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Blog: नास्तिक The Atheist

Blogger: Sanjay Grover
कहते हैं कि भगवान कुछ भी कर सकता है !चलिए, ज़रा आज़माते हैं-भगवान अगर है तो संविधान उसकी मर्ज़ी से ही बना होगा।लेकिन असंवैधानिक काम जगह-जगह पर हो रहे हैं !यहां जातिभेद होता है।यहां रंगभेद होता है।यहां स्त्री और पुरुष में भेद होता है।सिर्फ़ दिल्ली में ही, वो भी पैसेवाले और प... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   10:46am 12 Oct 2019 #challenge
Blogger: Sanjay Grover
नक़ली नास्तिकता की बात इस ग्रुप में कई बार उठी है। समझना मुश्क़िल हो जाता है कि कैसे पता लगाएं कि कौन नक़ली है कौन असली, अगर कोई नक़ली है तो उसे नक़ली होने से मिलता क्या है ?इसपर एकदम कोई फ़ैसला कर लेना बहुत आसान तो नहीं है, ठीक भी नहीं लगता फिर भी लोग ‘जगत मिथ्या है, भ्रम सत्य है’ ... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   11:35am 27 May 2019 #
Blogger: Sanjay Grover
कुछेक बार यह बात उठाई गई कि इस ग्रुप में स्त्रियां नहीं हैं, या कम हैं। अगर ऐसा है तो क्यों है?इस संदर्भ में कुछ बातें तो पहले से ही साफ़ हैं, कुछ मैं अब साफ़ किए देता हूं।पुराने तो लगभग सभी सदस्य जानते हैं, नये भी जानते ही होंगे कि हम अपनी तरफ़ से किसीको भी ग्रुप में ऐड नहीं कर... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   7:37am 26 May 2019 #Women in group
Blogger: Sanjay Grover
यह अद्भुत है।कबीरदास जो जिंदग़ी-भर अंधविश्वासों का विरोध करते रहे उनकी जब मृत्यु हुई तो उनके हिंदू और मुस्लिम शिष्य उनका अंतिम संस्कार अपने-अपने तरीक़े से करने के लिए लड़ने लगे। जब उन्होंने लाश पर से चादर हटाई तो नीचे से फूल निकल आए जिन्हें शिष्यों ने आधा-आधा बांट लिया।अ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   6:27am 21 Apr 2019 #superstitions
Blogger: Sanjay Grover
कई बार सोचता हूं कि अगर मैं भी कभी जातिवादी, संप्रदायवादी, अंथ-पंथवादी, अगड़मवादी, बगड़मवादी होना चाहूं तो मेरे पास भी कोई ‘ढंग की उपलब्धियां’ हैं क्या! दूर-दूर तक कुछ नज़र नहीं आता। न कभी किसीको इसलिए फ़्रेंड-रिक्वेस्ट भेजी कि वो ग्रोवर है, न बाक़ी ज़िंदग़ी में किसीसे इसलिए सं... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   12:54pm 18 Apr 2019 #
Blogger: Sanjay Grover
ईश्वर के होने या न होने पर आपको इंटरनेट पर ख़ूब विचार और बहसें दिखाई देंगे। प्रिंट मीडिया में भी मुख्यधारा के पत्र-पत्रिकाएं न सही, मगर बहुत-से अन्य पत्र-पत्रिकाएं इसपर विचार चलाते रहे हैं।मगर भारतीय फ़िल्में और इलैक्ट्रॉनिक मीडिया !?ज़ाहिर है कि इस मामले में बुरी तरह स... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   9:26am 17 Apr 2019 #God
Blogger: Sanjay Grover
 लोग भगवान को मानते हुए भी नास्तिकों के खि़लाफ़ हैं, वे भगवान के ही खि़लाफ़ हैं। क्योंकि जिस भगवान की मर्ज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता वो अगर न चाहता तो नास्तिक कैसे हो सकते थे ? और अगर भगवान चाहता है कि नास्तिक पृथ्वी पर हों तो आप क्यों चाहते हैं कि वे न हों? यह तो भगवान के ... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   1:15am 12 Apr 2019 #atheist
Blogger: Sanjay Grover
 महसूस तो करोमैंने उसे ख़ाली कप दिया और कहा,‘‘लो, चाय पियो।’’वह परेशान-सा लगा, बोला, ‘‘मगर इसमें चाय कहां है, यह तो ख़ाली है!’’‘‘चाय है, आप महसूस तो करो।’’‘‘आज कैसी बातें कर रहे हो, मैं ऐसे मज़ाक़ के मूड में बिलकुल नहीं हूं !?’’‘‘मज़ाक़ कैसा ? क्या ईश्वर मज़ाक़ है ? ईश्वर ने ही मुझ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   12:57am 12 Apr 2019 #God
Blogger: Sanjay Grover
सलीम उस लड़के का नाम था जिसने मुझसे कहा कि ‘पैसे की तो कोई बात नहीं, आपकी जींस पर दो सुईयां टूट गईं हैं, उनके दो रुपए दे दो’। मुझे बात बहुत अच्छी लगी। जींस बहुत मोटे कपड़े की थी। सलीम उस वक़्त लड़का-सा ही था। छोटी-सी दुकान में दो मशीन लेकर बैठता था। उससे दोस्ती हो गई। फ़ैशन-डिज़ा... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:36pm 16 Mar 2019 #ism
Blogger: Sanjay Grover
सलीम उस लड़के का नाम था जिसने मुझसे कहा कि ‘पैसे की तो कोई सलीम उस लड़के का नाम था जिसने मुझसे कहा कि ‘पैसे की तो कोई बात नहीं, आपकी जींस पर दो सुईयां टूट गईं हैं, उनके दो रुपए दे दो’। मुझे बात बहुत अच्छी लगी। जींस बहुत मोटे कपड़े की थी। सलीम उस वक़्त लड़का-सा ही था। छोटी-सी दुक... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   1:36pm 16 Mar 2019 #ism
Blogger: Sanjay Grover
भक्त बताते हैं कि गांधीजी धर्मनिरपेक्ष आदमी थे। आपको मालूम ही है आजकल भक्तों से तो भक्त भी पंगा नहीं लेते। लेकिन इससे एक बात पता लगती है कि धर्मनिरपेक्ष लोगों के भी भक्त होते हैं।मैंने सुना है कि ख़ुद गांधीजी भी राम के भक्त थे। हालांकि गांधीजी अहिंसक थे और राम तीर लिए ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   11:08am 6 Jan 2019 #fundamentalists
Blogger: Sanjay Grover
ईश्वर को सिद्ध करने में एक वाक्य आलू और पनीर की तरह काम आता है। यह चमत्कारी वाक्य आसानी से कहीं भी घुसेड़ा जा सकता है। एक आदमी सड़क पर निकले और जाकर किसी गाड़ी से टकरा जाए तो कम-अज़-कम चार संभावनाएं हैं-1. आदमी गाड़ी से टकराकर मर जाए-आप आराम से कह सकते हैं-‘ईश्वर की यही मर्ज़ी थी... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   10:53am 4 Jan 2019 #God
Blogger: Sanjay Grover
क्या ईश्वर क़िताबें लिखता है!? हम सब कभी न कभी ऐसे दावों से दो-चार होते रहे हैं। कमाल की बात यह है कि कथित ईश्वर की लिखी और आदमी की लिखी क़िताबों में ज़रा-सा भी अंतर नहीं दिखाई देता। वही पीला क़ाग़ज़, वही काली स्याही ! ईश्वर को लिखनी ही थीं तो ज़रा अलग़ तरह से लिखता कि ग़रीब आदमी भी पढ़ ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   12:44pm 3 Jan 2019 #emotions
Blogger: Sanjay Grover
आप भी देख ही रहे होंगे, एक न एक न्यूज़-चैनल दिखा रहा होगा कि किस तरह त्यौहारों पर हर जगह मिलावटी मिठाईयां मिलतीं हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद ख़तरनाक़ होतीं हैं। यहां क़ाबिले-ग़ौर तथ्य यह है कि सभी त्यौहार धर्म से जुड़े हैं, दुकानदार और सप्लाईकर्त्ता भी धार्मिक ही होते होंगे... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:21am 2 Jan 2019 #festivals
Blogger: Sanjay Grover
मैं शायद उस वक़्त दसवीं या बारहवीं में होऊंगा जब पहली बार स्थानीय आर्य समाज के डेरे पर एक प्रसिद्ध महात्मा की कथा सुनने गया। वहां मैंने पहली बार रिशी दयानंद की चूहे वाली कथा सुनी और काफ़ी प्रभावित हुआ। मेरी सोच और व्यवहार वैसे भी दूसरों से आसानी से नहीं मिलते थे शायद इस... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   6:28am 2 Jan 2019 #rat Story
Blogger: Sanjay Grover
एक पूर्वाग्रहों और धारणाओं से मुक्त समाज वह होगा जो किसी भी व्यक्ति बल्कि विचार को ख़ुले दिल से सुनने को तैयार होगा। वहां किसीके लिए भूमिका नहीं बांधनी पड़ेगी कि इस व्यक्ति को इसलिए सुनिए कि इनके चाचा बड़े अच्छे विचारक थे, कि इन्होंने दस विषयों में डिग्री ले रखी है, कि इन... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   2:19pm 1 Jan 2019 #new concepts
Blogger: Sanjay Grover
प्रतीकात्मकता के कुछ वास्तविक फ़ायदे भी होते होंगे जो कि मुझे मालूम नहीं हैं लेकिन दुरुपयोग इसका जाने-अनजाने में ख़ूब होता लगता है। यहां तक कि ईमानदारी के आंदोलनों के दौरान या अंत में लोग अपनी कलाई में बंधे धागे नचाते हैं और स्टेज पर रोज़े खोलते हैं। पता नहीं ये लोग जान... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   11:43am 1 Jan 2019 #practical life
Blogger: Sanjay Grover
अगर मुझसे कोई पूछे कि मर्द स्त्री से क्या चाहता है तो मुझे इस सवाल पर हैरानी होगी। मैं अकेला सारी दुनिया के मर्दों का ठेका कैसे ले सकता हूं !? जबकि मुझे मालूम है कि मैं ख़ुद ही स्त्रियों से सौ प्रतिशत वह नहीं चाहता जो कि अकसर क़िताबों में लिखा पाता हूं, लोगों से सुनता हूं, प... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   10:14am 1 Jan 2019 #honor of woman
Blogger: Sanjay Grover
ग्रुप से निकले दो लोगों के मैसेज, एक खुद निकले, दूसरे को निकालना पड़ा ; मैसेज मुझे भेजे गए हैं लेकिन कुछ आरोप लगाए हैं तो सोचा आप सबको बता दूं---(जवाब जितना ज़रुरी होगा, कमेंट्स् में लगा दूंगा।)Praveen Kumar Pathakमुझे दुख है कि आपका यह group नास्तिक The Atheist अभी परिपक्व नहीं हुआ है। जहाँ नफ़रत ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   3:14pm 31 Dec 2018 #atheist group
Blogger: Sanjay Grover
ऐसा कई बार होता है कि बहस के दौरान कुछ लोग कहते हैं कि पहले फ़लां-फ़लां क़िताब पढ़के आओ फ़िर बात करना। ऐसा कहने की एक वजह यह होती है कि इन लोगों का अकसर चिंतन से वास्ता नहीं होता, पढ़ी-पढ़ाई, संुनी-सुनाई बातों को ही ये लोग बतौर तर्क ठेलते रहते हैं। जैसे ही कोई नया सवाल सामने आता है ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   2:43pm 31 Dec 2018 #scripture
Blogger: Sanjay Grover
अगर आपका साहित्य और पत्रकारिता में ज़रा-सी भी रुचि या लगाव रहा है तो यह कोई दूर की बात नहीं कि आपको भी किन्हीं ऐसे लोगों के उदाहरण याद आ जाएं जो किन्हीं नास्तिक और प्रगतिशील विचारधाराओं से जुड़े रहे और बाद में प्रचलित अर्थों में सफ़ल भी हो गए। किसीकी संपादकी अच्छी चल गई, को... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   2:30pm 31 Dec 2018 #success
Blogger: Sanjay Grover
बचपन से लेकर जवानी तक एक वाक्य से अकसर सामना होता रहा-‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है’। लेकिन स्वस्थ शरीर वालों की बातें और क्रिया-कलाप देखकर मन यह मानने को कभी राज़ी न हुआ। उस वक्त चूंकि स्वास्थ्य ज़रा-ज़रा सी बात पर ख़राब हो जाया करता था सो यह भी लगता कि ... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   2:11pm 31 Dec 2018 #healthy brain
Blogger: Sanjay Grover
नास्तिकता पर बात करते हुए हिंदू-मुस्लिम की बात क्यों आ जाती है? और यह एकतरफ़ा नहीं है, कथित मुस्लिम कट्टरता पर कोई कुछ कहे तो कुछ लोग संघी घोषित करने लगते हैं, कथित हिंदू रीति-रिवाजों पर कहे तो कुछ दूसरे आरोप और आक्षेप लगने लगते हैं। दूसरों के बारे में दूसरे बताएंगे, मैं ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   11:20am 31 Dec 2018 #Atheism
Blogger: Sanjay Grover
कम-अज़-कम दो तरह की सामाजिकता समझ में आती है-एक जो सीखी हुई या रटी हुई सामाजिकता है जिसमें हमारे माता-पिता, क़िताबों, गुरुओं, बुज़ुर्गों ने जो सिखा दिया है उसे हम किसी कर्मकांड की तरह बिना सोचे-समझे निभाते जाते हैं, बिना यह जानने की कोशिश किए कि इससे वास्तव में समाज का कुछ भला... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   10:59am 31 Dec 2018 #मानव-मस्तिष्क
Blogger: Sanjay Grover
आप ख़रगोश को देखेंगे और पहचान जाएंगे कि ख़रगोश है। बैल दिखे, घोड़ा दिखे, कबूतर दिखे, रीछ दिखे, सबको आसानी से पहचान लेंगे। उनकी कुछ आदतें हैं, रंग-रुप है, स्वभाव है, जो सामने है ; थोड़ा-बहुत फ़र्क होगा, लेकिन पहचान लेंगे। और आदमी को भी पहचान लेंगे, वह भी साफ़ दिखाई पड़ता है कि यह जो ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   10:15am 31 Dec 2018 #festivals
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