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Blog: कलम का कर्ज़

Blogger: sanjeev kuralia
                दिशा हीनभीड़ के संग चल पड़े, सब आबोदाना ढूँढ़ते !अपने अपने हुनर से, जीनें का बहाना ढूँढ़ते !दर्द की बस्ती है ये ,गम की दुकानें हैं सजी ,राही भटकते फिर रहे,ख़ुशी का तराना ढूँढ़ते !आज का सुख भूलकर,कल की चिंता में सभी ,वक़्त अपना गँवा रहे ,गुज़रा ज़माना ढूँढ़ते !मेले म... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   1:05pm 5 Feb 2013 #
Blogger: sanjeev kuralia
वतनसे प्यार का ज़ज्बा , हर दिल में जगा दे !वो शमा भगत सिंह वाली , रग रग में जला दे !ना हों ज़ात के झगडे , ना धर्मों के हों बंटवारे ,ऐ मालिक सभी का , बस एक ही रिश्ता बना दे !भाषाओं से ना हो , पहचान किसी आदम की ,एक भाषा प्यार की , जन जन को सिखा दे !अपने अपने काम को , समझें सभी पूजा ,रिशवत का... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   3:07pm 14 Aug 2012 #
Blogger: sanjeev kuralia
इस तरह शर्तों पे कैसे, कब तक कटेगी जिन्दगी !गिर के यूँ कब तक , संभलती रहेगी जिन्दगी !अपने अपने गरूर की, सीमा पे खड़े हुए हैं हमबीच मैं गहरी है खाई , गिर कर रहेगी जिन्दगीतनहाइयों के शोर में सिमटे हुए हर शख्स को ,यूँ ठहाकों के कफ़न से ,कब तक ढकेगी जिन्दगी !प्यार दे कर प्यार लेना , ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:34pm 24 Feb 2012 #जिंदगी
Blogger: sanjeev kuralia
चोट ताज़ा है अभी , थोडा मुस्कुराने दो !वकत लगेगा अभी ,दर्दे दिल सुनाने को !गुमा नहीं था, इस कदर चोट खायेंगे ,ठगे से रह गए , बस तिलमिलाने को !लम्हें चुनने दो , ख्यालों के खंज़र से ,लुटे हैं कितने , हिसाब तो लगाने दो !जितने चाहो , किस्से बुनते रहना ,सच आँखों में , सिमट तो जाने दो !जो ह... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   4:20pm 1 Nov 2011 #चोट ताज़ा है अभी
Blogger: sanjeev kuralia
अपनी सूरत मैं तेरी, सूरत नज़र आती है ! आईना धुंधलाता है,आँख छलक आती है !रात को पेट पे, लेटते हुए ही सो जाना,कभी वो, पीठ की सवारी याद आती है !हर बात मैं, बस रंग तेरा ही तलाशता हूँहर आदत मैं, तेरी आदत झलक जाती है ! तेरे होते, किसी दोस्त की कमीं ना थी,दोस्ती हर दोस्त की, तंग नज़र आती है !श... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   6:33pm 6 Mar 2011 #
Blogger: sanjeev kuralia
आँख से टपका हुआ , इक़ बे रंग कतरा , तेरे दामन की पनाह पाता ,तो आंसू होता!बात बात पे जो बहता रहा , वो पानी था ,बिना ही बात जो आता , तो आंसू होता !वस्ल में जागती आँखें ,पथरा गयी होतीं ,पलक झपकते ही आता ,तो आंसू होता !नींदों में ख़लल होता , जो मेरे ख्यालों का ,आँख में ठहर ना पाता , तो आंसू ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   12:36pm 9 Dec 2010 #आंसू
Blogger: sanjeev kuralia
सूक्षम का शिखर ,नजाकत की लहर ,कयामत का कहर ,मेरा महबूब !सूरज का मीत ,सितारे सा शीत ,रौशनी की जीत ,मेरा महबूब !सागर का नीर ,धरती का धीर ,पातळ का आखीर ,मेरा महबूब !चन्दन की महक ,कोयल की चहक ,हिरन की सहक ,मेरा महबूब !हीरे की चमक ,नूर की दमक ,अम्बर की धमक ,मेरा महबूब !कली की झलक ,परी की पल्... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   1:34pm 8 Dec 2010 #मेरा महबूब
Blogger: sanjeev kuralia
वतन से प्यार का ज़ज्बा , हर दिल में जगा दे !वो शमा भगत सिंह वाली , रग रग में जला दे !ना हों ज़ात के झगडे , ना धर्मों के हों बंटवारे ,ऐ मालिक सभी का , बस एक ही रिश्ता बना दे !भाषाओं से ना हो , पहचान किसी आदम की ,एक भाषा प्यार की , जन जन को सिखा दे !अपने अपने काम को , समझें सभी पूजा ,रिशवत क... Read more
Blogger: sanjeev kuralia
वतन से प्यार का ज़ज्बा , हर दिल में जगा दे !वो शमा भगत सिंह वाली , रग रग में जला दे !ना हों ज़ात के झगडे , ना धर्मों के हों बंटवारे ,ऐ मालिक सभी का , बस एक ही रिश्ता बना दे !भाषाओं से ना हो , पहचान किसी आदम की ,एक भाषा प्यार की , जन जन को सिखा दे !अपने अपने काम को , समझें सभी पूजा ,रिशवत ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   2:52pm 21 Jul 2010 #
Blogger: sanjeev kuralia
सभी ब्लोग्गर दोस्तो को ये जान कर अत्यंत हर्ष होगा किअक्खर चेतना मंच नया नंगलआगामी २० फ़रवरी को शाम ६ बजे आनंद भवन क्लब नया नंगल के सभागार में एक साहित्यक समारोह का आयोजन करने जा रहा है ॥इस कार्यक्रम में आप सब की जानी पहचानी ब्लोग्गर श्रीमती निर्मला कपिलाजी को साहित्य ... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   3:22pm 17 Feb 2010 #विशेष सूचना
Blogger: sanjeev kuralia
सूक्षम का शिखर ,नजाकत की लहर ,कयामत का कहर ,मेरा महबूब !सूरज का मीत ,सितारे सा शीत ,रौशनी की जीत ,मेरा महबूब !सागर का नीर ,धरती का धीर ,पातळ का आखीर ,मेरा महबूब !चन्दन की महक ,कोयल की चहक ,हिरन की सहक ,मेरा महबूब !हीरे की चमक ,नूर की दमक ,अम्बर की धमक ,मेरा महबूब !कली की झलक ,परी की पल्... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   7:53am 14 Feb 2010 #nazam
Blogger: sanjeev kuralia
प्यार महोब्बत चिड़िया ऐसी,जिसके सर पे दो दो चोंच !अपना अपना करने वाले ,मिलते ही मौका लेते नोंच !आह : तो भरते तेरे दर्द की ,होता अपनी कमर पे हाथ !प्यार से आंसू पोछने वाले ,पीठ के पीछे मारें लात !भावनाओं का दाना खा खा ,ये चिड़िया फल फूल रही है ,बोली बदल सभी से बोले ,हर दिल के अनुकूल र... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   3:42pm 13 Feb 2010 #चिड़िया
Blogger: sanjeev kuralia
पहले नहीं हम लुटने वाले ,आँखों के बाज़ार में !जाने कितने टकरायें अभी , शीशे की दीवार में !ख़त पढ़ते ही रो देंगे वो ,ऐसा तो गुमां ना था ,तौबा कितना दम होता है , कागज़ की कटार में !निसार उनपे क्या किया ,शायद कुछ हिसाब लगे ,पाना तो होता ही नहीं , दिल के अंधे व्योपार में !दर्दे बयां भी क... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   1:39pm 8 Feb 2010 #ग़ज़ल
Blogger: sanjeev kuralia
स्यासी इश्तिहार ओढ़ने की ,नाकाम कोशिश करता हुआ ,नींद के नशे मे चूर ,इश्तिहार को खींचता हुआ,कि फट न जाये कहीं ,खुद को थोडा समेटता हुआ ,उलझे बाल, अर्ध नगन सा,सूखा जिस्म,मिटटी सा रंग ,पेट मे घुटने दबाये ,एक बच्चा सो रहा था ......!कभी पांव ढकता , कभी सर छुपाता,गरीबी का ये भूखा तांडव ,सड़... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   5:25am 31 Jan 2010 #स्यासी इश्तिहार
Blogger: sanjeev kuralia
ज़िकर दर्द का मैं ,कैसे कर दूँ ! जान , लफ्ज़ों के हवाले कर दूँ !मैं कोई पीर ,पैगम्बर तो नहीं ,जो सर काट , हथेली पे धर दूँ !ह़क नमक का, अदा करते हैं ,कैसे अश्कों मे, मिश्री भर दूँ !जा पहुँचे ,जो तेरे ख्यालों तक ,बता याद को , कोन से पर दूँ !... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   2:56pm 30 Jan 2010 #चंद शेयर
Blogger: sanjeev kuralia
सभी देश वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं तथा सभी ब्लॉगर दोस्तों को जय हिंद !... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   7:38am 26 Jan 2010 #जय हिंद
Blogger: sanjeev kuralia
वतन से प्यार का ज़ज्बा , हर दिल में जगा दे !वो शमा भगत सिंह वाली , रग रग में जला दे ! ना हों ज़ात के झगडे , ना धर्मों के हों बंटवारे , ऐ मालिक सभी का , बस एक ही रिश्ता बना दे ! भाषाओं से ना हो , पहचान किसी आदम की , एक भाषा प्यार की , जन जन को सिखा दे ! अपने अपने काम को , समझें सभी पूजा , रिशवत ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   7:52am 24 Jan 2010 #एक गीत वतन के नाम
Blogger: sanjeev kuralia
हर हालात को , पुख्ता हल की ज़रुरत है !फ़ेसला तय है , क्या कल की ज़रुरत है !तंगिए दौर , पुर जोर बुलंदी पे है इब्ला ,आवाम को , बस हलचल की ज़रुरत है !इल्म भरपूर है सबको, अमल से परहेज़,मशरूफ नज़रों को ,फुर्सत की ज़रुरत है !दीवानगी आज भी , कम नहीं है लैला की ,जो पहुँचे दिल तक ,उस कद की ज़रुर... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   12:21pm 18 Jan 2010 #ग़ज़ल
Blogger: sanjeev kuralia
शायद कोई, दोस्त मिल जाये कहीं ,रकीबों से भी, हाथ मिलाने लगा हूँ !गुलों की चाल से , वाकिफ हूँ अब ,गुलदानों में , कांटे सजाने लगा हूँ !हर सवाल पे ,खामोश मुस्कुराता हूँ ! ढंग दुनियां का , आजमाने लगा हूँ !दिल के धोखे , मैं अब नहीं खाता ,हर एक चोट पे , गुनगुनाने लगा हूँ !फरेब आखिर , सिखा दि... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   12:33pm 15 Jan 2010 #ग़ज़ल
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