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Blog: कुछ ऐसा भी... Kuchh Aisa Bhi...

Blogger: Ravindra Pandey
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ,यूँ दूर रहकर, अब ना तड़पाओ...एक तुम्हारा ही इंतज़ार,बस एक तुमसे ही प्यार,यही मेरी जिन्दगी,ये सांसो का कारोबार,दूर-दूर रहकर, अब ना सताओ...सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...महक है जेहन में,पहली मुलाकात की,मौसम तो बदले,आँखों के बरसात की,कुछ तो करो ऐसा, बस मेरी हो जाओ...सुनो, आओ ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   5:15am 29 May 2017 #आओ ना
Blogger: Ravindra Pandey
समुंदर खारा हो गया...-------------****--------=-----बैठ गया कुछ पल के लिए, मैं समुंदर के तीर...बाँट लूँ ये सोच कर,कुछ मन के अपने पीर...आने लगी क्षितिज से,जैसेप्रेम की बयार...किनारे तक आई  जिसमें, हो कर लहर सवार...छूने लगी पैरों को, लहर की हर चाल...जैसे पूछता हो कोई, अपनों से दिल का हाल...था बोझ मन में ... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   2:57pm 19 May 2017 #प्रेम की बयार
Blogger: Ravindra Pandey
उसके हाथों की मेंहदी का रंग गहरा है,मिलूँ तो कैसे ज़माने का सख्त पहरा है..जरा लिहाज़ से रुख़सार दहक जाने दो,हम भी देखेंगे माहताब जो सुनहरा है..क्या कहें वस्ल की ये रात कितनी काली है,मेरी निगाह में तो दूर तक ये सेहरा है..उसी की चाह में दिल धड़क रहा हर पल,मिला जो इश्क़ में ये जख़्म बह... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   5:43am 18 May 2017 #जख़्म
Blogger: Ravindra Pandey
नीचे जमीं है फलक आसमां है,कितना ही सुंदर ये गुलिस्तां है..चमके गगन में चाँद और सितारे,तेरी मोहब्बत के बाकी निशां हैं..कानों में गूँजे है लोरी हरेक पल,आँखें जो खोलूँ सब कुछ धुआँ है..आँचल से तेरे लिपट के मैं रो लूँ,हर पल तेरी यादों का कारवां है..तुझसे सजी थी ये जीवन रंगोली,बेर... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   4:39am 14 May 2017 #चाँद और सितारे
Blogger: Ravindra Pandey
बरसों से प्यासी धरती पर, मेघा बन कर छाये हो तुम...---------------------------***-------------------------बरसों से प्यासी धरती पर, मेघा बन कर छाए हो तुम...आसां करने जीवन का सफर, साथी बनकर आए हो तुम...पहले भी चलती थी पुरवा, खिलती थी कलियाँ बागों में...दो सुंदर फूल खिला करके, ये आँगन महकाए हो तुम...ये समय घूमता धुरी पर,... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:58pm 12 May 2017 #कलियाँ
Blogger: Ravindra Pandey
एक हरजाई के आये नहीं,एक तन्हाई के जाये नहीं...करवट बदलते रात में,ख़्वाब उनके क्यों आये नहीं..?एक उम्मीद है टूटे नहीं,एक आस जो छूटे नहीं...लहरें किनारे आ रही,फिर भँवर क्यों आये नहीं..?एक आईना ख़ामोश है,एक मेहरबां रूठा हुआ...कर लूँ मैं लाखों जतन,पर क्यूँ उसे भाये नहीं..?एक रात है खाम... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   3:57pm 8 May 2017 #एक रात है खमोश सी
Blogger: Ravindra Pandey
बेतरतीब सी ख्वाहिशें, आसमान सी आस...--------------------******----------------बेतरतीब सी ख्वाहिशें, आसमान सी आस...दूर क्षितिज सागर फैला, मिटती नहीं है प्यास...मुठ्ठी भर साँसे महज़, फिर मिट्टी बे मोल...परछाईं से सब रिश्ते, सतही हो या ख़ास...पानी सा मन है सरल, रंग लो कोई रंग...गाँठ है लगना लाज़मी, टूटे जब विश्वा... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:52am 6 May 2017 #आसमान
Blogger: Ravindra Pandey
ढल ही गया दिन, शाम आते आते,-----------------***---------------ढल ही गया दिन, शाम आते आते,चलते नहीं तो, यूँ ही ठहर जाते...बहल तो गया दिल, कुछ पल को मौजूं,मिलते ना उनसे, तो दिल क्या लगाते...बारिश की बूंदें, लटों से हैं लिपटी,फ़ना हो रहे, गालों पे आते आते...मिला जो भी मुझको, बेशक उसी से,हसीं जख़्म दिल के, किसको ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   3:10pm 5 May 2017 #ढल ही गया दिन
Blogger: Ravindra Pandey
दिखे ढलता हुआ सूरज, तो मायूस ना होना,सफ़र से लौट वो शायद, अपने घर को आया है...कभी टूटे हुए तारे से तुम, ना दिल लगा लेना,अमानत है वो धरती की, चाहत ने बुलाया है...किसी रोज ग़र तनहा, हो आसमां में चाँद,समझ लेना लोरी गा के, तारों को सुलाया है...जरा सी बात पर कोई, अगर आँखे ही नम कर ले,उसी पल ज... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   5:14am 2 May 2017 #टूटे हुए तारे से तुम
Blogger: Ravindra Pandey
बड़ी सिहरन सी होती है,अगर इल्ज़ाम लग जाये...सफाई देर तक देकर,क्यूँ शर्मिन्दा हुआ जाये..?ये मेरी काबिलियत है,चुभे हर पल जो दुश्मन को...कटघरे में खड़ा होकर,क्यूँ मुज़रिम सा जिया जाये..?कोई तो होगा वो इंसान,जिसे हो कद्र मेरी भी...चलो कुछ पल अकेले में,संग उसके जिया जाये...ये दुनिया मतलब... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   5:07pm 27 Apr 2017 #इल्ज़ाम
Blogger: Ravindra Pandey
मेरी खामोशियाँ ही अब, मेरी बातें सुनाती हैं,दीवाना बन के तन्हाई, वो देखो गीत गाती हैं...कभी गुजरा था राहों से, मंज़िल की चाहत में,वही राहें पकड़ बाहें, मुझे मंज़िल दिखाती हैं...वक़्त ने करवट, बदल क्या ली मेरे मालिक,ख़ुशी बेताब मिलने को, शोहरत झूम जाती हैं...कभी मज़बूर थी पलकें, संभल ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   5:46pm 26 Apr 2017 #खामोशियाँ
Blogger: Ravindra Pandey
रोया हूँ फिर आज सुबक के...------------------***----------------रोया हूँ फिर आज सुबक के, हरियर चुनरी हुई है लाल...मेरे खातिर कितनी माँ, खोएंगे अभी अपने लाल..?मेरे मन की पीड़ा को, अब तो कुछ आराम मिले..?झुलस रही कोशल की बगिया, अमन के सुंदर फूल खिले...कब होगा दहशतगर्दों के, मन में रत्ती भर का मलाल..?रोया हूँ फि... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   5:15am 25 Apr 2017 #चीख रहे बस्तर के साल
Blogger: Ravindra Pandey
क्या मन कहूँ, क्या तन कहूँ...-------------***------------क्या मन कहूँ, क्या तन कहूँ,सर्वस्व तेरा, ऐ वतन कहूँ...मेरा रोम रोम, है तेरी धरा,एक फूल मैं, तुझे चमन कहूँ...क्या मन कहूँ.....तेरे बाज़ुओं में, वो जान है,थामे तिरंगा, महान है...कई रंग है, जाति धर्म के...तुझे सरिता माँ, सनातन कहूँ...क्या तन&n... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   7:35am 21 Apr 2017 #क्या तन कहुँ
Blogger: Ravindra Pandey
सबब हम ने जाना इस बात का...---------------***--------------सबब हम ने जाना इस बात का,बे ताअल्लुक़ सी मुलाक़ात का...दबाया हथेली तो शरमा गये,हसीं वाकया ये जुमेरात का...गली का किनारा ना भूला गया,कभी था गवाही मेरी बात का...हिना रँग लाती कहाँ आज़कल,आँखों मे मौसम है बरसात का...ख़्वाबों में ही, पर मिलो तो सही,क़द... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   5:33am 16 Apr 2017 #जुमेरात
Blogger: Ravindra Pandey
शबनमी सुरमई रात ढलने लगी...---------------***---------------शबनमी सुरमई रात ढलने लगी,उम्मीदों का सूरज जवां हो गया...शिकारा सतह पे मचलने लगा,छूते ही लहर इक फ़ना हो गया...ज़ुल्फ़ है या घटाओं की जादूगरी,बिखरते ही दिलकश समां हो गया...छुपाओ ना अब चाँद को हाथ में,रुख़ ए दीदार को शब धुँआ हो गया...उनकी गली का ... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   8:18am 14 Apr 2017 #दिलकश शमां
Blogger: Ravindra Pandey
वो हसीं वादियाँ, हम मिले थे जहाँ...-----------------***------------------वो हसीं वादियाँ, हम मिले थे जहाँ,बात करने लगे, वो क़दमों के निशां...कभी गीत सुरमई, फिज़ाओं में थी,गुनगुनाता है आज, ये सारा जहां...क्यूँ खोलूँ मैं आँखें, बंद ही रहने दूँ,ना टूटे तेरे, ख़्वाबों का कारवां...जान ये जायेगी, ग़र जुदा मैं हुआ,... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   9:54am 12 Apr 2017 #मुद्दत
Blogger: Ravindra Pandey
दिन ने मुठ्ठी खोल दिये, धूप मचल कर बिखर गयी...अँधेरों से परेशां ये जमीं, खुश होकर जैसे निख़र गयी...आबोहवा अलसाई सी, बादल की शरारत हो जैसे...दौड़ लगाती समय सुई, पल में कितनी सँवर गयी.....©रवीन्द्र पाण्डेय💐💐💐... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   7:04pm 11 Apr 2017 #दिन
Blogger: Ravindra Pandey
हे अर्जुन! अभी अधीर न हो,--------------***-------------हे अर्जुन! अभी अधीर न हो,ये पाञ्चजन्य की पुकार नहीं...नियम उपनियम संयमित हैं,कुरुक्षेत्र की ये ललकार नहीं...शोणित की प्यासी है ये धरा,कोई मुदित पुष्प उपहार नहीं...आशान्वित हैं अभी कई कुटुम्ब,किया जिसने छल व्यापार नहीं...हे केशव! तुम ही न्य... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   5:52am 8 Apr 2017 #केशव
Blogger: Ravindra Pandey
अब ना गाड़ी बुलाती है, और ना सीटी बजाती है...-------------------***-----------------अब ना गाड़ी बुलाती है, और ना सीटी बजाती है...               अपनी तो जिन्दगी बस, यूँ ही बीती जाती है...अब ना डिब्बों का मेल है, ना छुक छुक का खेल है...               गुजर गये जो प्यारे लम्हें, उन लम्हों की याद आती ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   5:08am 8 Apr 2017 #साहिल
Blogger: Ravindra Pandey
जी करता है पन्ने पलट लूँ...----------------***-----------------जी करता है पन्ने पलट लूँ, यादों की किताब के...शायद ख़ुशबू बची हुई हो, उनके दिये ग़ुलाब के...दौर पुराना बीत गया क्यों, वक़्त ये ज़ालिम जीत गया क्यों..?गहरी नींद मैं सोना चाहूँ, सिलसिले हों उनके ख़्वाब के...मन में कसक बड़ी रहती थी, शायद वो भी कुछ कह... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   5:59pm 5 Apr 2017 #जी करता है
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