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Blog: gtvidyapith

Blogger: AWADHESH KUMAR DUBEY
एक पिता के तीन लड़के थे . एक लूला तथा लंगड़ा था , दूसरा अँधा था तथा तीसरा सर्वांग संपन्न . जो लूला - लंगड़ा था , वह तो माता पिता की सेवा कुछ कर नहीं कर सके , परन्तु दूसरा अँधा भी नेत्रहीन होने के कारण कुछ न कर सके . केवल तीसरा संपन्न लड़का ही सेवा कर पाया . इसी प्रकार संसार में तीन प्र... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:48am 22 Feb 2015 #Motivational thought
Blogger: AWADHESH KUMAR DUBEY
बम्बई शहर में एक सज्जन रहते थे . प्रातःकाल सड़क से होकर  भ्रमण करने जा रहे थे . आगे बढ़ने पर उन्हें एक कागज़ का बण्डल मिला . वे उसको उठाकर घर ले गए . खोलने पर पच्चीस हज़ार रुपये के नोट मिले . पहले तो उन्हें बड़ा हर्ष हुआ कि जीवन भर की दरिद्रता गयी . परन्तु कुछ समय के पश्चात उनका विव... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   12:19pm 20 Feb 2015 #
Blogger: AWADHESH KUMAR DUBEY
माया - मोह का नाश एक स्त्री का एकलौता होनहार किशोर -अवास्थासंपन्न पुत्र अचानक मर गया . इससे स्त्री को बड़ा शोक हुआ . पुत्र के मृतक हो जाने पर भी वह मोहवश वह समझती थी कि संभवत किसी जानकार के उपचार (औषधि) करने से अभी पुत्र जीवित हो जाएगा . अतः उसने इस आशा से पुत्र के शव की अंत्य... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   12:02pm 17 Feb 2015 #
Blogger: AWADHESH KUMAR DUBEY
कालिदासने कहा है कि एक शिक्षक का ज्ञान गहन होता है , दूसरे में ज्ञान को प्रदान करने ( प्रशिक्षण ) की क्षमता होती है . परन्तु जिस शिक्षण में ज्ञान और प्रशिक्षण की दक्षता दोनों होती है , वह सबका सिरमौर होता है .अध्यापक में निम्नलिखित गुण होने चाहिए -१. प्रशिक्षण (Training) - हिंदी अध... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   7:08am 12 Feb 2015 #
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समन- मामला (Summons - Case)विचारण के लिए प्रक्रिया की दृष्टि से मामलों को दो भागों में विभाजित किया जाता है - १. समन मामला एवं २ . वारंट मामला .भारतीय दंड संहिता प्रक्रिया की धारा २ (w) के अनुसार 'समन मामला से ऐसा मामला अभिप्रेत है ,जो किसी अपराध से सम्बंधित है और जो वारंट मामला नहीं ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   4:00am 10 Feb 2015 #
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संज्ञेय अपराध(Cognizable Offence )भारतीय दंड संहिता प्रक्रिया  की धारा 2 (c)के अनुसार - संज्ञेय अपराध एवं मामलों से अभिप्राय ऐसे अपराध एवं मामलों से है जिनमें पुलिस अधिकारी -१. प्रथम अनुसूची के अनुसार , या२. किसी विधि के अनुसार ,वारंट के बिना गिरफ्तार कर सकता है .("Cognizable Offence" means an offence for which ,an... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:28am 6 Feb 2015 #
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जमानतीय अपराध (Bailable Offence)भारतीय दंड संहिता प्रक्रिया की धारा २ के अनुसार - जमानतीय अपराध से अभिप्राय ऐसे अपराध से है -१. जो प्रथम अनुसूची में जमानतीय अपराध से रेप में दिखाया गया हो , या२. जो तत्समय प्रविर्त्य किसी विधि द्वारा जमानतीय अपराध बनाया गया हो , या३. जो अजमानतीय अप... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   11:41am 4 Feb 2015 #
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भारत में कुपोषण की समस्या The problem ofmalnutritioninIndiaदेश में अमीरों की संख्या जितनी बढ़ती जा रही है, उससे कईं ज्यादा लोग भूख और गरीबी के शिकार भी हो रहे हैं। स्वतंत्रता के समय भारत खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्रा में आत्मनिर्भर नहीं था और विभिन्न क्षेत्रों में खाद्यान्न का अभाव स... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   12:30pm 3 Feb 2015 #
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प्रथम सूचना रिपोर्ट क्या है ?(What is F.I.R)प्रथम सूचना रिपोर्ट में अंकित सूचना से अभिप्राय ऐसी सूचना से है जो किसी व्यक्ति द्वारा किसी पुलिस अधिकारी को दी जाती है एवं जो किसी अपराध के कारित किये जाने से सम्बंधित है .इसका मुख्य उदेश्य किसी अपराध की पुलिस अधिकारी से शिकायत करना ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   8:05am 3 Feb 2015 #
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अधिवक्ता की नामावली (Roll of Advocates )धारा १७ के अनुसार प्रत्येक राज्य विधिज्ञ परिषद् अधिवक्ताओं की ऐसी नामावली तैयार करेगी और रखेगी जिसमें -१. ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम और पते दर्ज किये जायेंगे जो नियत दिन के ठीक पूर्व बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ,१९२६ के अधीन उच्च न्यायालय की अधि... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   5:11am 2 Feb 2015 #
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अधिवक्ता कौन है ?(Who is an Advocate ? )अधिवक्ता से अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से है जो किसी राज्य विधिज्ञ परिषद् में नामांकित होकर किसी न्यायालय में किसी अन्य व्यक्ति के निमित्त पैरवी करता है अथवा बोलता है . अन्य व्यक्ति की ओर से पैरवी करने हेतु अधिकृत व्यक्ति को अधिवक्ता कहा गया है . न्... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   4:39am 1 Feb 2015 #
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दादी जान को बुख़ारएक बार शेख चिल्ली माता - पिता के आदेश से घास के लिए जंगल में गए . उस वक्त उनकी आयु बारह वर्ष थी .दोपहर तक उन्होंने पर्याप्त घास खोद ली और गठ्हर बनाकर घर चले आये .घर वाले बहुत खुस हुए .पहली बात चिल्ली ने कोई काम किया था .अचानक चिल्ली को याद आया कि घास खोदने के ल... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:33pm 30 Jan 2015 #
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 गाँव के स्कूल की पढ़ाईगुन्डन्ना नाम का एक युवक गाँव के स्कूल की पढ़ाई समाप्त करने के बाद कॉलेज की शिक्षा प्राप्त करने शहर आया . उसके माता - पिता इतने धनवान नहीं थे कि उसकी उच्च - शिक्षा का प्रबंध कर पाते . तथापि उसकी त्वरित इच्छा तथा अध्यापकों के प्रोत्साहन से उसके पिता न... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   1:34pm 29 Jan 2015 #
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शेख चिल्ली मूर्ख थे . उन्हें गुस्सा भी बहुत जल्दी आता था .एक दिन शेख चिल्ली कहीं जा रहे थे . रास्ते में लड़कों ने उन्हें तंग करना आरम्भ किया . एक कहता महामूर्ख दूसरा कहता जिंदाबाद ! शेख जब उन लड़कों को पकड़ना चाहते , तो वे भागकर घर में घुस जाते और शेख़ चिल्ली गली में दौड़ते रह जाते ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   6:00am 29 Jan 2015 #
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प्यासे कौवे की कहानी बहुत पुरानी बात है , बड़ी ही भयानक गर्मी पड़ रही थी . शायद मई या जून का महिना रहा होगा . ऐसी सड़ी गर्मी में एक कौवा भोजन की तलाश में भटक रहा था . भोजन की तलाश में आकाश में उड़ते हुए उसे बहुत देर हो गयी थी मगर , उसे धरती पर कहीं रोटी का एक टुकड़ा भी नहीं नज़र आया . भ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   11:56am 28 Jan 2015 #
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एक ज़ेन -आश्रम में पहले से रहने वालों से शास्त्रार्थ में जीत कर कोई भी घुमंतू साधक वहाँ ठहर सकता था . जापान के उत्तरी इलाके के इस आश्रम में दो सगे भाई साथ -साथ रहते थे . इनमें से बड़ा भाई विद्वान था , जबकि छोटा मूर्ख और काना था .एक घुमंतू साधक ने आश्रम में ठहरने की इच्छा से दोनों... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   4:33am 24 Jan 2015 #
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निर्धनता तथा गन्दगी का  माहौलबुकर टी . वाशिंगटन दासता ,निर्धनता तथा गन्दगी के माहौल में पैदा हुआ था . अमरिका के गोरे लोग नीग्रो लोगों की हँसी उड़ाते और उन्हें हीनता तथा घृणा की दृष्टि से देखते . ऐसे निराशाजनक वातावरण में ही व बड़ा हुआ . उसे शिक्षा प्राप्ति की कोई आशा न थी , ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   12:41pm 23 Jan 2015 #
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समाज की सोच बना रही विकलांग महिलाओं को जिंदा लाशमैं एक सामाजिक समारोह में शामिल होने के लिए अपने रिश्तेदार के घर गई थी। मेरे रिश्तेदार की पांच बेटियां हैं जिनमें से एक बेटी बचपन से ही पोलियो से पीड़ित होने के कारण विकलांग है। वह खड़ा होना तो दूर की बात है विकलांगता के क... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   9:42am 22 Jan 2015 #
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सुख और आनंद विनाशी हैंमनुष्य का अंतिम लक्ष्य सुख नहीं वरन ज्ञान है . सुख और आनंद विनाशी हैं . अतः सुख को चरम मान लेना भूल है , संसार में सब दुखों का मूल यही है कि मनुष्य मूर्खतापूर्ण सुख को ही अपना आदर्श समझ लेता है . पर कुछ समय के बाद मनुष्य को यह बोध होता है कि जिसकी ओर वह जा ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   11:00am 21 Jan 2015 #
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बीरबल की न्यायप्रियताजहाँ बीरबल की न्यायप्रियता से सारी प्रजा प्रसन्न रहती थी वहाँ उनकी उन्नति देखकर सारे दरबारी उससे डाह रखते थे . उन लोगों ने मिलकर नीचा दिखाने के लिए सोचा . वे सभी मिलकर प्रधान बेगम के पास पहुँचे और उनसे बीरबल की इधर -उधर बुराई करके कहा कि हम लोग बीरब... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:43pm 19 Jan 2015 #
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