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अमिताभ

वक्त देना जीवन का सबसे बड़ा तोहफा होता है। कौन किसे वक्त देता है अपना ? इस जूझती, दौड़ती, भागती दुनिया में जो ये लोग आपस में मिलते जुलते , गलबहियां डाले दीखते हैं उनकी पीठ पर चिपकी होती हैं लालसाएं, लदे होते हैं स्वार्थ के बोरे, किसी न किसी काम के साए में होती है मीटिंग्स। मिल...
अमिताभ...
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  July 31, 2018, 10:37 am
हम सब बहने वाली चीजो को रोकने का प्रयत्न करते हैं...बाँध बनाते हैंकिंतु इन बांधो से सैकड़ों जमीनें डूब जाती है।बाँध आवश्यक हैं,आवश्यक वो जमीनें भी हैं। फिर करें क्या ?कविताएं बाँध क्यों हैं,वो सारे के सारे बह रहे विचार नहीं समाते कविता में जिन्हें बाँध के बाद डूब जाना ह...
अमिताभ...
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  July 31, 2018, 10:36 am
पुरुष की पीड़ाघुप्प अँधेरे में होने वाली घटना है।वह इतनी एकाकी है किउसे स्वयं पीना है।घूँट की कोई प्रतिध्वनि नहीं।प्रचारित नहीं है वोऔर न ही लेखनी सेप्रसारित की जा सकती है।वो हलक में रोक देने वालीनीलकंठी प्रक्रिया है।पुरुष की पीड़ाकोख में दफ़्न हो जाने वालीअबोली स्थ...
अमिताभ...
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  July 31, 2018, 10:36 am
तराशे जाने वाले पत्थरआकर्षक मूर्ति का रूप जरूर लेते हैंपर जीवन नहीं होता उनमें,वो भ्रम पैदा करते हैंरहते पत्थर ही हैं।पत्थर है जगत।(टुकड़ा टुकड़ा डायरी /30 जुलाई 18)...
अमिताभ...
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  July 31, 2018, 10:35 am
सुनो ,गिरगिट सी व्यवस्था औरविषभरे सम्बन्ध से नहीं बच सकते तुम।यहां प्रेम चिकना, चमकीली त्वचा का है रेंगता है,तुम्हे ही नहींबल्कि अपनी केंचुली तक वो छोड़ देता है।दोस्त,दुनिया एक सांप हैजिसकी पूंछ पकड़नी चाहिए।(टुकड़ा टुकड़ा डायरी / ३१-जुलाई-१८)...
अमिताभ...
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  July 31, 2018, 10:34 am
कहा थाहांफ जाओगी।कमर में पल्लू खोंस के झूमने लगीइतना कि गोया कोई रिकार्ड बनाना हो।जियादा नृत्य भी ठीक नहीं होतावहां तो कतई नहीं जहाँ स्टेज न हो ।जहाँ हैं वहां तुम नहीं झूमती।लोग जो तुम्हारे नृत्य पर झूम रहे थेदूसरे तीसरे दिन उठ कर जाने लगे।तेज बाजे का शोरधूम धड़ाका औ...
अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:12 pm
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अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:10 pm
जब कोई भी गुंजाइश शेष न हो ...बावजूद इसकेउम्मीद की बैसाखी पकड़ेपीठ पर प्रतीक्षा लादेविकट काली, भयावह पहाड़ियों केदुर्गम उबड़ खाबड़ रास्तों पर चलनाऔर सूख चुके हलक मेंसूरज की तपती किरणों के घूँट उतारनादुनिया के लिए पागलपन है।किन्तु जो कुछखोने की लालसा मेंअद्भुत से सुख का ...
अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:08 pm
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अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:07 pm
पीड़ा के संग रास रचाया, आँख भरी तो झूम के गायाजैसे मैं जी लिया किसी से, क्या इस तरह जिया जाएगा.....
अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:06 pm
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अमिताभ...
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  July 22, 2018, 8:04 pm
तुम भी न बारिशहो क्या चीज ?बताओ तो !पानी तो नहीं हो तुम ।होती तो कैसे जलाती हॄदय इतनेमन में क्यों आग लगाती?भला पानी भीलौ फूंकता है क्या!(टुकड़ा-टुकड़ा डायरी, ०९-०७-१८ )...
अमिताभ...
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  July 11, 2018, 10:58 am
कभी कभी इश्क़अचानक होता है ..अचानक ।एकदम से।देखते ही।उतर जाता है अंदर ,समा जाता है ।बहने लगता है रक्त की तरह रगों में ..कोई प्रश्न नहीं - किससे हुआ, क्यों हुआ और ये क्या हुआ ?बस होता है ।सच माननाइश्क़ बुरा नहीं होता ।कभी उसे अपनी हथेली पर रखकरआँखों के करीब लाकरग़ौर से देखना ..उस...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:15 pm
माथे के उपरभिनभिनाते सत्य को तुममच्छर उड़ाने की भांतिहाथों से झटकते, भगाते ,उड़ाते रहते होकि कहीं डँस न ले ..आहा,जीवन कितना भोला हैनासमझ है , नादान हैकि जैसे मिला तो मिल ही गया।तुम मानो या न मानो प्रिये !अमृत कलश में जरूरछोटा सा छिद्र हैरिसती है जहाँ से उम्र बूँद बूँद ।...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:15 pm
हर एक कविता के बादछोड़ देते हो तुमप्रतीक्षा ।हाँ न ...तुम्हे खबर नहीं है मुझे प्रेम हो गया हैतुम्हारी कविताओं से ।मानो या न मानोकिन्तु लिखे शब्द और उनके अर्थजैसे छू कर मुझसेजाते हैंजैसे सिरहन सी दौड़ती है पूरी देह में ।जानते बूझते भी किमेरे लिए नहीं है ये शब्द ,न ये डोली...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:13 pm
और मैं आँख बंद कर ट्रैफिक के बीच दौड़ लगाता हूँगाड़ी घोड़े वाले जब मुझे बचाते हुए चलते हैं तोमज़ा आता है।हवलदार की घुड़की कोअपनी सॉरी सॉरी से डिलीट करने कामज़ा कौन क्या जाने।बोलो कूदोगे मेरे संग गहरेख़ौफ़नाक सागर मेंकि तैरना भी नहीं आता मुझेकिसी को बचा तो सकता ही नहीं।सोचकर ...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:12 pm
चुपके से जाकर छूट चुकी पिछली पोस्टों को लाइक कर आना उसे दीवार पर फिर से चिपका आना होता है।फिर से जन्म ले लेती हैं वो सारी।जिन्होंने पढी और जिन्होंने नहीं पढ़ीफिर फिर जी लेते हैं उसे।इस तरह अपन हीब्रह्मा हो जाते हैं -लिखे को बिसरने न देनेउसे जिलाने के।...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:11 pm
अपने जीवन, प्रेम और संसार मेंकितनी व्यस्त हो तुमबावजूद वक्त निकालती हो मेरे लिए!पता है वो कितना खरा है ?मेरे लिए ठीक ठीक वैसाजैसे समुद्र मंथन से निकला अमृत!ये तो जाना मैंने!किन्तु क्यों न जान सका किमुझे अमृत देकर तुमनेविष का क्या किया ?निकलता तो वो भी है।कभी बताती नहीं ...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:11 pm
गर्म रेत में धँसते पैरऔर सिर पर धरे सूरज की तपनसूखा गलाऔर रूंधे गले में फंसी आवाज़किसे पुकार पाती भला।दूर दूर तक सन्नाटाधुंधली, मिचमिचाती आँखों मेंहवा के तांडव से उड़ते रेत कणभनभना रहे इस समय कोइतना सूना बना चुके किकहीं से तितली उड़ कर आ जातीजिसके पीछे चल पड़ते हैं कदम।म...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:08 pm
वो जब मिटटी गूंथते दीखते हैंतो लगता है किसी मूर्ति को आकार देंगे।वो ऐसा नहीं करते।मूर्ति को नहीं बल्कि जिन्दा लोगो कोजिन्दा रखने के लिए दुनिया गोल की तरहगोल गोल रोटियों को आकार देते हैं।मिट्टी में नमकनमकहलाल की तरह ही तो हैजो मिलाकर पेट की भूख को थापने कीजद्दोजहद ...
अमिताभ...
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  July 2, 2018, 1:07 pm
कितने लोगो के पासकितनी सारी संवेदनाएं हैंजिन्हे बेहिचक व्यक्त की जाती है।कितने लोगो के पास कितनी सारी हिदायतें हैंजिन्हे बे हिचक दी जाती है।कितने लोगो के पासकितने सारे प्यार हैंजिन्हे शब्दाकार दिया जाता है।कितने लोगो के पासकितना अकेलापन हैजिन्हे दूर नहीं किया...
अमिताभ...
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  February 23, 2018, 10:18 am
हुआ प्रेम अकेला होता हैउससे नहीं होता किसीको प्रेम।क्योंकि होने वाले प्रेम मेंकरने वाले जैसे तत्व नहीं होतेन ही होता कोई आकर्षण। न ही ये मन्मथ है , न रतिसखान ही मदन , न ही पुष्पधन्वाऔर न कदर्प , न अनंगये तो निपट बदरंग होता है।असंग होता है।इसलिए नहीं होता अब किसीको प्र...
अमिताभ...
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  February 12, 2018, 10:27 am
सभागृह में गहमागहमी थी।  डायस को सुमित ने संभाल रखा था। मंच पर अतिथि आ चुके थे।  कुछ साहित्यकार, कुछ साहित्यकार टाइप के लोग , कुछ पत्रकार और कुछ दोस्त-यारों से श्रोतागण सज्जित थे। ''ये प्रेम कहानी है।  सिर्फ एक आदमी की कहानी। सिर्फ एक प्रेम की कहानी। ताज्जुब ...
अमिताभ...
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  August 9, 2017, 9:33 pm
चित्र -कैट एम वो हैं इसलिए अहसास नहीं है कि जिनके पास नहीं उनका दुःख कैसा। वो हैं इसलिए है सारा गुस्सा , जिद और इच्छाएं ज़रा पूछ भर लेना जिनके पास नहीं है उनके गुस्से का प्रभाव है भी या नहीं ?उनकी जिदो का अर्थ है भी या नहीं ?उनकी इच्छाएं पूरी होती भी है या नहीं ?...
अमिताभ...
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  July 13, 2017, 4:23 pm
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