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मेरी अमृता.... : View Blog Posts
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मेरी अमृता....

कुछ लोगखुशबू से होते हैहवाओं में रहते है ....पानी से बहते है ....प्रेम बुनते हैज़िन्दगी कहते है...लम्हों कि स्याही सेग़मों में रंग भरते हैंख़ामोशी लिखते हैइतिहास बनते हैदुनियाइन्हें कुछ भी कहेहम इन्हें ''अमृता''कहते है ....जन्मदिन मुबारक ....''मेरी अमृता''...
मेरी अमृता.......
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  August 31, 2014, 7:46 pm
आपको लिखना बहुत कठिन है या यूँ कहूँ की मुमकिन ही नहीं ....... या फिर में प्रेम लिख दूँ तो उसका अर्थ आप हो ....या आप ही प्रेम हो ....आपसे न मिल पाने का मुझे बहुत गम है और ये भी की आपको बहुत देर से जान पायी काश मेरी नींद आपके रहते टूटती तो ....मैं आपसे सपनों में ही नहीं हकीकत में मिल पाती .......
मेरी अमृता.......
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  August 31, 2014, 6:12 pm

ये बहुत अजीब बात है की अमृता जी अपने सपनों में ईश्वर के रूपों को देखा करती थींकभी साईं ...कभी शिव ..कभी राम ...कृष्ण ...अल्लाह ....गुरुनानक साहब .... जैसे उनका कुछ हिस्सा इन विश्वास के प्रतीकों संग बंधा रहा हो ..... उन्होंने अपनी आख़िरी किताब  ''मैं तुम्हें फिर मिलूँगी''में कुछ हिस्से ...
मेरी अमृता.......
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  July 22, 2014, 9:35 pm
आजशाममेरेलिएअनमोलतोहफ़ालायीजिसकाज़िक्रमुझेपलमेंख़ुशकरताहैऔरफिररुलाताभीहै।सोशलसाईटसेजुड़नाआजसचमायनेमेंमुझेआनंदितकररहाहैजिसकेलिएमैंइसकेजन्मदाताकोबारम्बारधन्यवाददेरहीहूँ।रोज़कीतरहमेरालेखनऔरलोगोसे, दोस्तोंसेमेल-मिलापयानीबातोंकासिलसिलासोशलसाईटपर...
मेरी अमृता.......
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  January 14, 2014, 6:32 pm
मुझे इस बात का बहुत अफ़सोस है की मैं अमृता जी से मिल नहीं पायी। उनका ऐसे जल्दी चले जाना मेरे लिए क्या है मैं इसे शब्दों में नहीं बयां कर सकती बस कह सकती हूँ कि ऐसा दुःख है जो कभी दूर नहीं हो पायेगा। मैं चाहती थी अमृता जी से मिलना उनसे बात करना कुछ सीखना और उन्हें छूना । उनके ...
मेरी अमृता.......
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  November 23, 2013, 5:55 am
एहसासों की लेखनी में श्रेष्ठ कवयित्री अमृता जी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में मेरी एक अदना सी कोशिश, उनको बयां कर पाना आसां नहीं है,बस कोशिश की है....नज्मों को सांसेंलम्हों को आहेंभरते देखाअमृता के शब्दों मेंदिन को सोते देखासूरज की गलियों मेंबाज़ारचाँद पर मेला लगते देखा ...
मेरी अमृता.......
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  September 1, 2013, 6:30 am
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