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1-पत्थर–पत्थर दर्द भरा नदियाँ- नदियाँ प्यासी बादल- बादल   घबराये है मंजिल पर उदासी जल्दी- जल्दी में यह सब हो रहा बारहोंमासी…2-छुट्टे सांड घुमते है साहित्य और स्वर्ग में रौदते है दाम्पत्य भरे पेडों को उन्हें खबर नहीं कैसे कमल खिला था अधजले पानी में,वे तो दिलजले ह...
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  December 9, 2016, 5:43 pm
काश ! मोदी, नीतीश और अखिलेश साथ-साथ होतेपूर्वांचल के पास तीन टिकियाँ का मंगल सूत्र होता और वे इस माटी के हाथ, मुह  होते....फिर न होता कोई दल न होती कोई लीला नेता और कवि तो रिटायर कभी होते नहींयूँ ही ये शेरशाह होते ... यूपी की सूरत निखर रही है रोज –रोज बिहार में न...
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  December 6, 2016, 5:32 pm
एक दिन अचानक आँख खुली तो पाया गायब थे  महुआ,जामुन,गुलर और अमलतास.गुम होने की सुचना थीबरगद पर मडराते गिद्धों की,   खरिहान का पुजवट, बसवारी में का गोहरा और छानी की ओरीयों की.   यह तो पता था कि पंचवर्षीय सूखे के भेट चढ़ गये गढ़ई के मेढक,पर नहर के कतार पर खड़े आम के पेड़ ,स...
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  December 3, 2016, 12:14 pm
काली चिड़ियांघूम रही हैकितनो का हकचुग रही हैचिड़ियां  होकर भीचिडियों काजड़ समूल ही लील रही हैसोने की चिड़ियां आयेगीअबतोआश उठरही है ....
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  November 18, 2016, 1:11 pm
लाचार कविसोच रहापहले क्या उठाऊंबन्दुककि कलमकि कुदालतभीसरहद ने कायरसाहित्य ने टुच्चा कविअध्यात्म नेअपात्र गृहस्थ कह दियाएक बार कलियुग नेदौड़ाया थाधरती रूपी गाय कोकुछ वैसा ही मंजर है ..........
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  November 16, 2016, 5:32 pm
सियासत नहीं आयेगी मिलने एल ओ सी से....उसे  फुरसत कहाँ दरबार कीकलाबाजियों सेखड़े धान ,पीले हाथ,व्याकुल मन ,खामोश गलियां,बेबश चेहरे ,पसीने का खून,सिसकते आँगन,लथपथ किलकारी,अधजली अगरबत्तियाँ ,कुरान के खुले पन्ने,माँ की लालच मेंठिठके अन्न दाताधन्य पहरुए,सांसों  को खोजने आ...
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  November 3, 2016, 6:42 pm
हर फूल खोज रहा हैखुश्बूबाजार में,कुछ काँटों को औरज्यादे तीखापनचाहियें . ...
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  November 2, 2016, 6:13 pm
गाँव ..गाँव नहींअब गोल बन गए है,ऐसा चढ़ा सत्ता काजहर कि राजनेतिअब हर चेहरे काखोल बन गये है ,मुअनी-जियनी,खेलल-गावलउठल-बईठल सबका अब अपनाभूगोल बन गये है ....
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  November 2, 2016, 5:23 pm
गूगल जीवनगूगल साथीबे रंग हो गएसपने सारेकैसा दिया कैसी बातीमन की खुजलीबहुत रुलातीतन का पीपलरोज सूखतारिश्ते सब हो गए बरसातीउडती  तितलीबहता पछुआ कौन नज़ारेकैसा बादलरोज सुबेरे तलहटी मेंगुजती है हल्दीघाटीभरा कटोरा खाली दिल हैगाँधी बने की मांझीइस चक्कर में हो गए मा...
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  November 1, 2016, 5:58 pm
आज फिर वादियों में कुछ  फूलो कोजला दिया गयाआज फिर एक मौत पर नारे लगेकुछ खुशबुए सियासत की भेटचढ गईआस्तीन के सापों ने किया ऐसा कमालआज फिर कुछ सासेथमा दी गई आज फिर मजलूमो ने भेजी है तालीमके हवाले से अर्जियाकहते है सब्सिडी के सामान के बदलेदे दो खुला आकाश मनुष्यों की इस ...
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  November 1, 2016, 10:49 am
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