Hamarivani.com

लम्स....

एक मुलाकातथोड़ी सी बातबस कुछ हालचालकहना सुनना पूछना बतानासुबह शाम का आना जानाभोर के गीत चंद्रमा से सुनकरजैसे के तैसे तुम्हें सुनानाबगिया में कितने फूल खिलेकितने बीजों में अंकुर फूटेगिन गिन कर सब तुम्हें बतानाऐसी मैंसदा फिक्रमंदऔरबुलाने पर भी न आनाबिना बताए चले ज...
लम्स.......
Tag :
  February 10, 2017, 11:55 am
कोशिश तो की थी तुमने बहुत कि बाँध सको मुझको तुम नख से शिख तक इक बंधन में कष्ट दिए हैं कितने कितने छेद दिया अंग अंग मेरा रीति रिवाजों के नाम पर नथनी और बाली कहकर डाल दी बेड़ियाँ भी श्रृंगार के नाम पर हार कंगन पायल कहकर ढांक दिया नख से शिख तक परंपरा और मर्यादा के नाम पर गूंगाप...
लम्स.......
Tag :
  February 9, 2017, 4:15 pm
लम्स....: अब जब हम मिलते हैं: किलोमीटर की धुंध में ओझल हो गए मन से कुछ अधिकार हमारे खो गयी सफ़र में चिंताएं , फिक्रें , ख़याल सब मिलते तो हैं मंजिलों पर ले......
लम्स.......
Tag :
  February 6, 2017, 12:25 pm
किलोमीटर की धुंध मेंओझल हो गए मन सेकुछ अधिकार हमारेखो गयी सफ़र मेंचिंताएं,फिक्रें, ख़याल सबमिलते तो हैं मंजिलों परलेकिन अब साँझा नहींमंजिलें अपनी अपनी हो गयींअब जब हम मिलते हैंपूछ लेते हैं हाल चालघर-बार केरिश्ते परिवार केलेकिन अबकहाँ पूछते हो तुमऔर कहाँ कहती हूँ मैं...
लम्स.......
Tag :
  February 6, 2017, 12:23 pm
वो जो भीड़ भाड़ मेंकतराती रहती हैंबोलती हुई आँखों को सुनने सेसुनने वाली आँखेंतुम मानो न मानोइन दोनों खामोशियों के होंठबतियाते हैं बहुतआधी आधी रात तककैसे ???? ओफ्फो..............मैंने कहा नहीं था क्याऑनलाइन प्यारकोई बुरा थोड़े ही होता हैहै न.......~कनुप्रिया~...
लम्स.......
Tag :
  January 7, 2017, 1:23 pm
ए सुनो चाँद के चेहरे से चमकने वालेरात की आँखों सी संजीदा नज़र रखते होऔर बरगद की तरह ठोस ये बाहें तेरीउलझी बेलों से पटे पर्वती छाती वालेकहाँ पर्वत है ये दीवार हुआ जाता हैइसी दीवार ने घेरा है किसी कमरे कोजहाँ पे कैद की है तुमने नाज़ुकी दिल कीजिसे छूने की इजाज़त भी नहीं है ले...
लम्स.......
Tag :
  January 4, 2017, 1:36 pm
कश्मकश इतनी रहीहै या नहीं |ये नहीं होता तो ये होता नहीं |हाथ दिल पे रख के मुझसे बोलिये|आपसे मेरा कोई नाता नहीं |प्यार को उनसे नहीं समझा गया । और हमसे हो सका सौदा नहीं ।वो रकीबों से बड़ा उस्ताद है ।साथ होता है मगर रहता नहीं ।रू ब रू तुम भी, रहूँ भी होश में ।दिल मेरा सच्चा तो है, ...
लम्स.......
Tag :
  December 23, 2016, 12:16 pm
जब कहते हो ये तुम मेरी जुल्फों में कैद हैं बादल सुबहें मुहताज हे मेरी पलकों के उठने कीऔर शामें तक पलकें बुझने की   आँखों में बंद हैं सागर नदी बरसात सब टांक रखे हैं जूड़े में तारे मैंने सूरज हथेली में सजा रक्खा है बाँध रखी है हवाएं आँचल से चाँद को छत पे बुला रक्खा हे तुम ...
लम्स.......
Tag :
  December 22, 2016, 12:44 pm
कितने अच्छे थे वो दिनजब उतना नहीं थासब जितना कि आज हैएक जोड़ी जूतेपुराना बस्ता पुराने पन्नो से बनी नई कापियांभाई बहनों की पुरानी किताबेंएक रुपये जैसे कि तमाम संपत्ति टूटी चूड़ियों, पत्थरों के खेल खिलौने औरमां का बनाया स्वेटरस्नेह की गर्माहट देता था सच आज सब कुछ हैकितन...
लम्स.......
Tag :
  December 20, 2016, 1:19 pm
तुम कहीं गए नहीं भारती के लाल तुम यहीं हो भारत के हर बच्चे में ज्ञान की ज्योति बन प्रज्वलित रहोगे करोगे रोशन उनकी राहें अज्ञान के अन्धकार में हर युवा के प्रेरणास्रोत सिखाते रहोगे सदा अभावों में जीने का हुनर संभावनाओं को असंभव की कोख से सकुशल ले आनाबताया तुमने हमें  आ...
लम्स.......
Tag :
  December 20, 2016, 1:15 pm
ए सुनो चाँद के चेहरे से चमकने वालेरात की  आँखों सी संजीदा नज़र रखते होऔर बरगद की तरह ठोस ये बाहें तेरीउलझी बेलों से पटे पर्वती छाती वालेकहाँ पर्वत है ये दीवार हुआ जाता हैइसी दीवार ने घेरा है किसी कमरे कोजहाँ पे कैद की है तुमने नाज़ुकी दिल कीजिसे छूने की इजाज़त भी नहीं है ...
लम्स.......
Tag :
  December 19, 2016, 2:22 pm
सुनो बादल........... इतना न बरसना अबके बरस कि डूब जाएं गाँव पनघट  गल जाएँ घरोंदे मिट्टी के   तिनको से संवारे नीड़ सभी  हो जाएँ तिनका तिनका ही             अबके न बरसना नदियों पर आकंठ भरी हों जो जल से |और सीमाओं तक भरे सिन्धुआतुर हों तुम्हें रिझाकर बस दो बूँद ही ...
लम्स.......
Tag :
  December 19, 2016, 1:55 pm
आसमां से बूँदें नहीं बरसती है जानलेवा क़यामत जैसे ही छूती है प्रेम पथ के राहगीरों के सब्र का बदन सिहरने लगते हैं बेचारे एक दूजे को संभालने में कि छूने न पाए ये क़यामत टकराती हैं झपकती अधखुली नज़रें  छूती हैं कांपते अंतस को कसने लगती हैं बाहें खुद ब खुदकिसी फिल...
लम्स.......
Tag :
  December 19, 2016, 1:36 pm
मैं नियमों के बंधन से परेआकाश धरती की दूरीनाप लेती हूँ कलम सेदसों दिशाओं कोमध्य में समेटतीहथेलियों से विस्तार देती हूँ लहरा देती हूँ आँचल कि चलती हैं हवाएं बो देती हूँ हरियालीकि मरूथल भी खिल जाए सींच देती हूँ मुस्कानभूख से तड़पते चेहरों पर कि लहरायें कुछ उम्मीदें ना...
लम्स.......
Tag :
  April 2, 2016, 1:28 pm
नीली झील में छिपकर बैठा है जो चाँद तुम हाथ बढ़ाकर हटा दो पानी निकाल लाओ मेरे लिए उसेऔर पहना दो कभी कलाइयों में कंगन साकभी कानों में बालियों साया अंगूठी में मोती सा जड़ दो और बादलों को हटा कर कुछ तारे तोड़ लेना टांक देना मेरी पायल में सितारों के घुँघरू यूँ ही खेलें चाँद तारो...
लम्स.......
Tag :
  April 2, 2016, 11:36 am
खुश तो हो न तुमकि समाप्त कर चुके हो अब मेरे जीवन से मेरे जीवन कोफूंक दिए सब सुनहरे ख्व़ाबमेरी पलकों के साथछीन ली सब संभावनाएंसुखद जीवन कीजला दी मेरी डोलीजिसकी कल्पना कर सदा मुस्कुरायापरिवार मेराअंगार कर दी मुस्कान मेरीजिसे बरसों पाला है संवारा हैमेरे बाबा नेराख कर ...
लम्स.......
Tag :
  April 2, 2016, 11:33 am
डूब रहा है सूरजरफ़्तार से गुज़र रहे पेड़जो छूट रहे हैं पीछेऔर मैं बढ़ रही हूँ आगेअपने साथ कुछ चीजें लिएबैग में एक डायरीजिसमें हमारी तमाम मुलाकातें बिछीं हैंजैसी की तैसी अक्षरों की शक्ल मेंबतियाती हैं जीने लगती हैं सामनेजहाँ भाषा तुम्हारी हस्ताक्षर मेरे थेवो जो डायरी त...
लम्स.......
Tag :
  April 1, 2016, 4:15 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3905) कुल पोस्ट (190847)