POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: बाल सजग

Blogger: Bal Sajag
"आज़ाद परिन्दें हैं हम "आज़ाद परिन्दें हैं हम बूँद -बूँद से बढ़ते हैं हम हर पर खयाल है आता घर परिवार की याद सताता  छोड़ा है हमने जो ये सब खिलाना होगा कीचड़ में कमल हर करतब हमें है सीखना आगे चलकर इसे है बरतना आज़ाद परिन्दें हैं हम बूँद -बूँद से बढ़ते हैं हम उम्मी... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   10:31am 3 Feb 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"पढ़ाई "सुबह तो कब हो जाती है,दिन कब गुजर जाता है | ये तो पता ही नहीं चलता | | काश मैं पूरे साल पढ़ाई की होती,तो ये नौबत न आती | इसको मैं गलती कहूं, या फिर यूँ लापरवाही कहूँ | पर अब मुझे सूझ नहीं रहा, क्या करूँ और क्या न करूँ | सुबह बैठता हूँ पढ़ने, तो शाम जाती है रात को... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   10:18am 3 Feb 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"कोशिश "कोशिश करने के बाद भीयूँ ही हो जाती है हार | निराश मत बैठना तुमअपने मन को मार |बढ़ते रहना आगे सदाहो जैसा भी मौसमपा लेती है मंजिलचींटी भी गिर गिर का हर बारऐसा नहीं की राह में रहमत नहीं रहीकरती है तो किनारा  नहीं है दूरअगर तेरे इरादे में बुलंद बनीरही तो सितारा नही... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   10:27am 28 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"गणतंत्र दिवस "इस गणतन्त्र  दिवस की बातें हैं कुछ खास,जिस पर मुझे अभी भी नहीं हो रहा है विश्वास | वो सविंधान जिसका अभी तक छिपा हुआ था राज़,जिसकी वजह से बंद हो गए थे सारे कामकाज |देश के खातिर जिन्होंने सब कर दिया न्योंछावर,जिसके दिलों में थे देश को आज़ाद करवाने के तेवर |&n... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   9:39am 27 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"शब्दकोश "शब्दकोश के भंडार में,पड़ी हजारों ज्ञान | जिसको पता न हो करो तुम अपना परचम बान उठाओ शब्दकोश ढूंढों | नहीं तो हो जाएगा सभी लोग को धोखा | उठाओ शब्दकोश पाओ सफलता की कुंजी | जो सभी के लिए पूँजी | | कवि : विक्रम कुमार , कक्षा : 9th , अपना घर कवि परिचय : यह कविता वि... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   10:12am 23 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बचपन के दिन "वे लम्हें जो बचपन के चले गए,वह उम्र जो घूमने हुए गुजर गए | पता हमें  नहीं किसी चीज की बात, तब भी मजा आता था सभी के साथ | खेलना कूदना लगा रहता,खेल खेल में लड़ता रहता | वह सोचने का मौका नहीं मिलता, फिर भी बेवजह हर चीज के लिए बन टन कर जिद्दी रहता | कवि : विक्र... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   5:54am 22 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"ठंडी का मौसम है सुहाना "ठंडी का मौसम है सुहाना,लोग कहते हैं फिर से आना |कोहरा आस पास छाया,यह देख तो सबको भाया |सर्दी का दिन है सुहाना,चाय के बिन मुश्किल है दिन बिताना |  सर्दी फिर से आना,नहानेसे  हमको  बचाना | सर्दी तुम फिर से आना | | कवि : कामता कुमार , कक्षा : 8th , अपन... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:40am 22 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"लगाए बैठा था आस "मुझे अपने आप को जो कहना था,वो मैंने यूँ ही कह दिया |  बस मुझे दिखता रहा वो छाया,  जिसको मैं न ढूँढ पाया | अपने लिए कुछ खास,अभी भी मेरे अंदर है | कुछ नया करने की प्यास, पर मैं लगाए बैठा था आस | जिसपर मुझे खुद ही नहीं था विश्वास | कवि : समीर कुमार , कक... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   8:55am 21 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"यह दोस्ती " अरे यह दोस्ती है,जो कभी भूल नहीं सकते हैं | अरे यह दूसरों की ख़ुशी है,जो कभी भूल नहीं सकते | बीत गया जो समय को हम भूल सकतें हैं, आने वाले कल को सोच नहीं सकते | जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं साथ में उसको सुलझाना होगा साथ में उसे मिटाना होगा | अरे यह द... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   11:37am 20 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बेजान सी सर्दी "ओस की बूंदें बता रहीं हैं,यूँ ही सर्दी में हमें सता रही हैं | हथकड़ियाँ पहनाकर बंद कर दी है,क्या बताऊँ बाहर इतनी सर्दी है | ठण्ड हवा सांसों में समाए,घर में ही रहें बाहर कहीं न जाए | सर्द में सभी को सताती है,सूरज को भी अपनी बातों में फसाती है | यह कितनी... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   11:04am 20 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"कुछ है खास "देखो इन हँसी रातों को, क्या इनमें कुछ है खास | जिन पर मुझे अभी भी, नहीं हो रहा है विश्वास | मुझे क्यों हो रहा है कुछ अलग सा अहसास |  इनमें कुछ तो कुछ है नया जिसका जादू मुझ पर है छाया | फिर भी मैनें कुछ न पाया सिर्फ समय को है खाया | कवि : समीर कुमार , कक... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:40am 19 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"ओस "हम लोग नहीं जानते,की भगवन की क्या मर्जी | कभी हिलाया तो कभी कपकपाए, क्या सर्दी है क्या सर्दी है | क्या किया जाए इससे निपटने के लिए, नहीं मन करता पानी से सटने में | आग जलने को हम मजबूर हैं,सर्दी इतना क्यों मगरूर है | आग भी इसमें बेअसर है, जिधर भी देखो कोहरा आधर ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   3:27am 17 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"हमारा संसार "कुछ बदला सा लग रहा है,यह हमारा संसार कितना खूबसूरत था ये जहाँ जिस को मनुष्य ने कर दिया तबाह आसमाँ रंगीन हुआ करता था | बारिश भी रिमझिम हुआ करती थी अब काळा लगते हैं सब जिस पर साया है प्रदुषण का साँस लेना हो रहा है कठिन तड़प रहे हैं लाखों मरीज़ कुछ ब... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:00am 15 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"सितारों की तरह बिखर गई "मेरी टूटी हुई उम्मीद,सितारों की तरह बिखर गई | मुझे क्या पता था की ,मेरी जिंदगी इन्ही टुकड़ो पर ही संभल रही है | इन उम्मीदों को मैं फिर से ,जोड़ने की कोशिश करता हूँ | पर क्या करूँ मैं हमेशा,ही असफल हो जाता हूँ | मेरी टूटी हुई उम्मीद,सितारों की तरह ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:39am 14 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"वह याद "वह हर याद जो हमें कुछ न कुछ,देने की चाहत करती है | जिंदगी के हर उस पल को,ख़ुशनुमार बनाना चाहती है | कभी ठहरती है यादें,और कभी यूँ ही गुजरती है | हवाओं के साथ बातें करते हुए,कुछ धीरे से आवाज में चिल्लाती है | अपनी बात सन्देश के साथ दे जाती है | | कवि : विक्रम कुमार , क... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   1:15am 13 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"ठण्ड के कोहरे "ये कोहरे भी कितने अजीब, जो देख नहीं सकते दूर दूर तक | भरी है कोहरे और प्रदूषण की चीज़,जो हमेशा हर लोगों के लिए हो रही है | कठिन भरी जिंदगी तनाव की अजीज, कुछ करने के लिए हो रही है | कठिनाइयों से भरपूर,ये ठण्डी और कोहरे है अजीब | कवि : विक्रम कुमार , कक्षा : 9th ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   12:37am 17 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"नदी "नदियाँ कैसे बहती हैं,न कभी ये थकती हैं | न ही ये कभी आराम करती हैं | नदियाँ अपने रस्ते को छोड़ देती है | लेकिन दूसरा बनाकर, अपनी मंजिल को छूती है | मैं भी नदियों की तरह,बहना चाहता हूँ | हर एक रास्ते से मंजिल,तक पहुंचना चाहते हैं |                        &n... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   12:40am 14 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"पानी " पानी है तो मेरा जीवन, अगर पानी न होता तो हम नहीं | पानी रहे साफ तो मैं भी साफ, पानी नहीं तो कोई नहीं माफ़ | पानी है तो जीवन है, पानी है तो कल की सुबह है |  सुधर जाओ तुम तुम सभी, वरना पाओगे पानी न कभी | पानी की करो अभी से बचत, हाथ मलते रह जाओगे जब होगी खपत | क... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:13am 8 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"फूल जो कुछ कहना चाहती है "हवाओं में हिलती हुई,वह फूल जो कुछ कहना चाहती है |अपनी सजी हुई टहनियाँ लेकर,हवाओं के साथ खेलना चाहती है |खुशबू से तन को महकाना चाहती हैं |आस पास पेड़ -पौधे से कहकर,अपनी खुशबू से मन को |यूँ ही बहलाना चाहती है |यह फूल के पौधेहवाओं से खेलना चाहती हैं | कव... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:35am 8 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"गाना "जब मेरा गाना गाने  मन  करता है,बस डर उसी में खो जाने का रहता है |मैं खूब गाउँ ये मेरा दिल कहता है,बस डर इस आग में जल जाने का रहता है |बिना जले गाते रहना ये दिल कहता है,कितनी भी हो दिक्कत सह लेने को कहता है |आज मेरा गाना गाने का करता है,बस डर  उसी में खो जाने का रहता ह... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:36am 7 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"लोग "कैसे हैं लोग,क्या है लोग | क्यों हैं लोग,मेरे कभी समझ में न आया | सबसे पूछा तो सबने,जवाब कुछ इस प्रकार दिया | लोग तो पागल है,लोग लचार है | लोग बेकार हैं,और कुछ बोलते है  | लोग ही भगवन है, फिर मैंने मुस्कुराया | और दिल को सहलाया, और शांत जगह बैठकर | ये समझाया, ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   5:25am 6 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"  खुले आसमान में छत नहीं है "मैं उस परिवार के बारे में सोचता हूँ जिसके पास खाने को कुछ नहीं है | खुले आसमान में छत नहीं है,तड़पकर जिन्दगी जीने में ख़ुशी नहीं है | फिर भी जिंदगी जीने की खुशियां है,लेकिन वे पैसे से कमज़ोर हैं | चार वक्त का खाना मिलना मुश्किल है,पर वे जिंदग... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:50am 3 Dec 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"प्रदूषण न बढ़े "मैं चाहता हूँ की सभी को,पेड़ लगाना पड़े | जिसके कारण हमारे संसार का प्रदूषण न बढे | लड़ाई चाहे जितनी बड़ी हो,पर बन्दूक चलाना न पड़े प्रदुषण जब कम होगा तो सफाई भी करना नहीं पड़ेगा | कवि : अजय कुमार , कक्षा : 5th , अपना घर कवि परिचय : यह कविताअजय के द्वारा लिखी ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:41am 28 Nov 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"मत डरो "जीवन में कुछ बनना है तो,हौशलों को साथ रखो | जीवन में कुछ पाना है तो,जिंदगी से मत डरो | जीवन में कोई कठिनाई आए तो,बस खुद के लिए लड़ो | जीवन में कुछ सीखना है तो,जिज्ञासा हमेशा रखो | जीवन में कुछ बनना है तो,हौशलों को बुलंद रखो | कवि : समीर कुमार , कक्षा : 9th , अपना घरकवि प... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   8:08am 25 Nov 2019 #
Blogger: Bal Sajag
"  दुनियाँ को बचाना है "हमें मंजिल तक पहुँचना है,इस दुनियाँ को बचाना है | देश को स्वच्छ बनाना है,देश से प्रदुषण को कम करना है |   हमें मंजिल तक पहुँचना है,इस दुनियाँ को बचाना है | डेंगू मच्छरों को मार भगाना है,मलेरिया बीमारी को जड़ से हटाना है | हमें मंजिल तक पहुँचन... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   12:49am 23 Nov 2019 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3938) कुल पोस्ट (194971)