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Blog: दीप दीप्ति

Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
आजकल की नारियों की कैसी बन गयी आदत सभी जरुरी काम छोड़कर लगी है सीरियल देखने की लत उस वक्त कोई खाना माँगे तो बड़ा गुस्सा आता है बच्चा गर रोने लगे तो बेचारा वह पीट जाता है सास-बहू-शौतन के झगड़े और पति का प्यार देखकर नायिका के आँसू इन्हें होता कष्ट आपार नायिका के चरित्र को न उ... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   5:07pm 6 May 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
ऐ जिंदगी इतना साथ देना मैं पूरा करुं अरमान यही आकांक्षा है मेरी मैं छू लूं आसमान मेहनत से पिछे न हटे मन को ये बात बता देना धैर्य विश्वास कभी न खोये दिल को ये समझा देना समाज मुझे दर्पण समझे ऐसी बनाऊं पहचान यही आकांक्षा है मेरी मैं छू लूं आसमान देश को रौशन करुं चाहे खूद ही ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   5:26am 19 Apr 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
मेरे दिल यूं न टूट के बिखर जा माना कि क़ई बार मैंने हार को पाया पर ये दिल यूं ना खो हौंसला फिर से आगे बढ़ने का जोश जगा जा वक्त को भी थाम ले हर काम को अंजाम दे मिलेगी मंजील हमें जरा धैर्य से तु काम ले खूद पे जरा तु कर यकिन उम्मीद का दीप न कर मद्धिम कदम राह खूद ढूंढ़ लेंगे हम पायें... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   6:16am 17 Apr 2015 #
clicks 205 View   Vote 0 Like   3:58am 17 Apr 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
गुरु ज्ञान के सागर होते शिष्य धरातल का एक बूँद आप हैं कुम्भकार गुरुवर मैं हूँ माटी का एक कुम्भ मैं एक रिक्त खेत गुरुवर आप नंदनवन के कुंज मैं अंधेरी रात गुरुवर आप सूर्यकिरण के पूँज मंजील का सोपान दिखा दें मैं भूला भटका राही जग को रौशन करनेवाले आप दिया मैं बाती।... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:07pm 16 Apr 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
हम वंशज हैं कर्मवीर के न रोते हैं तकदिर पे।तुफान भी हमसे डरते हैं लड़ते हैं हर पीर से।... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   2:48am 15 Apr 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
मैं हूँ कुर्सी महारानी सुनो मेरी कहानी हर तरफ हर क्षेत्र में बस चलती मेरी मनमानीमेरे कारण कितनों ने खेली खूनों की होली अपनों से भी तोड़वा दूँ रिस्ते वो चीज हूँ मैं अलबेलीमाँ की गोद ज्यादा आनंद मेरी गोद में मिलता हरदम मुझे पाकर हर मानव भूल जाता अपना सब ग... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   10:50am 13 Apr 2015 #
Blogger: दीपिका कुमारी दीप्ति
भगवान की वरदान है बेटी रेगिस्तान में गुल खिलाती है वह घर स्वर्ग बन जाता है जिस घर में बेटी आती है अपने प्रिय खिलौने भी दे देती छोटे भ्राता को बचपन से ही काम में सहारा देती माता को खुद कभी नहीं रुठती हरदम सबको मनाती है वह घर स्वर्ग बन जाता है जिस घर में बेटी&nb... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   9:26am 13 Apr 2015 #
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