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Blog: नवकुसुम

Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
नारी को मत समझो अबला नारी सदा रही है सबलाक्यो पड़े हो इसके पीछेअपने को संभालो जरानित्य नये नये करते हो तांडव इस तांडव से बच नही पाओगे अरे ये वही सीता मां का रूप है नारीजिसके कारण लंका का विनाश हुआउस द्रोपदी को याद करोजिसके कारण कौरवो का नाश हुआउस दुर्गा मां का ध्या... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   1:24pm 30 May 2017 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
मार कुल्हाडी पैरों में क्यों  कर रहे हो बर्बादी।काटकर हरें भर्रे वृक्षों को बुला रहे हो तबाही।वृक्ष न रहें तो पर्यावरण पर क्या प्रभाव होगाअसंतुलित होगा पर्यावरण कौन देगा गवाही।।_______________________निवेदिता चतुर्वेदी... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   2:34pm 24 Jan 2016 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
ये  मन  तु  उदास  मत  हो |सुख  -दुःख  तो  आनी  हैं ,कष्ट  आएंगे  उसे सहना होगा |फिर से  तुम्हे  सम्भलना होगा ,ये  मन  तु  उदास  मत  हो |सूरज  फिर  से  उदय  होगा ,कल  नया  सवेरा  लाएगा |अपनी  रौशनी से जग को जगमगाएगा ,ये  मन  तु  उदास  म... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   8:36am 25 Jun 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
आज आपकी यादों में आँखें भर आई .............क्या कहुँ क्या सुनु कुछ समझ न आयीं |बीतें हुए पलों को याद करके  उदासी छायीं |जहाँ भी मैं रहती वहाँ अकेलापन महशुस करती |आज आपकी यादों ......................याद आती है वो पलें जब साथ रहा करती थी |साथ ही साथ हँसा, बोला ,खेला,करती थी |कभी भी आपसे बिछड़ने... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   7:58am 14 May 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
लड़कियों पर क्यों होते अत्याचार , मिलती है प्रताड़ना हर कदम पर , गलती चाहे जिसकी भी हो पर , सबकुछ सहन उसे ही करना पड़ता | यह दुनिया भी अजीब सी हो गयी , सब देखते हुए अनजान बन गयी , उसकी भावनाओ को कोई नहीं समझता , लगता है सबकी मर चुकी है भावना | सुनते नहीं आवाज कोई उसकी , वो किसे स... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   6:44am 13 Apr 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
तुम मेरे हो और मेरे ही रहोगे। हमें छोड़ कर आखिर कहाँ जाओगे। मैं आश लगाये बैठीं हूँ, कब मेरे सपने पुरा करोगे। तुम मेरे हो और मेरे ही रहोगे। हमें ये भी पता है,तुम पुरा करेंगे। पर कुछ परेशानियां तो दोगे ही। परेशानियां ही सही पर पुरा तो करोगे। तुम मेरे हो और मेरे ही रहोगे। हम... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   8:05am 10 Apr 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
प्रसन्नता मनुष्य के सौभाग्य का चिन्ह है।प्रसन्नता एक अध्यात्मिक वृत्ति है,एक दैविय चेतना है सत्य तो यह है कि प्रमुदित मन वाले व्यक्ति के पास लोग अपना दुख दर्द भूल जाते हैं।जीवन में कुछ न होने पर भी यदि किसी का मन आनंदित है तो वह सबसे सम्पन्न मनुष्य है।आन्तरिक प्रसन्न... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:44am 10 Apr 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
बन्द करो ये अत्याचार, नारी करने लगी पुकार। बन्द करो ये अत्याचार। कब तक होगा ये परहेज़, कोई न लेगा तिलक दहेज। बेटी वाले घर में रोये, बेटा वाले सुख से सोये। कब तक बेटी रहे लाचार। बन्द करो ये अत्याचार। आज भी जन्मी कितनी गीता, राधा हो या मीरा सीता । पर पुरूष अधिकार जमाते, रावण ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   10:42am 4 Apr 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
कन्या भ्रूण हत्या एक बड़ा घिनौना अपराध है।यह करके मनुष्य आज और कल दोनों को अंधकार मय बना रहा है।उस अबोध शिशु का क्या अपराध जिसे इस धरा पर पैर रखने से पहले ही मार दिया जा रहा है।आखिर उसने एैसा क्या कर दिया जिससे लोग उसके जान के दुश्मन बन गये।         उसका यही अप... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   2:28am 30 Mar 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
आजकल नारियों पर इतना अत्याचार देखने को मिल रहा है कि कहा नहीं जा सकता।कहीं नारियां दहेज को लेकर झेल रही हैं तो कहीं कुछ और,लेकिन आज मैं विशेष रूप से दहेज़ पर ही लिखने पर मजबूर हूँ।                सरकार ने दहेज प्रथा को रोकने के लिए कई कनून चलाए।कहा गय... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   12:54am 30 Mar 2015 #
Blogger: निवेदिता चतुर्वेदी
मित्रता एक ईश्वरीय देन है,जो दो समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के बीच स्वतः स्थापित हो जाती है।जाती,धर्म,रंग,रूप,एवं धन मित्रता के मार्ग में बाधक नहीं होते हैं।अगर ऐसा होता तो कृष्ण और सुदामा,राम और सुग्रीव आदि में मित्रता नहीं होती।मित्रता स्थापित होने के लिये दोनो... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   6:29am 21 Mar 2015 #
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