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Blog: Azad Manoj - राजनैतिक गलियारे

Blogger: मनोज शर्मा आजाद
"जीते हो किसी ने देश तो क्या हमने तो दिलो को जीता हैं "बीते दिन दादरी में हुई घटनाओं ने जहाँ मस्तिष्क में हलचल मचाई हुई थी। एक दर्दनाक खबर और मिली हेमंत यादव के बारे में टी बी पत्रकार थे, अभी बीते महीने भर पहले उत्तर प्रदेश के घटनाक्रम पर चर्चा हुई थी और कल ये दर्दनाक खबर म... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   6:03am 5 Oct 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
दादरी में मीडिया ने अपनी भूमिका निभाई हैं और संवेदनशील भी दिखी । औबेसी साहब भी पहुंचे दादरी के इस गाव में उन्होंने भी इसको एक साजिशन हत्या का मामला बताया।  राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा की राज्यसरकार ने पीड़ित के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया मीट को जांच ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:56am 3 Oct 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
देश में आज कल विकास की बातें होती हैं चुनावी नारे लगते हैं ,टी .बी पर प्रधानमंत्री की कामयाबी और नाकामयाबी पर चर्चा होती हैं बड़े बड़े नेता पक्ष और विपक्ष के अपने अपने तर्क वितर्क  और इन सब के बीच में फंसा बदलाब और विकास की बाँट जोहता देश का साधारण व्यक्ति जो कभी मतदाता था... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   5:30am 1 Oct 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
फेसबुक एक ऐसा माध्यम बना जिससे में अपने स्नातक दोस्तों और भूले बिसरे लोगो से जुड़ा,देश की विदेश की नेताओं की राजनीती की बाते अक्सर लिखता रहा हूँ पर आज अपने जीवन से जुड़ी कुछ बाते आप के साथ ज़रूर बांटना चाहूँगा हो सकता हैं देश में शायद एक शुरुआत हो जाए एक नयी शुरुआत ,बात शुरू... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:00am 29 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
आज कल चमक दमक का दौर हैं सेल्फी से ले कर विदेश यात्राओं का दौर हैं ,आत्म प्रशंसा आत्म सम्मोहन मानव जीवन का कठोर सत्य हैं ,जो चाटुकारिता के वर्ग को नयी स्फूर्ती और शक्ती दे रहा हैं ,अमेरिका से जीवंत प्रसारण और इस बार कुछ और लोग भारतरत्न की दौड़ में शामिल हो गए हैं सत्य से कोस... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   12:00pm 28 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
आज क्षितिज में शाम होते होते लालिमा पश्चिम दिशा में और गहरी होती जा रही हैं. चहकते हुए पंछियों के झुण्ड अपने अपने रैनबसेरो की तरफ लौट रहे हैं,और में कुछ विचारों को लिए किसी सोच में डूबा हुआ था ,थोडा अवसाद से भरा , सप्ताह भर के देश में चले नाटकीय घटनाक्रमो ने कही मेरी सोच को... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   1:43pm 26 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
राजनीती सेवा या व्यापारआज के परिद्रश्य पर नजर डाले तो राजनीती में आना युवाओं और देश के लोगों को हमेशा आकर्षित करता रहा हैं ,सही भी हैं समाज और जाति का समर्थन मिले तो सब अच्छा ही अच्छा ,क्युकी एक बार आप किसी राजनैतिक दल द्वारा स्वीकृत हुए नहीं आप रातो रात समाज औए जाति के स... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   3:43am 25 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
सबसे पहले राष्ट्रगान और उसके बाद संस्कृत के श्लोकों से गूंजता आयरलेंड का सभागार और मंच पर काले सूट बूट में खड़े प्रधानमंत्री पूरे ध्यान से तन्मयता से संस्कृत वाणी विदेशी धरती पर वही के बच्चों के मुख से निकलती संस्कृत पाठ की अनवरत धारा जैसे विश्व में अपने मौजूद होने का ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   4:01am 24 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
खादी ग्रामोद्योग पर रविश जी का कल बीती रात का प्रोग्राम ज़हन में कई बचपन की यादो को ताज़ा कर गया तो वही दूसरी ओर बचपन के सवालों के ज़बाब और गाँधी और नेहरूजी के उस विचार को फिर से जिंदा कर गया जो कही आज देश में कही मेरठ की खादी की फैक्ट्री में अपनी आख़री सांस ले रहा हैं लेकिन जि... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:03am 22 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
  "ज़िन्दगी यु ही बेआवाज सफ़र करती रही मंजिल की तलाश में ,कारवां तो बहुत मिले पर हम हर बेपरवाह हर कारवां छोड़ते  चले गए उसकी तलाश में "बीते दिन दिल्ली के राम लीला मैदान पर किसान सम्मान रैली थी ,भूमिअधिग्रहण बिल पर अपनी जीत का ज़श्न किसानो के साथ आज कांग्रेस मना रही थी ।रैली ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   5:12am 21 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
राजनीती  में धारणा का बहुत अधिक महत्त्व हैं ,जनता को नेताओं की भावभंगिमा से जो भी संकेत मिले उसी पर अपना मत जनता बनाती हैं .लालूप्रसाद अवसरवादी राजनीतीक  दाव पेंचो के माहिर खिलाड़ी रहे हैं और धारणा  की राजनीती में  गहरी पकड़ रखते हैं मीडिया पर भले ही ये धारणा बनाने ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   3:50am 20 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
आज बिहार में समरसता रैली हैं कांग्रेस की और राहुल गाँधी  वहां जा रहे हैं ,अच्छा हैं लेकिन राजनैतिक कलावाज़ी और दाँव खेल दिया हैं लालू और नितीश ने बिहार में एक तरह से ये सन्देश देने की कोशिश की हैं की गैर बिहारी मंजूर नहीं मोदी के अलावा भी अपनी पहली रैली में जिसका नाम स्व... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:04am 19 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
बिहार चुनाव पर मीडिया के ज़रिये भाजपा के मीडिया सेल नि कुशलता पूर्वक राजनीती शुरू कर दि हैं, और इसकी बानगी मुझे तब और साफ़ तरह से दिखाई दी जब कल से ये खबरे आनी शुरू हुई की राहुल गांधीजी की बिहार रैली में नितीश नहीं जा रहे और सोशल मीडिया पर भी आफ्टर लालू नाम से हैश टैग चलता रह... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   12:06pm 18 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
पेट्लाबाद मध्य प्रदेश में मारे गए लोगो की आत्मा को इश्वर शांती प्रदान करें ,डेंगू नाम के बम ने भी देश में तवाही का मंजर खड़ा किया हुआ हैं डेंगू से दिल्ली में अब तक चौदह लोगों के जान जा चुकी हैं,और इससे ज्यादा राजनीती का गन्दा रूप मेने  आज तक नहीं देखा इंसान से इंसान के  ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   6:41am 18 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
बहुत दिनों से कुछ विचारों का मंथन आपस में चल रहा था और बहस थी धर्म और मानवता के बीच ,धर्म जो आज हम में से सबकी पहचान बन चूका हैं अपने समाज के साथ अपनों के साथ देश के साथ लेकिन मेरा मानना हैं की धर्म से ऊंचा देश जिसमे हमारी जड़े हैं। धर्म को राजनीती में इस्तेमाल किया जाता हैं ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   2:02pm 16 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
पेट्लाबाद में हुई दर्दनाक घटना के ब्लास्ट को प्रधानमंत्री ने ज़हा गेस सिलेंडर से हुई दुर्घटना बताया,बही जिलेटिन की छड़ो से होता हुआ मामला आर.डी एक्स.तक आ गया था अपर मीडिया खामोश इस छोटे से कस्वे में रहने वाले लोग लगता हैं देश के नहीं हैं हिन्दू या मुसलमान ये बाद की बात है... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   3:57am 16 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
पेटलाबाद जिला झाबुआ की नगरपंचायत ,24%आदिवासी बहुल क्षेत्र आबादी सन २०११के अनुसार लगभग १५००० महिला पुरुष का अनुपात लगभग ९४८ साक्षरता प्रतिशत अस्सी प्रतिशत से ज्यादा ,सुबह का समय था और बीच बाज़ार के एक होटल के पास एक धमाका हुआ उससे एक इमारत मलवे में बदली ,उस गिरी इमारत को द... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   11:36am 14 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
बिहार की राजनीती में बिहार करने का अवसर हर तरह के लेखक और चिन्तक  अपनी अपनी आशंकाओं और राजनैतिक प्रभाव पर कयास लगा रहे हैं हमने भी सोचा चलो तक्षशिला के इस युद्ध का आंकलन कुछ अपने तरीके से भी हो जाए ,ज़रूरी हैं आंकलन करते रहना चाहिये आंकलन क्षमताओं का विकास होता हैं ,आंक... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   2:06pm 13 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
टी बी पर चिचियाते चिरोटो की बहस और उस बहस से भ्रमित देश के हिंदी भाषी लोग आज कल जिस हिन्दी को सुन रहे हैं आधुनिक हिन्दी का भ्रमवाद शेली,पर नफरत और भेदभाव के अलंकारों से सुसज्जित व्यक्तिवाद हैं स्वस्थ और अर्थ लिये हुए देश हित के तो कदापि संबाद तो नहीं हैं । एक लम्बी बदनाम ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   5:17am 13 Sep 2015 #
Blogger: मनोज शर्मा आजाद
सत्य की शक्ति को खुद मैंने अपने सार्वजनिक जीवन में अनुभव किया हैं और रोज़मर्रा के घटनाक्रमों में भी कही न कहीं सत्य के चमत्कारो का अनुभव साक्षात् देखने को भी मिला हैं ।जब आप सत्य बोलते हैं या सत्य का समर्थन करते हैं तब आपके अन्दर की शक्ति अदभुत रूप से दैवीय हो जाती हैं औ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   3:59am 12 Sep 2015 #
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