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Blog: इदम् राष्ट्राय || इदम् न मम् ||

Blogger: praveen
खुल जाती है मेरी आँखे,,,,दरवाजे की हल्की आहट से ,और होता है अहसास तुम्हारे करीब होने का,और हो भी क्यूँ ना ?खिड़की पर करीने से पड़े पर्दे,तुम्हारी उंगलियों की थिरकन अभी तक संभाले है,,विषयवार रैक ने सलीके से रखी किताबे,तुमसे बाते करने का जरिया ही तो है ,,साफ़ महसूस करता हूँ तुम्हा... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   8:18am 4 Feb 2017 #
Blogger: praveen
मर तो मै उस दिन ही गयी थी ,जब दायी ने अफ़सोस  के  साथ मेरे जन्म कि सूचना माँ  को दी ,,और बधायी भी नही माँगी  ,,,,माँ ने अश्रु भरी आँखों से दीवाल की तरफ देखा ,,और सिसकी ली ,,दादी ने मुँह सिकोड़ा  ,,,और पिता हतासा  भरे कदमो से घर से  बाहर  निकल गए  ,,मर तो मै उ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   8:01am 4 Feb 2017 #
Blogger: praveen
मेरी और तुम्हारी तस्वीर .बेड के उसी सिराहने पर रखी है , जहाँ तब थी ,,,,ये ठन्डे और निशब्द उस जगह के बिलकुल नजदीक है ,,जहाँ लेटते हुए तुम अपना सर रखती थी ,,हमारा  चेहरा बीते हुए कल की मुस्कराहट में नहाया हुआ है ... जो आज अंशुओ की उस  ब्रस्टि  से ढका जाना बाकी है जिसने ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   5:00pm 3 Feb 2017 #अपूर्ण आत्म विश्लेषण
Blogger: praveen
अब ना और सताओ  मुझको ,मैंने  मुस्काना सीख लिया है ,,गर दुःख आये है  आने दो ,मैंने इनको टरकाना सीख लिया है ,,मांगो दिल हो जितना मांगो ,अब मैंने बहाना सीख लिया है,,मत चौराहों का खौफ दिखाओ ,मैंने आना जाना सीख लिया है,,वो मौतों के सौदागर है तो क्या,मैंने  मर जाना सीख लिया है,,त... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   3:09pm 20 Apr 2013 #
Blogger: praveen
विचार शुन्य चमकती आँखे .और भाव शून्य चेहरा ,,मौन होते हुए भी कर रहा था ,,व्याखित उसकी मनोदशा को ,,चेहरे पर पड़ी आड़ी तिरछी  रेखाये.प्रदर्शित कर रही थी सरल से गम्भीरत्व को .प्रकट और अप्रकट शब्दों के मेघ ,उजागर कर रहे थे जीवन की  वीभत्सतता कोऔर जीवन से उसके प्रतारण को ,,सब सं... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   1:54pm 20 Apr 2013 #
Blogger: praveen
गुमनाम से दर्द को छुपा लूँ तो चलूँ,,,,बे बजह ही सही मुस्करा लूँ तो चलूँ ,,,,,,,इन तंग वादियों में घुल रही है जो ,,,बे खौफ सी धूप को बचा लूँ तो चलूँ,,,नस्तर पैविस्ती की मिशाले दिख रही है ,,कुछ जख्म मै भी उठा लूँ तो चलूँ .,,,,,,,जब चलना ही है तो चलता रहूँगा ,,,एक ठहराव भी मिला लूँ तो चलूँ ,,,,,स... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   9:36am 3 Jan 2011 #कविता
Blogger: praveen
नाचाहतेहुएवोफिरआगयाइसबारभी,,,देखलेवहीगमवहीहम ,वहीसब्बेबहारभी ......मुफलसीनेहमकोऐसापकड़ायेराहगीर,,जहांसेचलेथेवहीहै ,वाकीहैवहीउधारभी,,,,आजगलीकेबच्चेभीकहकहेलगारहेथे ,,,देखोतोभूंखाहैअपाहिजहैऔरबेकारभी ,,,,आजभीसफ़ेदपोशोकोदेखकरसजदेकरताहूँ,,,सुनाहैसज्जादकोइनायतबखस... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   11:19am 15 Jul 2010 #सरकार
Blogger: praveen
जब उन्होंने फिर मोहब्बत से की गुफ्तगू अच्छा लगा ,,,,मुस्करा के बोले फिर मिलने की है आरजू अच्छा लगा ,,,,हम तो तनहा बड़ी कशमकश-ओ -वहिशत में जी रहे थे,,,उन्होंने किया प्यार का नया सिलशिला शुरू अच्छा लगा,,,हम मदहोश होते रहे की ये शहर ऐ गुल की है मस्ती ,,,,जब तूने कहा ये जुल्फ ऐ शबरंग क... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   7:43am 26 May 2010 #भरती
Blogger: praveen
तेरा ये बनावटी सा मुस्कराना बुरा लगता है,,,कभी हाँ कभी न तेरा ये बहाना बुरा लगता है ,,,,कितनी तंगी खुशहाली साथ काटी थी हमने,,,,,ये जिन्दगी यूँ अधर में छोड़ जाना बुरा लगता है ,,,उम्र आंकते हुए खिची थी लकीरे जो दीवारों पर,,,आज उन लकीरों को मिटाना बुरा लगता है ,,,भुर भुरा कर गिर गयी चौ... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   9:22am 21 May 2010 #भारत
Blogger: praveen
तंग हाली जब मुस्कराती है मेरे मुस्कराने पर,,,जाहिरात छुप नहीं पाते मेरे लाख छुपाने पर ,,,,,इन नर्म फूलो से कांटो के वायस मै क्या पूछू ,,,हर पाख जख्मी है बिखर जाता है सहलाने पर...इस जहां में इल्म ओ हुनर का सम्मान ऐसा है,,,,हाथ कलम किये जाते है ,ताज महल बनाने पर ,,,,मैंने सभाल कर रखी ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   10:10am 20 May 2010 #भरोसा .
Blogger: praveen
पिछले दिनों एक ऐसी घटना हुई जिसने हर व्यक्ति को छुआ ,, और समाज के बारे में सोचने वाले हर व्यक्ति ने अपनी अपनी तरह से अपने अपने विचार व्यक्त किये ,,,,अब क्या गलत है और क्या सही मै इस पचड़े में नहीं पडूंगा ,, लेकिन ये चीज सोचने को मजबूर जरूर करती है की येसी घटनाये इस कथित प्रगति... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   4:22am 8 May 2010 #भारत
Blogger: praveen
अहो अभावता तुझको ...कैसे मै अभिनन्दन दूँ ,,,,तू मेरे पहलुओ का उच्चारण ,,,,तुझको कैसे मै वंदन दूँ ,,,,,,जग दुनिया जंगम क्या है ,,,,ये तेरे चितावन से चेता मै ,,,कनक भवन या श्रमिक कुटीर ,,ये तेरे दिखावन से चेता मै ,,,,ओ स्रष्टि विहरणी ,,,,,ओ स्रष्टि संचालक ,,,,,,तुम निर्धन की गरिमा हो ,,,,पर तेरे द... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   11:46am 27 Apr 2010 #भारत
Blogger: praveen
उठ चलो पथिक तुम आभासी चोला छोडो ,,,जीवन है संग्राम यहाँ , तुम रण की भाषा बोलो ,,,,,उठ चलो पथिक चिंगारी को ,तुम आग बना दो ,,,,निर्बल को सम्बल देके , सोये भाग्य जगा दो ,,,,उठ चलो पथिक ,, मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे छोडो ,,,जड़ता सूचक है ये ,, मजहब ही दीवारे तोड़ो ,,,,,उठ चलो पथिक, तुम नव युग का उदघो... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   4:00am 22 Apr 2010 #कविता
Blogger: praveen
वेद और वेदांत का भाष ...राग में वैराग का आभास ,तुम्ही दे सकते होव्यथित मन थकित तन को ,चिर विकाश कर थकानतुमही हर सकते होक्या शुभ क्या अशुभ ,तुम कण वासता हो ।फिर क्यों दिग्भर्मित मैं ??उखाड दो न इस दासता को ,जग मय आप आप मय जगभेद विभेद क्षण भंगुर है ,फिर क्यों इस भेदता का,,प्रखर ज्... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   9:01am 6 Apr 2010 #प्रवीण पथिक
Blogger: praveen
अतृप्त इच्छाओ की ,,,अधबनी नौका लेकर ,,,हुआ हूँ फिर उपस्थित तेरे सम्मुख ,,,,ओ दयानिधे ,,,,टकटकी लगा रखी है ,,,,तेरी हर अनुग्रही क्रिया पर ,,,,की काश कोई द्रष्टि इधर भी हो ,,,,ओ समग्र नियन्ता ,,,,मेरी इस मौनाकुल पीड़ा को ,,तुम समझ सकते हो ,,,,क्यों की तुम हो दिव्य द्रष्टा ,,,हर्दय के मंथन से निक... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   8:32am 28 Mar 2010 #कविता
Blogger: praveen
दोस्तो ,ब्लॉग एक सशक्त माध्यम है तो सोचा आप सबसे ही अपील करनी चाहिए एक ऐसे कार्य में आप सबके सहयोग की आवश्यकता है जिसमें आप का तो कुछ नहीं जायेगा मगर कुछ मासूमों की ज़िन्दगी सँवर जाएगी . मैं एक ngo से जुडा हुआ हूँ जो गरीब बच्चों की मदद करती है अगर आप सब भी उसमें सहयोग दें तो आ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   11:40am 23 Mar 2010 #
Blogger: praveen
वोभारतकादेवमुझेताकेजाताथा ,,,,करूणासेलथपथअंतसमेंझांकेजाताथा ,,,,कंधोपरपिचकारीकेथैलेटंगे ,,,,,हाथोमेंधूसररंगलिए ,,,,,वनप्रतिमासाअडिगखड़ाहै ,,,,,मानोमौनआवाहनकिये ,,,,,वोकान्तिमुझेअबझुलसातीहै,,,,जोउसकेचेहरेकीथातीहै ,,,,दर्गअपलकदेखरहेथेआनेजानेवालोको ,,,,उनमेफैलीनीरवताहर... Read more
Blogger: praveen
हाय लुटेरे कर्णा धार कहो तो कौन बचाए देश ,,,जन सेवक का ऐसा सत्कार कहो तो कौन बचाए देश,,,,,... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   10:09am 17 Mar 2010 #भरती
Blogger: praveen
मेरी मुस्कान होली , तेरी शान होली ,,,,मीठे पकवान होली ,, ऊँची दुकान होली,,,,नीली होली ,काली होली, पीली होली,,,,लाल और रंगों रंगान होली ,,,,,पर कुछ की सफ़ेद और बेजान होली ,,,उजडती दुकान होली सूखते खलिहान होली ,,भूखी जुबान होली ,,, झूठी शान होली ,,,तडपती पहिचान होली ,, दिखावटी आन होली ,,,रोती म... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   7:51am 12 Mar 2010 #भरोसा .
Blogger: praveen
नपुंसक सरकार भरोसा अन्धा चहिए,,,लोकतंत्र बीमार भरोसा अन्धा चहिए,,,महँगाई की मार भरोसा अन्धा चहिए,,,जनता है लाचार भरोसा अन्धा चहिए,,,भूखा है घर बार भरोसा अन्धा चहिए,,,कुदरत की भी मार भरोसा अन्धा चहिए,,,सोता है दरबार भरोसा अन्धा चहिए,,,वादे है बेकार भरोसा अन्धा चहिए,,,पिसते ह... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   4:34am 6 Mar 2010 #प्रवीण पथिक
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