Hamarivani.com

काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपुल'का कविता संसार

दिांक 04 दिसबंर 2016 को बीकानेर से प्रकाशित दैनिक अखबार दैनिक युगपक्ष में प्रकाशित कविता- ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Poimages
  December 7, 2016, 3:40 pm
हड़प्पा और जोदड़ो संस्कृतियां अपने चरम पर होने के बावजूद नष्ट हो गई, इसका कारण कुछ तो रहा होगा। वर्तमान परिस्थितियों को आधार बनाकर लिखी गई एक रचना प्रस्तुत है- सुनहरे भविष्य की आड़ में  हम अतीत को अपने गढ़ रहे लगता नहीं क्या हड़प्पा और  जोदड़ों की ओर हम बढ़ रहे करते पाप को पु...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Poems in hindi
  September 19, 2016, 11:03 am
दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्वादिष्ट व्यंजन क्या है? भाई हमारे भुक्खड़ पेट से ऐसे स्वादिष्ट सवाल पूछोगे तो वह रसमलाई से लेकर शाही पनीर तक पचासों मिठाईयों, सब्जियों और व्यंजनों के नाम बता देगा। लेकिन हमारा दिमाग इस मामले में अपनी अलग राय रखता है।  यह भी बड़ी चिंताजनक स्थिति ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Baat Pate ki Series
  July 20, 2016, 10:44 am
'अभी मुंह उठा कर कहां चल दिये?'महुरी मुँह बिगाड़ कर बोली। 'कहीँ नहीं? तनिक बाजार जाकर आ रहे है।'बिज्जू ने उतनी ही नरमाई से जवाब दिया। महुरी- जेब में दो रूपयै है, जो ठुमक ठुमक कर बाजार जा रहे हो। दिनभर तो पानी में बैठी भैंस की तरह घर पर पड़े रहते हो। बिज्जू- तो यह जो महंगी महंगी ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :बात पते की लेख श्रृंखला
  July 10, 2016, 10:00 am
प्रिय पाठकों,            जुलाई से आपके लिए ब्लाॅग पर कुछ होने वाला है!!! कुछ समय पहले मैनें अपने ब्लाॅग पर "बात पते की"नामक श्रृंखला शुरू की थी, जो किसी कारण वश बंद हो गई थी और बाद में उसके लेख भी ब्लाॅग पर से हटा दिये गये थे। लेकिन अब नए कलेवर, नए रंग और नए विषयों को लेकर यह श्रृंख...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :मन की बात
  June 30, 2016, 2:48 pm
सौंपकर ज्योति प्रण की आओं मिलकर तम हटाए साथ बैठे साथ गाए साथ मिलकर गम बटांए समाज के विकास की बस इतनी सी है बात भर एक कदम आप बढाओं एक कदम हम बढाए। - कवि राम लखारा 'विपुल'काल का विकराल पहिया हिम्मत से चलाना होगा समाज के इस बाग को मेहनत से फलाना होगा दिन दूनी और रात चैगुनी गत...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :कविता
  June 30, 2016, 2:25 pm
वहां जाड़े में कोई अलाव जल रहा है मेरे सीने में भी इक घाव पल रहा है पड़ोसियों से ज्यादा बातचीत क्यूं है भला भाई को उनका ही जुड़आव खल रहा है हटाओं दूसरों को और खुद बढों आगे बड़ी खुदगर्जियों का बहाव चल रहा है बने रहिए बुरों की बीच भी अच्छे भले दरमियां कांटों के गुलाब फल रहा ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Lyrics
  June 25, 2016, 10:44 am
रोहन थोड़े गर्म और कंजूस स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी पत्नी लीना अपने पति के स्वभाव के विपरीत सौम्य और मृदु स्वभाव की थी। लेकिन दोनों प्यार से रहते थे। शादी को तीन साल हो रहे थे। लीना अपने स्वभाव से पूरे परिवार को हंसी खुशी चलाती थी वरना केवल रोहन के स्वभाव के दम पर तो एक द...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Short stories in hindi
  June 19, 2016, 1:30 pm
हाथों    मेहंदी,  होठो    लाली,  पैरो   पर    महावर   है बिंदी,  काजल,  आंखे,  जुल्फे  सबके सब हमलावर है कहने की यह बात नहीं कि समझाना भी मुश्किल कि ऐसे  दिलकश हमलों  पर तो जान  प्रिये न्यौछावर है।                                                                      -  विपुल ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Shayari
  June 8, 2016, 10:28 am
अक्सर Stage Anchoring, मंच संचालन या कोई कार्यक्रम में हमें ऐसी पंक्तियों अथवा शायरियों की आवश्यकता पड़ती है जिनमें तालियों की फरमाइश की जाती है। पिछले दिनों ऐसी दो शायरियां लिख पाया जो मैं इस ब्लाॅग पर अपने पाठकों के रसास्वादन हेतु प्रकाशित कर रहा हूूं- बनों ऐसे महायोद्धा   न ज...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :विविध
  May 15, 2016, 1:44 pm
Pic Courtesy- Google काली काली राते जब खाली खाली लागे जागे                                      नींद का  हुआ व्यापार  तय  मान लीजिए। बिन   बात  हंसने जो   लग  जाओ  दिन  रात                                       प्रेम के   हुए  बीमार   तय  मान  लीजिए। देख   के  प्रिय  का भाल, लाल लाल होय गाल                                         प्रे...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :गीत
  May 11, 2016, 4:37 pm
अभी सारी दिक्कतें लगी है आजमाने में जल्दी जीतकर ही छा जाउंगा जमाने में जरा जरा सी बात पर बहकने लगे है सब मय भी बेअसर तो पड़ी है अब पैमाने में सड़क के किनारे पर खड़े  है फटेहाल जो  लगता है पाई भी नहीं बची अब खजाने में आग पानी से भी अब बुझती नहीं कभी बात बिगड़ जाती है बात को स...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Shayari
  April 30, 2016, 10:54 am
नई सुबह की राह में बिछतें तारे रोज जुगनू भी ज्योति लेकर करते उसकी खोज चांद भी आधा होता कभी रहता पूरा दिवस राजा बनने का स्वप्न सदा अधूरा लाख करे जोर पर पहलें कहां मिलता है तय समय पर ही नित्य नया सूर्य खिलता है।                  - राम लखारा विपुल ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Lyrics
  April 26, 2016, 4:45 pm
चित्र साभार -behance.net जुल्फ के साये में हम                खो न जाए डर है यह अधर अंकित तिल है                      मेरी थकन का घर है यह सादगी है देह की                   जो रूप का सिरमौर है सुन्दरी सुलोचना जिस-                की ना उपमा और है और मिलन होगा कहां                       अधर स्वंय अभिसार है कैसा अरे! श...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Shayari
  April 18, 2016, 12:59 pm
आज ईस्वी सन् का 8 अप्रैल है, वहीं एक साधारण सी तारीख। अप्रैल का आठवां दिन जो कल 9 हो जाएगा। लेकिन विक्रमी संवत् में आज एक खास तारीख है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2073। जी हां इसी दिन को हिन्दू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से नया वर्ष लगता है, और इस नव वर्ष का उत्सव क...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Poems
  April 8, 2016, 2:25 pm
...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Shayari
  March 30, 2016, 5:14 pm
आज 8 मार्च है अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, साल का वह एकमात्र दिन जब सभी लोग महिलाओं के उत्थान की बात करते है। उसे पुरूष की सामंतवादी प्रभुत्वपूर्ण सोच से उबारने के तरीके सुझाते है और उसकी पैरोकारी करते है। हम सब जीवन के हर मोड़ पर हर पड़ाव पर कहीं न कही, किसी न किसी औरत से जुड़ाव ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Poems
  March 8, 2016, 1:20 pm
अनन्त में गूंजते स्वर का नाम है शिव। शिव वहीं जो सुंदर है, कल्याण मय और सत्य है। शिव वही जो विष पीता है। शिव वही जो जिसके सानिध्य में शत्रु भी मित्र हो जाते है, जैसे शिव के परिवार में चूहा, सर्प, मोर, सिंह परस्पर शत्रु होते हुए भी प्रेम भाव से साथ रहते है। देव बनना सरल है महा...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Poems
  March 7, 2016, 3:41 pm
एक समय था जब बड़े से बड़े कवि मंचों की राह से ही महानता की ओर उन्मुख हुए थे। हिंदी साहित्य में जिन कवियों की सबसे अधिक चर्चा होती है, या जिन कवियों को सबसे अधिक प्रसिद्धि प्राप्त हुई है, वे कभी न कभी मंचों के सिद्धहस्त और लोकप्रिय कवि हुआ करते थे। मैथिलीशरण गुप्त, रामधारी स...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :ब्लॉग चर्चा
  March 2, 2016, 1:02 pm
शायरी और प्रेम के दीवानों के लिए एक प्यार भरा मुक्तक-  ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :छंद (Chhand)
  February 23, 2016, 1:12 pm
बहुत दिनों बाद आपके लिए पेश है अपनी नज्म के दो कता़ । मेरी रचना आपको कैसी लगी अपनी टिप्पणी के माध्यम से जरूर बताए- ...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Lyrics
  February 23, 2016, 1:02 pm
दैनिक युगपक्ष बीकानेर में प्रकाशित कविता 'मैं अर्जुन हूं'...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :कविता
  February 15, 2016, 3:07 pm
...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :Hindi Shayari
  February 8, 2016, 11:58 am
युवा कवि राम लखारा विपुल को आज JMD  प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा 'प्रेम सागर सम्मान'दिए जाने की घोषणा की गई। श्री राघवेन्द्र ठाकुर के संपादन में प्रकाशित होने वाले इस काव्य संग्रह "प्रेम सागर काव्य संग्रह"में देश के चुनिंदा 200 रचनाकारों की प्रेम कविताओं का प्रकाशन किया जा रह...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :
  January 31, 2016, 2:56 pm
Koyal Ki Vyatha पिंजर में बंद कोयल की सुध लेगा कौन? कूक की मीठी वाणी में दर्द सुनेगा कौन? गुण की थैली पूर्ण भरी प्रशस्तियों की पोथी हो निज प्रतिभा से जग में चाहे वाहावाही होती हो लेकिन पैरों में जब जंजीर गुलामी होती है तब नरमी से तन मन के जख्म छुएगा कौन? कूक की मीठी वाणी में दर्...
काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपु...
Tag :कविता
  January 21, 2016, 10:59 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3685) कुल पोस्ट (167974)