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Blog: जनशब्द

Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
समकालीन कश्मीरी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर गुलाम नबी ‘आतिश’ की कविता किसी भी राजनीतिक, सामाजिक उलझनों और विवादों से अलग दिखती है। इनकी कविताओं में आक्रोश और संघर्ष का एक सादगीपूर्ण इज़हार है साथ ही इनकी विशिष्ट अभिव्यक्ति पाठकों पर गहरी छाप छोड़ती है। प्रस्तुत है इ... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   5:59am 28 Jun 2013 #कविता
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
‘बीसवीं सदी की ओड़िया कविता-यात्रा’ में पिछली पूरी सदी के 140 प्रमुख कवियों की प्रतिनिधि काव्य रचनाओं का समावेश है। ओड़िया की सृजनक्षमता की एक बानगी गिरिबाला महांतिकी कविता ‘औरत ’ में दिखती है, जो नारी मन के आक्रोश और पीड़ा की अभिव्यक्ति है..औरत..लड़की का भला दुख कैसा,जिसक... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   4:51am 4 Jun 2013 #ओड़िया कविता
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
हरिशंकर श्रीवास्तव ’शलभ’ के साथ रमेश नीलकमल..                                              कवि, कथाकार और ’शब्द कारखाना’ पत्रिका के सिद्ध संपादक रमेश नीलकमल के निधन से मर्माहत हूँ..। बिहार में समकालीन लेखन के प्रति उनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कई कवि व कथाकारों प... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   10:32am 27 May 2013 #
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
-सौ बांग्ला लेखकों में तीस प्रतिशत बिहार के लेखक हैं..-‘ढोढाइ चरित्रमानस’ कोसी अंचल के सामाजिक जीवन का आईना है..    बांग्ला के प्रसिद्ध साहित्यकार सतीनाथ भादुड़ी द्वारा स्थापित पूर्णिया जिला मुख्यालय का ऐतिहासिक पुस्तकालय ‘इंदु भूषण पब्लिक लाईब्रेरी’ में 7 फरवरी को ... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   7:00am 9 Feb 2013 #पूर्णिया
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
              ‘केदार सम्मान’            समकालीन हिन्दी कविता के विशिष्ट सम्मान ‘केदार सम्मान’ वर्ष 2012  के लिए प्रकाशकों, रचनाकारों एवं उनके शुभचिन्तकों से 30 नवम्बर 2012 तक - पिछले चार वर्षो तक प्रकाशित कविता संकलनों की दो प्रतियां आमंत्रित की जाती है । वे रचनाकार इस सम्मान हेत... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   9:34am 3 Sep 2012 #सम्मान
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
बरसातबरसात में सबकुछ बहुतकुछधुल रहा था धीरे-धीरेधुल रहा था जैसे अतीतधुल रही थी जैसे आत्मा बेचैनधुल रहा था जैसे मन का दुष्चक्रपेड़ पहाड़ बाघ घर जल अनंतसब धुल रहे थेबरसात में इसबारधीरे-धीरे जैसे धुल रहा था मैलदेह पर का          *उसने मुझे साधा थावह पानी की तरह तरल थीठोस थ... Read more
clicks 294 View   Vote 0 Like   2:15am 22 Aug 2012 #कविताएँ
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
साहित्य अकादेमी के विशेष कार्य पदाधिकारी जे. पोन्नुदुरै का वक्तव्य...        देश विभिन्न भागों से आये बहुभाषाभाषी कवियों की गरिमामय उपस्थित से पटना स्थित ख्रुदा बख़्श  ओरियंटल पब्लिक लाइव्रेरी का प्रशाल जगमगा उठा। हिन्दी, पंजाबी, उर्दू, नेपाली, असमिया, मैथिली और संता... Read more
clicks 407 View   Vote 0 Like   3:58am 29 Jun 2012 #साहित्य अकादेमी
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
एक दिन बच्चों ने पूछा कैसे लिखते हैं पापा समुद्रफिर पूछा कैसे दिखते हैं पापा समुद्रइसी तरह कभी पूछा था बच्चों ने कैसे लिखते हैं पापा नदी कैसी होती है नदीनदी की कल्पना आसपास थी मेरेनहीं हुई कोई ख़ास दिक्क़त बच्चों को बताने मेंकैसी होती है नदीपर समुद्र मेरी कल्पना से प... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   12:47pm 22 May 2012 #कविता
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
एक दिन बच्चों ने पूछा कैसे लिखते हैं पापा समुद्रफिर पूछा कैसे दिखते हैं पापा समुद्रइसी तरह कभी पूछा था बच्चों ने कैसे लिखते हैं पापा नदी कैसी होती है नदीनदी की कल्पना आसपास थी मेरेनहीं हुई कोई ख़ास दिक्क़त बच्चों को बताने मेंकैसी होती है नदीपर समुद्र मेरी कल्पना से प... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   12:47pm 22 May 2012 #कविता
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
डा. मोहय्या अब्दुरहमान (ताशकंद), अरविन्द श्रीवास्तव , डा. असगर अली इंजीनियर, सतीश कालसेकर (मराठी साहित्यकार) व डा. चौथी राम यादव (पूर्व आचार्य बीएचयू)गत दिनों ( 13 अप्रैल 2012 ) दिल्ली विश्वविधालय के नौर्थ कैम्पस स्थित केन्द्रीय सभागार में मधेपुरा के युवा कवि अरविन्द श्रीवास... Read more
clicks 274 View   Vote 0 Like   9:58am 28 Apr 2012 #लोकार्पण
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
कोई भी रचना चाहे वह किसी भी विद्या मे हो, उन सभी की संरचनात्मक मांग वक्त की तमाम हालतों को अपने में अंतर्निहित करने की होती है। सच है कि उस समय के सम्पूर्ण संयोजन के अभाव में किसी बेहतर रचना का विन्यास नहीं हो सकता। तब यह आवश्यक प्रतीत होता है कि रचना में स्मृति, अनुभव और ... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   10:39am 18 Feb 2012 #समीक्षा
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
जनता मुझसे पूछ रही है, क्या बतलाऊँजनकवि हूँ सच कहूँगा, क्यों हकलाऊँ,जनकवि हूँ मैं क्यों चाटूँ थूक तुम्हारीश्रमिकों पर क्यों चलने दूँ बंदूक तुम्हारी                                                                                                                                             - नागार्जुन         ... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   10:52am 1 Feb 2012 #कविता
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
यह डा. वीरेन्द्र ‘आज़म’ और उनके टीम की इच्छा शक्ति, संकल्प और समर्पण का ही परिणाम रहा कि ‘शीतल वाणी’ का ’कमला प्रसाद स्मृति अंक’ सामने आ सका। यह अंक उस महान शख्सि़यत को समर्पित है जिनके योगदान को साहित्यिक व सांस्कृतिक जगत आसानी से भुला नहीं सकता। कमला प्रसाद जी ने एक स... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   9:17am 27 Jan 2012 #समीक्षा
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
बाज़ारवाद की अपसंस्कृति ने हमारी लोक परंपरा व संस्कृति को जिस तरह से मर्माहत करना प्रारंभ  किया है यह भविष्य के भयावह दृश्य का रिहर्सल-मात्र है। साजिशें रची जा रही है, आततायी लुभावने शब्दों के साथ सुंदर, सम्मोहक खिलौने लिए खड़े हैं दरवाजे पर। हमारी लोक परंपराओं को बा... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   10:06am 26 Jan 2012 #समीक्षा
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
नये रचनाकारों को लिखने से अधिक पढ़ना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ना, आत्मसात करना फिर लिखना ही एक मंत्र है। अधिकांश नया लेखक हड़बड़ी में रहता है जबकि साहित्य की कोई भी विधा मुकम्मल समय मांगती है। प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान के अध्यक्ष विश्वरंजन ने रा... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   2:39pm 16 Jan 2012 #आयोजन
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
    हिन्‍दी में साहित्‍य अकादेमी का बालसाहित्‍य पुरस्‍कार 2011 वरिष्‍ठ बालसाहित्‍यकार डॉ. हरिकृष्‍ण देवसरे को उनके आजीवन योगदान के लिए आज उनके आवास (ब्रजविहार, गाजियाबाद) पर साहित्‍य अकादेमी के उपसचिव श्री ब्रजेन्‍द्र त्रिपाठी के हाथों प्रदान किया गया। पुरस्‍कार के ... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   11:58am 29 Nov 2011 #सम्मान
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
 ‘समकालीन साहित्य मंच’ मुंगेर के तत्वावधान में स्थानीय बदरुन मंजि़ल, गुलज़ार पोखर,  में वरिष्ठ कवि उद्भ्रांत के सद्यः प्रकाशित कविता-संग्रह ‘अस्ति’पर एक सारगर्भित विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता चर्चित शायर डा. अनिरुद्ध सिन्हा ने की तथा संचालन युवा... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   3:41am 25 Nov 2011 #आयोजन
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
बिहार प्रगतिशील लेखक संघ की पूर्णिया इकाई के प्रस्ताव पर दिनांक 11 एवं 12 फरवरी (रविवार) को बिहार प्रगतिशील लेखक संघ का 14 वाँ राज्य सम्मेलन पूर्णिया में संयोजित होने जा रहा है। जिसमें प्रलेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. नामवर सिंह, डा. खगेन्द्र ठाकुर, महासचिव प्रो. अली जावेद, ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   8:35am 16 Nov 2011 #बिहार प्रलेस
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
'दोआबा' अंक - 10 अपने आकर्षक कलेवर और संपादक के रूचिकर रचना-चयन जैसे श्रमसाध्य अनुष्ठान का प्रतिफल है। यही कारण है कि दोआबा अपनी उपादेयता को मूल्यवान बनाने के साथ-साथ यह साहित्य जगत की अनिवार्य पत्रिका भी बन जाती है।     'दोआबा' के इस अंक में सुचयनित कविता एवं कहानियों म... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   6:59am 18 Oct 2011 #समीक्षा
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
‘प्रसंग’ के इस अंक में प्रतिष्ठित लेखकों ने विभिन्न तरह की स्मृतियों को रचनात्मक वाणी दी है। शताब्दी पूरा करने वाले अपने दिवंगत महान रचनाकारों  में राधाकृष्ण, उपन्द्रनाथ अश्क, शमशेर, नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, फादर कामिल बुल्के और तेलगु के महाकवि श्री श्री के रचन... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   5:26am 1 Oct 2011 #समीक्षा
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
बहुचर्चित कवि, कहानीकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित श्री उदय प्रकाश की षष्ठीपूर्ति  के अवसर पर ‘शीतल वाणी’का अगला अंक केन्द्रित होगा। इस अंक हेतु उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित रचनाएं आमंत्रित-... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   1:35pm 24 Sep 2011 #आमंत्रण
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
कमला प्रसाद के साथ अरविन्द श्रीवास्तवबाजार में क्या नहीं है? बाजार में सब है, धन है, कीर्ति, धर्म-कर्म, अर्थ- काम, मोक्ष सब है। ऐसे में साहित्य क्या कर सकता है। निश्चय ही संवेदना की रक्षा विखण्डन में से संश्लेषणात्मक विचारों और भावों के नये रचनात्मक रूपाकारों को मानवीय ... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   8:17am 20 Sep 2011 #प्रलेस
Blogger: अरविन्द श्रीवास्तव
राजस्थान की साहित्यिक परंपरा में ‘एक और अन्तरीप’ (संपादक- डा. अजय अनुरागी एवं डा. रजनीश संपर्क- 1.न्यू कालोनी, झोटवाड़ा, पंखा, जयपुर- 302012. राज., मोबाइल- 09468791896) का लंबे अंतराल के बाद साहित्य जगत में सुखद व साथर्क हस्तक्षेप हुआ। पत्रिका के प्रधान संपादक प्रेमकृष्ण शर्मा का मानन... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   4:03am 16 Sep 2011 #समीक्षा
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