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Blog: नन्दानन्द (NANDANAND)

Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
          तुमचाहेजोभीमानो, भलाभीमुझेनाजानो,मैतो तेरे  प्यार का दिवानामस्तानाहूॅ।तुम हो अद्र्धांगमेरी , मै हूॅ पूर्णांग तेरा,दिलमें तुमघुसजाओतेरामैठिकानाहूॅ।।तुझसे’बिपाशा’  जैसी आशाहैलगायीमैने,तुझकोकोतो देखो मै’ऐश’ हूॅसमझता।... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   2:21pm 5 Oct 2014 #हास्यकविता
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
शादी से पहले की सोच कोकिला की बोली होय, रंग नही कोकिला की,हस्तिनी की चाल होय, मोटी नही हाथी हो।सबको वो सम देखे एक आँख दुनिया को,पर दोनो आँखों वाली प्यारी मेरी साथी हो।पतली कमर होय, टीवी की मरीज नही,नैन में हो चितवन, दृष्टि फिर जाते हो।कदली समान पैर, प्यारी के निराल... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   1:48pm 1 Oct 2014 #हास्यकविता
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
माँ तुम कितनी भोली हो, माँ तुम कितनी भोली हो।तुम ही मेरी पूजा अर्चन, तुम ललाट की रोली हो।।माँ तुम कितनी भोली हो, माँ तुम कितनी भोली हो।।तुमने धरती सम धारणकर, मुझको हरदम ही है पाला,भूख सही है हरदम तुमने, पर मुझको है दिया नेवाला,नही कदम जब मेरे चलते, ऊंगली पकड़ संग हो ली हो।... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   4:57pm 27 Sep 2014 #माँ
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
          हिन्दी मे गुण बहुत है, सम्यक देती अर्थ।भाव प्रवण अति शुद्ध यह, संस्कृति सहित समर्थ।।1।।--वैयाकरणिक रूप में, जानी गयी है सिद्ध।जिसका व्यापक कोश है, है सर्वज्ञ प्रसिद्ध।।2।।--निज भाषा के ज्ञान से, भाव भरे मन मोद।एका लाये राष्ट्र में, दे बहु मन आमोद।।3।।--बिन ह... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   6:31am 25 Sep 2014 #हिन्दी महिमा
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
एड्स चालीसादोहा:- महाशाप  अवगुण सदा, एड्स  रोग  भयवान।पकड़ मौत निश्चित करें, नहि जिससे कल्याण।।सतोगुणी नर  की  जयकारा। निन्दउ पतिव्रत  हीन  अचारा।।निज  पत्नी नहि रास रचैया। निन्दा  उनकी  हरदम  भैया।।ओ कुत्सित  मन  के अनुरोधा। उनके जीवन विविध विरोध... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:30am 20 Jan 2013 #
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
परिवर्तनहै अनुभव अब अन्त हुये, जग की परिभाषायें बदली।वह किरण आस की लुप्त हुयी, जीवन की आशायें बदली।परिवर्तन के इस रौद्र रूप में, क्या क्या परिवर्तित होगा।यह जान सोच मन थक जाये, लोगों की अभिलाषायें बदली।।उपकार जगत से दूर हुआ, बदले हर जन निज कर्मों से।आहत मन करना काम रहा,... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   8:49am 10 Jun 2012 #
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
वो चले गये कुछ छोड़ यहॉ, जिसको हमने अपनाया है।अपनी संस्कृति को त्याग-त्याग, फिर गीत उन्हीं का गाया है।।चाय काफिया काफी को, छोड़ा उन लोगो ने लाकर।हमने फिर ग्रहण किया उसको, उनका सहयोग सदा पाकर।अमृत सम दुग्ध धरित्री से, जाने का गीत सुनाया है।।वो चले गये कुछ छोड़ यहॉ जिसको ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   1:46pm 31 Jul 2011 #
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
अपनी संस्कृति को त्याग-त्याग, फिर गीत उन्हीं का गाया है।महेन्‍द्र प्रताप पाण्‍डेय 'नन्‍द'-वो चले गये कुछ छोड़ यहॉ, जिसको हमने अपनाया है।अपनी संस्कृति को त्याग-त्याग, फिर गीत उन्हीं का गाया है।।चाय काफिया काफी को, छोड़ा उन लोगो ने लाकर।हमने फिर ग्रहण किया उसको, उनका सहय... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   1:44pm 31 Jul 2011 #
Blogger: Dr. M.P. Pandey 'Nand'
मकर संक्राति को पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। इस दिन का महत्व आध्यात्मिक एवं पौराणिक रुप में बहुत ज्यादे हैं। गुरु गोरखनाथ का मंदिर गोरखपुर में खिचड़ी पर्व को बहुत सुशोभित हो जाता है। कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ की खिचड़ी गोरखपुर में ही पक पायी थ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   6:14am 1 Mar 2011 #
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