Hamarivani.com

बाल सजग

"सागर बन जाऊँ "मन करता है सागर बन जाऊँ,सन्देश देने वाली लहरें बन जाऊँ | ऐसे उठूँ कि गिर न सकूँ,लोगों को जीना सिखाऊँ | पानी की तरह रहना सिखाऊँ, मैं उन सभी से यह बात कह पाऊँ | मन करता है सागर बन जाऊँ,सन्देश देने वाली लहरें बन जाऊँ | काश सभी को सन्देश पसंद आए, मेरी बातें लोगों के दि...
बाल सजग...
Tag :
  August 13, 2019, 5:51 am
"छुट्टी हुई "छुट्टी हुई , छुट्टी हुई,स्कूल से आज छुट्टी हुई | चार को स्कूल खुलेगा,उसी दिन कॉपी , किताब मिलेगा | फिर मैं स्कूल जाऊंगा,स्कूल में पहले प्रार्थना करूँगा | फिर दूसरा पीरियड लगेगा,उसके आगे पता पता नहीं है | फिर समय हो जाऊँगा, तो मैं घर आ जाऊँगा | कवि : नवलेश कुमार , कक्ष...
बाल सजग...
Tag :
  August 8, 2019, 5:38 am
"एक कण हूँ मैं "बचपन से धूप में तपता रहा हूँ मैं,धूल के कणों से खेलता रहा हूँ मैं |पर मुझे आज एक मौका मिला है,जो बहुत ही मुश्किल से मिला है | इतने बड़े संसार में,इस बड़े परिवार में | शायद एक कण हूँ मैं | | छोटे चीजों से खेलना पसंद करता हूँ,उन्हें हाथों में रखकर देखना पसंद करता हू...
बाल सजग...
Tag :
  August 7, 2019, 5:45 am
"डर है मुझे "रंग के त्योहारों में,एक अनोखे नज़ारों में,खुद को मुझे खोने का डर है | डर है मुझे उन चीजों से,जो मुझे आकर्षित करती है | डर है मुझे उन शक्षों से, जो अपने बातों में दूसरों को गुमराह करते हैं  | नयी हसीन बाज़ार में, एक कहीं दुनिया के आढ़ में | खुद को मुझे खोने का डर है, डर है ...
बाल सजग...
Tag :
  August 5, 2019, 5:54 am
"प्यारी माँ है तू "धूप की तपती कहर है तू,दोनों हाथों में स्वर्ग का आनंद है तू | वह प्यारी माँ है तू,छाती से दूध पिलाने वाली माँ है तू | हर दर्द को समझने वाली,हर मुसीबत से निपटने वाली | एक प्यार का समुन्दर की लहरों का,भरा हुआ जलासय है तू | वह नाज़ुक से पैर को सराहने वाली, गिर जाने प...
बाल सजग...
Tag :
  August 4, 2019, 7:24 am
"हौशला "मुझमें भी वह हौशला है,मेरे भी कुछ ख्वाइश हैं | मैं अपने को साबित कर सकता पेन और कॉपी के सहारे | अपना उज्जवल भविष्य लिख सकता हूँ,उसको सबके सामने पढ़ सकता हूँ | सुनहरे अक्षरों का ज्ञान हममे भी है,गहराई में जाने की क्षमता हममे भी है | तैरते हुए समुन्दर को पार करना है,अब कि...
बाल सजग...
Tag :
  August 2, 2019, 5:34 am
"सावन की पहली बारिश "सावन की पहली बारिश ऐसे आया,जैसे अँधेरे कोठरी में कोई मुशाफिर आया | सुनशान जगह में कोई नया जीवन लाया,हरे हुए लोगों का जोश बढ़ाया | पूरे तरफ हरियाली ही छाई है, लगता है कोई रौनक लाई है | प्रकति ने अपना जलवा बिखेरा है,जिसके कारण सबसे अच्छा सबेरा है | ये सावन कु...
बाल सजग...
Tag :
  August 1, 2019, 5:35 am
"सावन का महीना"सावन का महीना आया,अपने संग बारिश लाया | हरियाली सी खुशियाली छाई ,चिड़ियों की चहचाहक लाई | ताल ,डबरा भर है आई,कीड़े - मकौड़े बारात लाई | सरपर चढ़कर बोल रहे शिवशंकर, सावन में झूले हैं भयंकर | गंगा ने अपना रंग दिखाया,अघोरियों ने नाच दिखाया | सावन का महीना आया,अपने संग बा...
बाल सजग...
Tag :
  July 31, 2019, 5:51 am
"अपना हाल "क्या बताएँ हम अपना हाल,यह मौसम तो है बिल्कुल बेकार | न चैन हैं , न ही है राहत,पूरा दिन गर्मी में गरमाहट | थोड़ी सी बरसात राहत दिलाती,ज्यादा दिन वह भी टिक नहीं पाती | गर्मी में पसीना बहता रहता,जब कूलर का पंखा रुकता | कैसे बढ़ जाती है यह गरमी,न कोई दया है न कोई नरमी | कवि : प्...
बाल सजग...
Tag :
  July 30, 2019, 6:18 am
"किसानों की हुई ख्वाइश पूरी "इस महीने हुई है जमकर बारिश,किसानों की हुई ख्वाइश पूरी | धरती का वाटरलेबल बढ़ा,हमें इस मुसीबत से दूर किया | इस बारिश के महीने में, कहीं तो हरियाली छाई | कहीं तो बंजर जमीं पाई,कई लोगों को बाढ़ में डुबाई | इस महीने हुई है जमकर बारिश,किसानों की हुई ख्वाइ...
बाल सजग...
Tag :
  July 29, 2019, 6:13 am
"आओ चलें इस बारिश में "आओ चलें इस बारिश में,धूम मचाए आस - पास के पानी में | खूब खेलेंगें खूब नाचेंगे, कुछ कूदकर इस बारिश में ,दोनों हाथ खोलकर राह देखेंगें | एक बूँद ही जो खिला देगी हमारे पुरे मन को और तन को | दौड़कर भागेंगें इस पानी में ,टप - टप -टप गिरने की आवाजों में | कवि : विक्रम ...
बाल सजग...
Tag :
  July 28, 2019, 6:55 am
"ज़रा इस  आदमी को जगाओ "भाई सूरज,ज़रा इस  आदमी को जगाओ | भाई पवन, ज़रा इस आदमी को हिलाओ | यह आदमी सोया पड़ा है,जो सच से बेखबर, सपनो में खोया पड़ा है | ये जिन्दा कम , मरे जैसे है,जो जैसा था वो वैसे ही हैं | जरा इस आदमी को जगाओ,जो बिस्तर पर सोया पड़ा है | कवि : राहुल कुमार , कक्षा : 6th , अपना घरकव...
बाल सजग...
Tag :
  July 26, 2019, 5:33 am
"जिंदगी का सफर " ये जिंदगी का सफर कितना अजीब है न,कभी ग़मों का सामना करना पड़ता है , तो कभी खुद से ही लड़ना पड़ता है | ये दूर से सुकूनभरा दिखता है, न ये जिंदगी का सफर अनोखा और अनमोलइसको कोई न है भूलेगा | ये अहम और महत्वपूर्ण हर समय अनेक पल से रुबरुह और सम्पूर्ण ये जिंदगी का सफर | ...
बाल सजग...
Tag :
  July 25, 2019, 6:46 pm
"फूल जो कहना चाहती है "हवाओं में हिलती हुई,वह फूल जो कहना चाहती है | अपनी सजी हुई टहनियों पर,हवाओं संग खेलना चाहती है | खुशबू से महकाना चाहती हैं,आस - पास पेड़ - पौधों से कहकर | अपनी खुशबू से मन को,बहलाना चाहती है | यह फूल के पौधों,हवाओं चाहती हैं | कवि : विक्रम कुमार , कक्षा : 9th , अपन...
बाल सजग...
Tag :
  July 23, 2019, 5:49 am
"कभी कुछ खाश "मैं सोचता हूँ कभी कुछ खास,जिस पर मुझे खुद है विश्वास | मेरी बचपन से ये पढ़ने की प्यास,बना देती है मुझे उदास | मेरी ये जिंदगी और बड़नसबी,कहीं कर दे न सपने चूर | सपनों पर निखरना चाहता हूँ,लेकिन परिस्थितियाँ निखरने ने देती | कोशिश करता हूँ सपना हो खाश,जिस पर मुझे खुद ...
बाल सजग...
Tag :
  July 9, 2019, 5:41 am
"बहती हवाएँ "चलती हवाएँ कुछ कह रहीं हैं,मानो वह मंद मंद बह रहीं हैं | फूल - पत्तों को छूकर,बंजर जमीं को फूँककर | वह सारी सौन्दर्य को बढ़ा रहीं हैं,चलती हवाएँ कुछ कह रहीं हैं | पसीने की बून्द को सुखाती है,पूरे बदन में ठंडक पहुंचाती है,कितना सफर करके आती है | रूकती नहीं वह बहतीही ज...
बाल सजग...
Tag :
  July 8, 2019, 5:54 am
"बारिस " रिमझिम - रिमझिम बारिस आई,अपने संग काले बादल लाई | लहराते हुए हवाओं में,पेड़ों की बौछारों में | ख़ुशी चहचाहट लाई,खेतों में हरियाली लाई | रिमझिम -रिमझिम सी बारिस आई,अपने संग काले बादल लाई | बूँदों के गिरने से हम,भूल गए हम अपने सारे गम | बूँदों ने खुशियां ही भर दी,सब जगह को...
बाल सजग...
Tag :
  July 7, 2019, 7:19 am
"छोटा बन जाऊँ "मन करता है छोटा बन जाऊँ,माँ का प्यार दोबारा पाऊँ | उंगली पकड़कर चलना सिखाती,हर अनजान मोड़ पर राह दिखाती | `हर गलती को मेरी बक्श दे, जीवन में मुझे ढेरों प्यार दे | ममता की साया में रहूँ ,माँ से मैं दिल की बात कहूँ  | बचपन बहुत ही कीमती होता है, जिसको नसीब नहीं वह रोत...
बाल सजग...
Tag :अशोक
  June 28, 2019, 9:39 pm
"देश होता जा रहा है खोखला "फैशन का चल रहा है जलवा,देश होता जा रहा है खोखला | तरह -तरह की नई चीजें आती,ये सब बड़े बड़े को नाच नचाती | फैशन का चल रहा है जलवा,गन्दी चीजें कर रही है हमला | इमारतों से भरती जा रही है दुनिया,कब समझेंगे देश के बनिया | पेड़ सब कटते गए,ऑक्सीजन की मात्रा घटती ...
बाल सजग...
Tag :
  June 9, 2019, 6:21 am
"बचपन "जब मैं छोटा बच्चा था,बचपन में मैं गोरा था | बचपन में मैं शैतान था,मम्मी गलती पर डाटती थी | फिर भी वही काम करता था,पापा मेरे लिए रसगुल्ला लाता था | मिठाई मैं पेट भर के कहते था,जब मैं छोटा बच्चा था | बचपन में मैं मोटा था | जो काम नहीं करना होता,वह काम मैं करता था |  नाम :मंगल क...
बाल सजग...
Tag :
  June 6, 2019, 5:14 am
 "छोटी सी चिड़िया"छोटी सी चिड़िया है, वह कुछ कहना चाहती है | उसकी भाषा समझ में न आती है,इसीलिए उदास होकर वह उड़ जाती है | वह अपने दुःख को ले जाती है,छोटी सी चिड़िया कुछ कह जाती है | चिड़िया अपनी आवाज़ों से पुकारती है,वह लोंगो को खुश कर जाती है |छोटी चिड़िया कुछ कहना चाहती है,ऐसा लगता ...
बाल सजग...
Tag :
  June 2, 2019, 6:17 am
"छुट्टी "जब छुट्टी हुई स्कूल से,खूब खेल रहे थे धूल से | हो गई बड़ी भूल हम से,मम्मी ने मना किया था खेलना धूल से | जब छुट्टी हुई स्कूल से | | पढ़ाई का कोई नाम नहीं,करने को कोई काम नहीं | बस खेलते रहते दोपहर से शाम,यही था छुट्टी का इनाम |नाम : सनी कुमार , कक्षा : 5th , अपना घरकवि परिचय :यह कव...
बाल सजग...
Tag :
  May 31, 2019, 6:48 am
"चन्दा मामा की बात "सो रहे थे जब छत पे हम,गिन रहे थे तारे को | तभी कुछ देर बाद आ गए,चन्दा मां सुलाने को | तारे बोले अभी तुम न सोना,अभी करना है कुछ काम | फैलो जग में इतना,ताकि हो तुम्हारा नाम | ये सब सुनकर गुस्से से बोला चन्दा मामा,सो जा बालक | नहीं तो भइया कराएंगे तुम से ड्रामा, यह स...
बाल सजग...
Tag :
  May 29, 2019, 5:02 am
"जाति -धर्म "जाति - धर्म मैं क्या जानूँ,सभी को मैं भाई - बहन मानूँ | अल्लाह - ईश्वर है एक, फिर भी बैर रखते हैं लोग अनेक | रगों में रंग है ताली का, फिर भी बैर है गोरी और काली का | अल्लाह ईश्वर एक सामान,वही खून वही भगवान | नाम : नवलेश कुमार , कक्षा : 5th , अपना घर ...
बाल सजग...
Tag :
  May 26, 2019, 6:56 am
"एक बात "बैठा था जब मैं खिड़की के पास,सोच रहा था बैठ एक बात | जब आया वह खेल याद,खेल रहा था मैं दिन - रात | हार गया तो क्या हुआ,लेकिन जीतूँगा मैं भी एक बार | चोट लगी तो क्या हुआ,मेहनत करना है एक साथ | चला गया मैं पृथ्वी से पार, बैठा था जब मैं खिड़की के पास | नाम : सुल्तान कुमार , कक्षा...
बाल सजग...
Tag :
  May 23, 2019, 5:58 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3904) कुल पोस्ट (190761)