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ज़िन्दगी रोज़ाना ....

मैं उसे तब से जानती हूँ जब से मैंने खुद को जाना है. मेरे लिए वो आईने की तरह है पर फिर भी वो अनजान है. जब मुझे लगता है मैं उसे जानती हूँ, समझती हूँ, तभी वो मेरे यकीन को झुठला देती है. मन और दिल की बहुत गहरी लेकिन साफ़, उसका चेहरा उसके दिल का हाल सबसे पहले बताता है. उसकी शायद एक ही खा...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  November 6, 2015, 8:26 am
जैसे माथे पर चमचम चमकती बिंदी होती है, ठीक वैसे ही दिल्ली के इस मोहल्ले की, गली की चमक है बिंदी.बिंदी बेहद चुलबुली, मासूम, बिंदास, चंचल लड़की है. घर में मझली लेकिन सबसे समझदार. उसने बारवीं के बाद रेगुलर पढ़ाई छोड़ दी, पूछने पर कहती हैं- क्या होगा दीदी, क्यों पैसा वेस्ट करना मेरी...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  November 3, 2015, 10:35 pm
रवि मतलब सूरज... जो आते ही उजाला कर देता है. चाहे कितना ही अंधकार हो सूरज की एक किरण घोर काले अन्धकार को ढेर कर देती है. मेरे छोटे भाई के जाने के बाद उसको मैं हर किसी में तलाशने की जो असफल कोशिश करती थी आखिर वो रवि के आने पर पूरी हो गई.मेरे दिल्ली आने के बाद मुझे जो बहुत अच्छे द...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  March 11, 2015, 11:34 pm
मेरा छोटा भाई जिसे मैंने खो दिया. उसके जाने के बाद भी मैं अक्सर अपने सपनों में उसे खोती आई हूं . उसके सपने जब भी मुझे आतें हैं मैं बिलख कर रोती हूं. परिवार के किसी और सदस्य को उसके सपने नहीं आते. आते है तो सिर्फ मुझे.उसके जाने के बाद घर में एक जगह खाली हो गई और मेरे दिल मे...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  March 1, 2015, 6:53 pm
ज़िन्दगी के बारे में कयास लगाना शायद सांप-सीढ़ी के खेल की तरह है जहाँ जीत के करीब पहुँचते ही एक गलत चाल वापस खेल कि शुरुआत पर ले आती है और हमें फिर से खेल खेलना पड़ता है या हार मान लेनी पड़ती है. जब हम ये सोचते हैं कि अब सब ख़त्म हो गया है....कुछ नही बचा जीने के लिए तब कभी-कभी हमारा च...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  December 23, 2014, 1:01 am
ये बात 18 दिसम्बर 2013 की है ...जिसे मैंने अधलिखा छोड़ दिया था ....हिम्मत नहीं हुई लिखने की ....पर आज  फिर उसका फोटो सामने आया और वो फिर याद आई .....ज़िन्दगी रोजाना आसान नहीं होती पर ज़िन्दगी होती है न....इसलिए ......वैसी ही जीनी पड़ती है....आज फिर अफ़सोस उभर आया है पुराने दुखते दर्द की तरह और आज फ...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  September 5, 2014, 8:29 pm
मुझे लगता है अपनी ज़िन्दगी में एक औरत सपनों से कहीं ज्यादा बहाने गड़ती है.....जीवन की शुरुआत से ले कर ज़िन्दगी के अंत आने तक हर पड़ाव पर उसके पास कुछ हो न हो पर बहाने जरुर होते है....मिलिये उनसे जिनके बहानो की मैं कायल हूँ ....जिनके बहाने भावनाओं से ओतप्रोत, खूब सारे प्यार में डूबे ह...
ज़िन्दगी रोज़ाना .......
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  September 3, 2014, 9:30 pm
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