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मेरी अभिव्यक्तियाँ

(चित्र इन्टरनेट से)                 कुछ रिश्तों के कोई नाम नही होते                 गुमनाम भटकते, अंजाम नही होते।                 खुले आसमान मे उड़ते रहने की सोच                 कोई इनके,आसमानी दायरे नही होते।ख्यालों की धुंध मे जीने की हो चा...
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  February 15, 2017, 10:09 am
                   *जीवन की जीवटता को पहचानिए*"कुछ लोग ज़िन्दगी मे नही होते,,,ज़िन्दगी होते हैं,,,"यह पंक्तियां कहीं पढ़ी थी,,,तब से मेरे मानस पटल पर लहरों सी हिंडोले मारती रहीं,,मै इन लहरों के थपेड़ो से भीगती बचती, डूबती तैरती, कभी साहिल पर तो कभी गहराइयों मे उतरती रही...
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  February 12, 2017, 6:51 pm
(चित्र इन्टरनेट से)प्रत्येक मनुष्य अपनी दिनचर्या के कुछ काम बड़े नियमित और मनोयोग से करता है,यह काम उन्हे अधिक प्रिय हो जाते हैं क्योंकि यह उनका 'अपना नीजि समय'होता है। कार्य का कार्यवहन काल भले ही छोटा  क्यों ना हो, उन्हे पूरी तन्मयता से जिया जा सकता है।मेरी भी दिनचर्य...
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  February 7, 2017, 6:51 pm
(चित्र इन्टरनेट की सौजन्य से)रोज़ की तरह आज भी स्कूटर लेकर अपने चित-पराचित उबड़-खाबड़ सड़कों पर 'ऊँट की सवारी सी अनुभूति'तो कहीं चिकनी सपाट सड़कों पर मक्खन से फिसलते पहियों  के साथ स्कूटर चालन का आनंद लेती मै ,,,। वाहहह ऐसी चिकनी सड़कों पर स्कूटर चलाना जैसे जीवन संगीत की धुन प...
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  January 31, 2017, 11:25 pm
 क्या होगा जब हमारा प्यारअंतरमुखी हो जाएगा,रस्मों रिवाज़ों से मजबूर दूर से ही प्रीत की उष्मा पाएगा,कोई राहतुम तक नही पहुँती होगी,बस कल्पनाओं मे ही अपनी मंजिल पाएगा,मन घर का कोई ऐसा कोना खोजेगा,जहाँ कोई औरना आएगा जाएगा,आंखें मूंदकरफिर तुम्हारी यादों का बटन दबाए...
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  January 23, 2017, 8:29 pm
(चित्र इन्टरनेट से)           हिन्दी भाषा की वेदना          ***************भारत विभिन्नताओं का देश है, उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक सरसरी दृष्टि से इसका सर्वेक्षण किया जाए तो भौगोलिक,सांस्कृतिक,धार्मिक,क्षेत्रिय, भाषायिक वैभिन्नता देखने को मिलती है, परन्तु इत...
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  January 18, 2017, 9:47 pm
स्मृतियां जीवन्त होती हैं, मानव शरीर क्षण भंगुर है। अपने निकले हुए पेट को छुपाते हुए 'बाबा'और उनकी वह हंसीं बस इस तस्वीर मे ही दिखेगी। 'स्मृतियां'मनुष्य को ईश्वर प्रदत्त एक अमूल्य उपहार है।  आज फिर से जीवन्त हो उठी बाबा की स्मृतियां,,,, यूँ तो उनकी हर बात, उनकी भाव-भंगिमा...
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  January 14, 2017, 12:38 pm
आज एक पोस्ट पर मेरी और गीतांजली के बीच काव्यमयी वार्तालाप हुआ जो ह्दय स्पर्शी लगा,,मैने इसे सदा के लिए अपने पास संजो लिया।गीतांजली  *  हिरदय होय बेकल और शब्द भय गऐ मौन                 मन खोयो वीरानी मे तुम बिन समझे कौनलिली     *   मौन भए जब शब्द त...
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  January 10, 2017, 11:04 pm
                         (चित्र इन्टरनेट से)            बेफिक्र हो सबसे अब जीना चाहती हूँ,            अपने खोए वजूद को छूना चाहती हूँ।            बन्द पिंजरे मे पंख फड़फड़ाती रही हूँ,            खुद के आसमान मे उड़ना चाहती हूँ।            कई ...
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Tag :दर्द
  January 5, 2017, 2:13 am
                        ( चित्र इन्टरनेट से)            ज़िन्दगी का एक वर्ष कुछ नए अनुभव जोड़ गया           अनमोल पलों के संग कुछ खट्ट-मिट्ठी यादें जोड़ गया।अधूरी ख्वाहिशों को पूरा करने को 365 दिन जोड़ गयाजो मिल गई बिन मांगे उनसे खुशिया जोड़ गया।        &nbs...
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  December 30, 2016, 4:51 pm
(चित्र इन्टरनेट से)तुम तो निर्णय कर चुकी कि मैं तुमसे मिल न पाउँगा,ज़िद मेरी भी सुनलो प्रियतमा मिले बिना न जी पाउँगा।प्रेम सुवासित पुष्प प्रिये मै ह्दय लिए, बस कालचक्र में बाधित हूँ ,अवसर पा गजरे मे गुथ प्रिये तुम्हारे जुड़े मे गुथ जाउँगा।जनमो से मै प्रीत का रीता ,खाली ग...
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  December 30, 2016, 2:39 pm
कविता लिखने की प्रेरणा मुझे तुमसे मिली प्रिया ,, तुम्हारी ही पंक्तियों को तुम्हे समर्पित करना चाहती हूँ-"हर इन्सान के दिल में यादों की एक ऐसी किताब होती है, जो कभी अचानक से खुल जाती है,और भाग-दौड़ की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में दो पल राहत का एहसास दिला जाती है। "          &...
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  December 21, 2016, 9:21 am
                            (चित्र इन्टरनेट से)  शान्त दिसम्बर की नीरव रात सोने की पूरी तैयारी कर चुकी थी,तकिये पर सर रख,,नरम कम्बल को ओढ़ रात लेटकर ,आंखों को बंद करने की कोशिश कर रही थी, परन्तु आंखे तो अपलक खिड़की से बाहर आसमान को निहारने लगी। सूनसान वातावरण में ...
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  December 20, 2016, 7:11 pm
                      (चित्र इन्टरनेट से)             हे प्रियतम! विश्वरूप सा वृहद प्रेम तुम्हारा             मेरा सर्वस्य तुमसे ही उत्पन्न है,             तुममे ही विलीन हो जाएगा।            हे प्रियतम! दिव्य प्रकाशपुंज सा प्रेम तुम्हार...
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  December 15, 2016, 11:56 pm
                        (चित्र इंटरनेट से)              जीवन की जटिलताओं से परे,जीवन की                     सरलताओं को आत्मसात कर साइकिल पर                  सवार दो मतवालों की मस्ती😊😊*****                 एक दीवानी,,,बस आपकी          &n...
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  December 13, 2016, 7:59 pm
(प्यारी गीतांजली को चित्र के लिए आभार)             किसकी तरंगित बातें आपकी चिलमन झुका गई,             गाल हुए सुर्ख,और लबों पर मुस्कुराहट छा गई।             चाँद सी चमक चेहरे की एक दास्तान सुना गई,             कांध पे सिमट जुल्फ , काली घटा शरमा गई।&n...
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  December 13, 2016, 2:46 pm
          (चित्र के लिए प्यारी नेहा को आभार)              आपने तो अल्फाज़ों को महका दिया,              गुलाब से चेहरे से जब नक़ाब हटा दिया।              एक तो गुलाब उस पे शबनम सा शबाब,              ठगे से हम, देखते रहे  हुस्न का आब ।          &...
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  December 9, 2016, 11:37 am
                  पिया की बावरी बन गई अंखियां,                  करेजवा को न भाएं अब प्यारी सखियां।                  जाने हूँ न ठाह इनकी पिया का देस,                  जिया को ठंडक पहुँचाए तोहरा संदेस।रात रोए बिरहन सी,दिन लगे भार,भाए नही मोहे कोई ...
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  December 7, 2016, 11:27 am
                          (जिम काॅर्बेट की एक सुहानी शाम)             एक शाम अकेली सी,एक रात है तन्हा,             चाँद को खोजे ज़मी,बेचैन सा हर लम्हा।             कोई आज ख्यालों में ,अंम्बर सा फैल गया,             हर याद सितारों सी, हर शय मे...
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  November 30, 2016, 7:13 pm
                     (चित्र इन्टरनेट से)मेरा 'मै'कुछ सुगबुगा सा उठा है,साधारणतयः बहुत ही शान्त रहने वाला अन्तरमुखी है। आज अकस्मात बोल उठा,और बहुत कुछ बोल गया,,,,,,,,मै न तो कट्टर नारीवादी हूँ न ही विरोधी, ये विचार एक सहज मनोभावों का बहाव है। नारी को प्रकृति का रूप मान...
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  November 25, 2016, 4:37 pm
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