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Blog: Praveen Behl 'Khushdil'

Blogger: Praveen Behl Khushdil
कुछ ही समय शेष बचा है दोस्तों, दुनिया के भ्रष्टतम् तंत्र MCD को भाजपा के मकड़जाल से बाहर निकालने का ! पिछले कई वर्षों से दिल्ली में चल रहे भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी का प्राय बन चुका MCD डिपार्टमेंट कांग्रेस और बीजेपी के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बना हुआ है । डेवलपमेंट... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   3:29am 11 Jul 2016 #
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मानो कल ही की बात हो । समाज के लोग आपस में विचार विमर्श करके किसी भी विवाद को थाने पहुँचने से पहले ही आपस में निपटा लेते थे । मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान होता था । दूसरे के दर्द को अपना समझा जाता था । लोगों में सहनशीलता थी ।आज ! आज ना वो समाज है । ना दर्द समझने के लिए वो दि... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   5:45am 16 Sep 2015 #
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टीवी, एक ऐसी बीमारी जिसका इलाज़ ना तो कोई डॉक्टर कर सका ना कोई नीम-हकीम । कभी शहरों के राहीसों की शान हुआ करता था टीवी । पुरे मोहल्ले के लोग चल पड़ते थे टीवी देखने एक ही घर में । और जिस घर में वो टीवी होता था वो भी किसी साहूकार से कम नहीं था पूरी धौंस चलती थी बन्दे की ।दूरदर्शन, ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   2:21pm 23 Jun 2015 #
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शहर के छोटे से बाज़ार की इक छोटी सी कपडे सिलने की दुकान ! मुंह से पान की टपकती लार और सर पर नेताओं जैसी टोपी ! यही तो थी दुकान के मालिक की पहचान ! जुम्मन मियाँ ! किसी फ़िल्मी कैरक्टर की तरह था उनका नाम और अंदाज़ भी ! काम चाहे हो ना हो पर भीड़ पूरी रहती थी जुम्मन मियाँ की दुकान पर ! स... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   2:02pm 20 Jun 2015 #
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दोस्तों ! दुनियां में बहुत दुःख है ! शायद ही कोई इंसान ऐसा हो इस ब्रह्माण्ड में जो दुखी न हो ! कोई बीवी से दुखी तो कोई पति से कोई बेटे से तो कोई बाप से कोई पैसे ना होने पर दुखी तो कोई बीमारी से ! किन्तु एक दुःख ऐसा है जो सर्वव्यापी होने के साथ साथ ऐसा है की शायद आज तक उस दुःख से ब... Read more
clicks 318 View   Vote 0 Like   8:08am 19 Jun 2015 #
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करवाचौथ ! पति के लिए अमृत समान एक ऐसा दिन जिस दिन बीवी अपना हथियार यानि बेलन नहीं उठा सकती ! उस दिन का बीवी के साथ साथ पति भी बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं ! बीवी देवी का रूप हो तो नार्मल दिन है ही ! उस दिन की अहमियत तो उनके लिए स्वर्ग में बिताये एक दिन की तरेह है जिनकी बीवी खत... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   2:34pm 17 Jun 2015 #
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एक समय था जब अच्छी शिक्षा के साथ साथ हर विद्या में निपुण होने के लिए बच्चे को गुरुकुल भेजा जाता था ! जहाँ गुरु और शिष्य का एक अलग ही रिश्ता था ! जहाँ गुरु अपने प्रिय शिष्य के लिए रात दिन एक कर देता था तो वहीँ शिष्य अपने गुरु के लिए अपनी जान दांव पर लगाने में जरा सा भी संकोच नह... Read more
clicks 310 View   Vote 0 Like   3:09am 17 Jun 2015 #
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एक समय था जब अच्छी शिक्षा के साथ साथ हर विद्या में निपुण होने के लिए बच्चे को गुरुकुल भेजा जाता था ! जहाँ गुरु और शिष्य का एक अलग ही रिश्ता था ! जहाँ गुरु अपने प्रिय शिष्य के लिए रात दिन एक कर देता था तो वहीँ शिष्य अपने गुरु के लिए अपनी जान दांव पर लगाने में जरा सा भी संकोच नह... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   3:09am 17 Jun 2015 #
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दो मंजिल मकान पर तीसरी मंजिल बनवा रहे थे शुक्ला जी । शाम होते होते बहुत थक चुके थे । रात को ही पुरे परिवार के साथ "नायक"फ़िल्म देखी । इतने प्रभावित हुए नायक की भूमिका देखकर की प्रण कर लिया के आज से कभी ना रिश्वत लेंगे ना देंगे । आखिर हर नागरिक का देश के प्रति भी कुछ फ़र्ज़ बनता ... Read more
clicks 301 View   Vote 0 Like   10:36am 11 Jun 2015 #
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 लाहोल विला कुव्वत, कम्बख्त कोन सुबह सुबह गधे की तरह रंभा रिया हे ! अरे, बेगम सुनती हो ! अशफाक मियाँ ने अलसाते और खीजते हुए जोर से आवाज़ लगाई !तभी उनकी बेगम सायेरा दनदनाती हुई आईं ! उनके हाथ में झाड़ू थी ! हां कहिये मियाँ - क्या बात हे ? अरे ये वक़्त बेवक्त कोन हे जो जोर जोर से चिल... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   8:09am 11 Jun 2015 #
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हरिद्वार में गंगा जी के घाट पर रोज स्नान करना पाठक जी का नियम था। पूजा पाठ मे तीनों बहुत लीन रहते थे - पाठक जी उनकी जीवन संगिनी आशा व बीस वर्षीय इकलौता पुत्र वैभव । आजकल सिर फख्र से उठा के चलते थे पाठक जी। और हों भी क्यों ना - बेटा डॉक्टरी की पढ़ाई जो कर रहा था । लोग बड़े आदर से ... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   5:53am 9 Jun 2015 #
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वक़्तका प्रवाह रोके नहीं रुकता । समय किसी की जागीर नहीं जिसे अपनी तिजोरी में संजो के रख लिया जाये । वो तो एक आजाद पंछी की भांति स्वतंत्र है। स्वछन्द आकाश में एक सामान गति से उड़ता एक आजाद पंछी।क्या रौब, क्या शानोशौकत, क्या रुतबा । इज़्ज़त से झुककर सलाम ठोक के जाते थे आने जाने... Read more
clicks 316 View   Vote 0 Like   3:23am 7 Jun 2015 #
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कभी बेहतरीन वक़्त ऐसा ना गुजरा जैसा मेरा आज है।दोस्तों में शाहनवाज, जमील, सलीम, बबलू पे मुझे नाज़ है।।दोस्त तो और भी है किसी से भी मेरा गिला नहीं ।पर अब से पहले शायद कोई ऐसा दोस्त मिला नहीं ।।सारे रिश्ते नाते अब तो इनसे पीछै छूट गए ।जाति, धर्म के सारे बंधन अब तो यारों टूट गए ... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   2:14pm 29 May 2015 #
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जबभी आज से 35 वर्ष पूर्व की समृतियों में खोता हूँ तो शरीर में एक कँपा देने वाली सिंहरन सी दौड़ जाती है। यादों की पूरी सिनेमास्कोप फ़िल्म बेतरतीब सी आँखों के सामने चलने लगती है और कुछ ही क्षणों में ओझल हो जाती है।विकास के नाम पर हमने क्या पाया यह तो याद रखते हैं किन्तु क्या क... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   2:30am 27 May 2015 #
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किसीके घर जब बेटी का जन्म होता है तो हर ओर यही स्वर गूंजता है - मुबारक हो लक्ष्मी आई है। वही बेटी बड़ी होकर अच्छी तालीम हासिल कर ले तो कहा जाता है - साक्षात सरस्वती है और यदि कोई बेटी बहादुरी का काम कर जाए तो कहते हैं - दुर्गा का रूप है!किन्तु सत्य यह है कि यह सब केवल जुमले बन क... Read more
clicks 324 View   Vote 0 Like   3:33am 26 May 2015 #
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माँगा था घी, दुकानदार ने तेल दिया।भीड़ थी ज्यादा बाहर को ठेल दिया।।रही सही कसर घर जा के हो गयी पूरीबीवी ने बेलन से बुरी तरह् पेल दिया।।... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   2:11pm 25 May 2015 #
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...... आज के लड़के......100 की स्पीड के टशन में गाडी चलाते हैं।पैग होता हाथ में और सिगरेट का धुंआ उड़ाते हैं।।माँ बाप कैसे भी कमाएं उन्हें फर्क नहीं पड़ता...वो तो गाड़ी में छुप छुप के दस दस घुमाते हैं।।...... आज की बहुत सी लड़कियां .......अपने बॉयफ्रेंड के साथ आज ये डिस्को जाती है।म्यूजिक के शो... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   2:09pm 25 May 2015 #
Blogger: Praveen Behl Khushdil
केजरीवाल ने जीती दिल्ली, मोदी जीता देशराहुल बाबा छुपते फिर रहे, बदल के अपना भेष!... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   2:08pm 25 May 2015 #
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