Hamarivani.com

मेरी जुबानी

कोई बढ़ रहा हो आगे, मंजिल की ओर अपनेरस्ता बड़ा कठिन हो, पर हो सुनहरे सपनेदेखो खललपड़े न , यह ध्यान देना तुमकंटक विहीन मार्ग, उसका कर देना तुममाँगे कोई सहारा, यदि हो वो बेसहारामेहनत तलब हो इन्सां, न हो अगर नकाराबन जाना उसके संबल, दे देना उसको प्रश्रयगर हो तुम्हारे बस में , ब...
मेरी जुबानी ...
Tag :खलल
  February 15, 2018, 6:02 pm
कल कल - संगीत मधुर, सुनाती है नदिया.चाल लिए सर्पिणी- सी , बलखाती नदियाऊसर मरुओं को उर्वर बनाती है नदियातृष्णा को सबकी पल में मिटाती है नदियाप्रक्षेपित पहाड़ों से होती है नदियावनों बियाबनों से गुजरती है नदियाराह की हर बाधा से लड़ती है नदियासबके मैल धोके पतित होती है नदि...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  February 10, 2018, 9:52 pm
 मेरे ख्वाबों का वो  जहान प्रतिदिन प्रतिपल टूटता है, फूटता हैऔर फिर बिखर जाता है ...हो जाता है विलीनएक अनंत मेंएक असीम में...तुच्छता, अनवस्था,व्यर्थता का एहसास लिए ...खोजना चाहता हैअपने अस्तित्व को..पर सारे प्रयास, सारे जतनहो जाते हैं नाकामतब... जब अगले ही पल मेंअचानक से प...
मेरी जुबानी ...
Tag :ख्वाब
  February 7, 2018, 6:57 pm
कासगंज की धरती कीउस रोज रूह तक काँप गईशोणित हो गई और तड़पी वहफिर एक सपूत की जान गईमक्कारी के चूल्हे मेंवे रक्तिम रोटी सेंक गएवोट बैंक की राजनीति मेंखेल सियासी खेल गएथा कितना भयावह वह मंजरमाँ ने एक लाल को खोया थाउस शहीद के पावन शव परआसमान भी रोया थाभारत माँ के जयकारों प...
मेरी जुबानी ...
Tag :राजनीति
  February 5, 2018, 3:19 pm
आसमान है सबसे ऊँचा ,फिर भी उसे धरा से प्यार।धरती से मिलने की खातिर ,करता है वह क्षितिज तैयार।।कितना उन्नत, विशाल कितना,लेकिन  कोई दंभ नहीं है!फिर भी सब नतमस्तक हो जाते,इसमें कोई अचंभ नहीं है!पहन कभी नीला परिधान,रहता खड़ा है सीना तान!रंग सुनहरा तब ये पहने,जब् होती है शाम व...
मेरी जुबानी ...
Tag :आकाश
  February 5, 2018, 12:12 am
कितना अच्छा हैकि मैं लड़का नहीं हूँ.भले ही मेरे पापा,मेरे भाई से सबसे अधिक प्यार करते हैंऔर हमें बोझ समझते हैं .भले ही उनका सारा लाड - प्यारसिर्फ उसे ही मिलता है .और वह पापा से बिलकुल नहीं डरताउसे बताया गया है किवह उनके कुल का दीपक है.उसे गर्व है इस बात का.उसकी गलती पर जब मा...
मेरी जुबानी ...
Tag :कुलदीपक
  February 3, 2018, 9:13 pm
नीला अंबर नाच उठा हैपाकर इंद्र के चाप की रेखछन छन अमृत बरस रहा हैरति मदन का प्रणय देखसात रंग के आभूषण सेहुआ अलंकृत आज जहानखिल उठा रुप क्षितिज कापहन के सतरंगी परिधानपुलकित हो गई धरा हमारीमन भी हो रहे बेकाबूमेघ ले रहे अंगड़ाईसृष्टि का ये कैसा जादू..नाचे मोर पंख फैलाएमहक...
मेरी जुबानी ...
Tag :प्रकृति
  February 2, 2018, 12:55 pm
कल गिरा जमीं पर मुट्ठी बांध,कल खोल हथेली जाएगा!दो गज धरती के ऊपर से यादो गज जमीन के नीचे ही,तू माटी में मिल जाएगा!माटी ही तेरी है सब कुछ,माटी पर रहना सीख ले!यह माटी सब कुछ देती है,पर वापस भी ले लेती है!माटी से जीना सीख ले!तेरा नेम प्लेट पढ़ - पढ़ करवह भूमि तुझ पर हंसती है-"तेरे ब...
मेरी जुबानी ...
Tag :कर्म
  January 29, 2018, 11:23 pm
कहंँवा हो प्यारे सखेगोपियाँ हैं राह तके!दर्शन की प्यास जगी,तन मन में आग लगी!बंसी की मधुर धुन,सुना दो सखे!गोपियाँ हैं राह तके!वातावरण है नीरस,उल्लास का कोई नाद नहींभूख प्यास गायब है,मक्खन में स्वाद नहीं!आके स्वाद इनमें,जगा दो सखे!क्षीरज तेरी  राह तके!              &n...
मेरी जुबानी ...
Tag :कान्हा
  January 28, 2018, 10:21 pm
आया बसंत, आया बसंत!बाजे है झनन - झननमन का मृदंगचढ़ गया है सभी परप्रेम का रस रँगबस में अब चित नहींबदला है  समां- समांस्पर्श से ऋतुराज केदिल हुए जवां - जवांकोकिल सुनाएमधुर -  मधुर गीतसरसों का रंगदेखो पीत- पीतखेतों में झूम रही गेहूँ की बालीमोरनी भी चाल चलेकैसी मतवालीख़ुश...
मेरी जुबानी ...
Tag :कोयल
  January 26, 2018, 5:01 pm
निकली बवाली ये बातें बिना बातमुकाबला बड़ा अलहदा हो गया हैबवाली बवाल ने ऐसा बलवा मचायाकि चिट्ठा जगत बावला हो गया हैरचे कोई कविता और कोई कहानीकि बेबात ये मामला हो गया है बनता कभी है, ये फूटता कभीअजी पानी का ये बुलबुला हो गया हैबाजी है किसकी और हारेगा कौनबुझन में कितना ...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  January 19, 2018, 5:33 pm
उस दिन भोजन पकाकरपसीने से तर-ब-तर बहू नेकुछ ठंडी हवा खाने की चाह मेंरसोई की खिड़की से बाहर झाँका ही थाकि पूरे घर में खलबली सी मच गई।ससुर जी जोर- से झल्लाए.सासू माँ का हाथ पकड़ रसोई में ले आएऔर बोले,"इसके चाल चलन में खोट है!क्या तुम्हें नजर नहीं आता!  ये बाहर गाड़ी में बैठे ...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  January 11, 2018, 12:10 am
अर्जुन.. आज की कक्षा में (प्रिय साथियों ,नाम से तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं महाभारत के एक प्रमुख पात्र अर्जुन की बात कर रही हूं जो यदि आज की कक्षा में पहुंच जाएँ तो वे कैसा महसूस करेंगे। इसी विषय पर आधारित है यह काल्पनिक प्रसंग।)अर्जुन, पांच पांडवों में से एक, द्रोणाचार्य ...
मेरी जुबानी ...
Tag :विद्यालय
  January 3, 2018, 1:08 pm
सुख का सूर्य है कहाँ, कोई बताए ठौर!पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण देख लिया चहुँ ओर!!देख लिया चहुँ ओर कि बरसों बीत गए हैं!चूते चूते घट भी अब तो रीत गए हैं!!राम कसम अब थककर मैं तो चूर हो गया!रोज हलाहल पीने को मजबूर हो गया !!नेताओं के छल को मैं तो समझ न पाता !निशि दिन उद्यम करने पर भी फल न...
मेरी जुबानी ...
Tag :कुण्डलिया
  December 29, 2017, 11:08 pm
अब लौट आओ प्रियवर.....अकुलाता है मेरा उर अंतर..शून्यता सी छाई है रिक्त हुआ अंतस्थल.पल पल युगों समान भएदीदार को नैना तरस गएइंतजार में तुम्हारे पलके बिछी हैंतुम बिन बिखरा बिखरा सा मेरा संसार है प्रियवरअब लौट आओ प्रियवरअब लौट आओ प्रियवरकि थम जाती है मेरी हर सोचतुम पर आकररु...
मेरी जुबानी ...
Tag :प्रेमसंदेश
  December 25, 2017, 7:43 pm
Be yourself...I knew u r insecure of me.feeling I'm better than thee.I agree, that's true.And nothing new.Whenever we met.U tried to put me down.U smiled but inside I saw you frown.You trying hard to prove yourselfBut I am not,As I've better things to do.So I am not jealous of you.I possess different attributes.N u have different that suits.Just remember thisNothing happens so quick.So take ur time.Make juice out of your lime.Running away from the problems will not fetch u anythingInstead.. will lead u to nothingYou can...Yes U Can Conquer the worldJust be urself, let the life be furledTwists and turns will come your wayWhile the sun shines, make the hayHmmm.. be urself n sore highHave coura...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  December 16, 2017, 1:21 pm
अब स्वप्न हो गए.... वो मेड़ों के बीच से कलकल बहता जल वो पुरवाई, वो शीतल मंद बहता अनिल ,गालों को चूमती वो मीठी बयारवो फगुआ के गीतों की भीनी फुहार वो खेत, वो खलिहानअब स्वप्न हो गए.... वो चने खोटना, नून मिरची लगाना,औ चटखारे लेकर मजे से खाना, जाड़े में सुबह की कुनकुनी धूप से...
मेरी जुबानी ...
Tag :गाँव
  December 10, 2017, 8:26 pm
शशि तुम चले गए,अपना आखिरी किरदार निभाने!इतिहास में स्वर्ण अक्षरों मेंअपना नाम लिखवाकर,तुम चले गएईश्वर की एक नई  फ़िल्म करने!हमें हँसाया था , रुलाया था ,भावाविभोर किया था तुमने!माँ की कीमत क्या होती हैबहुतों को सिखाया था तुमने!अपनी अभिनय कला का,लोहा सबसे मनवाया था तुम...
मेरी जुबानी ...
Tag :शशि कपूर
  December 5, 2017, 8:44 pm
(पल, वो जो गुजरे, तोमेरी मासूमियत भी साथ ले गए!अब तो बेबात भी मुस्कुराना पड़ता  है!और सब की ताल से ताल मिलाना पड़ता है!)****************************कुछ चाहतों, ख्वाहिशों का अंबार लगा है!सपनों का एक फानूस आसमान में टंगा है!उछल कर,कभी कूदकर,उसे पाने की कोशिश मेंबार बार हो जाती  हूँ नाकामजब क...
मेरी जुबानी ...
Tag :मानवता
  November 30, 2017, 7:53 pm
      निष्पक्षता एक ऐसा गुण है जो सबके पास नहीं होता. सदैव निष्पक्ष रहने का दावा करने वाला मनुष्य भी कभी न कभी पक्षपात करता ही है. एक ही कोख से जन्म देने के बाद भी दुनिया में सबसे अधिक सम्माननीय और देवी के रूप में पूजी जाने वाली मां भी कई बार अपने दो बच्चों में फर्क करती ...
मेरी जुबानी ...
Tag :चाटुकारिता
  November 26, 2017, 1:10 pm
बात नहीं करती मैं तारों और सितारों कीन ही मैं बात करती हूँखूबसूरत नजारो कीमैं बात करती हूँइंसानियत के पहरेदारों कीमैं बात करती हूँजीवन की विडम्बनाओं कीसालती हुई वेदनाओं कीबात करती हूंमन में उठती हुई भावनाओं कीधनाभाव में मृतप्राय हुईनिरीह महत्वाकांक्षाओं कीमैं...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  November 12, 2017, 7:11 pm
खर पतवार (प्रतीकात्मक  कविता) इक माली ने मदहोशी मेंबीज एक बो दिया था! न ही मिट्टी उर्वर थी,न बीज का दर्जा आला था! शीत ऋतु भी चरम पर थी औ लग गया उसको पाला था! माली लापरवाह बड़ा थाथा जोश बड़ा जवानी का! न सिंचन पर ध्यान दिया न उचित खाद का प्रबंध किया! नर्सरी की स...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  November 4, 2017, 9:36 pm
जरूरत थी मुझे तुम्हारीपर..... पर तुम नहीं थे!मैं अकेली थी!तुम कहीं नहीं थे!केवल तुम्हारी आरजू थी!तुम्हारी जुस्तजू थी!जो मुझे कचोट रही थी!अकुलाहट, व्याकुलता के अँधेरों में घिरी हुई  मैं! तुम्हें खोज रही थी!वो अंधेरा जब मुझे अपनी आगोश में समाहित करने को उतावला था!मैं  बेच...
मेरी जुबानी ...
Tag :
  October 22, 2017, 1:55 am
मुंबईकर थोड़ा धीरे चलोथोड़ी सी राहत की साँस ले लोथोड़ा सब्र करोमाना मायानगरी है यह!मृगमरीचीका है जो सिर्फ हमें भ्रमित कर रही हैहमें अपने जाल में फँसा रही है!और हम जानते - बूझते फंसते जा रहे हैं!पर हम तो समझदार हैं!हमें आखिर क्या चाहिए!हमें वही चाहिए न, जो बाकी सबको चाह...
मेरी जुबानी ...
Tag :भागदौड़
  October 2, 2017, 5:14 pm
कहानी है मेरे पड़ोसन की - एक दिन वह मेरे पास आई उसकी आंखें थी डबडबाई उसे चिंतित देख जब रह न पाई मैंने उससे पूछ ही डाला - इस उदासी का क्या है कारण? आख़िर ऐसी क्या है बात ?कहो तो कुछ उपाय सोचेजल्द से जल्द करें  निवारण कुछ सकुचाते बामुश्किल से उसने आप बीती सुनाई...
मेरी जुबानी ...
Tag :व्यवहार
  September 21, 2017, 10:17 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3733) कुल पोस्ट (173836)