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Blog: बाल सजग

Blogger: Bal Sajag
"जिंदगी की जंग "जिंदगी की जंग खूब लड़ेंगें हम, जिंदगी की जंग जीत लेंगें हम | हमें यकीन है  ये बदलेगा मौसमआंखें नम होगी न होगें, दिल कोई गम  न होंगें | जिंदगी के जंग जीत लेंगें हम, लोग सारे साथ होंगें | साथ होंगें सातों रंग, जिंदगी जंग जीत लेंगें हम | चारो तरफ़ गुलाल हों... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   12:37am 19 May 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"हरियाली बन जाऊँ "हरियाली को देखकर मन करता है,खुद भी हरियाली में ढल जाऊँ | शान्त स्वभाव से बढ़ता रहूँ,पानी न मिलने पर मैं सूख जाऊँ | हवा जब मेरे पास से गुजरे ,शरण के लिए मेरे पास ठहरे | नाच - नाच कर गाना गाऊं , मैं सबको ये पाठ पढ़ाऊँ | अच्छी अच्छी बातें उन्हें सिखाऊँ ,सीना तान... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   12:48am 12 May 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"मौसम है कितने प्यारे "बदलते मौसम के नज़ारे ,लगते हैं कितने प्यारे |कहीं धूप तो कहीं छाँव है,इस मौसम में सब बेहाल हैखेतों में ही हरियाली है गांव में या खलियानों में,खेतों या पहाड़ों में | ये नज़ारे आँखों को चुभते ही नहीं,इनकी शिकायतें कभी करते नहीं | ये मौसम बिलकुल अनजान ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   12:29am 30 Apr 2020 #
Blogger: Bal Sajag
 "एक कहानी "इस कहानी की है बात बड़ी,एक छोटे राज्य रानी बीमार पड़ी | जिंदगी और मौत के साथ खड़ी,यह कहानी की है बात बड़ी | डॉक्टर ने उसको  दवा दिया,विश्वास के साथ इलाज किया| लेकिन दवा रानी पर काम न कियाइससे राजा चिंता में पड़े,आधी रात में छत पर खड़े | सोच विचार कर रहे थे कुछ ऐसा,जिसस... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   12:33am 28 Apr 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"राज पाठ "जिंदगी से बढ़कर जिसको प्यारा होता है राज, अपनों से बढ़कर जिसको प्यारा होता है राज | जिसको प्यारी है सिर्फ उसकी कुर्सी, जो राज पाठ के लिए कभी नहीं करता मटरगस्ती | जिसके इशारों पर नाचती है बस्तीजो कुर्सी के लिए रहता हमेशा बेताब, जो लोगों को फाँसी पर चढ़ा देता बेनकाब |&n... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   12:33am 24 Apr 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बसंत के मौसम में "बसंत के मौसम में,कुछ तो अलग होगा चाँद और सितारों के बीच कोई तो राज़ होगा | बसंत के मौसम में, शहर में खुशहाली है | भगवान के चरणों में पीला फूल चढ़ा हैयह मौसम कितना बड़ा है | इस बसंत में होगी हरियाली, चिड़ियों की रंग बिरंगें निराली | बसंत के मौसम में, कुछ तो ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   1:07am 25 Mar 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"रंगों की होली "होली है रंगों का त्यौहार,बच कर रहना मेरे यार |अबीर -गुलाल लगा रहे हैं,अच्छा - अच्छा खिला रहे हैं |सबको रंग लगा रहे हैंउड़ रहा है रंगों का फौवार,ख़ुशी से मना रहे हैं त्योहार | गीले पड़ें हैं सारे रास्ते,कैसे चलूँ किसी के वास्ते |पापड़ों में भी है अलग स्वाद, यही है ... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   12:53am 24 Mar 2020 #
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"नई जिंदगी "मनुष्य की नई जिंदगी,और स्वभाव सुन्दर बनाता है | डर और अभ्यास अपने से दूर करता है | रास्ते और सफर दोनों ही तय करते हैं की मनुष्य की परिश्रमता ही उनको जीवित रखती है | मेहनत और जूनून मनुष्य को नै राह दिखाती हैपरिश्रम और मेहनत मनुष्य को नई जिंदगी दे... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   1:01am 23 Mar 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बच्चों की टोली होली में "होली आई होली आई,रंग बिरंगी होली आई |  होली में उड़ते हैं रंग,सब हो जाते है रंग बिरंग | सब लोग साथ में खेलते होली,एक दूसरे के मारते रंगों की गोली | मिटटी से खेलते हैं होली,बच्चे की चलती है टोली | होली आई होली आई,रंग बिरंगी होली आई | कवि : नवलेश कु... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   12:47am 22 Mar 2020 #
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"कल की दुनिया हमारी है "शहमें हम रह चुके, गम हम सह चुके |तेरे बातों में भी गौर किया मैंनेतेरे कहने पर जिंदगी जिया हमनेपर कुछ मिलने की आशा न दिखी मुझकोक्योंकि मैं समझ चूका थापरवाह नहीं है तुझको खुद तो चुका है और मेरे सपने छीन रहा हैपर अब आगे नहींक्योकि तुमसे कुछ तो हुआ न स... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:18am 20 Mar 2020 #
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"कोरोना "फ़ैल रही है महामारी,कर लो अब बचने की तैयारी | लोग हो या हो व्यापारी सबको फैलेगी कोरोना वायरस  बीमारी | सर दर्द , खाँसी और बुखार,इस वायरस का नहीं है उपचार | जिसको वायरस लपकता है,वो जिंदगी से जल्द टपकता है | आजकल इसी का है भौकाल, लोगों ने कर ली धीरे अपनी चाल | क... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   12:47am 19 Mar 2020 #
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"क्रिकेट "क्रिकेट में हो रहे हक्के -बक्के, हर गेंदबाज कहते हैं छक्के | चाहे हो जसप्रीत या हो हमनप्रीत,हर बल्लेबाज मरते हैं छक्के | फिर भी रहते हैं हक्के बक्के,अच्छे अच्छे गेंदबाज हो जातें हैं खामोश | फिर भी टीम वाले बढ़ाते है जोश, कभी बल्लेबाज तो कभी गेंदबाज | उड़ा देत... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   10:15am 16 Mar 2020 #
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"उस दिन की बात "सोते सोते याद आए उस दिन की बात, जिस दिन खेल रहे थे सबके साथ | भारत में हो रही थी पढ़ाई की बात,जिस दिन सभी लोग थे एक साथ | फिर हमें याद आई, जिस दिन पढ़ रहे थे सबके साथ,नदियों में नहाते थे पानी के साथ | सपने में हमें याद आया किसी ने लगाया  हाथ,जब हम पढ़ रहे थे अंग्रेज... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   10:59am 15 Mar 2020 #
Blogger: Bal Sajag
" The Dark Way "In the dark way of lifeindicating numerous plight No one know the perfection of die but still you have to live great life negativity will jumble your mind makes you in all blind destination will go behind but still you have to climb darkness will not be all we hope dazzling light be fall our strength will be high when we touch the sky  Poet intrroduction : This poem is being written by Pranjul kumar of class 10th who is living in Apna Ghar organization present time . This poem if for those who give up their potential in midway of life . Just keep on trying untill and unless you reached your goal and your destination ... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   12:09am 20 Feb 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"आज़ाद परिन्दें हैं हम "आज़ाद परिन्दें हैं हम बूँद -बूँद से बढ़ते हैं हम हर पर खयाल है आता घर परिवार की याद सताता  छोड़ा है हमने जो ये सब खिलाना होगा कीचड़ में कमल हर करतब हमें है सीखना आगे चलकर इसे है बरतना आज़ाद परिन्दें हैं हम बूँद -बूँद से बढ़ते हैं हम उम्मी... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   10:31am 3 Feb 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"पढ़ाई "सुबह तो कब हो जाती है,दिन कब गुजर जाता है | ये तो पता ही नहीं चलता | | काश मैं पूरे साल पढ़ाई की होती,तो ये नौबत न आती | इसको मैं गलती कहूं, या फिर यूँ लापरवाही कहूँ | पर अब मुझे सूझ नहीं रहा, क्या करूँ और क्या न करूँ | सुबह बैठता हूँ पढ़ने, तो शाम जाती है रात को... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   10:18am 3 Feb 2020 #
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"कोशिश "कोशिश करने के बाद भीयूँ ही हो जाती है हार | निराश मत बैठना तुमअपने मन को मार |बढ़ते रहना आगे सदाहो जैसा भी मौसमपा लेती है मंजिलचींटी भी गिर गिर का हर बारऐसा नहीं की राह में रहमत नहीं रहीकरती है तो किनारा  नहीं है दूरअगर तेरे इरादे में बुलंद बनीरही तो सितारा नही... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   10:27am 28 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"गणतंत्र दिवस "इस गणतन्त्र  दिवस की बातें हैं कुछ खास,जिस पर मुझे अभी भी नहीं हो रहा है विश्वास | वो सविंधान जिसका अभी तक छिपा हुआ था राज़,जिसकी वजह से बंद हो गए थे सारे कामकाज |देश के खातिर जिन्होंने सब कर दिया न्योंछावर,जिसके दिलों में थे देश को आज़ाद करवाने के तेवर |&n... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   9:39am 27 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"शब्दकोश "शब्दकोश के भंडार में,पड़ी हजारों ज्ञान | जिसको पता न हो करो तुम अपना परचम बान उठाओ शब्दकोश ढूंढों | नहीं तो हो जाएगा सभी लोग को धोखा | उठाओ शब्दकोश पाओ सफलता की कुंजी | जो सभी के लिए पूँजी | | कवि : विक्रम कुमार , कक्षा : 9th , अपना घर कवि परिचय : यह कविता वि... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   10:12am 23 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बचपन के दिन "वे लम्हें जो बचपन के चले गए,वह उम्र जो घूमने हुए गुजर गए | पता हमें  नहीं किसी चीज की बात, तब भी मजा आता था सभी के साथ | खेलना कूदना लगा रहता,खेल खेल में लड़ता रहता | वह सोचने का मौका नहीं मिलता, फिर भी बेवजह हर चीज के लिए बन टन कर जिद्दी रहता | कवि : विक्र... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   5:54am 22 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"ठंडी का मौसम है सुहाना "ठंडी का मौसम है सुहाना,लोग कहते हैं फिर से आना |कोहरा आस पास छाया,यह देख तो सबको भाया |सर्दी का दिन है सुहाना,चाय के बिन मुश्किल है दिन बिताना |  सर्दी फिर से आना,नहानेसे  हमको  बचाना | सर्दी तुम फिर से आना | | कवि : कामता कुमार , कक्षा : 8th , अपन... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   4:40am 22 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"लगाए बैठा था आस "मुझे अपने आप को जो कहना था,वो मैंने यूँ ही कह दिया |  बस मुझे दिखता रहा वो छाया,  जिसको मैं न ढूँढ पाया | अपने लिए कुछ खास,अभी भी मेरे अंदर है | कुछ नया करने की प्यास, पर मैं लगाए बैठा था आस | जिसपर मुझे खुद ही नहीं था विश्वास | कवि : समीर कुमार , कक... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   8:55am 21 Jan 2020 #
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"यह दोस्ती " अरे यह दोस्ती है,जो कभी भूल नहीं सकते हैं | अरे यह दूसरों की ख़ुशी है,जो कभी भूल नहीं सकते | बीत गया जो समय को हम भूल सकतें हैं, आने वाले कल को सोच नहीं सकते | जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं साथ में उसको सुलझाना होगा साथ में उसे मिटाना होगा | अरे यह द... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   11:37am 20 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"बेजान सी सर्दी "ओस की बूंदें बता रहीं हैं,यूँ ही सर्दी में हमें सता रही हैं | हथकड़ियाँ पहनाकर बंद कर दी है,क्या बताऊँ बाहर इतनी सर्दी है | ठण्ड हवा सांसों में समाए,घर में ही रहें बाहर कहीं न जाए | सर्द में सभी को सताती है,सूरज को भी अपनी बातों में फसाती है | यह कितनी... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   11:04am 20 Jan 2020 #
Blogger: Bal Sajag
"कुछ है खास "देखो इन हँसी रातों को, क्या इनमें कुछ है खास | जिन पर मुझे अभी भी, नहीं हो रहा है विश्वास | मुझे क्यों हो रहा है कुछ अलग सा अहसास |  इनमें कुछ तो कुछ है नया जिसका जादू मुझ पर है छाया | फिर भी मैनें कुछ न पाया सिर्फ समय को है खाया | कवि : समीर कुमार , कक... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   2:40am 19 Jan 2020 #
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