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Blog: काव्य प्रेरणा - राम लखारा 'विपुल'का कविता संसार

Blogger: Ram lakhara
दिांक 04 दिसबंर 2016 को बीकानेर से प्रकाशित दैनिक अखबार दैनिक युगपक्ष में प्रकाशित कविता- ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   10:10am 7 Dec 2016 #Poimages
Blogger: Ram lakhara
हड़प्पा और जोदड़ो संस्कृतियां अपने चरम पर होने के बावजूद नष्ट हो गई, इसका कारण कुछ तो रहा होगा। वर्तमान परिस्थितियों को आधार बनाकर लिखी गई एक रचना प्रस्तुत है- सुनहरे भविष्य की आड़ में  हम अतीत को अपने गढ़ रहे लगता नहीं क्या हड़प्पा और  जोदड़ों की ओर हम बढ़ रहे करते पाप को पु... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   5:33am 19 Sep 2016 #Poems in hindi
Blogger: Ram lakhara
दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्वादिष्ट व्यंजन क्या है? भाई हमारे भुक्खड़ पेट से ऐसे स्वादिष्ट सवाल पूछोगे तो वह रसमलाई से लेकर शाही पनीर तक पचासों मिठाईयों, सब्जियों और व्यंजनों के नाम बता देगा। लेकिन हमारा दिमाग इस मामले में अपनी अलग राय रखता है।  यह भी बड़ी चिंताजनक स्थिति ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:14am 20 Jul 2016 #Baat Pate ki Series
Blogger: Ram lakhara
'अभी मुंह उठा कर कहां चल दिये?'महुरी मुँह बिगाड़ कर बोली। 'कहीँ नहीं? तनिक बाजार जाकर आ रहे है।'बिज्जू ने उतनी ही नरमाई से जवाब दिया। महुरी- जेब में दो रूपयै है, जो ठुमक ठुमक कर बाजार जा रहे हो। दिनभर तो पानी में बैठी भैंस की तरह घर पर पड़े रहते हो। बिज्जू- तो यह जो महंगी महंगी ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   4:30am 10 Jul 2016 #बात पते की लेख श्रृंखला
Blogger: Ram lakhara
प्रिय पाठकों,            जुलाई से आपके लिए ब्लाॅग पर कुछ होने वाला है!!! कुछ समय पहले मैनें अपने ब्लाॅग पर "बात पते की"नामक श्रृंखला शुरू की थी, जो किसी कारण वश बंद हो गई थी और बाद में उसके लेख भी ब्लाॅग पर से हटा दिये गये थे। लेकिन अब नए कलेवर, नए रंग और नए विषयों को लेकर यह श्रृंख... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   9:18am 30 Jun 2016 #मन की बात
Blogger: Ram lakhara
सौंपकर ज्योति प्रण की आओं मिलकर तम हटाए साथ बैठे साथ गाए साथ मिलकर गम बटांए समाज के विकास की बस इतनी सी है बात भर एक कदम आप बढाओं एक कदम हम बढाए। - कवि राम लखारा 'विपुल'काल का विकराल पहिया हिम्मत से चलाना होगा समाज के इस बाग को मेहनत से फलाना होगा दिन दूनी और रात चैगुनी गत... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   8:55am 30 Jun 2016 #कविता
Blogger: Ram lakhara
वहां जाड़े में कोई अलाव जल रहा है मेरे सीने में भी इक घाव पल रहा है पड़ोसियों से ज्यादा बातचीत क्यूं है भला भाई को उनका ही जुड़आव खल रहा है हटाओं दूसरों को और खुद बढों आगे बड़ी खुदगर्जियों का बहाव चल रहा है बने रहिए बुरों की बीच भी अच्छे भले दरमियां कांटों के गुलाब फल रहा ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   5:14am 25 Jun 2016 #Lyrics
Blogger: Ram lakhara
रोहन थोड़े गर्म और कंजूस स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी पत्नी लीना अपने पति के स्वभाव के विपरीत सौम्य और मृदु स्वभाव की थी। लेकिन दोनों प्यार से रहते थे। शादी को तीन साल हो रहे थे। लीना अपने स्वभाव से पूरे परिवार को हंसी खुशी चलाती थी वरना केवल रोहन के स्वभाव के दम पर तो एक द... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   8:00am 19 Jun 2016 #Short stories in hindi
Blogger: Ram lakhara
हाथों    मेहंदी,  होठो    लाली,  पैरो   पर    महावर   है बिंदी,  काजल,  आंखे,  जुल्फे  सबके सब हमलावर है कहने की यह बात नहीं कि समझाना भी मुश्किल कि ऐसे  दिलकश हमलों  पर तो जान  प्रिये न्यौछावर है।                                                                      -  विपुल ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   4:58am 8 Jun 2016 #Hindi Shayari
Blogger: Ram lakhara
अक्सर Stage Anchoring, मंच संचालन या कोई कार्यक्रम में हमें ऐसी पंक्तियों अथवा शायरियों की आवश्यकता पड़ती है जिनमें तालियों की फरमाइश की जाती है। पिछले दिनों ऐसी दो शायरियां लिख पाया जो मैं इस ब्लाॅग पर अपने पाठकों के रसास्वादन हेतु प्रकाशित कर रहा हूूं- बनों ऐसे महायोद्धा   न ज... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   8:14am 15 May 2016 #विविध
Blogger: Ram lakhara
Pic Courtesy- Google काली काली राते जब खाली खाली लागे जागे                                      नींद का  हुआ व्यापार  तय  मान लीजिए। बिन   बात  हंसने जो   लग  जाओ  दिन  रात                                       प्रेम के   हुए  बीमार   तय  मान  लीजिए। देख   के  प्रिय  का भाल, लाल लाल होय गाल                                         प्रे... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   11:07am 11 May 2016 #गीत
Blogger: Ram lakhara
अभी सारी दिक्कतें लगी है आजमाने में जल्दी जीतकर ही छा जाउंगा जमाने में जरा जरा सी बात पर बहकने लगे है सब मय भी बेअसर तो पड़ी है अब पैमाने में सड़क के किनारे पर खड़े  है फटेहाल जो  लगता है पाई भी नहीं बची अब खजाने में आग पानी से भी अब बुझती नहीं कभी बात बिगड़ जाती है बात को स... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   5:24am 30 Apr 2016 #Hindi Shayari
Blogger: Ram lakhara
नई सुबह की राह में बिछतें तारे रोज जुगनू भी ज्योति लेकर करते उसकी खोज चांद भी आधा होता कभी रहता पूरा दिवस राजा बनने का स्वप्न सदा अधूरा लाख करे जोर पर पहलें कहां मिलता है तय समय पर ही नित्य नया सूर्य खिलता है।                  - राम लखारा विपुल ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   11:15am 26 Apr 2016 #Lyrics
Blogger: Ram lakhara
चित्र साभार -behance.net जुल्फ के साये में हम                खो न जाए डर है यह अधर अंकित तिल है                      मेरी थकन का घर है यह सादगी है देह की                   जो रूप का सिरमौर है सुन्दरी सुलोचना जिस-                की ना उपमा और है और मिलन होगा कहां                       अधर स्वंय अभिसार है कैसा अरे! श... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   7:29am 18 Apr 2016 #Hindi Shayari
Blogger: Ram lakhara
आज ईस्वी सन् का 8 अप्रैल है, वहीं एक साधारण सी तारीख। अप्रैल का आठवां दिन जो कल 9 हो जाएगा। लेकिन विक्रमी संवत् में आज एक खास तारीख है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2073। जी हां इसी दिन को हिन्दू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से नया वर्ष लगता है, और इस नव वर्ष का उत्सव क... Read more
clicks 274 View   Vote 0 Like   8:55am 8 Apr 2016 #Hindi Poems
Blogger: Ram lakhara
आज 8 मार्च है अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, साल का वह एकमात्र दिन जब सभी लोग महिलाओं के उत्थान की बात करते है। उसे पुरूष की सामंतवादी प्रभुत्वपूर्ण सोच से उबारने के तरीके सुझाते है और उसकी पैरोकारी करते है। हम सब जीवन के हर मोड़ पर हर पड़ाव पर कहीं न कही, किसी न किसी औरत से जुड़ाव ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   7:50am 8 Mar 2016 #Hindi Poems
Blogger: Ram lakhara
अनन्त में गूंजते स्वर का नाम है शिव। शिव वहीं जो सुंदर है, कल्याण मय और सत्य है। शिव वही जो विष पीता है। शिव वही जो जिसके सानिध्य में शत्रु भी मित्र हो जाते है, जैसे शिव के परिवार में चूहा, सर्प, मोर, सिंह परस्पर शत्रु होते हुए भी प्रेम भाव से साथ रहते है। देव बनना सरल है महा... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   10:11am 7 Mar 2016 #Hindi Poems
Blogger: Ram lakhara
एक समय था जब बड़े से बड़े कवि मंचों की राह से ही महानता की ओर उन्मुख हुए थे। हिंदी साहित्य में जिन कवियों की सबसे अधिक चर्चा होती है, या जिन कवियों को सबसे अधिक प्रसिद्धि प्राप्त हुई है, वे कभी न कभी मंचों के सिद्धहस्त और लोकप्रिय कवि हुआ करते थे। मैथिलीशरण गुप्त, रामधारी स... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   7:32am 2 Mar 2016 #ब्लॉग चर्चा
Blogger: Ram lakhara
शायरी और प्रेम के दीवानों के लिए एक प्यार भरा मुक्तक-  ... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   7:42am 23 Feb 2016 #छंद (Chhand)
Blogger: Ram lakhara
बहुत दिनों बाद आपके लिए पेश है अपनी नज्म के दो कता़ । मेरी रचना आपको कैसी लगी अपनी टिप्पणी के माध्यम से जरूर बताए- ... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   7:32am 23 Feb 2016 #Lyrics
Blogger: Ram lakhara
दैनिक युगपक्ष बीकानेर में प्रकाशित कविता 'मैं अर्जुन हूं'... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   9:37am 15 Feb 2016 #कविता
Blogger: Ram lakhara
युवा कवि राम लखारा विपुल को आज JMD  प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा 'प्रेम सागर सम्मान'दिए जाने की घोषणा की गई। श्री राघवेन्द्र ठाकुर के संपादन में प्रकाशित होने वाले इस काव्य संग्रह "प्रेम सागर काव्य संग्रह"में देश के चुनिंदा 200 रचनाकारों की प्रेम कविताओं का प्रकाशन किया जा रह... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   9:26am 31 Jan 2016 #
Blogger: Ram lakhara
Koyal Ki Vyatha पिंजर में बंद कोयल की सुध लेगा कौन? कूक की मीठी वाणी में दर्द सुनेगा कौन? गुण की थैली पूर्ण भरी प्रशस्तियों की पोथी हो निज प्रतिभा से जग में चाहे वाहावाही होती हो लेकिन पैरों में जब जंजीर गुलामी होती है तब नरमी से तन मन के जख्म छुएगा कौन? कूक की मीठी वाणी में दर्... Read more
clicks 272 View   Vote 0 Like   5:29am 21 Jan 2016 #कविता
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