Hamarivani.com

बाल सजग

हिंदी       हिंदी दिवस पर अरमान लगाए रखना,हिंदी में बिंदी लगाकर,इसकी पहचान बनाए रखना | इस संसार में भाषाएँ है अनेक, उनमें से हिंदी भाषा है एक  | रंग लाएगी एक शब्द बोलकर देखो न होगी कोई कठिनाई,बाजार में बाल काट रहा होगा नाइ | नहीं आएगी तो चिल्लाओगे माई -म...
बाल सजग...
Tag :
  April 16, 2017, 3:54 pm
कविता =मुश्किलें  की आहत आई ,ओठों में उदासी  सी छाई | वो फूल  का खिलना ,वो तेज हवा का चलना | उससे डटकर खड़े रहना ,पंखुडिया जैसे न छड़ना |   इसे कहते है जिंदगी की पहले ,पाँव का चढ़ना | वो चन्द्रमा की प्रकाश की तरह ,बौछार करना |  अँधेरी सी मुश्किलों में ,प्रकाश को भरना |&n...
बाल सजग...
Tag :
  April 15, 2017, 10:24 pm
खुशियाँ फिर आएंगी अपने घर भी खुशियां आएगी,अपने घर भी रंग छाएगी | बस धैर्यता को साथ चाहिए ,हर वो ख्वाब पूरे होंगें | हम खुशियों के रंग में झूमेंगें,बस थोड़ा सा विश्वास  चाहिए,एक दोस्त का साथ चाहिए |    अपने सपनों को सच कर  पायेंगें,हम नई दुनियाँ बनायेंगें, फिर उ...
बाल सजग...
Tag :
  April 10, 2017, 3:31 pm
"होली  "रंग भरी पिचकारी लाई,होली आई होली आई । रंग भरे इस त्यौहार में,रंगों की बौछार में । भीगे है अपने बदन ,होली में है  सब मगन । अबीर गुलाल और चली पिचकारी,रंगों की गोलिया है भारी । छुप  छुप  कर तुम रह जाओगे,रंगों से कैसे बच पाओगे ।  पूरा शरीर  रंग रंगीला,  हर...
बाल सजग...
Tag :
  April 4, 2017, 10:08 pm
  " साल  "बीत गया साल पता न चला यार,आके गई ऐसे जैसे कोई बयार ।हर चीज को सँभालने में,खुद को इस कदर ढालने में ।किस बात की जीत या हार,बीत  गया साल पता न चला यार  । क्या हुआ समझ न आया,समय पल भर में कैसे गुजर गया ।सबसे मुख मोड़ गया,बीता हुआ कल छोड़ गया ।किसी को ख़ुशी, किसी को ...
बाल सजग...
Tag :
  April 3, 2017, 10:08 pm
"होली"होली आई होली आई ,रंगों की बरसात लाई |तरह तरह के रंग लाई,होली के रंग मुझको भाई |पिचकारी से जब निकली होली,ऐसा लगा बन्दूक से निकली गोली |सुबह भूलो ,शाम को भूलो,पर होली में रंग लगाना न भूलो |बाल कवि: अजय कुमार,  कक्षा 2nd, कानपुर अजय (Ajay) "अपना घर"परिवार के सदस्य है। ये बिहार ...
बाल सजग...
Tag :poetry
  March 20, 2017, 10:33 pm
"होली"होली आया होली आया,साथ में रंगों की गोली लाया | दुश्मनी भूल हाथ मिलाया, दुश्मनी को दूर भगाया |जिन्दगी में खुशियाँ लाया, दोस्तों को जलवा दिखाया|अबीर लगा गले मिलाया, रंगों के साथ खुद को भिगोया|होली आया होली आया,सबके दिल को बहलाया|कवि: कामता, कक्षा 5th, कानपुरकामता (KAMTA) "अपना ...
बाल सजग...
Tag :गीत
  March 11, 2017, 9:20 pm
"मैंने देखा एक सपना"जन्नत जैसा घर है अपना, मैंने देखा रात को सपना |सपने में एक चिड़िया आई,  उसने बोला सुन मेरे भाई |तोता आम है मीठा खाता ,मुझको है बहुत ललचाता |तब तक तोता उड़ कर आया ,अपने साथ वो आम भी लाया |तोते ने फिर मुझसे कहा ,मै कभी न चुपचाप रहा  |हरे रंग का है मेरा बाल ,चोच मे...
बाल सजग...
Tag :poems
  March 9, 2017, 10:01 pm
"चाँद के उस पार"ये कहानी ही है बड़ी अजीब,मेरे नहीं है कुछ भी नसीब .हर चीज में मेरी आती है रुकावट,मैं भरता हूँ हर हौसलों से आहट .दुनियाँ है मेरी उस चाँद के पार, फिर मैं क्या कर रहा हूँ इस पार .मै कोशिश करता हूँ हर बार, पहुँच जाऊ चाँद के उस पार .कई बार लगता पहुँच गया हूँ पास, पर चाँद ...
बाल सजग...
Tag :कविता
  March 7, 2017, 9:40 pm
"उम्मीदों को मत छोड़ो"उम्मीदों को मत छोड़ो, हकीकत को मानो ।पथ को पहचानो,उस पथ  पर  चलना सीखो।उम्मीदों पर खुद को जीना सीखो।। बात को मानो तो , खुद को पहचानो तो ।न मिले कोई तो, अकेले ही चल दो ।थोडा कष्ट  होगा जरूर, लेकिन पथ  को पहचान होगी ।।चलने का अनुभव होगा,न  भोजन हो तो...
बाल सजग...
Tag :ek kaadam
  March 6, 2017, 8:54 pm
"चिड़िया" छोटी - छोटी चिड़िया है,कितनी रंग बिरंगी है ।बाग़ बगीचे में रहती है,भोजन की चिंता नहीं करती है ।इधर फुदकती उधर फुदकती,झट से जाकर वो फूल चूसती।पेड़ की डाल पर बैठकर चहचहाती,खूब शोर मचाती और फिर उड़ जाती।इन चिड़ियों को हमें मिलकर बचाना है,इस धरती को और खूबसूरत बनाना है ।...
बाल सजग...
Tag :hindi kavita
  March 5, 2017, 4:34 pm
"गर्मी"उगता सूरज नज़र आ रहा है ,धूप की कहर लिए आ रहा है । तपती दोपहर कहर के जैसी ,पसीना आये नहर के जैसी । बह -बह कर भरी है ऐसी,जिसमें नइया डूबी ऐसी की तैसी । कड़ी मेहनत से कूलर लगाए ,तब थोड़ा जाकर राहत पाए । कूल -कूल  आनंद उठाए ।                    कवि: विक्रम कुमा...
बाल सजग...
Tag :
  March 4, 2017, 4:18 pm
"जिन्दगी के बदलाव"हम लोग तो एक मुस्कान जैसे हैं ,रात्रि के खिलते चाँद के जैसे है.हमारी जिंदगी तो खुला आसमान जैसा है,फिर ये जिन्दगी में फैला जंजाल कैसा है हम तो उड़ते हुए एक चिड़िया जैसे  है ,तो पिंजरों में रहने की ये आदत कैसे है. काश की फिर वो मुस्कान ला सके,जो खो गए पंख उन्हे...
बाल सजग...
Tag :
  March 3, 2017, 8:58 pm
"मेरी चाह"मेरी  हर चाह एक ऐसा हो, दुनिया में हर एक जैसा हो । हर  गरीब की एक छाया हो ,जहाँ में बंधु और भाईचारा हो ।कंही दुःख का कोई नाम न हो,खुशियों से भरा हर शाम हो । दुनियां में हर किसी का नाम हो ,जिंदगी में हर कोई महान हो ।                                   ...
बाल सजग...
Tag :
  February 27, 2017, 3:37 pm
"ये साल बेहाल"जनवरी में हम सर्दी झेले,फरवरी में शाम को खेले । परीक्षाएं होती है मार्च में ,परिणाम आये अप्रैल में । मई है पूरा लू का महीना,जून में आये खूब पसीना । जुलाई में जमकर बूंद -बांदी ,अगस्त में मिली हमको आज़ादी । सितम्बर है शिक्षक दिवस का,अक्टूबर में वध किया रा...
बाल सजग...
Tag :
  February 25, 2017, 3:41 pm
"जो है सही"अब हवा क्यों नहीं चलती, अब चिड़िया क्यों नहीं चहकती |छोटे बच्चे मुस्कराते क्यों नहीं, ये समय रुका क्यों नहीं |अब मेरी भी सुन लो, जो कह रहा हूँ सही | ये सूरज क्यों नहीं कुछ कहता, चंदमा क्यों नहीं चमकता |समुद्र की लहरें क्यों नहीं गाता, अब फूल क्यों नहीं महक...
बाल सजग...
Tag :
  February 22, 2017, 4:10 pm
"मन"वोमनबेचैनहमारा,क्याकरेदिनमेंकामकामार |मनमारकरबैठाप्यारा,थकहुआसाहोजाता |मनभीवक्तमेंकामनआता,दिमागसेवहतनावमेंहोजाता |पतान किसबीमारीसेग्रस्तहोजाता,हर किसी को त्रस्त कर जाता |मन है ये मन का मारा,वोमनबेचैन हमारा |कवि: राज, कक्षा 7th, अपना घर, कानपुर...
बाल सजग...
Tag :
  February 13, 2017, 3:59 pm
"कौन है वो"ओस की चमकती बूँद जैसी निर्मल ।फूलों की पंखुड़ियों जैसी कोमल ।।रंगीन तितलियों की वह सहेली  है ।कभी वो लगती एकदम अकेली है ।।रेशम की नाजुक डोर सी लगती है । सुबह की ठंढी हवा सी चलती है ।।खुश्बू कीमद्धिम बयार सी बहती है ।वो हर बातें अनकही सी कहती है।।कवि: देवराज, ...
बाल सजग...
Tag :
  January 13, 2017, 3:11 pm
"आज़ाद" आज़ादी का तूफान उठ रहा है ।सागर की तरह ये मचल रहा है ।।आज़ादी तो तूने दिलाई खुद को मिटाकर ।खुशियां भी दिलों कि बेचीं गुलामी को मिटाकर ।।तब जाके तूने मौत को गले लगाया ।हम सभी को आज़ादी दिलाया ।।कहते तो सभी है पर करते नहीं ।करते वही है जो बुराई से डरते नहीं ।।ऐसा ही था ...
बाल सजग...
Tag :
  January 8, 2017, 3:20 pm
"इक्षा की राह"   इच्छा की राहों में, मैं चलना चाहा ।  बारिस की बूंदे की, तरह बिखरना चाहा । ।   इच्छा तो बहुत हुई, भगत सिंह बन जाऊ।   राजगुरु की तरह, आंदोलन में कूद जाऊ । । और कुच्छ न कर सकूँ, तो कम से कम ।  नेहरू की तरह , राजगद्दी पर बैठ जाऊ ।।इच्छा के बल पर, बहुत च...
बाल सजग...
Tag :
  January 7, 2017, 10:19 pm
"ये काले-काले बादल"ये काले-काले बादल,मचलना चाहते है,गरज गरज कर कुछ कहना चाहते  है । ये बादल शायद हमको बुलाते  है ,बूंद के बौछार से ये मन बहलाते  है । दूर खड़े रहूँ तो मेरा मन ललचाता है,अगर भीग जाऊ तो दिल बहल जाता है। कवि: देवराज, कक्षा 6th, अपना घर ...
बाल सजग...
Tag :
  January 7, 2017, 10:01 pm
"ईद"आओ भाई सब ईद मनाएं , मिलकर हम खुशियां मनाएं । गले मिले आज कुछ इस तरह , कि हिन्दू-मुस्लिम को भूल जाएं ।  वर्षों से था जिसका इंतजार ,वो आई है ईद कई महिनों बाद । आओ अब इंतजार ख़त्म करो,सेवईयां खाकर ईद मिलन करो। कवि: नितीश कुमार, कक्षा 6th, कानपुर...
बाल सजग...
Tag :
  January 7, 2017, 2:53 pm

बारिश येसुनहरेबूंदेकहरहीहैं ,मौसमबड़ामस्तानाहै /आयोमेरेसाथखेलकूदकरतुम्हेनहानाहै ,हरबूँदकामजातुन्हेंउठानाहै /पतानहींहमकबचलेंजाए ,सूरजकोहीफिरआनाहै /हरबूँदकेसाथतुम्हेंनहाना है ,फिरबताओगेवाहभाईमौसममस्तानाहै /नाम = विक्रमकुमारकक्षा 6th ...
बाल सजग...
Tag :
  January 7, 2017, 2:44 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163709)