था तुमने..जिसमें लिखे थे मेरे सारे जज्बात, सारे एहसास...वो स्याह, बदरँग, मैला - सा पन्ना भी तो तुमने देखा था जिसे मैंने सबसे छुपा कर रखा था...पर बे...
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Tag :जज्बात
  March 24, 2018, 7:56 pm
घनघोर तिमिर आतंक करेवायु भी वेग प्रचंड करेहो सघन बादलों का फेराया अति वृष्टि का हो घेरातू हृदय घट में भरले उजासमत पीछे हट, तू कर प्रयासहै पथिक तू, न ये भूलनाकरने तुझे कई काज हैंवो मानव ही तो मानव हैंजिसमें उम्मीद और आस हैमाना पतझड़ का मौसम है पर ये मौसम भी बीतेगातूफान ...
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Tag :उम्मीद
  March 18, 2018, 12:20 am
परिक्रमाकौन नहीं करता परिक्रमा?सब करते हैंऔर जरूरी भी है परिक्रमापरंतु अपनी ही धुरी सेजैसे चांद करता है धरती की परिक्रमा.धरती करती है सूर्य की परिक्रमा.और अनेकों ग्रह करते हैं सूर्य की परिक्रमाताकि वह अपनी धुरी से भटक ना जाएं.दिग्भ्रमित न हो जाएं.सब की सीमाएं होती ह...
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Tag :चाँद
  March 7, 2018, 11:41 pm
चलो आओ मौसम सुहाना हुआ है,ये दिल भी मेरा आशिकाना हुआ है।छाई है मदहोशी चारों तरफ,सुर्ख फूलों पे भँवरा दिवाना हुआ है।चलो आओ मौसम सुहाना हुआ है,ये दिल भी मेरा आशिकाना हुआ है।बागों में चिड़िया चहकने लगी है,कलियाँ भी खिलकर महकने लगी है।कि गुम है मेरे होश चाहत में तेरी ,मेरा ...
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Tag :प्रेम
  March 5, 2018, 1:17 pm
मैं बिरहन हूँ प्रेम की प्यासीन रँग, न कोई रास है!बदन संदली सूल सम लागेकैसा ये एहसास है!तुम जब से परदेस गए प्रियये मन बड़ा उदास है!बिना तुम्हारे रंग लगाए,फाग कहीं यो बीत न जाए!सखिया मोहे रोज छेड़तीकहती क्यो तोरे पिया न आए!टेसू पलाश के रंग न भाए,गुलमोहर भी बिछ - बिछ जाए !कस्तु...
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Tag :उदासी
  March 2, 2018, 12:01 am
तन्हाई...नहीं होती मूक!होती है मुखर ,अत्यंत प्रखर!उसकी अपनी भाषा हैअपनी बोली है!जन्मती है जिसके भी भीतरललकारती है उसे!करती है आर्तनादचीखती है चिल्लाती है!करती है यलगारशोर मचाती ,लाती है झंझावातअंतरद्वंद करतीरहती झिंझोड़ती हर पल !और करती है उपहृतव्याकुलता, वेदना, लाचा...
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Tag :
  February 27, 2018, 11:07 pm
 आंसुओं को कैदकर लो मेरे  कहीं बहकर येफिर कोई राज न खोल दे मेरी रुसवाई  में इनका भी बड़ा हाथ है. ...
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Tag :
  February 26, 2018, 3:16 pm
तुम कान्हा बन आओ तो नवनीत खिलाएँभोले शंकर बन जाओ तो भंग - धतूर चढ़ाएं  परदिल तो प्रियवर के प्रेम से परिपूरित है.थोड़ा भक्ति रस ले आओ तो कुछ बात बने.सुधा सिंह 🦋 ...
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Tag :भक्तिभाव
  February 24, 2018, 1:56 pm
1:पहचानयूँ तो उनसे हमारी जान पहचानबरसों की है पर....फिर लगता है कि क्याउन्हें सचमुच जानते हैं हम**************2:जिन्दगीजिन्दगी जीने की चाह मेंजिन्दगी कट गयीपर जिन्दगी जीई न गई*********3:पलहमने पल - पलबेसब्री से जिनकीराह तकीवो पल तोहमसे बिना मिलेही चले गए*********4:ऊँचाईऊँचाई से डर लगता हैशा...
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Tag :
  February 24, 2018, 12:11 am
उग आते हैं कुछ प्रश्न ऐसेजेहन की जमीन परजैसे कुकुरमुत्तेऔर खींच लेते हैंसारी उर्वरता उस भूमि कीजो थी बहुत शक्तिशालीजिसकी उपज थी एकदम आलापर जब उग आते हैंऐसे कुकुरमुत्तेजिनकी जरुरत नहीं थी किसी को भीजो सूरज की थोडी सी उष्मा मेंदम तोड देते हैं।पर होते हैं परजीवीखुद फ...
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Tag :प्रश्न
  February 23, 2018, 12:31 am
कोई बढ़ रहा हो आगे, मंजिल की ओर अपनेरस्ता बड़ा कठिन हो, पर हो सुनहरे सपनेदेखो खललपड़े न , यह ध्यान देना तुमकंटक विहीन मार्ग, उसका कर देना तुममाँगे कोई सहारा, यदि हो वो बेसहारामेहनत तलब हो इन्सां, न हो अगर नकाराबन जाना उसके संबल, दे देना उसको प्रश्रयगर हो तुम्हारे बस में , ब...
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Tag :खलल
  February 15, 2018, 6:02 pm
कल कल - संगीत मधुर, सुनाती है नदिया.चाल लिए सर्पिणी- सी , बलखाती नदियाऊसर मरुओं को उर्वर बनाती है नदियातृष्णा को सबकी पल में मिटाती है नदियाप्रक्षेपित पहाड़ों से होती है नदियावनों बियाबनों से गुजरती है नदियाराह की हर बाधा से लड़ती है नदियासबके मैल धोके पतित होती है नदि...
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Tag :
  February 10, 2018, 9:52 pm
 मेरे ख्वाबों का वो  जहान प्रतिदिन प्रतिपल टूटता है, फूटता हैऔर फिर बिखर जाता है ...हो जाता है विलीनएक अनंत मेंएक असीम में...तुच्छता, अनवस्था,व्यर्थता का एहसास लिए ...खोजना चाहता हैअपने अस्तित्व को..पर सारे प्रयास, सारे जतनहो जाते हैं नाकामतब... जब अगले ही पल मेंअचानक से प...
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Tag :ख्वाब
  February 7, 2018, 6:57 pm
कासगंज की धरती कीउस रोज रूह तक काँप गईशोणित हो गई और तड़पी वहफिर एक सपूत की जान गईमक्कारी के चूल्हे मेंवे रक्तिम रोटी सेंक गएवोट बैंक की राजनीति मेंखेल सियासी खेल गएथा कितना भयावह वह मंजरमाँ ने एक लाल को खोया थाउस शहीद के पावन शव परआसमान भी रोया थाभारत माँ के जयकारों प...
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Tag :राजनीति
  February 5, 2018, 3:19 pm
आसमान है सबसे ऊँचा ,फिर भी उसे धरा से प्यार।धरती से मिलने की खातिर ,करता है वह क्षितिज तैयार।।कितना उन्नत, विशाल कितना,लेकिन  कोई दंभ नहीं है!फिर भी सब नतमस्तक हो जाते,इसमें कोई अचंभ नहीं है!पहन कभी नीला परिधान,रहता खड़ा है सीना तान!रंग सुनहरा तब ये पहने,जब् होती है शाम व...
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Tag :आकाश
  February 5, 2018, 12:12 am
कितना अच्छा हैकि मैं लड़का नहीं हूँ.भले ही मेरे पापा,मेरे भाई से सबसे अधिक प्यार करते हैंऔर हमें बोझ समझते हैं .भले ही उनका सारा लाड - प्यारसिर्फ उसे ही मिलता है .और वह पापा से बिलकुल नहीं डरताउसे बताया गया है किवह उनके कुल का दीपक है.उसे गर्व है इस बात का.उसकी गलती पर जब मा...
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Tag :कुलदीपक
  February 3, 2018, 9:13 pm
नीला अंबर नाच उठा हैपाकर इंद्र के चाप की रेखछन छन अमृत बरस रहा हैरति मदन का प्रणय देखसात रंग के आभूषण सेहुआ अलंकृत आज जहानखिल उठा रुप क्षितिज कापहन के सतरंगी परिधानपुलकित हो गई धरा हमारीमन भी हो रहे बेकाबूमेघ ले रहे अंगड़ाईसृष्टि का ये कैसा जादू..नाचे मोर पंख फैलाएमहक...
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Tag :प्रकृति
  February 2, 2018, 12:55 pm
कल गिरा जमीं पर मुट्ठी बांध,कल खोल हथेली जाएगा!दो गज धरती के ऊपर से यादो गज जमीन के नीचे ही,तू माटी में मिल जाएगा!माटी ही तेरी है सब कुछ,माटी पर रहना सीख ले!यह माटी सब कुछ देती है,पर वापस भी ले लेती है!माटी से जीना सीख ले!तेरा नेम प्लेट पढ़ - पढ़ करवह भूमि तुझ पर हंसती है-"तेरे ब...
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Tag :कर्म
  January 29, 2018, 11:23 pm
कहंँवा हो प्यारे सखेगोपियाँ हैं राह तके!दर्शन की प्यास जगी,तन मन में आग लगी!बंसी की मधुर धुन,सुना दो सखे!गोपियाँ हैं राह तके!वातावरण है नीरस,उल्लास का कोई नाद नहींभूख प्यास गायब है,मक्खन में स्वाद नहीं!आके स्वाद इनमें,जगा दो सखे!क्षीरज तेरी  राह तके!              &n...
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Tag :कान्हा
  January 28, 2018, 10:21 pm
आया बसंत, आया बसंत!बाजे है झनन - झननमन का मृदंगचढ़ गया है सभी परप्रेम का रस रँगबस में अब चित नहींबदला है  समां- समांस्पर्श से ऋतुराज केदिल हुए जवां - जवांकोकिल सुनाएमधुर -  मधुर गीतसरसों का रंगदेखो पीत- पीतखेतों में झूम रही गेहूँ की बालीमोरनी भी चाल चलेकैसी मतवालीख़ुश...
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Tag :कोयल
  January 26, 2018, 5:01 pm
निकली बवाली ये बातें बिना बातमुकाबला बड़ा अलहदा हो गया हैबवाली बवाल ने ऐसा बलवा मचायाकि चिट्ठा जगत बावला हो गया हैरचे कोई कविता और कोई कहानीकि बेबात ये मामला हो गया है बनता कभी है, ये फूटता कभीअजी पानी का ये बुलबुला हो गया हैबाजी है किसकी और हारेगा कौनबुझन में कितना ...
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Tag :
  January 19, 2018, 5:33 pm
उस दिन भोजन पकाकरपसीने से तर-ब-तर बहू नेकुछ ठंडी हवा खाने की चाह मेंरसोई की खिड़की से बाहर झाँका ही थाकि पूरे घर में खलबली सी मच गई।ससुर जी जोर- से झल्लाए.सासू माँ का हाथ पकड़ रसोई में ले आएऔर बोले,"इसके चाल चलन में खोट है!क्या तुम्हें नजर नहीं आता!  ये बाहर गाड़ी में बैठे ...
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Tag :
  January 11, 2018, 12:10 am
अर्जुन.. आज की कक्षा में (प्रिय साथियों ,नाम से तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं महाभारत के एक प्रमुख पात्र अर्जुन की बात कर रही हूं जो यदि आज की कक्षा में पहुंच जाएँ तो वे कैसा महसूस करेंगे। इसी विषय पर आधारित है यह काल्पनिक प्रसंग।)अर्जुन, पांच पांडवों में से एक, द्रोणाचार्य ...
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Tag :विद्यालय
  January 3, 2018, 1:08 pm
सुख का सूर्य है कहाँ, कोई बताए ठौर!पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण देख लिया चहुँ ओर!!देख लिया चहुँ ओर कि बरसों बीत गए हैं!चूते चूते घट भी अब तो रीत गए हैं!!राम कसम अब थककर मैं तो चूर हो गया!रोज हलाहल पीने को मजबूर हो गया !!नेताओं के छल को मैं तो समझ न पाता !निशि दिन उद्यम करने पर भी फल न...
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Tag :कुण्डलिया
  December 29, 2017, 11:08 pm
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