POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: mere vichar- ek khuli kitab

Blogger: Geeta Agarwal
mere vichar- ek khuli kitab: सहानुभूति या समानता (emphaty or equality): ईश्वर की सबसे सुन्दर रचना  अद्भुत ,ममतामयी ,स्थिर ललना  पीढ़ी- दर -पीढ़ी , तूने की संरचना  सह पुरुषत्व की तानाशाही ,सीखा लड़ना ।  क्यों आ...... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:48am 6 Oct 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
ईश्वर की सबसे सुन्दर रचना अद्भुत ,ममतामयी ,स्थिर ललना पीढ़ी- दर -पीढ़ी , तूने की संरचना सह पुरुषत्व की तानाशाही ,सीखा लड़ना । क्यों आज चाहिए हमें सहानुभूति मानवता की हैसियत से ?क्या कम हैं हममें  हुनर और अनुभूति संतुलन और सहिष्णुता ,किसी नज़र से ?आजीवन क्या अर्धा... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   1:37pm 3 Oct 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
मैं सच कहूँ कि  मेरे जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करनेवाला  quote अगर कोई  है तो यह वह quote है  जिसे मेरे  जीवन का मंत्र कहा जा सकता है  -  "Love what you have.Need what you want,Accept what you recieve.Give what you can. Always remember what goes around,comes around."Love what you have. Need what you want.--इस भौतिक संसार  में आत्म संतुष्टि बहुत बड़ा गुण  है । ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   8:14am 24 Sep 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
picture googleक्या सोचती थी ,वह याद नहीं ।क्या चाहती थी ,भूल गयी ।समय के थपेड़ों ने ,समुद्री लहरों -सी ,एक छोर सेदूसरे छोर  तक ,यूँ सुरक्षित ,पहुंचा दिया कि -शहर की गलियां ,खोजने स्वयंनिकल पड़ी ।जीवन के पथ पर ,अनेक रूप मिले ,पर किसी से कोईशिकवा नहीं,क्यूंकि हमसफ़र कुछ ऐसे मिले फिर ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   12:10pm 15 Sep 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
mere vichar- ek khuli kitab: आज़ाद पंक्षी ये गगन के:                  जैसे ही एक दिन ,अपनी ऑफिस में घुसी  एक छोटी -सी चिड़िया ,चोंच में लिए मिट्टी  खिड़की से होकर बायीं दिवा...... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   12:47pm 8 Sep 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
voice-Archana Chaujiप्यार का दायरा बहुत विस्तृत होता है।  ढाई अक्षर का यह 'प्रेम'ही वह शब्द है ,जो हर तरह के  रिश्तों  को बांध कर रखता है।उपर्युक्त audio में लेखिका महादेवी वर्मा द्वारा रचित कहानी 'घीसा'भाषित की गयी है । इस कहानी में गुरूजी (महादेवी वर्मा जी ) का गड़ेरियों  व ग्... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   4:37pm 2 Sep 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
कल बचपन था, आज बुढ़ापातब चहल -पहल थी ,आज शुनशानमिठी लगती थी तब,घुघनीवाले की घुघनीकेले के पत्ते में ,पत्ते की ही  चमच से प्याज और धनिया ,चाट -चाट कर खानाखट्टी हो गयी है चॉकलेट भी आजफोफले हो गए गाल,गिर गए सारे दाँततब केले के पत्ते में ,खाकर स्वाद आता थापिज्जा आज कीमती क्रॉक... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   1:46pm 24 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
                                 ओस ने की ख्वाहिश गुलाब सेजी चाहता है भर लूँ आलिंगन में        जो देखती हूँ तुझे काँटों में पलतेफिर भी रहते सदा मुस्करातेहँसते -हँसाते और मुस्कराते ।जी चाहता है तेरे आलिंगन मेंगुजर जाए छोटा-सा जीवन मेरातेरे जैसे राजा क... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   11:03am 19 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
 स्वतंत्रता के लिए ,जब चढ़ गए फांसी पर वीर भगतसिंह और चंद्रशेखर आज़ाद अहिंसा के सैनानी ,लड़ गए अपनी जान पर तब 15 अगस्त 1947 ने सुनी स्वतंत्रता की हुंकार अंग्रेजों के चंगुल से ,भारत हुआ आज़ाद । सोहरत कमाई ,तरक्की और तकनिकी पाई शिक्षा ,संस्कृति ,धीरे -धीरे आगे बढ़ी बै... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   1:02pm 17 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
                जैसे ही एक दिन ,अपनी ऑफिस में घुसी एक छोटी -सी चिड़िया ,चोंच में लिए मिट्टी खिड़की से होकर बायीं दिवार से चिपकी रोज  यूँही तिनके बिटोर खिड़की से आती । धीरे -धीरे उसने घोंसला एक सुन्दर बनाया कितनी मेहनत ,कितने चक्कर बारम्बार लगाया छोटे -छोट... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   7:42am 8 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
Is Reservation Fair #आरक्षण उन्नति या अवनतिआरक्षण शब्द सुनने में तो बड़ा आरामदायक लगता है । जहाँ  तक हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का सवाल है आरक्षण बड़ा उपयोगी है । जब कभी हॉटेल और रेस्टॉरेन्ट में पार्टी देते है ,अपनी लम्बी चौड़ी टेबल पर 'reserved'देखकर बड़ी प्रसन्नता होती है । रेल में सवार क... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   4:11pm 6 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
हमारा आशियाना सारी  दुनिया का भ्रमण क्यों न कर लें, आखिर शकुन तो अपने घर आकर ही मिलता है । "अपना घर "जिंदगी में बहुत मायने रखता है । 'बेलेभ्यू  कॉटेज'- यह हमारा प्यारा -सा आशियाना है । सन  1857 में अंग्रेजोंके शासन के दौरान बनी यह कुटी ,158 साल पुरानी धरोहर हो गयी है । पश... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   1:52pm 2 Aug 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
पापा के चश्मे से- देखना चाहती हूँ वह सब, जो पापा ने देखा था । एक छोटे -से गांव से शहर तक का सफर, बड़ी सफलता से अहसास किया था ।  मुझे क्यों --धुंधला दिखता है ? शायद - उम्र का तकाजा नहीं ,जो इस चश्मे को है।  देखना चाहती हूँ -वह हंसी -मुस्कराहट ,वह संजीदगी व सादगी, ... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   4:01pm 22 Jul 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
mere vichar- ek khuli kitab: Budhapa - rah ka roda nahi: बुढ़ापा - राह का रोड़ा नहीं   अपनी जिंदगी के साठ  वसंत पार करने जा रही हूँ साल 2016 में । बचपन से लेकर आजतक सबकुछ झोली भरकर मिला । दाद...... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:19pm 22 Jul 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
बुढ़ापा - राह का रोड़ा नहीं अपनी जिंदगी के साठ  वसंत पार करने जा रही हूँ साल 2016 में । बचपन से लेकर आजतक सबकुछ झोली भरकर मिला । दादा -दादी ,माता -पिता का  प्यार ,भाई -बहनों संग अठखेलियाँ ,पति का प्यार ,बच्चों की खुशियां व आदर -सम्मान सबकुछ भरपूर मिला । किन्तु इन सबको पाने ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   11:59am 20 Jul 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
Missing you Papa-You are the best(Dedicated to my father on this father,s day,who made me what am today.)याद आती है -वह काली मखमल जो तुम खरीद लाए थे ,                                                                                                    तुरन्त सिलवाकर फ्रॉक माँ से  ,           ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:28am 20 Jun 2015 #mere vichar
Blogger: Geeta Agarwal
संतुलन'संतुलन'-- शब्द को हम महज एक शब्द न समझ कर इसके विस्तृत रूप को देखें तो ,हम जानेंगे कि  हमारे सुन्दर जीवन का आधार  ही संतुलन है । जिसप्रकार तराजू पर सटीक तौल जानने के लिए दोनों पलड़ों पर बराबर वजन आवश्यक है ,ठीक उसीप्रकार जीवन के हर क्षेत्र को सुखमयी बनाने के लि... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   2:45pm 28 May 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
घड़ियाली  आँसू कैसे सुनाऊ मेरी कहानी ,मेरी महिमा है अंजानी ,क्या ख़ुशी ,क्या गम ,मैं दिखता हर पल ,हर दम  खुशियों में भी दिख  पड़ता हूँ ,गम में तो बस बह  पड़ता हूँ ,चेहरे के भावों से होती मेरी पहचान ख़ुशी ,गम सबमें मेरी अलग है शान। नन्हे की आँखों में देख मुझे, झट माँ  ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   2:16pm 27 May 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
mere vichar- ek khuli kitab: पिता पापा कौन कह्ता है,तू  माँ से कम है ?माँ ने गर...: पिता   पापा कौन कह्ता है, तू  माँ से कम है ? माँ ने गर्भ में रखा , तुने गर्भ संवारा है।   माँ ने जन्म  दिया ,   तुने चलना सि...... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   1:09pm 27 May 2015 #
Blogger: Geeta Agarwal
mere vichar- ek khuli kitab: Parivartan: परिवर्तन   ख्यालों के तानों -बानों में  सपनो की गहराइयों में  आज और कल के अंतराल में  नव और पुरातन में  एक परिवर्तन चाहिए  एक...... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   12:18pm 27 May 2015 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3916) कुल पोस्ट (192565)