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Blog: वाहियात

Blogger: Brijesh Prajapati
आज देश में चारो तरफ मुझको लेकर हां हां कार मचा हुआ है जिसे दखो कह रहा है रूपया गिर रहा है रूपए की वैल्यू गिर रही है. अरे मूर्è... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   1:58am 1 Sep 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
बारिशपड़े तो भागिए नहीं....... छत नहीं खोजिये........ छाते कभी-कभार बंद रखिये...... किस बात का डर है......? भीग जायेंगे न...........?तो क्या हुआ......पिघलेंगे &#... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   2:32pm 11 Aug 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
हमारे जमाने में साइकिल तीन चरणों में सीखी जाती थी ,पहला चरण कैंची और दूसरा चरण डंडा तीसरा चरण गद्दीतब साइकिल चलाना इतना आसान नहीं था क्योंकि तब घर में साइकिल बस पिताजी या चाचा चलाया करते थे तब साइकिल की ऊंचाई 24 इंच हुआ करती थी जो खड़े होने पर हमारे कंधे के बराबर आती थी ऐ... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   4:34pm 11 Jul 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
80 के दौर में हमारे एक मात्र चैनल दूरदर्शन पर रामायण आते वक्त शहर, कस्बों, गाँवों में कर्फ्यू सा लग जाता था जैसे.. तब गाँवों में बिजली या तो आती ही नहीं थी या फिर सप्ताह में सात दिन सुबह और सात दिन रात का अस्थाई रूप से शेड्यूल रहता था.. तब ट्रैक्टर भी विरले ही घरों में पाए जा... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   2:50pm 8 Jul 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
    पर्यावरणीय समृद्धि की चाहत, जीवन का विकास करती है, विकास की चाहत, सभ्यताओं का। सभ्यता को अग्रणी बनाना है, तो विकास कीजिए। जीवन का विकास करना है, तो पर्यावरण को समृद्ध रखिए। स्पष्ट है कि पर्यावरण और विकास, एक-दूसरे का पूरक होकर ही इंसान की सहायता कर सकते हैं। बावजू... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   11:12am 5 Jul 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
तस्वीर भारत विभाजन के समय की है। इतिहास के किसी दस्तावेज में यह दर्ज नहीं कि पुरुष के कंधे पर बैठी यह स्त्री उसकी पत्नी है, बहन है, बेटी है, या कौन है। बस इतना स्पष्ट है कि एक पुरुष और एक स्त्री मृत्यु के भय से भाग रहे हैं। भाग रहे हैं अपना घर छोड़ कर, अपनी मातृभूमि छोड़ कर, अपन... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   8:03am 28 May 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
    रिजल्ट तो हमारे जमाने मे आते थे, जब पूरे बोर्ड का रिजल्ट 18 ℅ हो, और उसमें भी आप ने वैतरणी तर ली हो  (डिवीजन मायने नहीं, परसेæ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:22am 7 May 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
तो क्या वो राहें अनजान है...?जिसपर मैं चला रहा,एक मोड़ पर मुझे मेरा हमसफर मिला था,मिली थी वो सारी कायनात मुझे,शायद जिसकी तलाश ê... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   4:44pm 10 Feb 2019 #
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    बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति अपनी जीविका के उपार्जन के लिए काम करने की इच्छा और योग्यता रखते हुए भी काम प्राप्त नहीं कर पाता। भारत में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जो शहरो और गांवो में समान रूप से व्याप्त है। यह एक सामाजिक-आर्थिक समस्या है, जो आधुनिक युग ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   2:02pm 7 Jan 2019 #
Blogger: Brijesh Prajapati
इस देश को ऐसे लोगों का नेतृत्व चाहिए, जिनकी खुद की कोई समस्या नहीं है। तो कुछ हल हो; नहीं तो हल नहीं हो सकता।  हल की जगह हालते... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   7:14pm 14 Dec 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
मेरी अपनी,मेरा प्यार आज आप का 25 वां जन्मदिन है,मेरा प्यार से भरा"प्यार"स्वीकार करिये.मेरी कामना है बरसों तक आप का प्यार मेर... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   6:54pm 27 Nov 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
धर्म के “धंधे” का सबसे हास्यास्पद और विकृत रूप देखना है तो पितृ पक्ष श्राद्ध और इसके कर्मकांडों को देखिये. इससे बढ़िया कí... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   7:09am 27 Sep 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
    आज शिक्षक दिवस है, मतलब शिक्षा और शिक्षकों के योगदान और महत्व को समझने का दिन। देशमें रहने वाले नागरिकों के भविष्य निर्माण के द्वारा शिक्षक राष्ट्र-निर्माणका कार्य करते है। लेकिन समाज में कोई भी शिक्षकों और उनकेयोगदान के बारेमें नहींसोचता अपितु शिक्षा का प... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   1:25pm 5 Sep 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
यह बहुत मजे की बात है कि जीवन के असम्मान के कारण प्रेम अशोभन मालुम पडता है।क्योंकि प्रेम जीवन का गहनतम फूल है।अगर दो आदम... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   2:05am 18 Jun 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
     जब मै अपने बचपन की दुनिया की तुलना आज की दुनिया से करता हू तब सबसे पहले इस बात की ओर घ्‍यान जाता है कि उस दुनिया में किसी व्‍यक्ति के सफल या विफल होने की बात कहीं सुनने में नहीं आती थी। जबकि इस दुनिया में हर कहीं सफलता विफलता की ही चर्चा है। उस दुनिया में सफलता की ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   9:32am 2 Jun 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
पिछले समय में देश के कई हिस्सों में पढे-लिखे बेरोजगारों के स्वतःस्फूर्त तरीके से संगठित होने-सड़कों पर उतरने की घटनायें लगातार बढ़ती गयीहैं। अंधकारमय भविष्य कोसामने देख लड़ने को तैयार हुए बेरोजगारों का जज्बासरकार नहीं तोड़ पायीं। कोई कह सकता है किबेरोजगारों के साथ ठ... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   9:11am 2 Jun 2018 #
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मनुष्य के कृत्यों को देखो , तीन हजार वर्षों में पाँच हजार युद्ध आदमी ने लड़े हैं । उसकी पूरी कहानी हत्याओं की कहानी है , लोग... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   9:06pm 5 May 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
  पिता बेटे को डॉक्टर बनाना चाहता था। बेटा इतना मेधावी नहीं था कि NEET क्लियर कर लेता। इसलिए  दलालों से MBBS की सीट खरीदने का जुग... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   10:54pm 4 May 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
भारत के पुरुषों के चारों तरफ पूरे वक़्त  सेक्‍स घूमता रहता है और इस घूमने के कारण उसकी सारी शक्‍ति इसी में लीन और नष्‍ट ह... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   1:54pm 20 Apr 2018 #
Blogger: Brijesh Prajapati
युवाओं का देश कहे जाने वालेभारतमें शिक्षित बेरोजगारों की एक बड़ी फौज खड़ी हो गई है। हर साल तीसलाख युवा स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करते हैं। इसके बावजूद देश में बेरोजगारी दिन दूनी-रात चौगुनी बढ़ रही है।हमारी शिक्षाप्रणाली दोषपूर्ण है। न तो वह अपने निर्धारित लक... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   3:46pm 7 Apr 2018 #
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उसने कभी यह घोषणा ही नहीं की कि मेरे पास भी आत्मा है। वह चुपचाप पुरूष के पीछे चल पड़ती है।अगर राम को सीता को फेंक देना है तो सीता की कोई आवाज नहीं। अगर राम कहते हैं कि मुझे शक है तेरे चरित्र पर तो उसे अण में डाला जा सकता है। यह बडे मजे की बात है। यह किसी के खयाल में कभी नहीं आत... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   9:07pm 10 Feb 2018 #
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मतलबी हो तुमजब ज़रुरत पड़ती है तुम्हेंतब याद आता हूँ मैंकभी बेवजह याद किया तुमनेनहीं...हर वक़्त एक वजह होती हैएक दर्द,एक ज़ख्म,एक शिकवा होता हैहमेशा शिकायते होती है फिरमन होता है तुम्हारा.. तो चले आती होबेवक्त...एक बेसहारे की तरहसहमा रहता हूँ मैं हर वक्तडर लगता है मुझे तुम... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   7:17pm 19 Dec 2017 #
Blogger: Brijesh Prajapati
जब मै अपने बचपन की दुनिया की तुलना आज की दुनिया से करता हूँ, तब सबसे पहले इस बात की ओर घ्‍यान जाता है कि, उस दुनिया में किसी व्‍यक्ति के सफल या विफल होने की बात कहीं सुनने में नहीं आती थी। जबकि इस दुनिया में हर कहीं सफलता विफलता की ही चर्चा है। उस दुनिया में सफलता की बात भी न... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   4:49pm 19 Dec 2017 #
Blogger: Brijesh Prajapati
हर सब्जेक्ट की काॅपी अलग अलग बनती थी, परंतु एक काॅपी एसी थी जो हर सब्जेक्ट को सम्भालती थी। उसे हम रफ काॅपी कहते थे। यूं तो रफ काॅपी का मतलब खुरदुरा होता है। परंतु वो रफ काॅपी हमारे लिए बहुत कोमल होती थी। कोमल इस सन्दर्भ में कि, उसके पहले पेज पर हमें कोई इंडेक्स नहीं बना... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   6:25am 13 Jul 2017 #
Blogger: Brijesh Prajapati
समझ नही आता कि इस 21वीं सदी में निर्मल बाबा,स्‍वामी ओम, मन्नत बाबा जैसे लोगो का भी टीवी चैनल में प्रसारण होता वो न्यूज चैनल में। आखिर इतने ढोंगी बाबा आज भी राज कैसे कर लेते।ऐसा लगता कि आज भी भारत रूढीवादी और ढोंग में अंधा है।अंधा तो अंधे को रास्ता दिखा रहा।नोट- ढोंग ,अन्ध... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   5:59am 13 Jul 2017 #
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