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हिन्दी-आभा*भारत : View Blog Posts
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हिन्दी-आभा*भारत

ताजमहल  को  देखते आगरा  क़िले  में क़ैद  शाहजहां  ने शायद  ये  भी  सोचा  होगा.........  ( मुग़ल  बादशाह  औरंगज़ेब  अपनी  क्रूरता  के लिए  कुख़्यात  हुआ।    दारा  शिकोह  सहित  अपने  तीनों  भाइयों   को    मौत  के घाट  उतार  कर  पिता  ...
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Tag :1666
  April 4, 2017, 6:48 am
मैं       मज़दूर      हूँ किंतु   मज़बूर   नहीं,राह      मिल      गईतो  मंज़िल  दूर  नहीं ।बांध  बनाऊँ  सड़क  बनाऊँ,बाजारों  की  तड़क-भड़क  बनाऊँ,जीवन की राहें औरों  की आसान  बनाऊँ,ख़ुद  पग-पग  पर अपमान सहूँ  ग़म  खाऊँ।हथियार  बनाऊँ  ...
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Tag :भीख
  March 25, 2017, 1:46 pm
भिखारी  बनाने पर तुला  है  पूँजीवाद, सिसकियाँ   भर  रहा   है  समाजवाद। इतिहास के नाज़ुक  मोड़  पर खड़े  होकर    हम भूमंडलीकरण  को  कोस  रहे  हैं,  देख  भूखे  पेट  सोतों   को अपना    मन      मसोस  रहे  हैं।  युद्धग्रस्त  देशो...
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Tag :8 धनकुबेरों
  March 13, 2017, 6:17 am
आयी   राम    कीअवध   में    होली ,छायी  कान्हा  कीबृज    में   रंगोली।पक   गयी  सरसोंबौराये    हैं   आम,मनचलों  को  अबसूझी   है  ठिठोली।छायी   कान्हा  कीबृज    में   रंगोली।भाये       मन      को रंग    अबीर   गुलाल ,मस्ताने    बसंत &n...
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Tag :अवध
  March 10, 2017, 11:05 pm
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Tag :
  February 23, 2017, 1:10 am
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Tag :
  February 12, 2017, 2:04 am
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Tag :
  February 12, 2017, 2:02 am
ये          कहाँ         से आ        गयी     बहार   है  ,बंद                     तोमेरी   गली   का  द्वार  है।  ख़्वाहिशें     टकरा     केचूर          हो         गयीं,हसरतों        का       दर्द अभी         उधार     &nbs...
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Tag :गली
  February 12, 2017, 1:15 am
धीरे -  धीरे     ज़ख़्म       सारेअब      भरने    को   आ   गए ,एक  बेचारा  दाग़ -ए -दिल  है जिसको   ग़म   ही   भा    गए। ज़िन्दगी   को    जब    ज़रूरतउजियारे   दिन   की   आ    पड़ी,लपलपायीं                बिजलियाँगरजकर  काले  बादल  छा  ग...
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Tag :दादी नाना
  February 6, 2017, 10:17 pm
शिशिर   का    प्रकोप    ढलान   पर आया  ऋतुराज  बसंत  दालान  परखेत-खलिहान  / बाग़ -बग़ीचे पीलिमा     का   सुरभित   आभामंडल, गुनगुनी  धूप पुष्प-पत्तों  ने  पहने  ओस  के  कुंडल। सरसों    के    पीले     फूल गेंहूँ-जौ    की  नवोदित  बालियां / ...
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Tag :कलेंडर
  February 1, 2017, 5:00 pm
जय   हो   वीणावादिनीजय   हो   ज्ञानदायिनीविद्या ,बुद्धि ,ज्ञान की देवी करो   मेधा  प्रखर  वाग्देवी।माघ   मास  शुक्लपक्ष  पंचमीवागीश्वरी जयंतीपूजा-आराधना  शाश्वत  ज्ञान  हेतुशीश  नमन्ति !हे   माँ !उन   मस्तिष्क   का  विवेक जाग्रत   रखना जि...
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Tag :पंचमी
  February 1, 2017, 3:56 pm
जब वातावरण मेंसमाहित  वाष्प  को सिकोड़   देती  है  सतह  की  ठंडक तबशबनम  के दाने / ओस के मोतीफूल -पत्तियों     पर      आसन    जमाते   हैंहमारे  मरने -मिटने  के  भय  को  लजाते  हैं।मुनिया  समझदार    हुई पांच   वसंत     पार    हुई बोली ...
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Tag :ओस
  January 31, 2017, 2:27 am
दोपहर   बनकर   अक्सर  न   आया   करो।सुबह-शाम   भी   कभी   बन   जाया   करो।।चिलचिलाती   धूप    में   तपना   है  ज़रूरी।कभी  शीतल  चाँदनी  में  भी  नहाया  करो।।सुबकता है  दिल  यादों  के  लम्बे  सफ़र  में।कभी  ढलते  आँसू   रोकने  आ  जाया ...
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Tag :काव्य
  January 24, 2017, 10:37 pm
(23  जनवरी  जन्मदिन  पर  स्मरण ) एक  सव्यसाची  फिर  आया  48  वर्ष  सुभाष  बनकर  जिया  जीवट  की  नई  कसौटी  स्थापित  कर  रहस्यमयी  यात्रा  पर  चल  दिया ज़ल्दी  में था  भारत  माता  का लाल बिलखता  दिल  हमारा  भावों  से  भर  दिया। ...
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Tag :कविता
  January 23, 2017, 2:14 am
बीसवीं  सदी  में, प्रेमचंद  की  निर्मला  थी   बेटी, इक्कीसवीं  सदी   में, नयना  / गुड़िया  या  निर्भया, बन  चुकी   है   बेटी।कुछ  नाम  याद   होंगे  आपको, वैदिक  साहित्य   की  बेटियों  के-सीता,सावित्री,अनुसुइया ,उर्मिला ;शकुंतला , गार्गी ,मैत्रेयी ,...
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Tag :तलवार
  January 16, 2017, 8:00 pm
सैनिक  ने  अंतर्जाल  पर   वीडियो  अपलोड  कर दिखाई  जली  हुईं   रोटियाँ सीमा  सुरक्षा  बल  ने  जाँच  कर  खंडन  किया सैनिक आप   नहीं  जानते आपकी   दिखाई अधजली   रोटी  ग्लोबल  ट्रेंड  बन  गयी हमने  तो  सिर्फ अपना  मन  मसोस  लिया...
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Tag :ग्लोबल
  January 11, 2017, 8:41 pm
सैनिक  ने  अंतर्जाल  पर   वीडियो  अपलोड  कर दिखाई  जली  हुईं   रोटियाँ सीमा  सुरक्षा  बल  ने  जाँच  कर  खंडन  किया सैनिक आप   नहीं  जानते आपकी   दिखाई अधजली   रोटी  ग्लोबल  ट्रेंड  बन  गयी हमने  तो  सिर्फ अपना  मन  मसोस  लिया...
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Tag :ग्लोबल
  January 11, 2017, 8:41 pm
फूल   से  नाराज़   होकर   तितली   सो  गयी  है।बंद   कमरों   की   ऐसी    हालत     हो   गयी   है।।हो   चला   सयाना    फूल     ज़माने   के    साथ।मुरझाई    हैं    पाँखें    महक   भी    रो    गयी  है।।नसीहत  अब  कोई  हलक़   से  नीचे  ज...
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Tag :काव्य
  January 10, 2017, 9:49 pm
तूफ़ान  आएंगेसैलाब     आएंगे उखाड़ेंगे    उन्नत , उद्दंड    दरख़्तों    को दूब    मुस्कायेगी पृथ्वी    पर    पड़े-पड़े   पसरने    पर   छाँव     न   भी  दे    सके    तो   क्या घात-प्रतिघात    की   रेतीली     पगडंडी    पर तपे     पीड़ा     क...
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Tag :दरख़्तों
  January 6, 2017, 4:01 am
सभ्यता    के    सशंकित    सागर    में नत -नयन    नैसर्गिकता    की     नाव डूबने      न    पाए   सुदूर      है   किनारा      तो    क्या   आज     मांझी    को सरलता      का    सुरीला     संगीत     सुनाओ   मृत्यु    का  भय   त्याग...
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Tag :नैसर्गिकता
  January 6, 2017, 3:22 am
समाचार  पढ़ा- "बेटे   ने   सर्द   रात  में   बाप   को  घर  के   बाहर   सुला  दिया " संवेदनाविहीन  होते   समाज  का यह  सचअब   किसी   आवरण   में  नहीं   ढका   है अंतर्मन  आज    सोच-सोचकर   थका    हैअपनी   ही  लाश  ढोता  आदमीअभी   नहीं  थका &n...
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Tag :समाचार
  January 2, 2017, 6:28 am
Welcome  2017Happy  New  Year  बीता  शताब्दी   का  सोलहवाँ   साल आ  गया   सदी   का  सत्रहवाँ   सालअब    छोड़ो   मन  के   मलाल  आज    पूछो   सभी   का   हालसब  हों  आबाद, रहें   खुशहाल हो  मुबारक  सबको  नया   साल गत वर्ष   देश-दुनिया  में   तख़्त-ओ-ताज   ...
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Tag :Happy New Year
  January 1, 2017, 12:00 am
आओ   अब   अतीत   में   झाँकें...आधुनिकता   ने   ज़मीर क्षत-विक्षत    कर   डाला   है. भौतिकता   के   प्रति   यह   कैसी   अभेद्य   निष्ठा दर्पण   पर   धूल छतों   पर   मकड़ी    के   जालेकृत्रिम   फूल-पत्तियों    में   जीवन  के   प्रवाह  का  अन्वेष...
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Tag :आज
  December 28, 2016, 4:10 am
राहत   की   बात   हवा  हुई.मुश्किल  एक  से  सवा  हुई.कमाई  नौ   दो  ग्यारह  हो चली.हथेली  तप-तप  कर  तवा  हुई.भूख   से   ३६   अब   ६३    हुए.गेंहूँ  की  मिगी  मैदा  रवा  हुई. चार बाटी  दबाईं अलसाई आँच  में अंगीठी    भड़ककर    अवा  ...
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Tag :ज़हर की गोली
  December 23, 2016, 4:45 pm
आवारा     बादल    हूँ     मैं अपने  झुंड  से  बिछड़  गया  हूँ   मैं भटकन   निरुद्देश्य   न  हो इस  उलझन  में  सिमट  गया  हूँ   मैं सूरज  की  तपिश  से  बना   हूँ   मैं धनात्मक  हूँ   या   ऋणात्मक   हूँ    मैं इस ज्ञान  से  अनभिज्ञ  हू...
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Tag :
  December 21, 2016, 8:50 pm
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