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बाल सजग

"मेरे दोस्त ये जिंदगी बड़ी "मेरे दोस्त ये जिंदगी है बड़ी,जिसमें बहुत चीजें हैं फसी | कभी दुखी ,कभी ख़ुशी ,इसी में बस ये दुनियाँ बनी | जिसे किसी ने ना सुनी, वो कहानी भी है यहीं बनी | छूट न जाए ये साथ कहीं, सोच तू इस बारे में भी कभी | मेरे दोस्त ये जिंदगी है बड़ी,जिसमें बहुत चीजें है...
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  December 13, 2018, 6:27 am
"इसलिए रोना बुरा होता है "जब कोई रोता है,चुपचाप सहन करता है | अपने आँसुओं को पी जाता है,इसलिए रोना बुरा होता है | अपने भीगे ग़मों को सहता है,सफलता न मिलने पर हारता है | अपने सपनों का गला घोटता है,उम्मीद न होने पर मर जाता है | इसलिए रोना बुरा होता है | | अपने को गरीब कहना,  ख्वाबों ...
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  December 13, 2018, 6:20 am
"होली "होली आई होली ,लेकर रंगों की झोली | रंग बिरंगे रंग लेकर,आई यारों की टोली | फाल्गुन का महीना आ गया, होली का खुमार ज़ोरों छा गया | होलिका जलेगी आज, करेंगे होली का आगाज़ | हुलर -गुलद करते हुए,घूम गई सारी बस्ती की टोली | लेकर रंग बिरंगें रंगों की झोली, आई देखो फाल्गुन की होली | कवि ...
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  December 12, 2018, 5:55 am
" When someone challenges you "When someone challenges you,when life really strikes you. either it is time of extremity and your group haven't unity.if it is a bad situation, either there is no one teach you lesson. then don't give everythingand let's open your wings.and think every things in my fever, and don't say the bad situation never. let it to come and ever say ever until you have to reach the pointdon't think for many coins. Poet : Devraj kumar , class : 8th, Apna GharPoet introduction : this poem belong to Mr. Devraj Kumar from class 8th . really it is marvelous poem and in this poem Devraj wants to tell about our bad situation when life strikes you . Devraj take interest in science...
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  December 7, 2018, 6:02 am
"साल की पहली बरसात "कर रहे थे वर्षों से इंतज़ार, कब आएगी साल की पहली बरसात | देखते रहते थे हम आसमान को, कहीं दिख जाए काले घटा हमको | हुई अचानक एक ऐसी घटना, पड़ा मुझे छज्जे के निचे छुपना | आ गई साल की पहली बरसात, बूंदों की हुई जमीं से मुलाकात | देखा जब काला घटा का रंग, जैसे लग रहा था...
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  December 5, 2018, 5:21 am
"उदास "क्या करूँ आज बहुत उदास हूँ ,उदास के कारण सबसे नाराज़ हूँ | पता नहीं यह उदासपन कहाँ से आता है, उदासपन पूरे मन को खोखला कर जाता है | प्यारी सी हँसी को रुला देती है, मन में जो चलता है सब भुला देती है | जहाँ उदास है वहाँ गम है, जहाँ गम है वहां आँखें नम है | उदासपन होने से हम ...
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  December 4, 2018, 5:16 am
"एक दिन मुझे उड़ना है "एक दिन मुझे उड़ना है,आकाश से बातें करना है |रंग- बिरंगे पक्षी को पकड़ना है,आसमान में  आज़ाद रहना है |बारिश की बूंदों में खेलना है,अपनी हर ख्वाईश को पूरा करना है | अपने ख्वाबों को पर देना है, उन्हीं परों से आसमान में उड़ना है |  जीवन में जितने भी दुःख हैं,उन...
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  December 2, 2018, 6:22 am
"आओ मिलकर एक ऐसा देश बनाते हैं "आओ मिलकर एक ऐसा देश बनाते हैं,जिसमें कोई भेदभाव न होता | हर कोई हंसी और ख़ुशी से जीता,कोई हिन्दू और  मुश्लिम न कहलाता | आओ मिलकर एक ऐसा देश बनाते हैं | | जिसमें कोई गरीब और अमीर न हो,जाती धर्म पर कभी भी बात न हो | जीवन और एक दूसरों में प्यार हो,बस ऐ...
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  December 2, 2018, 6:07 am
"एक नई शुरुआत "हर दुःख और दर्द को भूलना होगा,हर उस याद को मिटाना होगा | जिस याद में तुम खोए हुए हो, बीते हुए हर पल को भूलना होगा | क्योंकि वह जीने नहीं देती है, पुरानी यादें सिर्फ दुःख देती है | कभी - कभी ख़ुशी भी देती है,तो कभी मरने भी नहीं देती है | मत जिओ दुःख और दर्द के साथ, क्यों...
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  December 2, 2018, 5:51 am
"मैं गरीब हूँ तो क्या हुआ"मैं गरीब हूँ तो क्या हुआ, मैं आसमान को छूकर दिखाऊँगा | मुझे पढ़ने की सारी उपलब्धियाँ नहीं मिली तो फिर क्या हुआ, मैं कैंडल से पढ़करअपने जीवन में रौशनी ला दूँगा | मैं छोटे से जाति से हूँ तो क्या हुआ, मेहनत के बल पर सब कर दिखाऊंगा | मुझे अपने ख्वाबों को सज...
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  December 1, 2018, 5:36 am
"मनुष्यता को जगाओ "क्या सोचना क्या करना है,यह तो सब व्यक्ति को पता है | क्या गलत है क्या सही है, यह तो मनुष्य को पता है | सिर्फ अंधों और पागल को छोड़कर,अनपढ़ और निर्जीव वास्तु को छोड़कर | फिर ये हमारी दुनियाँ समझदार क्यों नहीं, आपस में मनुष्यता और भाईचारा क्यों नहीं | भ्रष्टाच...
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  November 30, 2018, 5:20 am
"तुम भी लिखो "अब चीजें मुझे समझ में आई,जब दो कदम आगे चलकर देखा | मैनें पीछे मुड़कर देखा की,पापा आप मुझे बुला रहे थे,हर गलतियों का कसर निकल रहे थे | तब मुझे गुस्सा आता था, कभी घर से भाग जाने कामन भी करता था | दूसरे बच्चों की किस्मत देख खुद को कोसता था, तो कभी सब को बुरा भला कहता था | क...
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  November 29, 2018, 4:45 am
"इस दुनियां के बीच "बड़ी सी इस दुनियां के बीच, कुछ तो है मेरे लिए खास | मिलेगा की नहीं मिलेगा, फिर भी आगे बैठा हूँ आस | बड़ी सी इस दुनियां के बीच | | कहीं न जाए वो खो,मेरी एक भूल से अनोखी न जाए हो | जिसकी मुझे बरसों से है कामना, मुझे डर सा लगा रहता है | कहीं बुझ न जाए मेरी ये आस, जिसका है ...
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  November 28, 2018, 5:19 am
"मनुष्यता की आशा "बढ़ती इस दुनियां में कुछ ढूँढ रहा हूँ, लोक मनुष्यता का कुछ आश |  सरल से स्वभाव को, मन का आज़ाद हो | दिल का हो स्नेह बहार, हौशलों से उड़े आसमान से परे,कुछ कर जाए वे ऐसा | किसी को भी मालूम न हो, उस कारनामा का पता न हो | परिणाम के बारे में  ऐसा को तैसा, पर एक हो इस जैसा |...
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  November 27, 2018, 4:08 pm
"धरती को स्वच्छ बनाएँ "आओ इस धरती को स्वच्छ बनाएँ,हरे भरे पेड़ लगाकर इसे बचाएँ |  आओ  हाथ इसमें लगाओ,हर यादगार दिन में पेड़ लगाओ |  सभी भाई बहन के साथ,आओ इस मौके को बनाए खास | दो चार पेड़ लगाओ घर के आसपास,जो बना दे हर दिन खास | जिंदगी का बदल दो नज़ारा,जिससे चमक जाए यह जग सा...
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  November 21, 2018, 6:37 am
"उन्हें सिखाओ "दोस्त उसे बनाओ,जो दोस्ती के काबिल हो | पढ़ाई का ज्ञान उसको दो ,जो पढ़ाई में नासमझ हो | अच्छे राह पर उसे चलना सिखाओ, जिसको सही गलत के राह न पता हो | उड़ना उसे सिखाओ, जो कोशिश करने लायक हो | कला उसे सिखाओ,जिसमें सीखने की चाहत हो | सहायता उसकी करो, जो जरूर...
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  November 21, 2018, 6:25 am
"मन की बात "चलते चलते कहीं खो न जाऊँ,भटकते - भटकते कहीं सो जाऊँ | इस ज़माने  का एक अलग दस्तूर है,तुम्हें याद करके भुला न पाऊँ |जब मैं ये सोचता हूँ रातों में, अकेले खो जाता हूँ बातों में | ऐसी गहरी - गहरी रातों में,कहीं मैं डूब न जाऊँ |  लोग मुझे कहते हैं पागल सा, सुनत...
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  November 15, 2018, 3:00 pm
"छोटा चूहा "छोटा चूहा छोटा चूहा,है मोटा सा छोटा चूहा | अपनी पैनी दाँतों से,पूरे ज़ोर और मेहनत से | कपड़े को कुतरता है,छुपकर झाँकता है खोलों से | छोटे है पंजे, मोटा है पेट,छोटा है घर, पतला सा गेट | बिल्ली के  डर से भागता है, घर में अपने को शेर समझता है | कवि : प्रांजुल कु...
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  November 7, 2018, 5:48 am
"लहर उठना चाहती हैं "लहर उठना चाहती हैं, अपने अद्भुद भावों को प्रकट करना चाहती हैं | लहरें कुछ दिखाना चाहती हैं, मनुष्य को अच्छे सच्चे रास्ते पर चलना सिखाती हैं | लहरें अपने सन -सन आवाज़ों सेसबको समझाना चाहती  है, लहरें अपने लहरों से खेलना चाहती है | लहरे...
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  November 6, 2018, 3:41 pm
"बुखार, सर्दी और जुखाम "बुखार, सर्दी और जुखाम परेशान करे दिनभर ,शाम | कर न पाए कोई भी काम, कर दे हमेशा यह बदनाम | बुखार, सर्दी और जुखाम, परेशान करे दिनभर शाम | न तुम स्कूल जा पाओ ,न चैन से कुछ खा पाओ | ये मौसम है बहुत खतरनाक,कभी जुखाम में बहता है नाक |  खा न पाओ एक पपी...
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  October 26, 2018, 3:22 pm
"खुशियाँ फिर आएंगी "अपने घर भी खुशियाँ आएँगी,अपने घर भी रंग छाएँगी | बस धैर्यता का साथ चाहिए,बस थोड़ा विश्वास भी चाहिए | हर वो ख्वाब पूरे होंगे , हम खुशियों के रंग में झूमेंगे | अपने सपनों को सच कर पाएँगे,हम एक नई दुनियाँ बनाएँगे | जिसमें चन्द्रमा बच्चों को कहानी ...
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  October 25, 2018, 3:15 pm
"हवा "सर - सर चलती हवा, फर - फर आती हवा | कपडे उड़ा ले जाती हवा, आसमान में छोड़ आती हवा | गर्मी में ढूढ़ते लोग, चले जाते हवा की ओर | न मिलता हवा उनको,थक जाते गर्मी में वो | तब मिलता हवा उनको, तब लेते चैन की साँस वो | सर - सर चलती हवा, फर - फर आती हवा |कवि : कुलदीप कुमार , कक्षा ...
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  October 24, 2018, 3:17 pm
"मन करता है सागर बनकर "मन करता है सागर बनकर,दूर तलाक तक मैं लहराऊँ | मन करता है हवा बनकर, घने बगिया को छू आऊँ | मन करता है चंदा बनकर, अंधियारे को दूर भगाऊँ | मन करता है तारा बनकर, एक नया संसार बनाऊँ | मन करता है सूरज बनकर,किरण की नयी उम्मीद जगाऊँ | मन करता है एक इंसान...
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  October 23, 2018, 3:25 pm
"यही तो विज्ञानं है " अच्छे कामों से ही नाम होती है,आसमान में ही उड़ान होती है | माँ के चरणों में ही जहाँ होती है,ऐसे पुरुष ही महान होते हैं | जो हम जमीं में एक बीज बोते हैं,वो हज़ार पेड़ों के सामान होते हैं | दूसरों को सदा नमन करो,वही तो सम्मान होती है | जो अपने दिमाग को सह...
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  October 18, 2018, 5:05 am
"  क्या है "क्या कोई ऐसी दुनिया है,जहाँ खुशियाँ हर बच्चों के लिए हो |क्या कोई ऐसी चिड़िया है,जो हम बच्चो के लिए गाती हो | क्या वो दादी अभी भी है,जो बच्चों को लोरी सुनाती हो | क्या वो हवा अभी भी स्वच्छ है,जिससे हर नवजात शिशु जिन्दा हो | क्या  वो समाज भी है,जिसमें हम आज़ा...
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  October 16, 2018, 5:34 am
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