POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: मेरा...मुझ-सा लेखन ...

Blogger: Priyanka Singh
चाहती थी कुछ यूँ प्रेम करना कि सदियों तक हमारा प्रेम लोग याद करें जैसे ताजमहल...पर वो पत्थर था और है भी ....प्रेम उससे दूर हो गया अब बचे हैं तो दीवारों पर पड़े कुछ खुरदुरे नाम और नाम पर चली कुछ आड़ी-तिरछी लकीरें इसलिए अब तमन्ना है सादी मोहब्बत की जिसे लोग दोहराएं जैसे अमृता-इमर... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   8:30am 15 Jan 2015 #
Blogger: Priyanka Singh
बदलनाअच्छा है ....पर एक हद तकऔर वो हदखुद तय करनी होती हैऐसी हद जिसके भीतरकिसी का दिल न टूटेकोई रोये न....बीते लम्हें याद करवादे याद कर मलाल न करेवो हद जोदूर करे पर नफरत न पलने देयाद रहे पर इंतज़ार न रहने देरिश्तों में बदलनाकभी भी सुख नहीं देताचुभन...दर्द...अफ़सोस औरबेचैनी लिएपल... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   2:20pm 8 Sep 2014 #
Blogger: Priyanka Singh
कईबारख्यालआताहैजैसेअपनीकहानीसुनारहीहूँकिसीकोमेराहरघटितलम्हाजैसेकहानीहैऔरमैंउसकोजीरहीहूँमेरासोनाजागना, रोना, हँसनासभीकहानीमेंहैलिखाहुआथाकहींकिसीनेऔरजीरहीहूँमैंपरकिसेसुनारहीहूँ?नहींपताकबतकसुनाऊँगी?नहींपताक्यासुनातीरहूँगी?येभीनहींपताअचानकहुई... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   12:58am 24 May 2014 #
Blogger: Priyanka Singh
ज़िन्दगीकीतहगुज़रेतोकुछयूँलगासाँसलेनाहीयहाँजीनानहींहैजागना, सोना, खाना, पीनायहीसबनियमवारजीनानहींहैयूँही कटतेदिनरातसुबहवहीरोज़कीतरहाआनेवालीशामउदासरोयींगुमसुमसीजानेवालीरातभरताकनाघरकेसोयेलोगोकोउठकरदरवाज़ेतकजानाखिड़कियोंसेनिहारनाबाहरकाफैलासन्नाटाश... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   8:30am 11 May 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post