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Blog: हिन्दी-आभा*भारत

Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
ताजमहल  को  देखते आगरा  क़िले  में क़ैद  शाहजहां  ने शायद  ये  भी  सोचा  होगा.........  ( मुग़ल  बादशाह  औरंगज़ेब  अपनी  क्रूरता  के लिए  कुख़्यात  हुआ।    दारा  शिकोह  सहित  अपने  तीनों  भाइयों   को    मौत  के घाट  उतार  कर  पिता  ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   1:18am 4 Apr 2017 #1666
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
मैं       मज़दूर      हूँ किंतु   मज़बूर   नहीं,राह      मिल      गईतो  मंज़िल  दूर  नहीं ।बांध  बनाऊँ  सड़क  बनाऊँ,बाजारों  की  तड़क-भड़क  बनाऊँ,जीवन की राहें औरों  की आसान  बनाऊँ,ख़ुद  पग-पग  पर अपमान सहूँ  ग़म  खाऊँ।हथियार  बनाऊँ  ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   8:16am 25 Mar 2017 #भीख
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
भिखारी  बनाने पर तुला  है  पूँजीवाद, सिसकियाँ   भर  रहा   है  समाजवाद। इतिहास के नाज़ुक  मोड़  पर खड़े  होकर    हम भूमंडलीकरण  को  कोस  रहे  हैं,  देख  भूखे  पेट  सोतों   को अपना    मन      मसोस  रहे  हैं।  युद्धग्रस्त  देशो... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   12:47am 13 Mar 2017 #8 धनकुबेरों
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
आयी   राम    कीअवध   में    होली ,छायी  कान्हा  कीबृज    में   रंगोली।पक   गयी  सरसोंबौराये    हैं   आम,मनचलों  को  अबसूझी   है  ठिठोली।छायी   कान्हा  कीबृज    में   रंगोली।भाये       मन      को रंग    अबीर   गुलाल ,मस्ताने    बसंत &n... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   5:35pm 10 Mar 2017 #अवध
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
ये          कहाँ         से आ        गयी     बहार   है  ,बंद                     तोमेरी   गली   का  द्वार  है।  ख़्वाहिशें     टकरा     केचूर          हो         गयीं,हसरतों        का       दर्द अभी         उधार     &nbs... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   7:45pm 11 Feb 2017 #गली
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
धीरे -  धीरे     ज़ख़्म       सारेअब      भरने    को   आ   गए ,एक  बेचारा  दाग़ -ए -दिल  है जिसको   ग़म   ही   भा    गए। ज़िन्दगी   को    जब    ज़रूरतउजियारे   दिन   की   आ    पड़ी,लपलपायीं                बिजलियाँगरजकर  काले  बादल  छा  ग... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   4:47pm 6 Feb 2017 #दादी नाना
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
शिशिर   का    प्रकोप    ढलान   पर आया  ऋतुराज  बसंत  दालान  परखेत-खलिहान  / बाग़ -बग़ीचे पीलिमा     का   सुरभित   आभामंडल, गुनगुनी  धूप पुष्प-पत्तों  ने  पहने  ओस  के  कुंडल। सरसों    के    पीले     फूल गेंहूँ-जौ    की  नवोदित  बालियां / ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   11:30am 1 Feb 2017 #कलेंडर
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
जय   हो   वीणावादिनीजय   हो   ज्ञानदायिनीविद्या ,बुद्धि ,ज्ञान की देवी करो   मेधा  प्रखर  वाग्देवी।माघ   मास  शुक्लपक्ष  पंचमीवागीश्वरी जयंतीपूजा-आराधना  शाश्वत  ज्ञान  हेतुशीश  नमन्ति !हे   माँ !उन   मस्तिष्क   का  विवेक जाग्रत   रखना जि... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   10:26am 1 Feb 2017 #पंचमी
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
जब वातावरण मेंसमाहित  वाष्प  को सिकोड़   देती  है  सतह  की  ठंडक तबशबनम  के दाने / ओस के मोतीफूल -पत्तियों     पर      आसन    जमाते   हैंहमारे  मरने -मिटने  के  भय  को  लजाते  हैं।मुनिया  समझदार    हुई पांच   वसंत     पार    हुई बोली ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   8:57pm 30 Jan 2017 #ओस
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
दोपहर   बनकर   अक्सर  न   आया   करो।सुबह-शाम   भी   कभी   बन   जाया   करो।।चिलचिलाती   धूप    में   तपना   है  ज़रूरी।कभी  शीतल  चाँदनी  में  भी  नहाया  करो।।सुबकता है  दिल  यादों  के  लम्बे  सफ़र  में।कभी  ढलते  आँसू   रोकने  आ  जाया ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:07pm 24 Jan 2017 #काव्य
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
(23  जनवरी  जन्मदिन  पर  स्मरण ) एक  सव्यसाची  फिर  आया  48  वर्ष  सुभाष  बनकर  जिया  जीवट  की  नई  कसौटी  स्थापित  कर  रहस्यमयी  यात्रा  पर  चल  दिया ज़ल्दी  में था  भारत  माता  का लाल बिलखता  दिल  हमारा  भावों  से  भर  दिया। ... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   8:44pm 22 Jan 2017 #कविता
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
बीसवीं  सदी  में, प्रेमचंद  की  निर्मला  थी   बेटी, इक्कीसवीं  सदी   में, नयना  / गुड़िया  या  निर्भया, बन  चुकी   है   बेटी।कुछ  नाम  याद   होंगे  आपको, वैदिक  साहित्य   की  बेटियों  के-सीता,सावित्री,अनुसुइया ,उर्मिला ;शकुंतला , गार्गी ,मैत्रेयी ,... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   2:30pm 16 Jan 2017 #तलवार
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
सैनिक  ने  अंतर्जाल  पर   वीडियो  अपलोड  कर दिखाई  जली  हुईं   रोटियाँ सीमा  सुरक्षा  बल  ने  जाँच  कर  खंडन  किया सैनिक आप   नहीं  जानते आपकी   दिखाई अधजली   रोटी  ग्लोबल  ट्रेंड  बन  गयी हमने  तो  सिर्फ अपना  मन  मसोस  लिया... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   3:11pm 11 Jan 2017 #ग्लोबल
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
सैनिक  ने  अंतर्जाल  पर   वीडियो  अपलोड  कर दिखाई  जली  हुईं   रोटियाँ सीमा  सुरक्षा  बल  ने  जाँच  कर  खंडन  किया सैनिक आप   नहीं  जानते आपकी   दिखाई अधजली   रोटी  ग्लोबल  ट्रेंड  बन  गयी हमने  तो  सिर्फ अपना  मन  मसोस  लिया... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   3:11pm 11 Jan 2017 #ग्लोबल
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
फूल   से  नाराज़   होकर   तितली   सो  गयी  है।बंद   कमरों   की   ऐसी    हालत     हो   गयी   है।।हो   चला   सयाना    फूल     ज़माने   के    साथ।मुरझाई    हैं    पाँखें    महक   भी    रो    गयी  है।।नसीहत  अब  कोई  हलक़   से  नीचे  ज... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   4:19pm 10 Jan 2017 #काव्य
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
तूफ़ान  आएंगेसैलाब     आएंगे उखाड़ेंगे    उन्नत , उद्दंड    दरख़्तों    को दूब    मुस्कायेगी पृथ्वी    पर    पड़े-पड़े   पसरने    पर   छाँव     न   भी  दे    सके    तो   क्या घात-प्रतिघात    की   रेतीली     पगडंडी    पर तपे     पीड़ा     क... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   10:31pm 5 Jan 2017 #दरख़्तों
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
सभ्यता    के    सशंकित    सागर    में नत -नयन    नैसर्गिकता    की     नाव डूबने      न    पाए   सुदूर      है   किनारा      तो    क्या   आज     मांझी    को सरलता      का    सुरीला     संगीत     सुनाओ   मृत्यु    का  भय   त्याग... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   9:52pm 5 Jan 2017 #नैसर्गिकता
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
समाचार  पढ़ा- "बेटे   ने   सर्द   रात  में   बाप   को  घर  के   बाहर   सुला  दिया " संवेदनाविहीन  होते   समाज  का यह  सचअब   किसी   आवरण   में  नहीं   ढका   है अंतर्मन  आज    सोच-सोचकर   थका    हैअपनी   ही  लाश  ढोता  आदमीअभी   नहीं  थका &n... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   12:58am 2 Jan 2017 #समाचार
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
Welcome  2017Happy  New  Year  बीता  शताब्दी   का  सोलहवाँ   साल आ  गया   सदी   का  सत्रहवाँ   सालअब    छोड़ो   मन  के   मलाल  आज    पूछो   सभी   का   हालसब  हों  आबाद, रहें   खुशहाल हो  मुबारक  सबको  नया   साल गत वर्ष   देश-दुनिया  में   तख़्त-ओ-ताज   ... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   6:30pm 31 Dec 2016 #Happy New Year
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
आओ   अब   अतीत   में   झाँकें...आधुनिकता   ने   ज़मीर क्षत-विक्षत    कर   डाला   है. भौतिकता   के   प्रति   यह   कैसी   अभेद्य   निष्ठा दर्पण   पर   धूल छतों   पर   मकड़ी    के   जालेकृत्रिम   फूल-पत्तियों    में   जीवन  के   प्रवाह  का  अन्वेष... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   10:40pm 27 Dec 2016 #आज
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
राहत   की   बात   हवा  हुई.मुश्किल  एक  से  सवा  हुई.कमाई  नौ   दो  ग्यारह  हो चली.हथेली  तप-तप  कर  तवा  हुई.भूख   से   ३६   अब   ६३    हुए.गेंहूँ  की  मिगी  मैदा  रवा  हुई. चार बाटी  दबाईं अलसाई आँच  में अंगीठी    भड़ककर    अवा  ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   11:15am 23 Dec 2016 #ज़हर की गोली
Blogger: रवीन्द्र सिंह यादव
आवारा     बादल    हूँ     मैं अपने  झुंड  से  बिछड़  गया  हूँ   मैं भटकन   निरुद्देश्य   न  हो इस  उलझन  में  सिमट  गया  हूँ   मैं सूरज  की  तपिश  से  बना   हूँ   मैं धनात्मक  हूँ   या   ऋणात्मक   हूँ    मैं इस ज्ञान  से  अनभिज्ञ  हू... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   3:20pm 21 Dec 2016 #
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